दो लंड से चुदवाया काजल ने जॉब के लिए

हाईदोस्तों मैना अप का दोस्त सनी आप के लिए फिर से एक मस्त कहानी ले के हाजिर हूँ! मुझे बहुत सारे सेक्स अनुभव हुए हे अपनी लाइफ के अन्दर. और आज उसमे से एक अनुभव को आप के लिए रख रहा हूँ. मैं एक एमएनसी में काम करता हूँ. एक पंजाबी ड्यूड हूँ जिसके डोल्ले सोल्ले मस्त हे. मेरी हाईट भी मर्दाना हे और मेरी काबिलियत हे की मैं जब चोदता हूँ तो औरत को पूरा संतुष्ठ कर देता हूँ.

एक दिन मैं अपने केबिन में था तो मेरे मेनेजर बलबीर अंकल (मेरे पापा के दोस्त हे इसलिए मैं उन्हें अंकल ही कहता हूँ) ने मुझे बुलाया और कहा, सनी एक काम करो प्लीज़, तुम बरोडा के इंटरव्यू देख लो. मेरी एक अर्जेंट क्लाइंट क्वेरी आई हे तो मुझे यहाँ से बहार जाने की गुंजाइश नहीं हे. बरोडा में हम लोगों का ऑफिस खुल रहा था. और उसके लिए ही बॉस ने इंटरव्यू अरेंज की थी. मैंने कहा ठीक हे अंकल मैं चला जाऊँगा. मैंने घर आके फट से अपना सामान पेक किया. अंकल ने मुझे ईमेल पर मेरी फ्लाईट की टिकेट भेज दी.

मैं उसी रात को अपनी फ्लाईट पकड़ के बरोडा पहुंचा. वैसे बरोडा को संस्कारी नगरी कहते हे ये मुझे उस वक्त पता नहीं था. अलकापुरी नाम के सब से पोश एरिया में एक बड़े होटल के मीटिंग रखी गई थी. मैं सुबह 10 बजे ही रेडी हो के होटल के कोन्फेरेंस रूम में  आ गया. वहां हमारी गुजरात की टीम के एक दो मेनेजर थे. वो सब बूढ़े थे और मैं ही सब से यंग था. और फाइनल वर्डिक्ट मुझे ही देना था चयन के लिए!

3 अलग अलग पोस्ट के लिए 34 उम्मीदवार थे जिसमे आधे से ज्यादा फीमेल्स थी. मैं सब से पहले टेक्निकल वाले उम्मीदवारों का चयन करने के लिए कहा. क्यूंकि उन्के इंटरव्यू में ही भेजा मारी होती हे. टेक्निकल में 20 लोग थे जिन्हें हमने लंच से पहले निपटा लिया. एक मराठी लड़के को और एक लोकल लड़के को पोस्ट के लिए ऑलमोस्ट फाइनल भी कर लिया गया.

बूढ़े मैनेजरों में से एक ने कहा की मैं अब जाता हूँ आप लोग कंटिन्यू करों. वैसे बरोडा में हमारा कोई ऑफिस नहीं था. पर अहमदाबाद में था और वो अंकल वही से आया था. उसकी वोल्वो की बुकिंग थी इसलिए हमने उसे जाने दिया. अब मेरे साथ एक अंकल बचा था जिसका नाम संतोष पटेल था. वो सूरत से था और गुटखा चबाता था. उसने कहा. सनी भाई अब सिर्फ रिसेप्शन वाली फिमेल कम टेली-ओपरेटर की ही पोस्टिंग बची हे. मैंने कहा हां संतोष भाई.

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वो बोला, 14 लडकियां हे.

मैंने कहा, तो?

वो कुछ नहीं बोला और हंस पड़ा.

एक कुत्ते की भाषा दूसरा कुत्ता समझ लेता हे. वैसे ही संतोष ने जो शब्दों को छिपाया था वो मैं समझ गया. मैंने कहा, आप ने जो नहीं कहा क्या वो कुछ एंटरटेनमेंट के रिलेटेड था?

वो हंस पड़ा और बोला, सही पकड़ा आप ने?

मैंने कहा, यहाँ पर?

वो बोला, ऐसे इंटरव्यू में ही तो सेटिंग होती हे, आप को क्या लगता हे की जो ऑफिस स्कैंडल्स होते हे वो काम के दिनों में बनते हे. उनकी शरुआत इंटरव्यू से ही होती हे 90%.

मैंने कहा, आप ने पहले किया हे ये सब?

वो बोला, हां.

मैंने कहा, फिर आप ही लीड करो मैं साइड में हो जाता हूँ.

वो बोला ठीक हे सनी भाई.

फिर एक एक कर के कुछ लडकियां आई. संतोष उन्हें बिच में टेढ़ा सवाल पूछता था की बॉस के आदेश देने पर तुम किस हद तक जा सकती हो. सभी लड़कियों का जवान होता था जो कहेगा वो कर लुंगी. फिर वो दूसरा सवाल पूछता था कपडे खोलोगी?

और ये सवाल पूछते हुए वो अपने चहरे को ऐसे गंभीर रखता था जैसे की कोई कोडिंग का प्रश्न पूछ रखा हो उसने. एक लड़की ने तो संतोष को कहा, साले ठरकी बूढ़े और वो अपनी फ़ाइल ले के चली गई. एक दो लड़की ने कहा, सर प्लीज ऐसी बात ना करें हमारे साथ. जब लड़की सही लाइन पर नहीं आती थी तो संतोष अपनी प्री-रिकार्डेड लाइन सुना देता था की आप को ऐसे प्रश्न हमारे क्लाइंट पूछ सकते हे इसलिए आप की मेंटल स्टेटस जांचने के लिए हमने ये पूछा, आप को इस प्रश्न से आहत हुई तो उसके लिए हमें खेद हे.

लेकिन फिर वो लड़की 100% रिजेक्ट होती थी.

संतोष का कहना था की मैं बरोडा में ही काम करूँगा तो कोई ऐसा माल रखूं जो अपने कपडे मैं जब कहूँ तब खोल दे मेरे लिए.

14 में से 8 लड़कियां निकल गई थी. और फिर एक लड़की का नम्बर आया. उसका नाम काजल मिस्त्री था और वो उम्र में 27 साल की थी. बड़े बूब्स थे और उसने अपने नाम के जैसे काले कपडे ही पहने हुए थे. काजल के बूब्स एकदम उभरे हुए थे और वो कुल्हे हिला के ऐसे चल रही थी मानो एक से सुरत हिला रही थी और दुसरे से अहमदाबाद को.

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काजल ने शर्ट पेंट पहनी थी और इन किया हुआ था. पीछे उसकी पेंट में उसकी गांड जैसे ठूंस ठूंस के भरी गई थी. वो मोटी थी लेकिन मादक थी. सांवली थी लेकिन सेक्सी थी. संतोष ने रूटीन प्रश्न पूछे और फिर बोला, बॉस के आदेश आप किस हद तक जा के ले सकती हो?

काजल: किसी भी हद तक!

संतोष: अगर आप का बॉस आप को कहे की कपडे उतारो तो?

काजल: तो मैं पूछूंगी की पहले आप के या मेरे सर!

मेरे कान में ये जवान जैसे तेज़ाब की तरह आया! मैंने काजल को देखा. वो स्माइल दे रही थी. संतोष ने काजल की रिज्यूम को अब अपने हाथ में ठीक से पकड़ा. एक ऐसी लड़की आई थी जो बॉस का लंड लेने को रेडी थी. काजल को फिर उसने पूछा, आप को इस काम का अनुभव नहीं हे पहले?

काजल: सर एक्सपीरियंस तो किसी चीज का भी नहीं होता, सब कुछ पहली बार तो करना ही पड़ता हे ना.

संतोष: आप को हम क्यूँ सिलेक्ट करे वो बताओ आप?

काजल: सर मैं पेश्नेट हु इस जॉब के लिए?

संतोष: वो तो बाकी की 13 लडकियां भी हे.

काजल: सर मैं कम्पनी के लिए बहुत महनत करुँगी.

संतोष: नहीं करते उन्हें कम्पनी वाले वैसे भी निकाल देते हे!

काजल के पास जवाब कम पड रहे थे.

फिर उसने कहा: सर मेरा बॉस मुझे जो कहेगा उसके लिए मैं रेडी रहूंगी?

संतोष: सोच लो कुछ भी?

काजल: हां जो काम मुझे दिया जाएगा वो कर लुंगी.

संतोष: बॉस आप को रखेल बनने को कहे तो?

काजाल: बन जाउंगी!

संतोष: ओके फिर खड़े हो के अपने शर्ट को खोल के अपने स्तन दिखाओ हमें!

काजल थोड़ी झिझक सी गई. लेकिन जॉब के लिए वो खड़ी हुई और सच में अपने शर्ट के बटन खोलने लगी. उसने शर्ट के अन्दर पिंक ब्रा पहनी थी. शर्ट के तिन बटन खोल के उसने अपनी ब्रा को निचे खिंचा. वाऊ. उसके सांवले रंग के बूब्स थे और ऊपर काली काली बड़ी निपल्स थी. मेरा तो लंड खड़ा हो गया.

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