मेरा फर्स्ट गे सेक्स एक गे अंकल के साथ

दोस्तो यह मेरी पहली कहानी है जो मेरे साथ 2013 में घाटी थी. मेरी आगे 30 साल है, मई लुक्कणोव के पड़ोसी ज़िला से हू. यह कहानी तब की है जब मई मुंबई मे रहता था.

डिसेंबर 2013 की सर्द रात थी, मई मुंबई से बंगलोरे एसी स्लीपर बस में सफ़र कर रहा था. मैं अपने सिंगल वाली बर्त पे लेता था और जब बस वशी में रुकने के कुछ टाइम बाद चली.

तभी मेरे पास एक 25 – 26 साल की लड़की आई बोली की भाई साहब मेरी सीट डबल बर्त वेल में एक अंकल के साथ है. किया आप बर्त एक्सचेंज कर लोगे?

तो मुझे उस पर तरस आ गया कियोंकि उसने रोने वाली आवाज़ में कहा था. इसलिए मैने हन कह दिया मेरे हन कहते ही उसने मेरे गाल पे एक किस किया. और किस के साथ दाँत भी चुबा दी और बोली थॅंक्स डार्लिंग. (इश्स लड़की की कहानी आयेज लिखूंगा.)

फिर हुँने बर्त के साथ साथ अपने मोबाइल नंबर भी एक्सचेंज किए. मई अपना बाग ले कर डबल वाली बर्त पे चले गया. जहाँ एक अंकल रौंद नेक त और बर्म्यूडा पहने लेते हुए थे.

मैने उन्हे ही कहा, बात कर ते कर ते अंकल बार बार मेरे थाइ पर हाथ मारते रहते थे. फिर कुछ देर बाद एक ढाबे पे बस रुकी. तो अंकल ने कहा चलो कुछ खा पी लिया जाए और हम नीचे उतार गये.

जब वेटर ऑर्डर लेने आया तो अंकल ने झट से 2 हाफ चिकन तँदोरी 1 एक दल तड़का और 4 तँदोरी पराता का ऑर्डर दे दिया. और मुझसे कहा की आज आपको मेरे साथ कंपनी देनी होगी. ना नहीं कहना और मई कुछ ना बोल पाया.

खाना खाकर हम बस में आ कर लेट गये और सोने लगे. नींद में मुझे एहसास हुवा की मेरे पेनिस को कोई सहला रहा है. तो मैने नींद में ही वो हाथ हटा दिया.

फिर कुछ देर बाद मुझे लगा की कोई मेरा लंड चूस रहा है. और मेरी आँख खुल गयी तो देखा की अंकल एक दम नंगे हो कारमेरा लंड चूस रहे हैं.

मैं अंकल के मूह से अपना लंड निकल के पूछा की अंकल यह किया कर रहे हो? एक मर्द हो कर दूसरे मर्द का लंड चूस रहे हो!

तो अंकल ने कहा की मई उपर से मर्द हू मगर अंदर से एक औरत हू. मुझे लंड चूसना और गांद मरवाना पसंद है.

मैने अंकल से कहा की मैने कभी कभी ऐसा नहीं किया है. इसलिए मैं आपके साथ यह नहीं करूँगा.

मगर अंकल ज़िद करते रहे फिर भी मैं तैयार नही हुवा. तो अंकल ने अपने बाग से 25,000 रुपीज़ निकल मेरे हाथ पे रख दिए और मुझसे मिन्नत करने लगे.

मगर मैं कुछ नहीं बोल सका. मुझे चुप देख कर अंकल ने कहा की तुम मुझे खुश कर दो. मैं तुम्हाइन इसके बदले अची कीमत दूँगा.

मैने सोचा चलो पैसे और मज़े दोनो मिलते हैं एक बार कर के देखते हैं. और मैने हन बोल दिया.

मेरे हन बोलते ही अंकल ने मेरे त और लोवर निकल कर मुझे भी नंगा कर दिया. फिर अंकल मेरे चेस्ट पे अपनी ज़ुबान से चाटने लगे.

अचानक अंकल ने मेरे निपल को अपनी ज़ुबान से चाटने लगे. मेरे मूह से आ आ आ की सिसकिया निकालने लगी. क्यूकी मुझे भी अब मज़ा आ रहा था अंकल के ऐसा करने से.

अंकल 20 मिनिट्स तक बारी 2 मेरे दोनो निपल को चाटते और काटते रहे. मेरे मूह से लगा तार आ आ आ की सिसकिया निकल रही थी.

फिर अंकल मेरे लिप्स, गर्दन और कान को प्यार से चाटने के बाद मेरे लंड को वापस चूसने लगे. मेरा लंड पहली बार चूसा जा रहा था. इसलिए मई माधोस हो गया था.

मेरे मूह से लगातार आ आ आ आ की आवाज़ निकल रही थी. मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो चुका था मज़े के कारण.

करीब 20 मिनिट्स की चूसा के बाद मेरे लंड का पानी अंकल की मूह में ही निकल गया. जिसे अंकल बड़े मज़े ले के पी गये. और फिर मेरा लंड चाट चाट कर सॉफ करके मेरे बगल में लेट गये. फिर अंकल ने मुझे थॅंक्स बेटा कहा.

25 मिनिट्स के बाद फिर अंकल ने मेरे निपल पर अपनी ज़ुबान चलाने लगे. जिससे मेरे दोनो निपल और लंड खड़े हो गये.

फिर अंकल ने अपने बाग से एक कॉंडम निकल कर मेरे लंड पे चढ़ा दिए. और फिर कॉंडम के उपर से और मेरे लंड पर और अपनी गांद में वैसलिने लगाई. और मेरा लंड पे अपनी गांद रगड़ने लगे.

अचानक मेरा पूरा लंड अपनी गांद में निगल लिए. मेरे मूह से आ आ निकल गयी क्यूकी पहली बार मई किसी को छोड़ रहा था. तो मेरा लंड पूरा खड़ा था और मुझे काफ़ी ज़्यादा मज़ा आ रहा था.

फिर अंकल अपनी कमर उपर नीचे करके अपनी गांद में मेरा लंड लेते रहे. करीब 10 मिनिट्स के बाद मेरे बगल में डॉगी पोज़िशन मे हो गये.

मुझसे कहा मई उनके उपर चढ़ के उन्हे छोड़ू. तो मैने एक ही झटके में अंकल की गांद में पूरा लंड पेल दिया.

जिससे अंकल मूह से आ मार गया की आवाज़ निकल गयी. और फिर मैने 10 मिन्स डॉगी स्टाइल में अंकल की गांद मारी.

फिर अंकल ने कॉंडम हटा कर मेरा लंड फिर से अपने मूह में ले कर चूसने लगे. तकरीबन 5 मिनिट्स बाद मैने अंकल मे मूह में पानी छोड़ दिया.

अंकल ने मेरा लंड चाट कर सॉफ किया फिर हम अपने कपड़े पहें कर सो गये.

सुबह 4 भजे मेरी आँख खुली. तो देखा अंकल फिर मेरा लंड चूस रहे हैं. और एक बार फिर मैने अंकल की दमदार चुदाई की और जाम के उनकी गांद मारी. मुझे भी अब अंकल की गांद मारने मे मज़ा आ रहा था.

फिर हम लोग बंगलोरे पहुँच गये. जब वाहा पहुँच गये तब अंकल ने ज़िद कर के मुझे अपने घर पे रुकने को राज़ी किया. फिर अंकल मुझे अपने घर ले गये. मुझे नही पता था की आयेज कुछ नया होने वाला था मेरे साथ या बस वो अपनी गांद मरवाना चाहते थे इसलिए मुझे रुकने को कहा.

वाहा क्या हुवा वो नेक्स्ट पार्ट में बतौँगा.

तो बे कंटिन्यूड…

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