डॉक्टर और पेशेंट की बातरूम सेक्स स्टोरी

ही फ्रेंड्स, मेरा नाम डिप्टी है. मैं पुंजब के लुधियाना में रहती हू. मेरी उमर 25 साल है, और मैं एक बिल्डर के ऑफीस में रिसेप्षनिस्ट हू. मेरी हाइट 5’6″ है, और रंग गोरा है. फिगर साइज़ मेरा 34-30-36 है. अब आप लोग खुद ही समझ लो, की मैं कितनी सेक्सी हू.

मुझ पर बहुत से लड़के लाइन मारते है, लेकिन मैं किसी के हाथ नही आती. हाथ अओ भी कैसे. भगवान ने इतना सेक्सी तो बना दिया, लेकिन लड़कों में इंटेरेस्ट नही दिया. जी हा, आप सब ने सही सुना. मुझे लड़कों में इंटेरेस्ट नही है, क्यूंकी मेरा इंटेरेस्ट लड़कियों में है, क्यूंकी मैं एक लेज़्बीयन हू. चलिए अब मैं बिना देर किए अपनी कहानी पर आती हू.

कुछ दिन पहले मेरे दाँत में कुछ दर्द महसूस होने लगा. पहले तो मैने इग्नोर किया, लेकिन जब दर्द ज़्यादा होने लगा तो सोचा डॉक्टर को दिखा लू. फिर मैं डेंटल हॉस्पिटल गयी, और वाहा से अपने नाम की स्लिप बनवाई. मुझे किसी लेडी डॉक्टर की अपायंटमेंट दी गयी.

फिर मैं डॉक्टर के कॅबिन के बाहर जहा बाकी पेशेंट्स बैठे थे, वाहा जाके बैठ गयी. ज़्यादा पेशेंट्स नही थे, और कुछ 10 मिनिट वेट करने के बाद मेरा नंबर आ गया. जब मैं अंदर गयी, तो वाहा एक 25-26 साल की यंग लड़की बैठी थी. उसके मूह पर मास्क लगा हुआ था. उसने येल्लो कलर की त-शर्ट पहनी थी, और साथ में जीन्स थी. त-शर्ट के उपर उसने डॉक्टर कोट पहना था.

फेस पर मास्क होने की वजह से उसका चेहरा पूरा तो दिखाई नही दे रहा था. लेकिन जितना भी दिख रहा था, उससे पता चल रहा था की वो काफ़ी खूबसूरत थी. उसके बाल स्ट्रेट किए हुए थे, और उन पर कलर कराया हुआ था. उसका नाम निशा था.

फिर मैं उसके सामने जाके बैठ गयी. उसने मुझसे प्राब्लम पूछी. मैने उसको अपने दाँत के दर्द के बारे में बताया. वो मुझे चेक-उप करने के लिए अंदर टेबल पर ले गयी. वाहा जाके उसने मुझे बेड पर लिटाया, और स्कॅनिंग मशीन को मेरे मूह के सामने करके मूह स्कॅन करने लगी.

जब वो नीचे झुकी, तो मुझे उसके बूब्स की क्लीवेज दिखने लगी. उसके सेक्सी बूब्स को ऐसे लटकते देख मेरे मूह में पानी आ गया. वो मेरे दाँत चेक करे जेया रही थी, और मैं उसकी क्लीवेज के गहराई को अपनी आँखों से नाप रही थी.

फिर चेक-उप हो गया, और उसने अपना मास्क उतरा. क्या खूबसूरत चेहरा था उसका, मेरा तो देखते ही दिल आ गया. फिर उसने मुझे कुछ मेडिसिन लिख कर दी, और उनको लेने को बोला. उसके बाद मुझे वाहा से आना पड़ा. लेकिन मेरी आँखों के सामने से उसका चेहरा नही हॅट रहा था. मैने उसी रात उसके बारे में सोच कर फिंगरिंग की.

अब मैं उसी के बारे में सोचती रहती, की कैसे उससे बात करू. लेकिन मुझे कोई मौका मिलता नही दिख रहा था. फिर एक दिन मैं फंक्षन पर गयी, और वाहा मुझे वो डॉक्टर दिखी. उसने लहंगा चोली पहना था मरून रंग का. वो बाला की खूबसूरत लग रही थी. मैने भी उसी तरह की ड्रेस पहनी थी, बस रंग अलग था. वैसे कम तो मैं भी नही लग रही थी. फिर मैने उसको बुलाया-

मैं: निशा मेडम आप यहा!

निशा: अर्रे आप, सॉरी मुझे आपका नाम याद नही. दर्द ठीक है अब आपका?

मैं: जी हा मेडम, ठीक है. डिप्टी नाम है मेरा.

निशा: हा डिप्टी.

तभी एक वेटर निशा के पास से गुज़र रहा था. बात करते हुए निशा ने हाथ एक-दूं से उठाया, और वेटर की ट्रे में से चटनी उसकी चोली पर गिर गयी. उसकी चोली चटनी में सन्न गयी. तभी मैं उसको बातरूम ले गयी सॉफ करने के लिए.

बातरूम में जाके मैने उसको चोली उतारने को कहा. उसने तुरंत चोली उतार दी. अब उपर से वो सिर्फ़ ब्रा में थी. रेड कलर की ब्रा में वो बहुत सेक्सी लग रही थी. मैने उसकी चोली को धो कर सॉफ कर दिया. मेरी नज़र ब्रा में काससे उसके बूब्स पर बार-बार जेया रही थी.

तभी मैने उसकी ब्रा पर भी थोड़ी चटनी लगी हुई देखी. फिर मैने उसको ब्रा उतारने को कहा. उसने माना कर दिया, क्यूंकी उसको शरम आ रही थी. मैने कहा की मैं ऐसे ही सॉफ कर देती हू, तो वो मान गयी. फिर मैने वेट टिश्यू लिया, और उसकी ब्रा को सॉफ करने लगी.

जब मैं उसके बूब्स के पास गयी, तो उनकी खुश्बू मुझे पागल कर रही थी. मैं सामने से उसकी ब्रा सॉफ कर रही थी, और अब मुझसे रुका नही जेया रहा था. फिर मैने उसकी ब्रा कप को उंगली से नीचे किया, और उसके निपल को मूह में डाल कर चूसने लगा.

मेरे निपल को मूह लगते ही उसकी आहह निकल गयी. तभी उसने मुझे अपने से डोर किया और बोली-

निशा: ये क्या कर रही हो डिप्टी.

मैं: ई लोवे योउ निशा. मैं तुम्हे प्यार करना चाहती हू. क्या तुम मुझे करने डोगी?

ये सुनते ही निशा ने मुझे अपनी बाहों में भरा, और हमारी किस्सिंग शुरू हो गयी. हम दोनो वाइल्ड किस्सिंग करने लग गये. उसने अपनी ब्रा निकाल दी, और मुझे भी उपर से नंगा कर दिया. अब हम दोनो के बूब्स आपस में रग़ाद रहे थे. फिर मैने उसके दोनो बूब्स चूज़, और चूस्टे-चूस्टे उसका घग्रा नीचे गिरा दिया.

अब वो सिर्फ़ ब्लॅक पनटी में थी. मैने उसकी पनटी नीचे की, और उसकी छूट को चाटने लग गयी. वो आ आ करके मदहोश हो रही थी. कुछ देर में उसने भी मुझे पूरा नंगा कर दिया, और हम 69 पोज़िशन में आ गये. अब हम दोनो एक-दूसरे की छूट को चूस-चाट रहे थे, और उंगलियों से छोड़ रहे थे.

तभी हमे वॉशरूम का दरवाज़ा खुलने की आवाज़ आई. हमने जल्दी से अपने कपड़े उठाए, और बातरूम में बने कॅबिन में चले गये. अब मैं खड़ी थी, और वो बैठ गयी, और मेरी छूट चाटने लगी.

साथ में वो उंगली अंदर-बाहर करने लगी. कुछ ही देर में मेरा पानी निकल गया, जो उसने पी लिया. ऐसे ही फिर मैने उसकी छूट की फिंगरिंग की और पानी निकाला. उसके बाद भी हमने काफ़ी देर तक किस्सिंग की. जब हमारा मॅन संतुष्ट हो गया, तो हम कपड़े पहन कर बाहर आ गये.

उस दिन से लेके आज तक हमारा लेज़्बीयन रीलेशन चल रहा है. मेरा या उसका जब भी दिल करता है, तो हम एक साथ मिल कर मज़ा करते है.

थे एंड.

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