चुदाई बाय्फ्रेंड ओर उसके दोस्त के साथ

हेल्लो फ्रेंड्स मेरा नाम अनुभा हे और मैं 19 साल की जवान लड़की हूँ. मेरा फिगर 33-28-34 का है. मुझे जबान कम और लंड ज्यादा चलाने वाले लड़के बहुत पसंद हे. अब मैं आओ का टाइम खराब ना करते हुए सेक्स की इस स्टोरी पर आती हूँ.

बात उन दिनों की हे जब मैं इंटरनेट नया नया चलाना सीखी थी. और डेली नए नए लडको के साथ सेक्स चेट करने का चस्का सा मुझे लगा था. मैं रोज कम से कम दो घंटे तक इन्टरनेट के ऊपर लोगों से बात करती थी और फिर अपनी चूत को फिंगरिंग कर के शांत कर लेती थी.

एक दिन एक लड़का मुझे इंटरनेट के ऊपर मिला. वो मेरे ही शहर का रहनेवाला था. उसने अपनी पिक्चर भी मुझे भेजी जिसमे वो बड़ा ही हेन्डसम लग रहा था. वो बातें करने में भी अनुभवी लगता था. और उसकी मीठी मीठी बातें मेरी चूत को तडपा सी रही थी. फिर मैंने भी उसे अपनी फोटो भेज दी. बातों का ये काम कुछ दिन ऐसे ही चला. और फिर उसने मुझे कहा की मैं तुम्हे सीधे फेस टू फेस मिलना चाहता हूँ.

हमारे शहर के बस स्टेंड के पास की एक छोटी सी चायनीज की रेस्टोरेंट में हम लोग शाम के वक्त मिले. और तब मैंने उसे लाइव देखा. सच में जैसे वेबकेम में दीखता था उसे भी ज्यादा ही हेंडसम था वो. फिर तो हम दोनों अक्सर कभी यहाँ तो कभी वहां मिलने लगे. वो कभी कबार मुझे छोटी मोटी किस भी कर लेता था.

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एक दिन उस लड़के के घर पर कोई भी नहीं था. तो उसने मुझे घर पर आने के लिए कहा. वैसे मुझे डर सा लग रहा था उसके घर पर जाने में. पर हम एक दुसरे को अच्छे से जानते थे इसलिए मैं चली गई. मैं डोरबेल दबाई और वो खुद ही दरवाजा खोलने के लिए आया. मैं ग्रीन सूट पहना था और मैं उस दिन बड़ी सेक्सी लग रही थी. मैं उसके घर में घुसी और वो मेरे लिए ज्यूस ले के आ गया. उसका घर ठीक ठीक था. उसके पापा रेवेन्यु क्लर्क थे और घर में पैसे की चमक दिख रही थी छोटी छोटी चीजों में भी. उसने मुझे बताया की मेरा एक दोस्त भी हे घर पर ही.

फिर वो अपने दोस्त को बुला लाया. वो दिखने में थोडा विलन जैसा सांवला लेकिन तगड़ा था. उसने टी-शर्ट और जींस पहन रखी थी. मेरे बॉयफ्रेंड का नाम रघु और उसके इस दोस्त का नाम उसने समीर बताया. वो दोनों ही मेरे पास सोफे के ऊपर बैठे हुए थे. रघु ने समीर का इंट्रो मेरे से करवाया. फिर रघु ने मुझे कहा जरा मेरे साथ. मैं उसके साथ गई तो उसने मुझे वाशरूम के पास वाले एरिया में जकड़ लिया और मेरे होंठो के ऊपर जोर जोर से किस देने लगा और फिर उसके हाथ भी मेरे बूब्स के ऊपर आ गए. वो बूब्स मसलने लगा और मैं गरम होने लगी थी.

अब मैंने भी उसकी पेंट में हाथ डाल के पहली बार उसके लंड को टच किया. मैंने उसके लंड को पेंट से निकाला और उसके ऊपर किस दे बैठी. रघु मेरे होंठो के पास आया और बोला, समीर भी हमारे साथ ही करेगा!

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मैं जान गई की आज वो दोनों दोस्त साथ में मिल के मेरी बजायेंगे! लेकिन पहले मैंने थोडा नाटक किया की नहीं नहीं मैं तुमसे प्यार करती हूँ. रघु बोला अरे प्यार करती रहना किसने रोका हे. मेरा दोस्त हे बेचारे की कोई माल नहीं हे उसे थोडा एजोय कर लेने दो बस. मैं रेडी हो गई. समीर भी वहां आ गया और उसने अपने लोडे को बहार निकाला. रघु ने कहा चलो मेरे कमरे के अन्दर चलते हे वहाँ ठीक रहेगा.

हम उसके बेडरूम में आ गए और मैं बिस्तर के ऊपर बैठ गई. वो दोनों मेरे सामने कहदे हुए थे. रघु ने आकर मेरे होंठो को चूमना चालु कर दिया और समीर हम दोनों को देख रहा था. वो भी कुछ देर में मेरी बगल में आ के बैठा. मैं उसके लंड को अपने हाथ में लिया तो वो पूरा कडक था. मैंने समीर के लोडे के ऊपर चुम्मा दिया तो उसकी आह निकल पड़ी.

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