बिल्डिंग के बुड्ढे ने गांद चोदी

थॅंक योउ ऑल फॉर थे अक्नॉलेज्मेंट्स आंड एमाइल्स. ई लोवे देम आंड थे अरे मी इन्स्पिरेशन. ई आम नाउ 40 यियर्ज़ ओल्ड. वॉट ई हॅव पोरट्रेड इन मी स्टोरीस अरे मी फॅंटसीस. ई आम स्टिल आ वर्जिन आंड क्रॉस-ड्रेस आंड अकेशनली मीट पीपल फॉर फन. कॉंटॅक्ट मे अट गमाल ओर गूगले छत अट (सिरोक्कोस्टरर69@गमाल.कॉम).

पिछली स्टोरी में आपने पढ़ा की मैने पहली बार बापी के साथ कैसे सेक्स किया और एक-दूसरे का सीमेन पिया. लेकिन मेरी गांद की चुदाई नही हो पाई, और बापी के पापा का ट्रान्स्फर हो गया. अगले वीक वो चले गये दूसरे शहर.

मैं रोज़ की रुटीन में बिज़ी हो गया, लेकिन मेरे अंदर एक खाली-पन्न रह गया और एग्ज़ाइट्मेंट और मैं कभी-कभी अपनी गांद में एक उंगली डाल के मास्टरबेट करता.

मेरी बिल्डिंग के टॉप फ्लोर पे च्चत की सीडी के सामने एक रूम था, और वो एक उमेश अंकल को रेंट पे दिया हुआ था. उमेश अंकल दिखने में ठीक-ताक, रंग सावला, बदन पे बाल नही बिल्कुल स्मूद, फेस क्लीन शेव्ड, लंड 6 इंच लंबा और 1.5 इंच मोटा और झाँते बिल्कुल सॉफ थी (जो मुझे बाद में पता चली).

उमेश अंकल की उमर 55 थी, और मैं उनसे 30 साल से भी ज़्यादा छ्होटा. अंकल कोई प्राइवेट कंपनी में जॉब करते थे, तो दिन भर नही रहते थे, और उनके घर वाले गाओं में रहते थे बिहार में. मेरा वाकेशन चल रहा था, तो मैं रोज़ रात को डिन्नर करके च्चत पे जाता था सब के सो जाने के बाद हवा खाने के लिए. मैं कभी-कभी वही सो जाता.

रात को जब मैं हाफ पंत और बनियान पहन के उमेश अंकल के दरवाज़े के सामने से जाता, तो उमेश अंकल वही होते थे, और मुझे देख के मुस्कुराते और मैं भी मुस्कुराते हुए उपर चला जाता.

मैं नोटीस करने लगा की जब मैं उपर जाता, वो मेरी गांद को देख के अपनी पंत की उपर से अपना लंड सहलाने लगते, और मुझे नशीली आँखों से देखते रहते. मुझे भी इसमे मज़ा आने लगा, और अब से मैं जब भी उपर च्चत पे जाता, तो उमेश अंकल के सामने तोड़ा ज़्यादा ही इतरा के और अपनी गांद को तोड़ा बलखा के चलता था. इससे उमेश अंकल का लंड खड़ा हो जाता.

कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा, लेकिन ना अंकल कुछ बोलते, और ना ही मैं. क्यूंकी मुझे बिल्कुल डिस्क्रीट रहना था. एक दिन ऐसे ही मैं उपर जेया रहा था, तो देखा उमेश अंकल अपने दरवाज़े पे खाली बदन एक धोती लपेट के चेर पे बैठे थे.

मुझे देख के वो अपना लंड सहलाने लगे, तो मेरी नज़र उनके लंड पे गयी. लंड बिल्कुल खड़ा था, लेकिन धोती के अंदर था. मैं जब गुज़रने लगा तो अचानक उमेश अंकल मेरे हाथ को पकड़ के मुझे खींच कर अपनी गोद में बैठा लिया,नौर उनका लंड मेरी गांद के बीच में पूरा बैठ गया.

मुझे अछा तो लगा लेकिन मैने तुरंत उनसे कहा, “यहा कोई देख लेगा तो बहुत प्राब्लम हो जाएगी”. तो झट से अंकल ने मुझे अंदर किया और दरवाज़ा बंद करके लॉक कर दिया, और मेरे पास आके मुझे सामने से पकड़ के धीरे-धीरे मसालते हुए पूछेज़ “तुम्हे लड़के पसंद है?”

मैं काफ़ी घबराया हुआ था. मैने बापी को छ्चोढ़ के कभी किसी के साथ ऐसा किया नही था, तो मैं तोड़ा सा झिझकते हुए बोला, “अंकल मैं आप से बहुत छ्होटा हू, और आप बहुत बड़े”. फिर अंकल बोले, “उमर से कुछ नही होता. पहले ये बताओ के क्या तुम्हे लड़के आचे लगते है, और कभी किसी के साथ तुमने कुछ किया है?”

तो मैं बापी के साथ बिताया वक़्त याद करके, चुप करके सर झुका के खड़ा था. अंकल अपना खड़ा लंड सामने से मेरे लंड और गांद पे कपड़े के उपर से घिस रहे थे, और मेरा भी लंड अपने आप खड़ा होने लगा.

फिर अंकल कहने लगे, “देखो मैं जो भी कर रहा हू. तुम्हे मज़ा आ रहा है तो बोल दो, मैं किसी को नही बतौँगा, और मैं भी तुमको प्यार करूँगा”. फिर मैने पूछा, “किसी को नही बताएँगे ना?” अंकल मेरे होंठो के एक-दूं करीब आके बोले, “किसी को नही”.

फिर मैने सर झुकते हुए कहा: एक बार किया है एक लड़के के साथ. सिर्फ़ मूह में लिया है.

अब अंकल अपने खड़े लंड को मेरे लंड, बॉल्स, और गांद पे घिसते हुए मेरे गालों को अपने हाथो से पकड़ के बोले, “कोई बात नही, मैं अब तुम्हारा पति बनूंगा, और तुम्हारी हर ख्वाहिश पूरी करूँगा. तुम मुझे खुश करना”.

और ये बोल के वो सीधा मेरे होंठो को चूसने लगे. मेरे अंदर की औरत ने भी अपने आप को उनके हवाले कर दिया. उन्होने वही दरवाज़े पे खड़े-खड़े अपने और मेरे सारे कपड़े उतार दिए, और मुझे बेडरूम की तरफ जाने का इशारा किया. मैं आयेज चलने लगा, और अंकल मेरे पीछे आने लगे.

बेडरूम के अंदर आते ही अंकल ने दरवाज़ा बंद किया, और मुझे खींच कर अपने पास खींच लिया. फिर नीचे बैठ कर पीछे से मेरी गांद में अपनी ज़ुबान को डाल के चाटने लगे और चूसने लगे. मैं मदहोश हो गया और मेरा भी लंड खड़ा हो गया.

फिर अंकल खड़े हुए, और मुझे अपनी तरफ घुमाया, और मुझे नीचे बैठते हुए मुझसे कहने लगे, “ज़ीया तेरी इस कमसिन लड़की जैसे कुवारि गांद को छोड़ने में मुझे बहुत मज़ा आने वाला है. ई लोवे योउ जान”.

मैने शर्मा के मुस्कुरा दिया, और अंकल अपना तन्ना हुआ लंड मेरे होंठो पे घिसते हुए बोले, “आओ मेरी जान अपने असली पति का लंड चूसो”. मैने भी अपना मूह तोड़ा सा खोला, और लंड को अंदर ले ही रहा था, की अंकल ने एक धक्का मार के आधा लंड मेरे मूह के अंदर भर दिया. फिर मेरे सर को पकड़ के वो मेरे मूह को धीरे-धीरे छोड़ने लगे.

मैं उनके लंड के चूपए लेने लगा और चूस्टा रहा. अब अंकल धीरे-धीरे मेरे गले को छोड़ने लगे, और आहें भरने लगे “ज़ीया मेरी जान क्या माल है तू. अब तू मुझे मिली है, तुझे कही जाने नही दूँगा. मैं तुझे जैसा कहूँगा तू वैसे ही चूड़ेगी. आहह चूस्टी रह मेरी जान आआहह.

मैं बस “उऊउगघह… उऊउगघह…” करते हुए लंड चूस रहा था, और अंकल ने अचानक लंड को मेरे गले में पूरा डाल दिया. फिर वैसे ही रुक गये, और मेरे गले में अपना गरम-गरम रस्स छ्चोढ़ दिया. मुझे भी पूरा रस्स पीना पड़ा. अंकल ने अपना लंड मेरे मूह से निकाल लिया, और बाजू के डेस्क से एक लिडओसन की ट्यूब निकली. फिर मेरी गांद में ट्यूब का मूह घुसा के पूरा ट्यूब मेरी गांद में दे दिया. मुझे तोड़ा ठंडा फील हुआ.

मैं अपनी पीठ के बाल लेता था मिशनरी पोज़िशन में, और अंकल मेरे बाजू में आ गये. उनका लंड फिरसे तन्ना हुआ था. लंड मेरे मूह में देके वो धीरे-धीरे छोड़ने लगे, और मेरी गांद में अपनी एक उंगली डाल दी और अंदर-बाहर करने लगे.

ऐसे ही अंकल ने मेरे मूह को छोड़ते हुए मेरे गांद में अपनी एक, फिर दो, और फिर टीन उंगली डाल दी, और अंदर-बाहर करने लगे. लिडओसन की वजह से दर्द तो वैसा नही हो रहा था. लेकिन उंगलियों का अंदर जाना और बाहर आना फील बहुत हो रहा था. मुझे हल्के दर्द के साथ मज़ा आने लगा, और मेरे लंड से पानी निकालने लगा. मैं अभी भी उमेश अंकल का लंड चूस रहा था, और आहें भर रहा था “उउम्मग्घह…”

अब उमेश अंकल ने मेरे मूह से लंड निकाला, और मेरी गांद से सत्ता के मेरे सामने बैठ गये. मैं वैसे ही मिशनरी पोज़िशन में लेता रहा. फिर अंकल ने अपने लंड का टोपा मेरी गांद के च्छेद पे रखा, और हल्का सा दबाया. उनका टोपा अंदर जाने लगा.

लिडओसन की वजह से पाईं थोड़ी सी थी, लेकिन लंड का अंदर जाना क़यामत ढा रहा था. मैं थोड़ी ज़ोर से सिसकारने लगा “आयईयीई….”. अंकल वैसे ही टोपा अंदर डाल के रुक गये, और मैने कहा, “अंकल और अंदर नही प्लीज़”. फिर अंकल मेरे होंठो के करीब आके बोले, “आज तो पूरा लंड अंदर डालूँगा, और रात भर तुझे छोड़ूँगा. लेकिन ऐसे की तुझे मुझसे प्यार हो जाएगा, और तू रोज़ खुद मेरे पास आएगा”.

मैं उनकी तरफ देख के सिर्फ़ आहें भर रहा था, और अंकल मेरे होंठो और ज़ुबान को चूस्टे हुए अपने टोपे को हल्का-हल्का अंदर-बाहर कर रहे थे. मैं मदहोश होने लगा.

अंकल ऐसे हल्का-हल्का छोड़ते-छोड़ते फिर तोड़ा ज़ोर लगते, और लंड मेरी गांद की और गहराई में उतार जाता. मेरी गांद के अंदर गर्मी और भरने लगी, और मैं जलन से थिरकने लगा. लेकिन अंकल मेरे होंठो और ज़ुबान को चूस्टे हुए मुझसे लिपट के मुझे छोड़ रहे थे.

अचानक मुझे फील हुआ की अंकल की जांघें मेरी गांद को टच हो रही थी, और अंकल ने भी एकाएक मेरी गांद में अपने पुर लंड को घुसा दिया. फिर एक लंबी आ भारी और वैसे ही रुक गये, “आअहह… ज़ीया…”. उनका लंड पूरा मेरे पेट तक फील हो रहा था, और मेरा पानी गिरने लगा.

फिर अंकल ज़ोर के शॉट्स मारने लगे. अंकल अपना पूरा लंड मेरी गांद से निकालते और फिर अंदर कर देते, और स्पीड से मुझे छोड़ने लगे. उनकी जांघें मेरी गांद पे ठप ठप बजने लगी. मैं आहें भरने लगा. पुर कमरे में हमारी चुदाई की ठप ठप और हमारी आहें गूँज रही थी.

फिर अंकल स्पीड से मुझे छोड़ते हुए अपना पूरा लंड मेरी गांद में घुसा के रुक गये. उन्होने अपना सीमेन मेरी गहराई में छ्चोढ़ दिया. मैं उस मोमेंट के बारे में कह नही सकता, जब चुदाई से अंदर हल्की जलन हो, और उसपे गरम सीमेन पद जाए.

मैने बस अपनी आँखें बंद की, और लंबी साँसे लेने लगा, और अंकल मेरे अंदर झाड़ते हुए मुझे लीप किस करने लगे, और कहने लगे, “अगर तू लड़की होता तो मैं अपने बीज से तुझसे बच्चे पैदा करता, और तुझे रोज़ प्यार करता”. फिर अंकल मेरे होंठों को चूसने लगे, और पूरा सीमेन मेरी गांद में भरने के बाद भी मेरी धीरे-धीरे चुदाई करने लगे.

अंकल: ज़ीया आज रात रुक जाओ.

मैं: अंकल आज नही, अभी थोड़ी सी जलन है, और अगर सुबह तक ज़्यादा हो गयी तो सब को पता चल जाएगा.

अंकल: एक बार में दिल नही भरा. देख अभी भी मेरा लंड खड़ा है. मुझे और छोड़ना है तुम्हे. मैं तुम्हे अपनी बीवी की तरह रात भर छोड़ना चाहता हू.

मैं: कल पक्का.

मैने ये कह के बातरूम में जाके फ्रेश होके कपड़े पहन लिए. जब मैं कपड़े पहन रहा था, अंकल बातरूम में फ्रेश होके लंड धोके आए. आते ही मुझे सोफे पे बैठा के मेरे मूह में अपना लंड डाल दिया, और मेरे गले तक चुदाई करने लगे.

वो कहने लगे: मुझे कल का इंतेज़ार रहेगा.

फिर मैने 5 मिनिट उनका लंड चूसा. उसके बाद उनका सीमेन पी के वाहा से बिना मूह धोए अपने घर लौट आया. रात को मैं सोते वक़्त उमेश अंकल के पानी का टेस्ट अपने मूह में फील करता हुआ. और गांद में उनके लंड की दी जलन का एहसास करता हुआ सो गया.

नेक्स्ट कहानी उमीद है बहुत जल्दी. आप लोगों को अछा लगा मुझे भी अछा लगा. आप मुझे कॉंटॅक्ट करिए मैं ज़ीया अमान, आगे 40, स्टिल वर्जिन आंड बॉटम आंड लीके तो क्रॉस-ड्रेस. अगर मिल सका आप मेरे करीब रहे या मैं आपके करीब जेया सका तो ज़रूर मिलूँगा.

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