बाय्फ्रेंड समझ कर किसी और के नीचे लेटी

ही फ्रेंड्स मेरा नाम पालक है. मैं 21 साल की हॉट लड़की हू, और देल्ही में रहती हू. अभी मैं कॉलेज में ग्रॅजुयेशन कर रही हू. मेरी हाइट 5’6″ है, और फिगर 34-29-36 है. रंग मेरा गोरा है, और लड़के मुझ पर मरते है. अब मैं ज़्यादा टाइम वेस्ट ना करते हुए अपनी कहानी पर आती हू.

6 महीने पहले मेरी रोहित से दोस्ती हुई, और एक महीने में हम दोनो बाय्फ्रेंड-गर्लफ्रेंड बन गये. मुझे रोहित बहुत पसंद था. उसकी पर्सनॅलिटी तगड़ी थी. रोहित मेरी ही उमर का था और मेरी क्लास का सबसे हॅंडसम लड़का था.

उसकी हाइट 5’11” थी, और रंग गोरा था. फेस पर हल्की दाढ़ी थी, जो उसको बहुत जचती थी. जिम जाके उसने बॉडी भी अची बनाई हुई थी. वो जितना हॅंडसम था, उतना ही नॉटी और बोल्ड भी था. उसने काई बार अपनी हरकतों से मुझे चुनकाया था.

एक बार उसने मुझे बोला की वो मेरे घर आएगा. मैने भी ऐसे ही बोल दिया की आ जाओ, जबकि मुझे लगता नही था की वो आएगा. फिर थोड़ी देर बाद बाहर कोई सब्ज़ी लेके आया.

जब मैने देखा तो वो रोहित था, जी दाढ़ी मूच लगा कर आया था. ये देख कर मैं दर्र गयी, क्यूंकी पापा घर पर ही थे. लेकिन उसने कुछ ऐसा-वैसा नही किया, और मुझसे मिल कर चला गया. फिर बाद में मैं उसकी इस हरकत को सोच कर हासणे लग गयी.

एक रात फिर ऐसा ही कुछ हुआ. रोहित कहता मैं अओ मिलने? मुझे लगा रात के 2 बजे कों आएगा, तो मैने उसको आने को बोल दिया. आधे घंटे बाद रोहित मेरे घर के बाहर था. अब मैं दरवाज़ा तो खोल नही सकती थी, तो वो पीपे पर चढ़ कर आ गया.

फिर हमारी पहली बार किस्सिंग हुई. रोहित काफ़ी वाइल्ड था. उसको किस करके मेरी छूट गीली हो गयी. उस रात के बाद मैं सेक्षुयली उसकी तरफ काफ़ी अट्रॅक्ट होने लगी थी. अब हम कॉलेज में अक्सर च्छूप-च्छूप कर किस किया करते थे.

उसको किस करके मेरे पुर शरीर में करेंट दौड़ जाता था. जब वो किस करते हुए मेरी गांद दबाता था, तब तो मेरा दिल करता था की उससे चुड ही जौ. मैने सोच लिया था की मेरी सील रोहित ही तोड़ेगा. लेकिन ऐसा नही हुआ, और मेरी सील मेरे बाप ने तोड़ी. चलिए बताती हू कैसे.

मेरी फॅमिली में मेरे अलावा मेरी मम्मी, छ्होटा भाई, और सौतेला बाप रहते है. मेरा छ्होटा भाई मेरी मम्मी और सौतेले बाप का बेटा है. मेरे रियल बाप ने किसी पैसों वाली औरत के लिए मेरी मम्मी को छ्चोढ़ दिया था. फिर मम्मी ने मेरे सौतेले बाप से शादी कर ली.

पापा और मेरी कभी बनी नही थी. वो मुझे अजीब नज़रों से देखते थे, और मुझे उनसे पापा वाली फीलिंग नही आती थी. इसलिए मैं उनके साथ सिर्फ़ काम की बात करती थी. लेकिन मुझे ये नही पता था की उनकी मेरी हर एक हरकत पर नज़र थी.

एक दिन मुझे व्हातसपप पर रोहित का मेसेज आया की वो मुझसे अकेला मिलना चाहता था, और प्यार करना चाहता था. मैं ये देख कर बहुत खुश हुई, और मेरी छूट में हलचल होने लगी. मैने उसको 2 दिन बाद का टाइम दिया, क्यूंकी 2 दिन बाद पापा मम्मी और छ्होटे भाई को लेके मम्मी के माइके जाने वाले थे. अब बस मैं इंतेज़ार में थी, की कब वो टाइम आएगा जब रोहित मेरी छूट की सील तोड़ेगा.

फिर वो दिन आ ही गया. सुबा 10 बजे वो तीनो निकल गये. मैने रोहित को मेसेज किया की वो 11 बजे तक आ जाए. उसने हा बोला. फिर मैं चुदाई की तैयारी करने लगी. मैने रूम में आचे से रूम फ्रेशनेर स्प्रे कर दिया, और बेड पर थोड़े फ्लवर्स डाल दिए.

फिर मैं नहाने चली गयी, और मैने अपनी छूट भी शेव करी. मैं अपनी पहली चुदाई को यादगार बनाना चाहती थी. नहाने के बाद मैने डेनिम शॉर्ट्स और ब्लॅक त-शर्ट पहन ली. मैने काफ़ी सारा देव लगा लिया, ताकि मेरे जिस्म में से खुश्बू आती रहे.

अब मैं रोहित की वेट कर रही थी. मैने रोहित को मेसेज करके पूछा की वो कितनी देर में आने वाला था. उसने कहा की वो 15 मिनिट में मेरे घर पहुँच जाएगा. मैं बहुत एग्ज़ाइटेड थी. एग्ज़ाइट्मेंट में मेरी छूट अपने आप ही गीली होने लगी थी.

फिर 15 मिनिट बाद बेल बाजी. मैं भाग कर दरवाज़ा खोलने गयी. जब मैने दरवाज़ा खोला, तो वाहा कोई नही था. पहले तो मैं सोच में पद गयी, लेकिन फिर मैने सोचा की ज़रूर रोहित कोई शरारत कर रहा होगा. मैने वही खड़े रह कर बोला-

मैं: रोहित सामने आ जाओ. हर टाइम शरारत नही करनी चाहिए. अगर मेरे 10 गिनने तक तुम नही आए, तो मैं दरवाज़ा बंद कर दूँगी, और फिर दोबारा नही खोलूँगी.

फिर मैने 10 तक गिनती करी, लेकिन रोहित नही आया. जब वो नही आया, तो मैने दरवाज़ा बंद कर लिया, और अंदर जाने लगी. मैं जैसे ही दरवाज़ा बंद करके अंदर जाने लगी. पीछे से किसी ने मुझे पकड़ लिया. मैं अचानक ऐसा होने से दर्र गयी, लेकिन फिर समझ गयी की वो रोहित था. फिर मैं बोली-

मैं: तुम ना बहुत नॉटी हो.

ये बोल कर मैं पीछे मुड़ने लगी. लेकिन रोहित ने मुझे मुड़ने नही दिया. फिर उसने मेरी आँखों पर पट्टी बाँध दी, और मेरी पीठ पर किस करने लगा. आँखों पर पट्टी होने की वजह से मुझे कुछ दिख नही रहा था. फिर रोहित ने मुझे अपनी तरफ घुमाया, और मेरे होंठ अपने होंठो से मिला दिए.

अब हम दोनो किस करने लगे. आज वो बड़ी हार्ड किस कर रहा था, और किस करते हुए मेरे होंठ काट रहा था. मैने उसको रोकना चाहा, लेकिन उसने मुझे बोलने का मौका ही नही दिया. किस करने के बाद उसने मुझे बाहों में उठाया, और रूम में ले गया.

वाहा जाके उसने मुझे बेड पर डाला, और खुद मेरे उपर आ गया. वो मेरी गर्दन पर किस करने लगा, और मेरी शॉर्ट्स के उपर से मेरी छूट मसालने लगा. मैं मदहोश हो रही थी. फिर उसने शॉर्ट्स का बटन और ज़िप खोल कर शॉर्ट्स में हाथ डाला, और पनटी के उपर से मेरी छूट रगड़ने लगा.

मेरी छूट गीली थी, और मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था. उत्तेजजत् होके मैने रोहित को बोला-

मैं: रोहित मेरी छूट बहुत गरम होने लग गयी है. आज इसकी प्यास बुझा दो.

तभी रोहित बोला: आज तुम्हारी छूट की सारी गर्मी निकाल दूँगा बेटी.

मैं: बेटी!

रोहित ने मुझे बेटी क्यूँ कहा, और ये आवाज़ भी रोहित की नही थी. ये कों था जो मेरे उपर था, लेकिन मैने उसको देखा तक नही था. इन सवालो के जवाब आपको अगले पार्ट में मिलेंगे. दोस्तों अगर आपको कहानी पसंद आई हो, तो इसको अपने दोस्तों के साथ शेर ज़रूर करे.

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