गे सेक्स स्टोरी कंटिन्यूस…
अगले दिन सुबह 9:00 बजे मेरा मोबाइल बजा. मैने कॉल उठाया.
मैं: गुड मॉर्निंग दाद (इन लेज़ी वाय्स).
बॉस: मैं तुम्हारा दाद नही बॉस बोल रहा हू. जल्दी से तैयार हो कर मेरे मॅन्षन पहुँचो. मेरा ड्राइवर तुम्हारी बिल्डिंग के नीचे तुम्हारा वेट कर रहा है. कम ओं, हरी उप.
मैं: सॉरी बॉस. गुड मॉर्निंग. मैं जल्द से जल्द आपके मॅन्षन पहुँचता हू.
मैं (अपने मॅन में): ये क्या कर दिया समीर. जॉब के पहले ही दिन लाते? आज तो तुम्हारी खैर नही.
मैने जल्दी से शवर लिया और तैयार हो कर (स्काइ ब्लू शर्ट और डार्क ब्लू जीन्स पंत), 3 ऑफीस फाइल्स लेकर बिल्डिंग के नीचे पहुँचा.
बॉस का ड्राइवर कार (वाइट होंडा सिटी) के साथ मेरा नीचे वेट कर रहा था.
ड्राइवर: समीर सिर. जल्दी, बॉस कब से आपका वेट कर रहे है. मुझे बहुत टेन्षन हो रही थी और दर्र भी लग रहा था.
हम ओबेरोई मॅन्षन पहुँचे. एक हाउस स्टाफ मुझे बॉस के पास लेकर गया. वो डिन्निंग टेबल पर ब्रेकफास्ट कर रहे थे.
मैं: गुड मॉर्निंग बॉस (मैं अपना सिर नीचे किए वहाँ खड़ा था.)
बॉस ने मेरी तरफ देखा.
बॉस: योउ अरे लाते समीर.
मैं: सॉरी बॉस. कल से ऐसा नही होगा.
बॉस: ओक. तुमने अपना ब्रेकफास्ट किया क्या?
मैने कुछ नही कहा. अपना सिर झुकाए खड़ा रहा.
बॉस: यहाँ बैठो और अपना ब्रेकफास्ट कर लो. फिर हम दोनो को ऑफीस भी जाना है.
मैं जल्दी से वहाँ बैठ कर ब्रेकफास्ट (कप ऑफ कॉफी ब्रेड स्लाइसस वित बटर आंड जाम) किया. फिर बॉस ने मुझे अपना मॅन्षन दिखाया. लीविंग एरिया (हॉल) बेडरूम्स स्टडी रूम/ऑफीस गेस्ट हाउस, स्विम्मिंग पूल. बॉस के लीविंग रूम में एक बड़ा पोतरैयत था.
मैं: बॉस. ये कों है?
बॉस: वो मेरी बीवी (वाइफ) है. उसकी 10 साल पहले कार आक्सिडेंट में डेत हो गयी है.
बॉस की वाइफ बहुत ही सुंदर थी.
मैं: सॉरी बॉस.
फिर बॉस ने मुझे अपनी फॅमिली फोटो दिखाई. बॉस की मा. उनके भाई. उनकी फॅमिली.
मैं: बॉस आपका कोई बेटा या बेटी नही है?
बॉस: ये रहा मेरा बेटा, यश. लंडन एल. स.ए. में पढ़ रहा है.
अपना मॅन्षन मुझे दिखाने के बाद बॉस ने मुझे अपने हाउस स्टाफ से इंट्रोड्यूस कराया.
बॉस: ये समीर है. मेरा नया पर्सनल असिस्टेंट.
फिर मैं और बॉस, बॉस की कार में ऑफीस गये. बॉस ने मुझे ऑफीस में रे-इंट्रोड्यूस कराया, आस हिज़ पर्सनल असिस्टेंट. ऑफीस में सभी शॉक हो गये. फिर सभी ने मुझे कंग्रॅजुलेशन्स कहा.
बॉस ने मुझे मेरी नयी कॅबिन दिखाई, जो बॉस की कॅबिन के बगल में थी. और अंदर से इंटर कनेक्टेड थी. मैं अब जनरल स्टाफ से अलग था. बॉस ने मुझे अपनी कॅबिन में बुलाया.
बॉस: समीर मैने कल तुम्हे 3 फाइल्स स्टडी करने के लिए दी थी. उनका क्या हुआ?
मैं: ये रही वो फाइल्स.
फिर मैने बॉस की सारी डीटेल्स बताई. उसके बाद बॉस मुझे लेकर उनके देल्ही के अलग-अलग ऑफिसस में गये. वहाँ के स्टाफ और जनरल मॅनेजस’ से मुझे इंट्रोड्यूस किया. इन सब में 3-4 दिन गुज़र गये.
एक दिन ऑफीस में-
बॉस: समीर तुम्हारे पास अपना पासपोर्ट है ना?
मैं: हा बॉस. पर क्यूँ?
बॉस: कल सुबह तुम तैयार रहना. हम दोनो कल सुबह 10:00 बजे मुंबई जेया रहे है. और देर रात देल्ही लौट आएँगे.
मैं: ओक बॉस.
मैं मुंबई जाने का सुन कर काफ़ी खुश था. लगभग 1 महीने बाद मैं अपने मों-दाद से मिल ने वाला था.
अगले दिन सुबा 9:00 बजे बॉस ने मुझे मेरे घर से पिकप किया और हम दोनो देल्ही एरपोर्ट गये. वहाँ से बाइ प्लेन मुंबई.
मुंबई हेड ऑफीस जाते ही मैं अपने मों-दाद से मिला. मैने बॉस के साथ बिज़्नेस मीटिंग अटेंड की आस हिज़ पर्सनल असिस्टेंट. पहली बार मैं, मों-दाद और बॉस एक साथ एक ही मीटिंग में थे. बॉस के बड़े भाई और बिज़्नेस असोसीयेट डाइरेक्टर्स भी वहाँ थे.
मीटिंग के बाद बॉस ने मुझे अपने मों-दाद के साथ कुछ वक़्त स्पेंड करने की इजाज़त दी.
दाद: तो बेटा. कैसा चल रहा है नया जॉब? प्रेशर फील हो रहा है या नही?
मैं: हा दाद. प्रेशर तो फील होता है. पर बहुत कुछ सीखने को भी मिल रहा है.
मों: जॉब के बीच में स्टडी करना मत भूलना. नही तो एग्ज़ॅम में फैल हो जाओगे.
मैं: नही मों. मैं स्टडी भी मॅनेज कर रहा हू. मों दाद आप देल्ही कब लौउटोगे?
दाद: अब कुछ दिन बाद हम दोनो घर लौट आ रहे है.
फिर मेरे और बॉस के देल्ही वापस आने का टाइम हो गया था. मों दाद मुझे और बॉस को छ्चोढने के लिए मुंबई एरपोर्ट आए.
एक महीना गुज़र गया. सब नॉर्मल चल रहा था. एक दिन ऑफीस में मुझे और बॉस की काफ़ी लाते हो गया. हम दोनो ओबेरोई मॅन्षन गये. वहाँ मैने बॉस के साथ डिन्नर किया. रात के 11:30 बाज चुके थे. बॉस के ड्राइवर भी अपने-अपने घर जेया चुके थे. मैं अपने लिए कॅब बुक कर रहा था. पर कॅब ड्राइवर 2 दिन से स्ट्राइक पर थे.
बॉस: समीर. कॅब बुक नही हो रही है तो आज रात यहीं रुक जाओ.
मैं: नही बॉस. मुझे घर पर ज़रूरी काम है.
बॉस ने मुझे बहुत समझाया लेकिन मैं नही रुका. आख़िर-कार बॉस खुद अपनी कार ड्राइव करके मुझे मेरे घर छ्चोड़ने के लिए आए. बॉस ने मेरी बिल्डिंग के नीचे अपनी कार रोकी. मैं कार से नीचे उतरा.
मैं: थॅंक योउ बॉस. गुड नाइट. शाम (ईव्निंग) का वक़्त होता तो आपको कॉफी का पूछता. लेकिन इस वक़्त?
बॉस: ई डॉन’त माइंड फॉर आ कप ऑफ कॉफी इफ़ योउ इन्सिस्ट.
बॉस ने अपनी कार पार्क की और हम दोनो मेरे घर आ गये. मैने दरवाज़ा खोला. सारी लाइट्स ओं की.
मैं: बॉस, ये रहा मेरा घर. आपके ओबेरोई मॅन्षन से काफ़ी छ्होटा है.
बॉस पुर घर में घूमने लगे.
बॉस: समीर तुम्हे याद है, मैं तुम्हारे 13त बर्तडे पर तुम्हारे घर आया था?
मुझे ज़्यादा कुछ याद नही था. मैने बॉस को अपना बेडरूम दिखाया.
मैं: बॉस आप मेरा घर देखो. तब तक मैं फ्रेश हो कर हम दोनो के लिए कॉफी बनता हू.
मैं फ्रेश होने के लिए बातरूम में गया. मैने अपने शर्ट के स्लीव्स फोल्ड किए और जल्दी से अपने मूह-हाथ धो कर किचन में कॉफी बनाने के लिए चला गया.
बॉस मेरे बेडरूम में ही थे. मेरे ड्रेसिंग टेबल पर लॅडीस पर्फ्यूम, लिपस्टिक, काजल, इयररिंग्स, मेक-उप बॉक्स मेरे गर्ल’स गेटूप वाले फोटोस का आल्बम (कुलु मनाली ट्रिप वाला) रखा हुआ था.
बॉस ने मेरी सारी सोलो पिक्स देख ली. रेड ड्रेस वाली रेड ब्लॅक येल्लो सारी पहने हुए. वो तो अछा था की मैने अभिषेक के साथ वाली कपल पिक्स हमारे ब्रेक-उप के बाद फाड़ के जला दी थी.
मैं: बॉस. ये लीजिए आपकी कॉफी.
बॉस ने मेरी तरफ देखा. मेरे हाथ से कॉफी मग ले लिया, और कॉफी पीने लगे. जल्दबाज़ी में मैने अपना मूह हाथ आचे से नही पोंछे थे. मेरे बाल भीगे हुए थे. मेरे चेहरे पर भी पानी की बूंदे तपाक रही थी.
बॉस कॉफी पीते हुए लगातार मुझे ही देख रहे थे. उन्होने अपनी कॉफी ख़तम की. बॉस मुझे फोटो आल्बम दिखाते हुए बोले-
बॉस: इस आल्बम में जो ब्यूटिफुल लड़की है, वो कों है? तुम्हारी कोई कज़िन है क्या?
मेरे तो चेहरे पर से रंग ही उडद गया. मेरे हाथ से कॉफी मग नीचे गिर कर टूट-फुट गया.
मैं: वो. मैं? सिस्टर? कज़िन. फ्रेंड. बॉस मेरा आल्बम मुझे वापस दीजिए प्लीज़.
मैने बॉस के हाथ से आल्बम चीन लिया. बॉस ने तभी मेरी कमर में हाथ डाल कर मुझे अपने करीब खींचा. मेरे दिल की धड़कन तेज़ हो गयी. बॉस ने मेरे भीगे हुए बालों में से अपना हाथ फेरा.
मैं किसी स्टॅच्यू की तरह बॉस की बाहों में था. उनकी आँखों में देख रहा था. बॉस ने मेरे होंठ पर से अपना अंगूठा फेरा. फिर एक-दूं से अपने होंठो को मेरे होंठो पर रख दिया.
15-20 मिनिट्स तक बॉस मेरे होंठ, गाल, गर्दन पर पागलों की तरह चूमते रहे. बॉस ने मेरे शर्ट के बटन खोल दिए और मेरे सीने को चूमते रहे. वो मेरे निपल्स को चूस्टे रहे. मैं अपनी आँखें बंद करके ये सब एंजाय कर रहा था.
मैं: आ. आउच. हुम्म. आ.
मुझे बॉस के पंत के अंदर उनका तन्ना हुआ लंड महसूस हो रहा था. पर बॉस रुकने का नाम नही ले रहे थे. पर मैं टाइयर्ड था.
आख़िरकार मैने बॉस को ज़ोर का धक्का देकर अपने से डोर किया.
मैं: अब बहुत हो गया. काफ़ी लाते हो गया है. अब आपको अपने घर चले जाना चाहिए.
बॉस: समीर. प्रॉमिस मे. तुम मुझे अपनी कज़िन सिस्टर से ज़रूर मिलाओगे.
मैं: हा. ज़रूर. अब आप जाइए.
मैने मैं दरवाज़ा बंद कर दिया. बॉस अपने घर चले गये.
स्टोरी कंटिन्यूस…
नेक्स्ट स्टोरी:- बॉस और सारा की डिन्नर डटे.