भाई के बहन की चूत चोदने और गांड फाड़ने की कहानी

पूजा को चोदने के बाद मैं थोड़ा डर कर रहने लगा, कि कहीं पूजा घर वालों को मेरे बारे मे बता ना दे। 2-3 दिन पूजा ने मेरे साथ बात भी नहीं की। ना मैं पूजा के सामने ज्यादा गया।

4-5 दिन के बाद मैं खाना खा कर रात को अपने कमरे मे जा कर सो गया। मैं रात को कमरा अंदर से बहुत कम बन्द करके सोता हूं। रात के 12 बजे मुझे लगा कोई मेरे साथ सोया था।

मैं उठा और देखने के लिए हल्की लाईट जला दी। मैंने देखा पूजा मेरे बैड पर थी।

पूजा ने मुझे देखा कर हल्की आवाज में बोली: मेरी नींद खराब करके खुद आराम से सो रहा है।

मैं बोला: पूजा अपने कमरे में जाओ, कोई आ जाएगा।

पूजा बैड से उठ गई, और उसने एक नाइटी पहनी हुई थी, और उसको तभी उतार दिया। अंदर से पूजा पुरी नंगी थी। पूजा मेरे ऊपर आ गई, और अपने एक चूचे को मेरे मुँह मे डालने लगी। मैंने भी अपना मुंह खोल दिया, और चूचे को मुँह में लेकर चूसने लग गया।

दोनों चूचों को चूसते हुए पूजा की गांड को सहलाने लगा। पूजा ने मेरा लोअर और अंडरवियर दोनों उतार दिये, और मेरे लंड को अपनी चूत पर रगड़ने लगी। मैंने पूजा को पलट दिया, और अपना लंड पूजा के मुँह मे डाल दिया।

अब मैं पूजा की चूत चाटने लग गया। दोनों 69 का मजा लेने लग गए। फिर मैंने पूजा की गांड को भी चाटना शुरु कर दिया। अब मैं गांड से लेकर चूत तक अपनी जीभ चलाने लगा। गांड को अच्छे से चाटने के बाद मैंने एक उंगली गांड में डाल दी। पूजा के मुँह से हल्की चीख निकल गई।

वो मुझे बोली: भाई पागल हो गया है? पीछे से कोन करता है?

मैं: जब तू लेगी, तब तुझे पता चलेगा पीछे से कितना मजा लेती है लड़कियां।

पूजा फिर से मेरा लंड चूसने लग गई। मैं भी पूजा की चूत चाटने के साथ उसकी गांड मे उंगली डालता रहा। पूजा मेरे मुँह में ही अपना पानी छोड़ दिया। मैंने पूरा पानी चाट कर पी लिया। अब पूजा साइड में हो गई। मैं पूजा की टांगो को खोल कर बीच मे आ गया।

फिर मैं‌ अपना लंड चूत में रगड़ने लग गया।

पूजा बोलने लगी: बहनचोद रगड़ता ही रहेगा या डालेगा भी?

मैंने यह सुनते ही एक ही बार मे पूरा लंड पूजा की चूत में डाल दिया।

पूजा तड़प उठी: साले रंडी नहीं हूं, आराम से डालता। मार दिया तूने तो।

मैं: साली तू अपने भाई की रंडी बन कर रहेगी अब। तूने बहुत तड़पाया है। अब तुझे तड़पा-तड़पा कर चोदूंगा।

फिर मैं पूजा की चूत चोदने लग गया। कभी पूजा के चूचे चूसता, तो कभी उसके होंठ चूसता।

पूजा भी अपनी गांड उठा-उठा कर लंड अन्दर लेने लगी। मैं आज सच में पूजा को एक रंडी समझ कर चोद रहा था। पूजा भी चुदाई का पूरा मजा ले कर चुदवा रही थी।

थोड़ी देर बाद पूजा ने मुझे पूरे जोर से जकड़ लिया, और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया। मैं उसको चोदता रहा। कुछ देर बाद मैंने भी पूजा की चूत को अपने पानी से भर दिया।

मैं पूजा के ऊपर ही लेट गया। मेरा लंड चूत से बाहर आ गया,‌ और पूजा मेरे सर को सहलाने लग गई। थोड़ी देर बाद पूजा मुझे किस करने लगी। मैं भी उसका साथ देने लग गया।

मैं पूजा को बोला: मुझे तेरी गांड मे लंड डालना है।

पूजा मना करने लगी, पर मैं नहीं मान रहा था।‌मैंने पूजा को घोड़ी बना दिया, और उसकी गांड के छेद को अपनी थूक से गीला कर दिया।

पूजा बोली: आराम से करना।

फिर पूजा ने अपना मुँह तकिये के अंदर दबा लिया। मैं समझ गया पूजा भी गांड चुदाई का मजा लेना चाहती थी। मैं अब लंड को उसकी गांड में रगड़ने लगा। फिर पूजा की कमर पकड़ कर लंड को गांड में डालने लगा। पर लंड फिसल कर कर फिर चूत में चला जाता।

ऐसा 3-4 बार हुआ। मुझे लगा पूजा की गांड में लंड नहीं जाएगा मेरा। मैं थोडा पीछे हो गया। पर तभी पूजा ने अपने दोनों हाथों से अपनी गांड को खोल दिया। मैंने भी देर ना करते हुए लंड को गांड के छेद पर लगा कर जोर का झटका दिया।

लंड एक ही झटके मे गांड के अंदर चला गया। पूजा तड़प उठी, और उसकी हल्की चीख निकल गई। पर मुँह तकिये के अंदर दबे होने के कारण अंदर ही रह गई। मैं अब कुछ देर ऐसे ही रुका रहा, और पूजा की पीठ पर किस करने लगा, और अपने हाथों से चूचे दबाने लगा।

फिर मैंने धीरे-धीरे लंड अंदर-बाहर करना शुरु कर दिया। थोड़ी देर बाद पूजा ने भी अपना सर ऊपर कर दिया। मैं समझ गया पूजा को अब दर्द नहीं हो रहा था।

अब मैं पूजा के बाल पकड़ कर उसकी गांड की चुदाई करने लगा। दोस्तों कसम से मैंने पहली बार किसी लडकी की गांड मे लंड डाला था। वो भी अपनी सगी बहन की। मैं पूजा की गांड मे लंड डाल कर बहुत खुश हो रहा था।

30 मिनट तक मैं पूजा की गांड को लगातार चोदता रहा। फिर मेरे लंड ने अपना पानी पूजा की गांड में ही छोड़ दिया। मैंने जैसे ही लंड बाहर निकाला, वैसे ही मेरे लंड का पानी पूजा की गांड से निकल कर उसको चूत में जाने लगा। मैंने अपना लंड और पूजा की चूत और गांड कपड़े से साफ किए। फिर हम दोनों सो गए।

मेरी आँख तो सुबह काफी देर बाद खुली। मैंने देखा पूजा मेरे कमरे से पता नहीं कब चली गई थी।

मैं उठ कर बाथरूम में फ्रेश हुआ, और कमरे से बाहर आ गया। घर में मुझे कोई भी नजर नहीं आ रहा था। तो मैं रसोईघर मे चला गया। वहां पर पूजा खाना बना रही थी रात वाली नाईटी पहन कर। मतलब अंदर कुछ नहीं पहनी हुई थी, बस वो नाईटी ही थी।

मैं उसके पास गया, और बोला: पूजा ऐसी नाईटी में क्यूं है तू?

पूजा ने मुझे देख कर स्माईल की, और बोली: जब घर में हम दोनों हों, तो और कपडे क्यूं पहनने?

मैं: मतलब घर में कोई नहीं है?

पूजा: हां कोई नहीं है। सब दिन के टाइम आएंगे।

मैंने झट से अपनी टी-शर्ट और निक्कर उतार दी, और पूरा नंगा हो गया। फिर पूजा की नाईटी भी उतार फेंकी। मैंने पूजा को शेल्फ के साथ घोड़ी बना दिया। और पूजा की गांड और चूत चाटने लग गया। फिर थोडी देर बाद अपने लंड पर थूक लगाया, और लंड को पूजा की गांड मे डाल कर चोदने लगा। मैंने पूजा की एक टांग को भी शेल्फ पर रख दिया अब मेरा लंड पूरा गांड के अंदर तक जा रहा था।

वैसे ही मैं पूजा को चोदता रहा। फिर मेरे लंड ने पूजा की गांड को मेरे पानी से फिर भर दिया। मैं और पूजा दोनो हांफने लगे। पूजा ने नंगी होकर ही खाना बनाया, और हम दोनों ने खाना खा कर फिर से चुदाई का मजा लिया।

दिन होने तक हम दोनों ने 3 बार चुदाई का मजा लिया। फिर हम दोनों नहा कर अपने कमरे में चले गए। पूजा रात को घरवालों को पढ़ने का बहाना करके मेरे कमरे मे आ जाती, और हम दोनों चुदाई का मजा करते।

कैसी लगी हम दोनों भाई बहन की कहानी, मुझे जरूर बताना। और दोस्तों पूजा की फोटो के लिए मत बोला करो। ऐसे किसी को मैं उसकी फोटो नहीं भेज सकता हूं। उसके लिए माफ करना।

यह कहानी भी पड़े  सोई हुई बहन के जिस्म का मज़ा लिया


error: Content is protected !!