बुआ और ताउजी

hi to Antarvasna readers आज मैं जो कहानी सुनने जा रहा हूँ वो कोइ कहानी नहीं बलकि एक सच्चाई है।
मैं आज अपको अपनी बुआ कि कहानी जो कि मेरे तौ के सथ हुइ थि को अपके समने रखने से पहले अपने बुआ और ताऊजी का परिचय करा दु।

मेरे बुआ एक सुनदर और नोरमल हिघत कि लदी है। उनकी उमर 28 साल कि है। मेरे ताऊजी जिनकि उमर चौहतर साल कि है एक गोरे, लमबे और हेअलथी इनसान है। वो मेरे बुआ के फ़ुफ़ेरे भै है।

अब मैं अपको उस कहानी के हरफ़ ले चलता हूँ।
ये कहानी आज से तिन दिन पहले कि मेरे गाँव कि है। मैं अपने घर गया हुआ था।

मैं जब घर पहुनचा तो मैंने घर पेर अपने बुआ और अपने औनती को पया। थोदे देर के बाद ताऊजी भी पहुच गये। जो गाँव में गये हुए थे।

दोपहर के समय जब ताऊजी को खना खिलया उस समय ताऊजी ऊपर चत पर एक रूम में थे। उनके साथ बुआ भी थि।

ताऊजी ने खना खिलने के बाद ताऊजी ने मुझसे पनि लने के लिये बोला। मैंने बोला कि मुझे आने में थोड़ा समय लगेगा।

मेरे ऐसा कहने पर ताऊजी ने बोला कि कोइ बत नहि।

मैं जैसे ही सिधि से उतरा तो ऊपर के दरवाजा को बनद होने कि आवज सुनि। मुझे कुछ सक हुअ।
मैंने सोचा कि देखु कि ये क्या करते है। जब मैं ऊपर गया और जब मैंने खिदकि से अन्दर देखा तो पया कि बुआ बेद पर लेति हुइ थि।
ताऊजी ने उनका कपड़ा उठा कर कमर के ऊपर तक उठा दिया।
कपड़ा को कमर से ऊपर उठने के बाद ताऊजी ने वहि अलमिरे पर पदे दिबे से तेल निकला और बुआ के थै पर बैथ गये। उस समय बुआ का चूत मैं साफ़ देख रहा था।

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ताऊजी ने बुआ के जनघ पर बैथने के बाद बुआ के चूत पर जैसे ही हनथ रखा तो बुआ ने अनख बनद कर लिया।

ताऊजी ने बोला कि बहुत दिन के बाद आज तुमहरा चूत को चोदने का मौका मिला है।
ताऊजी के ऐसा कहने पर बुआ का जबाब था- मुझे भी अपके इस दनदे कि बहुत दिन से इनतजर था। अछा हुआ कि ये मौका आज मिल गया।

इतना सुन कर ताऊजी ने बुआ के चूत को फैलया और कुछ देर तक देखने के बाद उसमे तेल लगे हुये हानथ को उनके चूत में मल दिया।
अब ताऊजी ने अपने लण्ड को जब लुनगि से बाहर निकला तो मैं देख कर ये सोचने के लिये मजबुर हो गया कि ये मोता और लमबा लण्ड जो कि लगभग 8″ लमबा और 2″ चौदा था बुआ कि चूत में जो कि 5″ लमबा था में कैसे जयेगा।

जैसे ही ताऊजी ने अपने लण्ड में तेल लगने के बाद उसे बुआ के चूत पर सतया बुआ ने अपने हनथ से चूत को फैलते हुए ताऊजी के लण्ड को रसता दिखया।

ताऊजी ने लण्ड के अगले हिनसे को अन्दर दलते हुए जैसे ही अपने कमर को एक झतका दिया तो बौ के मुँह से ईईइस्सस्सस कि अवज निकल गयि।

ताऊजी ने पुछा- गया है।

बुआ बोलि हा चला गया है।

तौजे अब बुआ के ऊपर लेत गये और अपने कमर को हिलने लगे।

ताऊजी के कमर के हर एक झतके के सथ बुआ के मुँह से आआअह्हह आआह्हहह्हह ईईइस्सस्सस उनाआआ कि अवज नकल रहि थि।
ताऊजी अपने कमर को हिलने के साथ ही बौ के ब्लाउज के बतन को खओल कर उनके दोनो गोरे गोरे चुचिओ को उनके ब्लाउज से अज़द कर दिया। अब उनहोने दिबे से तेल निकाल कर तेल लगने के बाद जैसे ही बुआ के दोनो तने हुए चुचिओ को दोनो हथेलियो में लेकर मसलना सुरु किया तो बुआ ने अपने पैर को फ़ैला दिया।

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