एक दूसरे की बहन की चुदाई

रफ़ीक और समीर दोनों कॉलेज के समय से दोस्त हैं। तब दोनों के एक गन्दा चस्का लग गया था, दोनों स्कूल से निकल कर अक्सर शहर के बाहर जाकर सेक्सी किताबें पढ़ा करते थे और एक दूसरे की मुठ मारा करते थे। वे अक्सर अपने क्लास की अध्यापिकाओं के बारे में सोच कर मुठ मारते थे तो कभी पड़ोस की भाभी और चाची को सोच कर उनके बारे में बातें किया करते थे, उनको बाथरूम में नहाते देखने के लिए दिन-दिन भर छत पर रहा करते थे।
एक दिन समीर बोला- यार रफ़ीक, आखिर ऐसे कब तक हम मुठ मारते रहेंगे? अब तो इन किताबों से मज़ा नहीं आता है। कोई फिल्म देखने का जुगाड़ करते हैं।
रफ़ीक ने कहा- तेरी बात तो सही है समीर ! कल मेरे अम्मी-अब्बू शहर से बाहर जा रहे हैं, घर पर सिर्फ छोटी बहन वहीदा रहेगी। हम दोनों अपने कमरे में कल ब्लू फिल्म देखते हैं।
समीर बोला- ठीक है दोस्त, कल मैं कोई नई फिल्म की सीडी लाता हूँ, तू तैयार रहना ! लेकिन घर में वहीदा यानि वहीदा होगी..?
समीर ने शंका से पूछा।
“तू फ़िक्र मत कर समीर ! वहीदा कमरे में नहीं आएगी। चल अब घर चलते हैं।”
अगले दिन समीर रफ़ीक के घर एक ब्लू फिल्म की सीडी लेकर पहुँच गया।
वहीदा ने दरवाज़ा खोला- अरे समीर भाई जान…? कैसे हो? रफ़ीक भाई जान तो अम्मी अब्बू को स्टेशन तक छोड़ने गए हैं, रफ़ीक भाई जान आते ही होंगे, आप अन्दर आ जाओ। चलो, तब तक हम लूडो खेलते हैं।
समीर अन्दर चला गया। वहीदा उसके लिए पानी लेकर आई। जब वह पानी दे रही थी तब समीर की नज़र उसकी कुरते से झांकते छोटे छोटे उभारों पर थी। वह समीर को रफ़ीक की तरह ही भाई मानती थी लेकिन आज वह समीर अचानक बहुत ही सेक्सी लग रही थी, समीर ने उसके जिस्म को ऊपर से नीचे तक देखा।
समीर ने उससे कहा- वहीदा, आज भाई जान की गोदी में नहीं बैठोगी?
“क्यों नहीं भाई जान अभी लो !” कहते हुए वह समीर की गोदी में बैठ गई।
“अब बोलो, आइसक्रीम खिलाओगे?”
“खिलाऊंगा ! लेकिन एक वादा कर कि किसी को बोलेगी नहीं?”
“क्या भाई जान??”
वहीदा की उम्र मात्र 18 साल की थी, उस पर अभी जवानी धीरे धीरे आ रही थी, उसके सीने पर हल्का हल्का उभार आने लगा था, उसके स्तन छोटी अम्बिया की तरह नुकीले थे। समीर ने उसको गोद में लेकर उसकी गोलाइयों को अपने हाथों से नापना शुरू कर दिया।
“ही ही ही..!!! यह क्या कर रहे हो भाई जान गुदगुदी होती है !”
समीर का हाथ उसकी फ्राक अन्दर उसकी चड्डी में था, वह वहीदा की छोटी सी नर्म योनि को सहला रहा था- कैसा लग रहा है वहीदा…? समीर ने उसके गालों को चूमते हुए पूछा।
“अच्छा लग रहा है भईया !”
“यह एक खेल है वहीदा, लेकिन सिर्फ हम दोनों ही खेलेंगे, चुपके चुपके, किसी और को मत बताना।”
“ठीक है समीर भईया !”
“अन्दर चलो, बेड पर लेट जाओ तुम।”
समीर ने उसको गोद में उठा लिया था, वह उसके सीने से चिपकी थी, समीर के हाथ उसके चूतड़ों पर थे, समीर ने वहीदा को बेड पर लिटा दिया और उसकी छोटी से गुलाबी चड्डी खींच कर निकाल दी।
उसकी योनि छोटी सी थी अन्दर से देखने पर एकदम सुर्ख ! समीर ने उस पर जीभ लगा दी।
“..उईए ईई यह क्या करते हो भाई जान…?” वहीदा मचल पड़ी जब समीर ने उसकी योनि चूसना चाही।
“कुछ नहीं होगा तुझको ! बस तू चुपचाप लेटी रह, तुझे अच्छा लगेगा।” कह कर समीर ने उसकी टांगें फैला दी और उसकी योनि पर मुँह लगा दिया।
वहीदा लेटी हुई थी।
तभी दरवाज़े की घंटी बजी, समीर ने झट से वहीदा की फ्राक नीचे की और उसको उठाया और कमरे से बाहर ले गया।
वहीदा ने दरवाज़ा खोला।
“क्या कर रही थी? सुनाई नहीं देती तुझको घण्टी?!!” रफ़ीक वहीदा पर चिल्ला कर बोला।
वहीदा सहम गई।
“अरे जाने दे न रफ़ीक, नहीं सुना होगा ! …मैं भी रूम में था वरना…” समीर ने बात सम्हालनी चाही।
“बच्ची नहीं है… घोड़ी हो गई है, पढ़ती-लिखती कुछ नहीं है, दिन भर लूडो और टीवी ! दसवीं में फेल हो चुकी है।” कहते हुए रफ़ीक ने उसको एक चपत लगाई।
समीर ने देखा कि पीछे से वहीदा की फ्राक की चैन खुली थी, देखते ही उसकी गांड फट गई। लेकिन फिलहाल रफ़ीक ने उस पर ध्यान नहीं दिया था।
दोनों कमरे में चले गए, रफ़ीक ने सीडी लगाई और वहीदा को बोला कि अन्दर नहीं आना है।
मूवी में एक अँगरेज़ एक इंडियन लड़की की चुदाई कर रहा था। कुछ ही देर मैं एक अँगरेज़ और एक लड़की और आ गई, वे दोनों भी शुरू हो गए थे, बारी-बारी से दोनों लड़कियों की चुदाई कर रहे थे उनको कुतिया बना कर।
समीर और रफ़ीक दोनों को पसीना आ रहा था, तभी रफ़ीक ने बेड़ पर पड़ा कपड़ा उठा कर अपना मुँह पोँछा। लेकिन उसमें से उसको अजीब सी महक लगी, उसने कपड़ा खोल कर देखा यह वहीदा की चड्डी थी जिससे रफ़ीक ने मुँह पोंछा था।
देखने पर वह सोचने लगा कि वहीदा की चड्डी यहाँ क्या कर रही है?
समीर का दिल धड़क रहा था, वह रफ़ीक से नज़रें चुराने लगा, उसने वहीदा को आवाज़ दी और रिमोट से मूवी को बन्द कर दिया।
वहीदा कमरे में आई, अभी रफ़ीक के हाथ में उसकी चड्डी थी, लग रहा था कि वह उससे पूछेगा कि यह यहाँ कैसे?
रफ़ीक- यह ले, तेरे कपड़े हैं और दोबारा मेरे कमरे में नहीं आना चाहिए।
वहीदा सहम गई अपनी चड्डी लेकर वह कमरे से चली गई।
समीर ने मूवी को दोबारा शुरु की और रफ़ीक के डाऊन हो गए लंड को सहलाने लगा।
रफ़ीक- उसको छोड़ साले, यह बता तू वहीदा के साथ क्या कर रहा था?
समीर- अरे !! कुछ तो नहीं यार..!!
रफ़ीक- झूट मत बोल, मुझे चुतिया समझ रहा है? मैंने देखा कि उसकी फ्राक पीछे से पूरी खुली थी, उसकी चड्डी यहाँ क्या कर रही थी.?? और दरवाज़ा खोलने में इतनी देर क्यों हुई…?? सच बता कि तूने वहीदा के साथ क्या किया था?
समीर- बताता हूँ लेकिन तुझको दोस्ती की कसम ! तू गुस्सा नहीं होगा।
रफ़ीक- पहले तू बता हरामी…?? वरना तुझे भी मारूँगा और वहीदा को भी मारूँगा।
समीर- पहले तू कसम खा की तू गुस्सा नहीं होगा।
रफ़ीक- ठीक है ! …बता…?
समीर- वहीदा अब बड़ी हो गई है, उसके स्कूल में लड़के भी पढ़ते हैं और आज कल का मोर्डेन ज़माना है, हर लड़की का आजकल बॉयफ्रेंड है, कल वहीदा का भी होगा।
रफ़ीक- मारूँगा पकड़ के उस माँ के लौड़े को !
समीर- तू पहले मेरी बात सुन ! हर वक़्त तो तू वहीदा के साथ रह नहीं सकता, और न ही उसको घर में बंद करके रख सकता है…
रफ़ीक- तू कहना क्या चाहता है?
समीर- अबे, तू मेरी बात सुन तो सही मेरे दोस्त ! तू वहीदा के हर समय साथ तो नहीं घूम सकता है, कल को उसका कोई यार भी होगा तो उसकी लेगा भी।
रफ़ीक- समीर, तू बकवास बंद कर !
“यार, तू मेरी बात को ठन्डे दिमाग से समझ..पहले बता बॉयफ़्रेन्ड होगा तो लेगा या नहीं उसकी?”
रफ़ीक- हाँ लेगा ही.!!
“समस्या यह नहीं है कि कोई बॉयफ़्रेन्ड उसकी लेगा, परेशानी यह है कि आजकल लड़के लड़कियों को ब्लैकमेल करने के लिए उनका वीडियो बना लेते हैं.. और फिर अपने दोस्तों को दिखाते हैं और उसको नेट पर डाल देते हैं। तू चाहेगा कि कोई वहीदा के साथ ऐसे करे? या उसको ग्रुप सेक्स करने के लिए मजबूर करे…??
रफ़ीक- हरगिज़ नहीं…
समीर- लेकिन हर लड़की आजकल बॉयफ़्रेन्ड चाहती है…आखिर वहीदा अब जवान हो रही है… मैं उसको अपनी गर्लफ्रेंड बनाना चाहता हूँ रफ़ीक !
मैंने रफ़ीक का लंड सहलाते हुए कहा।
रफ़ीक- साले भईया बोलती है वह तुझे… मैं ऐसा कैसे मान लूँ?
समीर- रफ़ीक, बात को समझ कल को कोई उसको बेहरहमी चोदे, उसकी चुदाई की वीडियो, MMS बनाये, हम उसके नंगी फोटोग्राफ्स नेट पर देखें, तुझे अच्छा लगेगा? ..यार मैं उससे प्यार करता हूँ, मेरे साथ रहेगी तो सुरक्षित रहेगी… कोई और चोदे इससे तो बेहतर है। बाकी तू जो मांगेगा, वह मैं दूंगा !
कह कर समीर रफ़ीक के सामने कुत्ते की तरह खड़ा हो गया।
रफ़ीक- नहीं समीर, मैंने तेरी गांड तो बहुत ली है। मैं तुझे वहीदा का चोदू तो बन जाने दूंगा लेकिन मेरी एक शर्त है।
समीर- क्या…?? बोल…?? दोस्त के लिए तो जान भी हाज़िर है यार…!
रफ़ीक- मैं तेरी बाजी हमीदा की लूँगा।

यह कहानी भी पड़े  दोस्त ने अपनी सेक्सी बहन चुदवाइ

Pages: 1 2 3 4

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!