बार में शुरू हुआ गॅंडू लोगों का गॅंडू-पन्न

ये बात अभी से कुछ 4 महीने पहले की है. पर पहले मैं अपने आप को इंट्रोड्यूस कर देता हू. मेरा नाम कारण है, और मैं देल्ही का रहने वाला हू. मेरी आगे कुछ 26 साल की है, और मैं तोड़ा सा चब्बी हू.

मोटी सुडौल जांघें, हाइलाइट होती गोल मोटी गांद लगभग 42 की होगी. टाइट फिटिंग कपड़ो में कमर से नीचे मैं बिल्कुल लड़की की तरह दिखता हू, और उपर छ्होटे-छ्होटे बूब्स थे जैसे किसी 15-16 साल की लड़की के होते है.

तो बात 4 महीने पहले की है. तब तक मैने सेम जेंडर के साथ सेक्स करने के बारे में कभी नही सोचा था. लेकिन देसी कहानी पर मैने बहुत ऐसी कहानियाँ पढ़ी थी, तो इन सब से अंजान भी नही था.

उस दिन मैं एक वाइन कलर की टाइट फिटिंग पंत और उपर एक पतली सी त-शर्ट पहन कर बार चला गया. मैने नीचे बूट्स पहने थे, जिनकी थोड़ी हील्स है. तो बार मैं मैने एक अची सी जगह देखी, और टेबल पे बैठ गया.

मैने अपने लिए एक बियर मंगाई, और पीने लगा. तभी मेरी नज़र मेरे सामने बैठे एक आदमी पे पड़ी. बिल्कुल हटता-कटता मर्द की लड़की देखते ही फ्लॅट हो जाए. लेकिन वो मुझे देख रहा था. तो मैने अपनी नज़र दूसरी तरफ कर ली.

फिर वो पास आया, उसने अपना नाम बताया पंकज. हमारा इंट्रो हुआ, और उसने मुझे ड्रिंक ऑफर की. फिर हम बातें करने लगे. पता ही नि चला बातों-बातों में कब ,यादा हो गयी.

अब मुझसे चला भी नही जेया रहा था, तो पंकज ने कहा: घर ड्रॉप कर देता हू चलो.

और हम बार से निकल कर गाड़ी में बैठे, और वाहा से निकल गये. गियर शिफ्ट करते टाइम उसके हाथ मेरी थाइस को रब कर रहे थे, जिससे मुझे काफ़ी अछा लग रहा था.

तभी उसने पूछा: तुमने कभी सेम जेंडर के साथ सेक्स किया है?

ये सुन के मैं हैरान था. फिर मैने उनसे बोला: नही. आपने किया है?

तो उन्होने बोला: हा मैं गे हू, और तुम मुझे बहुत पसंद आए.

और ये बोलते हुए उन्होने मेरी थाइस पे हाथ रखा, और सहलाने लगे. मुझे अछा लग रहा था, तो मैने कुछ नही बोला, और उनका हाथ मेरी इन्नर थाइस तक पहुँच गया, जिससे मैं गरम हो गया और मेरे मूह से आ की आवाज़ हुई. फिर मैने उनका हाथ हटाया.

पंकज ने गाड़ी साइड में रोकी और पूछा: क्या हुआ?

मैने बोला: कुछ नही.

और फिर उन्होने मेरी सीट बेल्ट खोली, और अपनी भी. फिर उन्होने मेरी तरफ बढ़ कर, मेरी थाइस पर हाथ रख कर पूछा-

पंकज: क्या हुआ?

मैने कुछ नही कहा और उनकी तरफ सिर आयेज बढ़ा कर आँखें बंद कर ली.

फिर उन्होने आयेज बढ़ कर मुझे एक प्यारा सा किस किया, जो मुझे बहुत अछा लगा. उसके बाद वो तोड़ा डोर जाने लगे, तो मैने उनका हाथ पकड़ा, अपनी थाइस के बीच में दबाया, और उनके सिर को पकड़ कर एक ज़ोरदार किस किया.

थोड़ी देर बाद हम अलग हुए और वो बोले: यहा नही, कोई देख लेगा. चलो मेरे घर.

मैने हा में सिर हिलाया, और उन्होने ड्राइविंग स्टार्ट कर दी. ड्राइव करते-करते उन्होने मेरी पंत का बटन खोल कर हाथ अंदर डाल दिया, और सहलाने लगे. इससे मैं और गरम हो गया था.

मुझसे रहा नही गया तो मैने उनकी पंत का बटन खोल कर हाथ डाल दिया. उनका लंड बहुत बड़ा लग रहा था, तो मैने पूछा-

मैं: इसे बाहर निकाल लू?

वो मुझे देख कर हास्से और बोले: एक कंडीशन है. तुम्हे किस करना पड़ेगा.

फिर मैने कहा: ठीक है.

जब मैने बाहर निकाला तो मुझे उनके लंड के सामने अपना लंड बच्चे जैसा लगा. फिर वो बोले-

पंकज: अब किस करो.

तो मैं उनकी तरफ झुका लंड को किस करने के लिए, और इतने में ही वो पीछे से मेरी पंत में हाथ डाल कर गांद सहलाने लगे. मैने ज़्यादा ना सोचते हुए पहले उसे सूँघा, और उसकी खुसबु ने मुझे और गरम कर दिया. फिर मैने उसे 2-3 बार किस किया.

इतने में पंकज बोले: मॅन कर रहा है तो चूस लो, रुक क्यूँ गये?

ये सुनते ही मैने पूरा लंड मूह में भर लिया, और चूसने लगा. और वो मेरे गांद से खेल रहे थे. इतने में घर आ गया और वो बोले-

पंकज: अपने आप को सही करो, अंदर चलते है.

मैने कहा: ठीक है.

क़ूर हम उनके फ्लॅट पे आ गये. उन्होने डोर बेल बजाई, तो अंदर से एक दूसरे आदमी ने गाते खोला और बोला-

आदमी: आ गये.

और मुझे देखने लगा.

मुझे तोड़ा अजीब लगा तो मैने पूछा-

मैं: ये कों है?

तो पंकज बोले: अंदर चलो, बताता हू.

अंदर आते ही उन्होने गाते बंद किया, और मुझे दरवाज़े पे टीका कर ही एक ज़ोरदार किस किया, जिससे मुझे शरम आ गयी. क्यूंकी वो दूसरा आदमी जिसका नाम अनिल था, वो वही था, और ये सब देख रहा था.

उसने कहा: यार अंदर तो आ जाओ.

फिर हम तीनो अंदर गये तो अनिल एक और बॉटल विस्की ले आया, और तीनो के लिए पेग बनाया. फिर हमारा इंट्रो हुआ तो पता चला वो भी गे था. अनिल और पंकज दोनो टॉप थे. तो बातें होती रही. तभी मैने टाय्लेट के लिए पूछा और टाय्लेट चला गया.

टाय्लेट से बाहर आया तो अनिल ने बोला: आराम से कपड़े बदल लो. हमारे शॉर्ट्स पहें लो. आओ मैं देता हू.

फिर मैं उसके साथ रूम में गया, जहा एक लंबी सी त-शर्ट थी.

मैने कहा: यही डेडॉ बस.

उसने कहा: शुवर.

फिर मैं वो लेके टाय्लेट की तरफ जाने लगा तो अनिल बोले: यही चेंज कर लो कोई नही.

मैने अपने कपड़े उतरे, और वो त-शर्ट डाल ली. अनिल मुझे देख रहा था. वो त-शर्ट मेरी गांद तक को धक रही थी. फिर हम बाहर आए और पंकज ये देख कर बोला-

पंकज: सो सेक्सी यार.

मैने भी मस्ती में जेया कर उसको किस दिया.

तभी अनिल बोल पड़ा: इसे किस, और मुझे?

मैने भी कहा: आओ जान, तुम भी ले लो.

और ये बोल कर उसको भी किस करने लगा. अब मैं फिरसे गरम हो गया. तभी पीछे से पंकज ने गांद सहलाना स्टार्ट किया, और धीरे-धीरे हमारे कपड़े उतरते गये. फिर ये दोनो ने मुझे बेडरूम में जेया कर बेड पर लिटा दिया, और दोनो तेज़-तेज़ मेरे बूब्स और होंठ चूसने चाटने लगे.

आयेज की कहानी अगले पार्ट में. मुझे मैल कीजिए ढेर सारे प्यार के साथ

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