बेटी की चुदाई के लिए बाप के प्लान बनाने की कहानी

ही दोस्तों, मेरा नाम अविनाश है. मैं 49 साल का हू. मेरा एक अछा-ख़ासा बिज़्नेस है, और मैं चुदाई का बहुत शौकीन हू. मेरा लंड 8 इंच का है. मेरी बीवी 5 साल पहले मॅर चुकी है, और मेरी सिर्फ़ एक बेटी है जो कॉलेज में पढ़ती है.

मेरी बेटी का नाम शाईना है, और वो 22 साल की है. शाईना बहुत ही सेक्सी और काससे हुए शरीर वाली लड़की है. उसका फिगर 34-28-36 है, और रंग गोरा है. बाल उसके गोलडेन-ब्राउन है क्यूंकी उसने कलर करवाए हुए है.

वो जिम जाती है, जिससे उसकी बॉडी और भी ज़्यादा सेक्सी बनती जेया रही है.

मेरी अपनी बेटी के बारे मैं ऐसी इंटेन्षन कभी नही थी. लेकिन एक दिन कुछ ऐसा हुआ, की मेरी उसके लिए नज़र बदल गयी.

मेरी बेटी सुबा कॉलेज जाती है, और दोपहर को वापस आ जाती है. मैं उसके कॉलेज जाने के बाद अपने ऑफीस जाता हू, और शाम को, या कभी-कभी रात को वापस आता हू

लेकिन उस दिन मेरा ऑफीस का काम जल्दी ख़तम हो गया था, और मैने सोचा जल्दी घर जाके शाईना को सर्प्राइज़ दूँगा, और उसके साथ मोविए देखने जौंगा. और ये सोच कर मैं घर के लिए निकल पड़ा.

जब मैं घर के पास पहुँचा, तो रास्ते में अचानक से मेरी नज़र एक कार पर पड़ी. मैने देखा की उस कार में शाईना बैठी हुई थी. उसी वक़्त मैने उ-तुर्न लिया, और कन्फर्म करने के लिए अपनी कार उस कार के पास ले गया.

मैने जो देखा वो बिल्कुल सही था. शाईना ही थी, जो उस कार में बैठी हुई थी. फिर मैने अपनी कार तोड़ा डोर रोकी, और अपने मूह पर हॅंकी बाँध लिया. हांकी बाँध कर मैं उस कार के पास जाके देखने लगा.

मैने देखा की शाईना उस कार में किसी लड़के के साथ बैठी थी, और वो लड़का उसके होंठ चूस रहा था. ये देख कर मैं हैरान रह गया. मुझे लगा था की मेरी बेटी का कोई बाय्फ्रेंड नही था, और अगर होता भी, तो वो मुझे ज़रूर बताती.

शाईना भी उसका पूरा साथ दे रही थी, और उसके बालों में हाथ डाल कर सहला रही थी. फिर शाईना नीचे झुक गयी, और मुझे दिखनी बंद हो गयी. उस लड़के के एक्सप्रेशन्स देख कर लग रहा था, की शाईना नीचे होके उसका लंड या तो सहला रही थी, या चूस रही थी.

ये सब मेरे बर्दाश्त से बाहर था. मुझसे ये सब और नही देखा गया, और मैं वाहा से घर जाने लगा. मैने गाड़ी में बैठते ही शाईना को कॉल की और बताया की मैं घर आ रहा था, और मैने मोविए का प्लान बनाया था. शाईना ने कहा की वो भी रास्ते में ही थी.

तभी उनकी गाड़ी स्टार्ट हुई, और वो भी घर की तरफ निकल गये. शाईना जैसे ही घर पहुँची, 5 मिनिट बाद मैं भी पहुँच गया. फिर हम मोविए देखने चले गये.

रास्ते में गाड़ी ड्राइव करते हुए जब भी मैं शाईना की तरफ देख रहा था, तब मेरी आँखों के सामने वही नज़ारा आ रहा था, जो मैने गाड़ी में होते देखा था. पहले-पहले तो मुझे दुख हो रहा था, लेकिन फिर मुझे अजीब सा लगने लगा.

मेरा लंड वो सीन याद करके खड़ा होने लग गया था. फिर अचानक से मेरे दिमाग़ में आया, की शाईना मेरी बेटी थी, तो उसपे पहला हक मेरा बनता था. मैं इतने सालों से बाहर मूह मार रहा था, और एक कक़ची काली की छूट को देख नही पाया, जो घर में ही थी.

मैने सोचा की अगर वो बाहर मूह मारेगी, तो बदनामी होगी. ऐसे सड़क पर किसी का भी लंड चूसेगी, या चुम्मा-छाती करेगी, इससे अछा मैं ही उसको छोड़ डू. लेकिन सवाल ये था की ये सब करू कैसे.

फिर मैं शाईना की सोशियल लाइफ के बारे में रिसर्च करने लग गया. मैने देखा की उसकी एक सहेली थी, जो उसकी काफ़ी करीबी लग रही थी. उसका नाम दीपिका था. दोनो ने मिल कर काफ़ी सारी पोस्ट्स डाली हुई थी इंस्टाग्राम पर.

मैने भी एक-दो बार दीपिका को घर आके शाईना से मिलते देखा था, लेकिन इतना ध्यान नही दिया. अब मैं आपको दीपिका के बारे में बता देता हू.

दीपिका भी शाईना की ही उमर की लड़की थी, लेकिन कॉलेज की मशहूर रंडियों में से एक थी. उसको लड़के पत्ता कर पैसे लेने की आदत थी, और अगर बात बढ़ जाती थी, तो वो छुड़वाने से भी पीछे नही हट-ती थी.

मैं समझ गया था, की शाईना ये सब उसकी कंपनी में ही रह कर सीखी होगी. अब मुझे दीपिका को पटना था, ताकि उसकी मदद से मैं अपनी बेटी को अपने बिस्तर में ला साकु.

फिर एक दिन मैं कॉलेज के बाहर दीपिका की वेट करने लगा. जब शाईना कॉलेज से चली गयी, तो मैने जल्दी से गाड़ी कॉलेज के गाते के बाहर लगा दी. जब दीपिका ने मुझे देखा, तो वो मेरी गाड़ी के पास आ गयी. उसने मुझसे कहा-

दीपिका: अंकल आप यहा क्या कर रहे हो?

मैं: अर्रे दीपिका बेटा, मैं आज ऑफीस से जल्दी फ्री हो गया था. सोचा शाईना को लेता जौ.

दीपिका: लेकिन अंकल वो तो चली गयी.

मैं: अर्रे! लगता है मैं लाते हो गया. वैसे तुम कैसे जेया रही हो?

दीपिका: मैं ऑटो में, या देखती हू किसी फ्रेंड से लिफ्ट मिल जाए.

मैं: अर्रे नेकी और पूच-पूच, मैं भी तो फ्रेंड हू. आओ बैठो, मैं तुम्हे ड्रॉप कर देता हू.

दीपिका ने ओक बोला, और दरवाज़ा खोल कर गाड़ी के अंदर आके बैठ गयी. दीपिका ने एक स्काइ कलर की स्लीव्ले त-शर्ट, और वाइट कलर की स्किन टाइट जीन्स पहनी हुई थी. उसका फिगर 36-28-36 था. बड़े ही मस्त जिस्म की मालकिन थी वो.

उसका रंग ज़्यादा गोरा नही था, लेकिन किसी भी लड़के का लंड खड़ा करने की क्वालिटी थी उसमे. उसकी थोड़ी क्लीवेज भी दिख रही थी, जिस पर मेरी आँखें बार-बार जेया रही थी.

तभी उसने मुझे उसकी क्लीवेज देखते हुए देख लिया, और स्माइल करने लगी. मुझे भी पता चल गया था की उसने मुझे देख लिया था. तो मैने उससे पूछा-

मैं: क्या हुआ, हस्स क्यूँ रही हो?

दीपिका: अंकल मैं देख रही हू, की उमर तो आपकी हो गयी है, लेकिन दूं अभी भी जवानो वाला लगता है.

और ये बोल कर उसने मेरे लंड की तरफ इशारा कर दिया. मेरा लंड खड़ा हो चुका था, और पंत में कॅसा हुआ दिख रहा था. जब उसने मेरा लंड नोटीस कर लिया, तो मैं समझ गया की वो कितनी बड़ी रंडी थी. फिर मैने उसको बोला-

मैं: हा अब तुम्हारे जैसी हॉट लड़की साथ बैठेगी, तो जवानी तो आएगी ही.

दीपिका ये सुन कर हासणे लग गयी. मुझे लगा की अभी सही मौका था उससे शाईना के बारे में बात करने का. ये सोच कर मैने उसको बोला-

मैं: दीपिका मुझे तुमसे एक काम है.

दीपिका बोली: अंकल 5000 लगेंगे.

मैने उसी वक़्त डॅशबोर्ड से 5000 निकाले, और दीपिका को दे दिए. फिर जैसे ही मैं शाईना की बात करने के लिए आयेज बोलने लगा, तो उसने मेरे लिप्स पर अपनी फिंगर रख दी.

इसके आयेज की कहानी जानने के लिए आपको अगले पार्ट की वेट करनी पड़ेगी. इस कहानी को पढ़ कर मज़ा आया हो, तो कॉमेंट ज़रूर करे.

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