मेरी फ़ुफ़ेरी बहन की शादी में उसकी चुत की चुदाई

मेरी चाहत, मेरी फ़ुफ़ेरी बहन की शादी में उसकी चुत की चुदाई

(Meri Chahat Fuferi Bahan Ki Shadi Me Uski Chut Ki Chudai)

पढ़ लें ताकि वो आगे के मेरे नये रूप, कालू से अमित दुबे इतना बड़ा चोदू बनने की वजह से अवगत हो सकें।

मैं अमित दुबे, उम्र 21 वर्ष, अब पूरा बदल चुका हूँ, कल का कालू आज एक चालू इन्सान बन चुका है, बात बात पर झूठ बोलना, लड़कियों की झूठी तारीफ करना, कोई लड़की जरा सी लाइन दे, तो उसे बिस्तर पर लाकर मजा करना!

दोस्तो, मेरा जो लवड़ा है ना, उस पर एक काला तिल है, और कहते हैं जिसके लंड पर ऐसा तिल हो, उसे बहुत चुत मिलती है।

नेहा के मना करने के बाद, 18 साल से 21 साल तक की लाइफ बस अपने आप को बनाने में बीती। उस धोखे ने मुझे क्या से क्या बना दिया!
ऐसा नहीं है कि मुझे दुःख नहीं हुआ, मैं काफी डिप्रेशन में रहा, नेहा के साथ बिताया बचपन हर पल याद आता रहा पर मैंने अपने आप को बदल दिया।

एक दिन बुआजी हमारे घर आई, उन्होंने नेहा की शादी की पत्रिका हम लोगों को दी।
बुआजी जी मुझसे बोली- अमित, नेहा ने तुझे खास शादी में बुलाया है और 15 दिन पहले आने का बोला है।

दोस्तो, उस शादी की पत्रिका को देख कर इतना दुःख हुआ कि कई रात मैं सो नहीं पाया। मुझे यह भी पता था कि नेहा ने मुझे जलाने के लिए बुलाया था, वो मुझे दिखाना चाहती थी कि मैं उसके किसी भी तरह से लायक नहीं था, उसकी शादी एक बहुत पैसे वाले परिवार में हो रही थी, उसका होने वाला पति भी एक बहुत बड़ी कम्पनी में काम करता था।
कुल मिला कर मेरी राजकुमारी के लिए एक राजकुमार था वो!

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मुझे दुःख भी था और खुशी भी कि मेरी नेहा का रिश्ता इतने अच्छे परिवार में हुआ है, दुःख बस इस बात का था कि उसके ठुकराने का तरीका गलत था, वो चाहती तो एक मासूम से साफ़ दिल के इन्सान को प्यार से भी समझा सकती थी।

खैर दोस्तो, रात गई बात गई!
मैंने सोचा कि मुझे शादी में जाना चाहिए क्योंकि कुछ भी हो, नेहा को दुल्हन बने देखने के लिए मैं भी बेचैन था।

तो वक्त आ ही गया जब मैं बुआजी जी की लड़की नेहा की शादी में पहुँच गया। वहाँ जाकर हम सबसे मिले, मेरी नजर नेहा को ही खोज रही थी, आज 2 साल बाद मैं उसे देखने वाला था।
शादी का घर था तो वहाँ और भी बहुत मस्त मस्त माल आये हुए थे, मुझ कमीने की नजर हर लड़की पर थी पर जैसे ही नेहा का दीदार हुआ, क्या बताऊँ दोस्तो, कयामत आ गई!

उफ़ क्या सुंदर बनाया कुदरत ने उसे! बीस साल की कमसिन जवान लड़की… चालू नजर से देखा जाए तो बूब्स 30 के मस्त कड़क कपड़ों में से भी चुचूक का अहसास हो जाए, कमर 28 की और गांड पीछे की ओर निकली हुई लगभग 32″ की!
एकदम मस्त लंड को खड़ा कर देने वाला माल!

नेहा को देख कर तो मुझे दुनिया की हर लड़की फीकी लगने लगी, उसकी और मेरी नजर मिली, एक दूसरे को कुछ पल के लिए तो देखते ही रह गए।
मैं भी जीन्स टीशर्ट और एक हीरो टाइप चश्मा लगा कर मस्त लग रहा था।
नेहा भी देखती रह गई, वो बोली- ओह अमित, कैसा है? तू बहुत स्मार्ट हो गया है? और आज कल क्या चल रहा है?

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पता नहीं मुझे क्या हुआ, मैंने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया, मेरी बोलती बंद हो गई थी, बस मैं वहाँ से निकल गया।
एक कमरे में बिस्तर रखे थे, वहाँ जाकर बैठ गया, अब सारी पुरानी बातें एक फिल्म की तरह मुझे दिखाई देने लगी और आँखों से आंसू बहने लगे।

मेरी आँखों से आंसू बह ही रहे थे कि एक लड़की कमरे में आई, दिखने मैं एकदम करीना कपूर जैसी, आते ही मुझसे बोली- आप अमित हैं?
मैं बोला- हाँ, आप कौन?
वो बोली- मैं सुनीता, नेहा की बेस्ट फ्रेंड! बुआजी ने आपके लिए चाय और पानी भेजा है!
मैं बोला- ठीक है लाइए!

वो चाय पानी देकर जाने लगी और जाते जाते रुकी, मेरी और पलटी और बोली- अमित, एक बात पूछूँ?
मैं बोला- पूछो?
तो बोली- आप रो क्यों रहे थे?

अब उसे क्या बोलता, मैंने बोला- सुनीता जी, जिन्दगी में बहुत गम हैं पर आपसे मिल कर गमों से कुछ राहत मिली, आपसे किसी ने कहा है कि आप बहुत सुन्दर हैं?
दोस्तो, आदत से मजबूर हूँ लड़की देखी और चालू हो गया!

शाम को एक रिश्तेदार के साथ बैठ के दारू की एक बोतल चढ़ाई, सब नाच गाने के लिए एक हाल में एकत्रित हुए थे, नेहा सामने थी पर मैं उसकी ओर देख भी नहीं रहा था।
सुनीता बार बार मेरी ओर देख रही थी, मैं भी सुनीता को लाइन दे रहा था।

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