राइटर और रीडर के बीच खा जाने वाला सेक्स

हेलो दोस्तों, मेरा नाम रीना है, और मेरी उमर 20 है, और मैं आमेडबॅड से हू. अगर कोई आमेडबॅड से है, और अगर लेज़्बीयन सेक्स में इंट्रेस्टेड हो, तो मैल या फीडबॅक ज़रूर देना. और पिछली स्टोरी पर कोई फीडबॅक ही नही मिला है, तो इस कहानी पर फीडबॅक ज़रूर देना. एमाइल ईद है क्राज़्ीबल्ल893@गमाल.कॉम

इस कहानी में पढ़िए की कैसे मेरी एक स्टोरी रीडर ने मुझे फीडबॅक के लिए मेसेज किया, और फिर हमने सेक्स छत और बाद में मिल कर लेज़्बीयन सेक्स किया.

हेलो दोस्तों मुझे तो आप जानते ही हो. बहुत सी फीमेल लेज़्बीयन के मुझे मैल आए और हमने खूब सेक्स छत की है.

पर अभी कुछ दीनो पहले जब मैने मामा की लड़की वाली स्टोरी उपलॉअडेद की, तब मुझे एक स्टोरी रीडर का मेसेज आया. उसने मेरी बहुत तारीफ की. “युवर स्टोरी इस वेरी नाइस”, “ई लोवे इट” ऑल तीस. फिर हम दोनो ने क्या बात की, वो तो मैने इस स्टोरी की पिछली वाली स्टोरी में आपको बता ही दिया था. तो चलो अब आयेज की स्टोरी पर चलते है.

फिर उस दिन के बाद हमने काई दिन तक बातें की और खूब सेक्स किया. और फिर जैसे मैने उसे कहा था की मैं मुंबई आने वाली थी, तो फिर उसने मुझे पूछा-

वो: कब आ रही हो? मुझे मिलना है तुमसे, और तुम्हारी छूट का पानी पीना है. तुम्हारे बदन के एक-एक अंग को चाटना है.

फिर मैने बताया: मैं कल रात को यहा से निकलूंगी, और बोरीवली उतार जौंगी. फिर मेरा जो काम है वो ख़तम करूँगी. लेकिन साथ में मेरे मम्मी-पापा भी होंगे. पर वो मेरी मौसी के घर जाएँगे और मैं वाहा पर 1 हफ़्ता रुकूंगी.

फिर मैं निकल गयी और वाहा पहुँची. मेरा जो काम था वो मैं ख़तम करने चली गयी. काम ख़तम करने के बाद मैने नीति को कॉल किया. हमने फेले ही अपना नंबर और मिलने की जगह टाई कर ली थी. फिर मैं वो जगह पहुँच कर नीति को फोन की.

मैने कहा: मैं यहा खड़ी हू.

उसने मुझे देख लिए, और मेरे पास आई. क्या लग रही थी मेरी रंडी, मज़ा ही आ गया. मॅन कर रहा था अभी उसकी चुचियों को आज़ाद कर डू, और दबा-दबा कर सारा रस्स पी जौ. वैसे ही हम दोनो बहुत प्यासे थे, और फिर हमने ओयो से होटेल बुक किया, और फिर रूम में गये.

नीति: आज तुझे नही छ्चोधूंगी छिनाल. आज तेरे गांद चाट-चाट कर सॉफ कर दूँगी.

मैं: कर ना, किस चीज़ का वेट कर रही है? वैसे भी तुझे गांद कुछ ज़्यादा ही पसंद है. कर दे सॉफ, चाट रंडी चाट.

नीति: हा मदारचोड़, आज तेरी छूट और गांद दोनो सॉफ कर दूँगी. मदारचोड़ साली, क्या बदन है तेरा, मज़ा ही आ गया.

फिर वो मेरे पर टूट पड़ी, और मुझे किस करने लगी. हम पागलों की तरह एक-दूसरे को किस करने लगे.

मैं: आह आ नीति, चूस मेरी जान, और चूस. हाए तेरे होंठ तो कमाल कर रहे है. नीति तेरे होंठ इतने रसीले है की मैं तुझे क्या बतौ.

नीति: बहुत आग है तेरे में ना. आज मैं तेरी सारी आग मिटा दूँगी. तेरी ये छूट को आचे से मसल दूँगी. देखु तो ज़रा तुझ जैसी रंडियों की छूट कैसी होती है. बता चल मेरी रंडी, छिनाल.

मैं: ले देख मेरी छूट को, और चाट इसको. आह, बस मसल ऐसे ही मसल, और मसल डार्लिंग. जीभ डाल ना छूट में हा हा ऐसे ही मेरी जानेमन. बहुत अछा कर रही है तू अहह.

नीति: रुक तेरे छूट में मैं अब अपनी उंगली डालती हू. आह आह साली रंडी.

फिर नीति ने मेरी छूट में दो उंगलियाँ डाली और उनको अंदर-बाहर करने लगी. मुझे इतना मज़ा आ रहा था की मैं क्या बतौ दोस्तों आपको. दोस्तों नीति एक नंबर की छिनाल थी. क्या चूस्टी थी वो. फिर मैं उसको बोली-

मैं: और कर मेरी जान, ऐसे ही कर करती रह जानेमन. रुक मत यार प्लीज़ नीति. कर ना, और कर, हा ऐसे ही कर. हाथ डाल दे अपना पूरा मदारचोड़ मेरी छूट में. गांद चाट मेरी नीति. ऑश आह.

नीति: हा क्यूँ नही. ले मेरी रंडी, और ले, तेरी गांद की स्मेल बहुत सेक्सी है. आह मज़ा ही आ गया. क्या जिस्म है तेरा, एक-दूं बवाल. बहनचोड़ क्या चीज़ है रे तू?

फिर मैने नीति को बेड पर लिटाया, और उसको घोड़ी बना लिया, और पीछे से उसकी छूट चाटने लगी. उसकी छूट भी कुछ कम नही थी. बहुत सेक्सी थी उसकी छूट, और उपर से आज उसने रेड कलर की पनटी पहनी थी. मैं छूट चाट रही थी, और नीति मेरा सर अपनी छूट के अंदर दबा रही थी. एक टाइम पर तो मुझे साँस भी नही आ रही थी. पर जो मज़ा आ रहा था दोस्तों आहह, बिल्कुल जन्नत जैसा मज़ा था.

नीति: ह, छत और चाट. यार तू तो मुझे झाड़वा देगी. चाट, और चाट, और इसको सॉफ कर. मेरी छूट को कोई सॉफ करने वाला चाहिए. आज पूरा चाट-चाट कर सॉफ कर दे रंडी. रीना और कर, मत रुक प्लीज़ यार. बिल्कुल मत रुक.

मैं: हा आज तो तेरी छूट का भोंसड़ा बना दूँगी. नही छ्चोढुगी तुझे. मेरी छिनाल, बहुत तडपया है तूने मुझे. मदारचोड़ क्या चीज़ है तू, मज़ा ही आ गया.

फिर हम दोनो 69 की पोज़िशन में आए, और एक-दूसरे को फिंगरिंग करने लगे. वो मेरी छूट में फिंगरिंग कर रही थी, और मैं उसकी आस में. आह आ क्या मज़ा आ रहा था दोस्तों.

नीति: और कर, बहुत मज़ा आ रहा है रीना. तो मेरे पास ही रुक जेया, हम दोनो बहुत मज़ा करेंगे. तेरी गुलाम बन जौंगी मैं. बहुत मज़ा देती है तू.

मैं: तुझे और मज़ा छाईए ना, रुक देती हू और मज़ा तुझे.

फिर मैने चार उंगलियाँ उसकी गांद में डाल दी, और बहुत ज़ोर से अंदर-बाहर करने लगी. वो भी मुझे बहुत तेज़ी से अंदर-बाहर करने लगी, और मैं अब झड़ने वाली थी. उसके बाद फिर नीति ने ऐसे मेरी छूट चूसी, की मैं झाड़ गयी. मैं सिर्फ़ आ आ कर रही थी.

इसके आयेज की कहानी के लिए मुझे फीडबॅक ज़रूर देना. अगर मुझे अछा रेस्पॉन्स मिला, तो ही नेक्स्ट पार्ट उपलोआड करूँगी.

इस स्टोरी का फीडबॅक आप मुझे मेरी मैल पर दे सकते है, जो उपर लिखी है. और कोई लेज़्बीयन है आमेडबॅड में से, और सेक्स छत करना चाहती हो, तो ये ईद पर मैल कर सकती है. नेक्स्ट कहानी के लिए फीडबॅक ज़रूर देना. बाइ दोस्तों, टके केर.

यह कहानी भी पड़े  केले का भोज Part - 1


error: Content is protected !!