विनीता आंटी की चूत चुदाई की कहानी

हैल्लो दोस्तों मेरा नाम जीत है और में अभी 26 साल का हूँ और प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करता हूँ। दोस्तों में आज आप सभी को अपनी एक सच्ची चुदाई की घटना के बारे में बताने आया हूँ, जिसमें मैंने अपने पड़ोस में रहने वाले एक मस्त माल को अपने जाल में फंसाकर उसकी चुदाई करके उसकी चूत को हमेशा के लिए अपना बना लिया, वैसे तो में भी पर बहुत लंबे समय से सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ, लेकिन मुझे उम्मीद है कि मेरी यह कहानी सभी पढ़ने वालो को जरुर पसंद आएगी और अब आप सुनकर मज़े लेना शुरू करे। दोस्तों मेरी कॉलोनी में एक आंटी रहती है। उनका नाम विनीता है और उनकी उम्र 35 साल है वो दिखने में बहुत ही सुंदर मस्त सेक्सी औरत है। उसका वाह क्या मस्त फिगर है वो ऊपर से लेकर नीचे तक बहुत मस्त माल है। उसको देखकर बस मेरा मन करता है कि में उसको लगातार देखते ही रहूँ और उसका क्या गजब का बदन है जब भी देखता हूँ मेरा लंड तनकर खड़ा हो जाता है। मेरा मन बस करता है कि में बस उस साली को चोद दूं और में बस दिन रात यही सपना देखता रहता और जैसी वो दिखने में है ठीक वैसा ही उनका व्यहवार बोलने बात करने किसी बात को समझाने का तरीका भी है, वो अपनी मीठी सुरीली आवाज से बहुत प्यार से हंसकर सभी बातों का जवाब दिया करती है और वो बड़ी ही हंसमुख स्वभाव की औरत है, इसलिए हर कोई उनकी तरफ आकर्षित होकर उनको अपना सपना बनाने की गलती कर बैठता है और ठीक मैंने भी ऐसा ही किया, जब से मैंने उनको पहली बार देखा था। में उसी दिन से उनको पाना चाहता था, क्योंकि में मन ही मन उनको प्यार करने लगा था और वो मेरे सपनों की रानी बन चुकी थी।

दोस्तों में कभी कभी जब मुझे मेरी मम्मी किसी काम से उनके पास भेजती थी, तो में उनके घर भी चला जाता था और उसके अलावा तो में उनको ऐसे ही कभी घर से बाहर तो कभी उनकी छत पर कपड़े सुखाते हुए या कभी बाहर बाजार जाते हुए देखा करता था और दोस्तों वैसे तो मेरी वो विनीता आंटी मुझसे हर कभी आते जाते मिल ही जाती थी, क्योंकि वो एक सरकारी स्कूल में टीचर है और उनका स्कूल और मेरा ऑफिस एक ही रोड पर है, इसलिए अक्सर करके हम दोनों की हर कभी मुलाकात भी हो जाती थी और सबसे चकित करने वाली बात तो यह थी कि मुझे अपनी उस आंटी की चुदाई करने के बाद पता चला कि मैंने उसके ऊपर डोरे नहीं डाले थे, बल्कि मेरी उस आंटी ने मुझे अपने जाल में फंसा लिया था और वो भी मुझसे अपनी चुदाई के सपने देख रही थी। दोस्तों यह तब की बात है जब कुछ दिनों के लिए मैंने मेरी गाड़ी को सर्विस के लिए भेज दिया था और एक दिन सुबह के समय उसी वजह से में अपने घर से कुछ दूरी पर खड़ा होकर किसी रिक्शे के रुकने का इंतजार कर रहा था और तभी विनीता अपनी गाड़ी से वहाँ से गुजर रही थी और उसने मुझे देखकर तुरंत मेरे पास लाकर अपनी गाड़ी को रोककर मुझे बैठने के लिए कहा। उस समय उसके मुझे देखने का वो अंदाज़ बिल्कुल अजीब ही था, लेकिन मुझे कुछ भी समझ में नहीं आया और में उसके कहने पर बैठ गया। फिर कुछ देर चलने के बाद उसने मुझे अपने ऑफिस के पास ले जाकर छोड़ दिया और फिर जाते समय उसके पूछने पर मैंने अपनी गाड़ी वाली बात को उससे कह दिया और फिर उसके कहने पर में कुछ दिनों तक विनीता से वैसे ही लिफ्ट लेकर अपने ऑफिस तक जाने लगा। अब मेरी विनीता से बहुत बातें होने लगी थी जिसकी वजह से हम दोनों के बीच की वो दूरी कुछ हद तक कम हो चुकी थी और उस बात का फायदा उठाकर में कभी कभी जानबूझ कर सड़क पर गड्डे के आ जाने पर बहाने से उसकी कमर को पीछे से पकड़ लिया करता था और में कभी कभी उसके कंधे पर हाथ भी रख देता था, लेकिन उसने मेरा कभी भी कोई विरोध नहीं किया, क्योंकि शायद अब उसको भी मेरा यह सब करना अच्छा लगने लगा था और मैंने ध्यान देकर देखा कि वो अब बहुत सेक्सी कपड़े पहना करती थी। वो जब कभी साड़ी पहनती तो उसका वो ब्लाउज उसके बदन से बहुत कसा हुआ होता था, जिसकी वजह से उसके 40 इंच के बूब्स तने हुए ही रहते थे और उसकी वो साड़ी को कमर पर बहुत कसी हुई रहती थी। उसके बूब्स आकार में बहुत बड़े बड़े थे, जिसको देखकर ही मेरा लंड बुरी तरह से कड़क हो जाता था और जब कभी वो सलवार, कमीज पहनती और वो भी बहुत कसी हुई और उस पर बड़े गले वाली कमीज को वो हमेशा पहना करती, जिसकी वजह से उसके बूब्स बहुत ही उभरे हुए सेक्सी लगते थे और उसकी गांड भी एकदम कसी हुई रहती थी। उसकी गांड का आकार भी 44 इंच था और उसकी कमर का आकार 34 इंच था। दोस्तों वो पूरा का पूरा बड़ा ही जबरदस्त माल थी, इसलिए आसपास के बहुत सारे लोग उसके चक्कर में थे। हर कोई उसको पहली बार देखकर ही उसकी तरफ आकर्षित हो जाता और हर कोई उसकी चुदाई करने के सपने देखा करता था। ठीक वैसा ही मेरा भी हाल था और में भी मन ही मन अब उसकी चुदाई के सपने देखने लगा था। एक दिन में ऐसे ही उससे मिलने उसके घर चला गया और उस समय वो मेरे सामने वाले सोफे पर बैठी हुई थी और उस दिन उसने गुलाबी रंग की साड़ी पहनी हुई थी और बहुत ही कसा हुआ ब्लाउज पहना था, जिसको देखकर लगता था कि वो उसके बूब्स के आकार से बहुत छोटा था, लेकिन तब भी उसने वो ब्लाउज पहन रखा था। सच में वो बड़ी ही मस्त लग रही थी, में बातें करते समय उससे अपनी नजर को बचाकर थोड़ी देर में उसके बूब्स को देख लेता और कभी कभी उससे मेरी नज़र भी मिल जाती। उस समय वो मेरे सामने बैठकर कोई किताब पढ़ रही थी। बाद में मुझे पता चला कि वो एक बड़ी मज़ेदार कहानी को पढ़कर हंस रही थी।

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