लॅडीस वाकेशन में हम बचो की हुई मोम स्वापिंग

ही दोस्तो, मेरा नाम राहुल है और मैं मुंबई का रहने वाला हू. मेरी उमर 19 साल है और मैं मेरी मों के साथ 1 भक में रहता हू और उनका नाम है निकिता जो 44 की है. हमारे पड़ोसी यानी निराल आंटी जो करीब 46 की होंगी और उनका बेटा और मेरा बेस्ट फ्रेंड राज जो मेरी ही उमर का है.

बॅकग्राउंड अगर आपको बतौ हमारे घरा का तो मेरी मम्मी और राज की मम्मी बेस्ट फ्रेंड्स है जैसे मैं और राज. हम दोनो की मम्मी वर्किंग है और पुराने ख़यालात नही रखती. हम सब आपस में बड़े मस्ती में और खुश रहते है. मेरे पापा अक्सर तौर पे होते है जो हमारे साथ बिल्कुल मिल झूल कर रहते है. राज के घर में भी वही सीन है बस उसके पापा मुंबई में ही इट कंपनी में जॉब करते है.

अब गर्मियों का वक़्त था और सोसाइटी किस सारी लॅडीस ने 2 दिन के लिए गोआ में घूमने का प्लान बनाया था जहा सिर्फ़ लॅडीस जाने वाली थी. फिर हुआ यूँ की मम्मी को लगा की मैं अकेला रह नही पौँगा और राज के घर रहेंगे तो उसके पापा को दिक्कत हो सकती है. तो प्लान ये था की सोसाइटी की 4 लॅडीस जिनमें से मेरी मों और निराल आंटी भी थी और मैं और राज मिलकर हम गोआ में रहेंगे.

सीधे स्टोरी पर आते हुए बतौ तो ये कुछ साल पहले की घटना है और हम गोआ के एक प्राइवेट रिज़ॉर्ट में पॉच चुके थे. क्यू की वो 4 स्तर होटेल था और हुँने सिर्फ़ 2 रूम्स बुक किए थे जिसमें से 1 रूम में मैं, मम्मी, राज और निराल आंटी रहने वेल थे और दूसरे रूम में बाकी 2 लॅडीस.

रत का समय था सारी लॅडीस एक टेबल पे बैठ कर बातें करने लगी और बोहोट खुश लग रही थी जो आस पास किसी को शायद ढूंड रही थी. हम तो मासूम थे अलग साइड में पूल में मस्त मस्ती कर रहे थे. करीब एक घंटे बाद लॅडीस वेल टेबल पर 2 मेल्स आकर बैठे जिनमें से एक 20 साल का लग रहा था, और एक करीब 50 साल का बूढ़ा आदमी था.

हम सोच रहे थे की ऐसी क्या बात होगी लेकिन हम अपने में मस्त थे. फिर कुछ देर बाद सारी लॅडीस ने स्विम्मिंग कॉस्ट्यूम्स पहना और सारे पूल में आ गयी. हुँने पहली बार सभी आंटीस को इतना खुश और ऐसे रूप में देखा था जो हमारे लिए बिल्कुल नया था. उसके बाद हम मस्ती करने लगे और हमारे साथ सारी आंटीस भी मस्ती करने लगी.

म्यूज़िक चल रहा था और सिर्फ़ हम लोग पूल में थे जहा लॅडीस भी पूल में नाच रही थी हमारे साथ गले लग रही थी, हग कर रही थी. फिर बातें शुरू हुई.

2 बाकी लॅडीस में से एक का नाम था मोना (38 यियर्ज़) और एक का नाम था मानसी (40 यियर्ज़).

मानसी – अरे बचो साइड में क्या कर रहे हो? यहा हमारे बीच आ जाओ

मोना – संभाल के मानसी इनकी मम्मी भी यहीं है हहा.

निकिता – कोई बात नई मोना, आज तो मज़े करने आए है

निराल – और वैसे भी बचे बड़े हो रहे है. आज नही तो कल सीखेंगे ही. वैसे भी हम इनकी मम्मी है तुम दोनो तो इनके लिए आंटी ही हो ना हहा.

निकिता – एस निराल .. करेक्ट

मानसी – तो क्यू ना वो वाली मस्ती हो जाए. ई मीन ई नो हमारे रूम में दोनो बाप बेटे हमारा वेट कर रहे है लेकिन तब तक देख तो सकते है ना?

मोना – क्या बोलती हो लॅडीस?

निकिता – हा हा क्यू नई?

निराल – सब राज़ी है तो वेट किस बात का. अछा राहुल बेटा यहा आओ.

मोना – मैं निराल के साथ. बाकी तुम दोनो राज के साथ. नाइस आइडिया ना

फिर सारी लॅडीस ने आपस में पता नही क्या बात की और हम तो नादानी से बस उनकी बातें सुने जा रहे थे.

फिर निराल आंटी और मोना आंटी ने मुझे उठाया एक ने पेर उठाया और एक ने शोल्डर्स से उठाया. उसी तरह मेरी मम्मी ने और मानसी आंटी ने राज को उठाया और हमारे पेर उनके शोल्डर पर रख दिए. हम पूछने लगे की क्या कर रहे हो तो इतने मम्मी ने कहा

निकिता – राहुल, राज आज ना तुम दोनो गोआ का असली रूप देखोगे. जस्ट चिल आंड रिलॅक्स.

फिर सभी मे काउंटिंग शुरू की और 1, 2, 3 कहते ही दोनो आंटीस ने हमारा शॉर्ट्स उतार दी. हम चोंक गये और सिर्फ़ अंडरवेर में थे.

मोना – यार निकिता, बचे पूल में भी अंडरवेर पहें के उतरे है.

निराल – अब हूमें क्या पता था बचो ने क्या पहना है. और वैसे भी मैं तुझे जानती हू, तू ज़्यादा देर उनकी चड्डियान रहने नई देगी.

मानसी – तो गाइस चलो अगेन 1, 2 , 3

और इस बार उन्होने हमारी अंडरवेर भी उतार दी और हम शरम के मारे हाथ से अपना नुणु छुपाने लगे.

राहुल – अरे आंटी ये आप क्या कर रही है?

राज – मम्मी देखिए ना आंटी ने मेरी अंडरवेर उतार दी

निराल – हा तो तुम दोनो की उतरी है देखो.

मोना – यार देखो ना बचपन में इतना छोटू सा होता है (मेरा नुणु हाथ में पकड़ते हुए) और बड़ा होते ही शैतान हो जाता है

मानसी – बिल्कुल सही कहा मोना, राज का तो बिल्कुल ब्लॅक है तेरा फॅवुरेट देख

मोना – वाउ. वैसे राहुल का मीडियम रंग है लेकिन गोतियाँ मस्त भारी हुई लग रही है (गोटी को ध्यान से हाथ में लेकर देखते हुए)

निकिता – हो गया तुम्हारा? तो हमारे बचे कपड़े पहें ले

निराल – रहने दे ना निकिता, अब रूम में ही तो जाना है.

मेरी और राज की तो बोलती बंद हो चुकी थी समाज नई आ रहा था क्या करे क्या बोले. हम चुप छाप उनकी बातें मानते रहे.

मोना – यार निकिता, निराल, तुम दोनो भी आ रहे हो ना हमारे रूम में?

निराल – अरे बचो को छोड़ कर?

मानसी – बचो को सुला कर फिर आ जाना.

निकिता – हा ये सही रहेगा

मोना – मैं तो कहती हू बचो को भी ले आना चाहिए हम भी चार, लड़के भी चार सब के लिए एक एक, और बरी बरी से सब के साथ मौका मिलेगा. सोचो इतनी वेराइयेटीस उपर से जवानी आए हाए

मानसी – थोड़ी सबर रख मोना, बचे सुन रहे है

निकिता – यार मुझे सही नही लग रहा. ई मीन बचो के सामने हम कैसे कर सकते है

निराल – बात तो सही है. उपर से उन्होने ने घर पे बता दिया तो अलग तकलीफ़.

राहुल – क्या बात है मम्मी?

राज – हा मम्मी हम तो किसी को कुछ नई बताएँगे.

निकिता – कुछ नई राहुल बेटा, तुम लोग चलो पूल के बाहर टवल लो हम अभी आए

निराल – हा चलो जल्दी जल्दी पोचो खुद को

हम दोनो नंगे ही पूल के बाहर जाकर पोछने लगे की हूमें उनकी बातें सुनाई देने लगी.

मोना – यार निराल – सच में तेरे बेटे का कला नुणु तो मस्त है. और देख देख उसके बम्स, मस्त छोटे छोटे कितना मस्त है यार

निराल – तेरे लिए है ना अंदर 20 साल का लोंदा, ई नो तुझे जवान पसंद है बुत तोड़ा कंट्रोल कर

मानसी – सब्र ही तो नई होता. मैं तो बोलती हू तुम उनको सुला के हमारे रूम में आ जाओ. हम सब मज़े कर के फिर तुम्हारे रूम में चले जाएँगे इन दोनो की वर्जिनिटी लूस करने क्या बोलती है?

निकिता – लेकिन होगा उनसे? अभी लगता नई है की उन्हे कुछ पता होगा.

मानसी – वरना उन्हे हमारे रूम का ट्रेलर दिखा देंगे हहा

मोना – बिल्कुल सही. चलो चलो य्र अब सब्र नही हो रहा.

उसके बाद मैं और राज नंगे ही हमारे कमरे में जाने लगे क्यू की हमारी अंडरवेर तो पानी में कहीं पड़ी थी. और अब किससे शरमाना. हमारे पीछे हमारी मम्मी भी आ गयी और दोनो आंटी उनके कमरे में चली गयी.

मम्मी और निराल आंटी सोफा के साइड में आकर दोनो अपने बॉडी को टवल से पोछने लगी और हुंसे बातें करने लगी.

निकिता – बचो मज़ा आया?

राहुल – हा मम्मी बोहोट मज़ा आया पानी में

राज – हा आंटी. बस आप लोगो की बातें थोड़ी समाज नही आई

निराल – कोई बात नई. कुछ देर में सब समाज जाओगे.

इतने में मेरी मम्मी उठ कर बेड के पास अपने बाग से नाइट ड्रेस निकालने लगी. फिर मम्मी ने बाग से एक सिल्क वाली शॉर्ट्स और शर्ट निकली. वहीं पे निराल आंटी ने भी नीस तक की स्लीवलेशस गाउन निकली. फिर निराल आंटी अपने स्विम्मिंग कॉस्ट्यूम्स उतरने लगी दूसरी तरफ मूह कर के जिसे देख कर मम्मी बोली

निकिता – अरे तू इनके सामने चेंज करेगी?

निराल – आज रत वैसे भी मोना और मानसी इनकी वर्जिनिटी तोड़ने वाली है. उसके बाद तो इन्हे सब पता चल ही जाएगा ना

निकिता – उनके आने तक तो ये गरम हो जाएँगे हूमें ऐसे देख कर.

निराल – बचो खड़े क्यू हो? बैठ जाओ

राहुल – लेकिन मम्मी, हमारे कपड़े?

निकिता – देखो गोआ में बचे कपड़े नही पहेनटे. और आज तुम लोग कुछ नया सीखोगे जिसके लिए तुम दोनो आज रत नंगे रहोगे.

मैं और राज एक दूसरे को देख के स्माइल करने लगे और इतने में मम्मी ने अपनी स्वीमिंग कॉस्ट्यूम का टॉप उतार दिया जिसके अंदर उन्होने कुछ नही पहना था. फिर मम्मी ने अपनी गीली शॉर्ट्स उतरी जिसके अंदर भी उन्होने कुछ नही पहना था और मम्मी के गोल गोल गोरे गोरे बम्स हमारे सामने थे. दूसरी तरफ निराल आंटी भी उसी तरह नंगी हो गयी और पोछने लगी.

राज – राहुल तेरी मम्मी के बम्स कितने बड़े है.

राहुल – हा लेकिन तेरी मम्मी के छोटे बम्स भी बोहोट मस्त लग रहे है.

फिगर बता डू तो मेरी मम्मी थोड़ी चब्बी सी है और बोहोट खूबसूरत, दूसरी तरफ निराल आंटी बिल्कुल स्लिम फिगर और योगा क्वीन. हमारी बातें शायद उन्हे सुनाई दे रही थी जिसे देख के दोनो एक दूसरे को देख कर स्माइल करने लगी.

निराल – निकिता कपड़े पहनने है क्या?. मान तो नई कर रहा

निकिता – मेरा भी. छोड़ आज हम मा बेटे ऐसे ही रहेंगे.

फिर दोनो ने बिना कुछ पहने की एक तरफ मम्मी सो गयी और दूसरी तरफ निराल आंटी

निकिता – बचो आओ यहा सो जाओ हमारे बीच में

और हुँने उनकी बातें मान कर मैं मम्मी के साइड लेट गया और राज मेरे और निराल आंटी के बीच में.

निराल – निकिता, हमारे बचे है और वर्जिनिटी इनकी वो दोनो लूस करे?

निकिता – लेकिन हम मा है इनकी. कैसे कर सकते है

निराल – तूने सुना नही? राहुल को मेरा फिगर अछा लगा और राज तो तेरा

निकिता – पूछ लेते है. अछा बचो, कभी तुमने हूमें ऐसे नही देखा है ना?

राहुल – नई मम्मी. पहली बार

राज – हा मैं भी पहली बार.

शरम के मारे हम उनकी तरफ देख भी नई पा रहे थे.

निराल – तो राज, तुम्हे मुझमें और निकिता आंटी में कों अची लगी?

राज – मम्मी आब्वियस्ली आप. आप तो मेरी मम्मी हो ना. मुझे तो आप ही अची लगी.

राहुल – नई मम्मी, राज तो कह रहा था की इसे आप ज़्यादा मस्त लग रही है. और आपके.. (रुक गया)

निकिता – बोलो राहुल. शरमाओ मत

राहुल – वो आपके बम्स इसे बोहोट आचे लगे.

दोनो आंटी आपस में हासणे लगी और निराल आंटी ने मुझसे पूछा

निराल – राहुल बेटा, तुम्हे किसकी अची लगी?

राहुल -( मैं बस शांत रहा)

निकिता – अछा राहुल मत बताओ कोई बात नई. आज जो खुल के बातें करेगा उसे मज़ा आएगा
अछा राज, तुम्हे मेरी बम्स अची लगी ना?
टच करोगे?

राज – (मम्मी की तरफ देखने लगा)

निराल – शरमाओ मत बताओ.

ये कहते ही मम्मी थोड़ी उठी और अपनी बम्स हमारी तरफ करते हुए राज को दिखाने लगी. बाइ गोद ये नज़ारा इतना खूबसूरत नही हो सकता, इसके बाद निराल आंटी ने अपने हाथ से राज के हाथ पकड़े और मेरी मम्मी के बम्स पे हाथ रख के घूमने लगी. राज को बोहोट अछा लगने लगा और फिर निराल आंटी ने राज का हाथ पकड़ के ही ज़ोर से मम्मी के बम्स पे स्लॅप किया.

निकिता – आउच निराल. पागल है क्या,? इतनी ज़ोर से

मम्मी मूड कर अपने बम्स देखने लगी और रब करने लगी.

निकिता – राहुल तू देख रहा है? राज तेरी मम्मी के बम्स पे स्पॅंक कर रहा है और तू बस देख रहा है?

राहुल – मम्मी मैं क्या कर सकता हू?

निराल – राहुल बेटा, तुम भी मुझे स्पॅंक कर सकते हो अगर करना चाहो तो, वरना टच भी कर सकते हो.

इतना कहते ही निराल आंटी भी मम्मी की तरह घोड़ी बन गयी और नज़ारा ऐसा था की दोनो लॅडीस घोड़ी बन कर बम्स हूमें दिखा रही थी और हम बीच में बैठ कर नज़ारा देखने लगे.

फिर इतना देखते ही हमारी मम्मी बोली

निकिता – निराल तू राहुल को ले और राज की लेती हू

निराल – हा तू बेड पे रह मैं और राहुल सोफा का मज़ा लेते है

निकिता – गुड आइडिया. जाओ राहुल निराल आंटी के साथ.

हम फिर अड्जस्ट हो गये उसी तरह. निराल आंटी ने मुझे सोफे पर लेता दिया और मेरी टाँगे खोल कर सीधे मेरे परो के बीच बैठ गयी और झुक कर मेरा नुणु पकड़ के अपने मूह में लेने लगी. मेरे तो होश उड़ गये हे महसूस होते ही जो मेरे लिए बिल्कुल नया था. आंटी तोड़ा चुस्ती, फिर तोड़ा ठुकती और ये सिलसिला करीब 10 मिनिट तक चलता रहा जो मुझे बोहोट अछा महसूस होने लगा था.

दूसरी तरफ मम्मी भी उसी तरह राज का नुणु ही चूस रही होगी क्यू की मुझे यहा से सिर्फ़ मम्मी की बड़े बड़े बम्स दिखाए दे रहे थे और राज की टाँगे. 10 मिनिट बाद

निराल – निकिता तेरा बेटा 3 बार झाड़ चुका है

निकिता – (राज का नुणु मूह से निकलते हुए) और तेरा बेटा 4 बार. लेकिन मानना पड़ेगा, बचो का स्पर्म कितना टेस्टी होता है

निराल – हा सच में ना. राज के पापा का तो मैं कभी पीटी नही थी, लेकिन राहुल का तो मैं कितना पी गयी पता नई चला

निकिता – सेम हियर निराल. अब आगे?

निराल – थोड़ी देर इनके लंड को शांति देते है और इनसे चत्वाते है अपनी. क्या बोलती है?

निकिता – हा बिल्कुल. इनको आएगा चाटने?

निराल – सीखा देंगे कोंसि बड़ी बात है

निकिता – तुम दोनो भी बेड पर आ जाओ.

फिर हम बेड पर गये. और वाहा मेरी मम्मी लेट चुकी थी और उनके पास निराल आंटी बैठ गयी टॅंगो के बीच और हुंसे कहने लगी

निराल – देखो बचो, ये होती है छूट. तुम लोग यहीं से इस दुनिया में आते हो

निकिता – यार साइन्स मत पढ़ा अब

निराल – अछा तो देखो, इसे नीचे से लेकर यहा उपर ये दाने तक लीक करने का. जैसे तुम कोन चाटते हो ना वैसे. समाज आया?
आओ राज, कर के दिखाओ

निकिता – राहुल तुम भी ध्यान से देखना. तुम्हे निराल आंटी की चटनी पड़ेगी

राहुल – हा मम्मी

फिर राज मेरी मम्मी के परो के बीच पूरी तरह लेट गया और तोड़ा आंटी के बताए गये बातों के हिसाब से चाटने लगा.

राज – मम्मी ये तो बोहोट चिपचिपा है

निराल आंटी ने ये सुनते ही मेरी मम्मी की छूट पे तोड़ा ठुका और खुद अपने हाथो से रब कर के बोली

निराल – राज अब चतो

राज चाटने लगा और इस बार वो 3 4 बार छत चुका था मेरी मम्मी की छूट और फिर कहने लगा

राज – हा मम्मी अब टेस्टी लग रहा है.

निराल – वेरी गुड. राहुल संजे?

राहुल – हा आंटी

निराल – आओ छत के दिखाओ

निकिता – अरे निराल, मेरी कैसे चतेगा

निराल – अरे मैं मेरी बात कर रही हू रुक.

फिर निराल आंटी भी मम्मी के पास आकर लेट गये टाँगे एक दूसरे के उपर दल के. मैं भी राज की तरह बीच में लेट गया और और निराल आंटी को देख कर कुछ कहने वाला था की इतने में मम्मी ने अपने उंगलियों में थूक लगा कर निराल आंटी के छूट पे रब कर दिया.

निकिता – यही कहने वाला था ना राहुल?

राहुल – हा मम्मी लेकिन आपको कैसे पता?

निकिता – मा हू ना तेरी

निराल – राहुल बातें कम, काम ज़्यादा. चलो छत के दिखाओ

मैं उनकी बात मानते हुए छूट को नीचे से लेकर पूरी तरह चाटने लगा और मुझे ये स्वाद बोहोट मज़ेदार लगा. जो तोड़ा चिकना था और तोड़ा सॉल्टी. लेकिन छूट बोहोट सॉफ्ट थी जिसके अंदर से कंटिन्यू पानी पानी जैसा निकल रहा था. छूट का स्मेल भी बोहोट मस्त लगने लगा मुझे

इसी तरह हम दोनो एक दूसरे की मम्मी की छूट चाटने लगे और वो दोनो हमारे बलों में हाथ घूमने लगी. फिर एक दूसरे को देख कर कभी एक दूसरे को किस करती, तो कभी एक दूसरे के बूब्स दबाती. हम दोनो को भी बोहोट मज़ा आने लगा था.

निकिता – निराल, बचे छूट चाटना कितना जल्दी सिख गये ना?

निराल – हा. और तेरा बेटा तो लाजवाब है, आज तक राज के पापा ने ऐसे नई चटा है.

निकिता – अब रहा नही जा रहा यार निराल

निराल – ले ले क्या? हमारी भूक भी मिट जाएगी. और बचे भी कुछ सिख जाएँगे.

निकिता – लेकिन इन्हे संजाये कैसे?

निराल – एक आइडिया है रुक.

(इतने में निराल आंटी ने मोना आंटी के फोन पे वीडियो कॉल लगाया और बातें करने लगी)

मोना – बोल निराल, कब आ रहे हो तुम दोनो? बचे सोए नही क्या अब तक?

निराल – बचे? हहा . ये देख बचे क्या कर रहे है

(और आंटी ने फोन का कॅमरा हमारी तरफ कर दिया जिसमें हम उनकी छूट छत रहे थे. ये देख कर मोना आंटी ने खुशी से मानसी आंटी को भी बुलाया कॉल पे और दिखाने लगी)

मानसी – य्र तुम दोनो का सही है. अपने अपने बिटो के साथ शुरू हो गयी?

निकिता – नई रे पागल, यहा मों स्वापिंग हुई है.. हहे देख

मोना – वाह. तो ये दिखाने के लिए वीडियो कॉल किया?

निराल – अरे आक्च्युयली इनको चुदाई दिखानी थी और मैने सोचा वीडियो कॉल कर के तुम्हारी दिखा डू. देख के तुरंत सिख जाते है बचे.
बचो यहा आओ, और देखो वीडियो में क्या हो रहा है. तुम दोनो को भी ऐसे ही करना है

(वीडियो में मोना आंटी उस यंग लड़के के उपर बैठी थी और उछाल रही थी. मानसी आंटी ने वीडियो पीछे से दिखाया जिसमें मोना आंटी की बम्स दिख रही थी और नीचे लड़के के बड़े से लुल्ली को अपने छूट में लेके उसपे उछाल रही थी)

निकिता – बचो समाज आया?

राहुल – हा मम्मी समाज आया

राज – एस आंटी.

मानसी – यार तुम चारो यहा आ जाओ ना. साथ मज़ा लेते है ना

मोना – नाइस आइडिया. आ जाओ ना

निराल – अरे नई नई. आज बचो का पहला दिन है. पहले सिख जाए फिर हम अगला बदली का सोचेंगे ठीक है?

निकिता – चलो य्र कितना बातें करोगी? चुदाई पे ध्यान दो सब लड़कियो. बाइ

(वीडियो कॉल कट करने के बाद दोनो ने मुझे और राज को नीचे लेता दिया)

निराल – निकिता, मुझे लगता है की हम दोनो को अपने अपने बिटो की क्षमता का पता है, और इनका फर्स्ट टाइम यादगार होना चाहिए

निकिता – हा तो?

निराल – क्यू ना हम अपने अपने बिटो के उपर ही बैठे?

निकिता – आइडिया अछा है. चल ऐसा ही करते है

(हम दोनो बोहोट खुश हो रहे थे की कुछ और मज़ेदार होने वाला है और हमारी मम्मी हमारे उपर बैठेंगी. उसके बाद मेरी मों ने हाथ में थूक लिया और मेरे नुणु पे रग़ाद दिया और फिर मेरा नुणु पकड़ के उसके उपर बैठ गयी. उनकी छूट में मेरा लंड आसानी से घुस चुका था और मम्मी भी सिसकिया लेते हुए बैठ गयी मेरे चेस्ट पे हाथ रख के)

(दूसरी तरफ निराल आंटी ने थूक अपनी छूट पे लगाया और राज के उपर बैठ गयी. फिर दोनो ने एक दूसरे की तरफ देख और ही 5 देते हुए एक दूसरे का हाथ पकड़ते हुए चेहरे पे मुस्कान के साथ अपनी अपनी कमर हिलने लगी.
हम दोनो को अपना नुणु बड़ा महसूस हो रहा था और छूट के अंदर जो बोहोट गरम और गीला था. कुछ देर ऐसे ही हमारी मम्मी हमारे उपर हिलती रही)

(कुछ देर बाद वो दोनो उठी और इस बार निराल आंटी मेरे उपर बैठ गयी और मेरी मम्मी राज के उपर. फिर निराल आंटी ने मेरे हाथ पकड़े और अपनी गंद पे रख दिए और दबाने बोली ज़ोर से. उसके बाद निराल आंटी मेरे उपर पूरी तरह लेट गयी और उछलते उछलते वो मेरे नेक पे और शोल्डर्स को चाटने लगी. मुझे बोहोट मज़ा आने लगा था)

(दूसरी तरफ राज का भी यही हाल था बस इतना था की मेरी मम्मी के बम्स उसके हाथ में समा नही रहे थे लेकिन मज़े वो पूरे ले रहा था)

निकिता – अछा बचो, कुछ देर में तुम्हारा सस्यू निकलेगा. तो डरना मत और घबराना मत. बस ये तोड़ा थिक होगा और सस्यू के मुक़ाबले तोड़ा कम मात्रा में होगा

निराल – और निकलता है तो निकालने दो. दोनो में से कोई भी रोकेगा नई ठीक है बचो?

(हम दोनो राज़ी हो गये और इसी तरह करीब 5 मिनिट बाद राज ज़ोर से चीखने के बाद बोला)

राज – अया निकिता आंटी. निकल गया मेरा सस्यू

निकिता – बेटा पूरा नही निकला है. देख और निकल रहा है. आराम से निकल. वेरी गुड बेटा.

(कुछ सेकेंड्स बाद)

निकिता – निराल, तेरे बेटे का और मेरा तो हो गया

निराल – यार मेरा भी हो चुका है लेकिन राहुल का अभी तक महसूस नही हुआ की निकला है

(मम्मी मेरे पास आकर बोली)

निकिता – बेटा अभी निकला नही?

राहुल – नई मम्मा. बस निकालने वाला है

(करीब और 5 मिनिट बाद)

राहुल – आ आंटी निकल रहा है उफफफ्फ़

(इतने में मम्मी ने मेरे हाथ पकड़ लिए उंगलियो में उनकी उंगलियाँ दल कर)

निकिता – एस बेटा. निकल दे कोई बात नई

(मैने आखें बंद की और पूरे प्रेशर के साथ अपना सस्यू निराल आंटी के अंदर निकल दिया)

निराल – निकिता य्र तेरे बेटे का कितना निकलता है?

(फिर निराल आंटी नुणु से उपर उठी और अपनी छूट से मेरा सफेद सस्यू बाहर तपाक रहा था)

निराल – देख निकिता

निकिता – अब बचे है. इतने सालो का पानी है. निकलेगा तो सही ना.

(फिर हुँने एक दूसरे को साफ किया और हम चारो एक ही बिस्तर पर सोने लगे)

(पहले निराल आंटी दूसरी तरफ फेस कर के. उनके पीछे मैं जहा मेरा नुणु उनके बम्स के बीच में था और मेरी टाँगे उनके कमर पे. मेरे पीछे मेरी मम्मी जो मुझसे चिपक गयी थी और उनके बूब्स मुझे पीठ पे महसूस हो रहे थे और उनके टाँगे मेरे कमर पे. उसके पीछे राज उसी सेम पोज़िशन में)

(हम सब एक दूसरे को चिपक कर पूरी तरह थकने के बाद सो गये)

तो दोस्तो आपको ये घटना कहानी के रूप में कैसी लगी? मुझे नीचे दिए गये मैल पर बताइए. आपका फीडबॅक मेरे लिए बोहोट मैने रखता है.

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