वासना की आग में बेटे ने मा की मालिश की

हेलो फ्रेंड्स, मैं राज आप सभी का फिरसे स्वागत करता हू. जैसे की आप जानते है की मैं अब 28 साल का हो चुका हू. और सभी ने मुझे अपना प्यार दिया उसके लिए थॅंक्स. जैसे की आपने रेड भी किया है की मेरे लंड का साइज़ 7 इंच है, जो किसी को भी संतुष्ट करने के लिए एक अछा साइज़ है. अब ज़्यादा टाइम वेस्ट ना करते हुए चलते है स्टोरी पर.

मैं नीचे से गरम पानी और आयिल लेके कमरे के पास पहुँचा तो देखा बड़ी मा अभी भी लेती हुए थी, और उनके छूतदों का साइज़ क्या मस्त लगा रहा था. मेरा लंड उनकी गांद की शेप देख कर ही अपने आपे में नही रहा, और उसमे जोश आना शुरू हो गया, और मेरा एक हाथ अपने आप ही मेरे लंड पर चला गया, और मैं उसे मसालने लगा.

शायद मा को मेरे आने का पता चल गया था, इसलिए उन्होने बिना गर्दन के उठाए ही बोल दिया अंदर आजा राज. आप सभी को बता डू की प्राइवसी के लिए नामे चेंज है सब.

बड़ी मा: बाहर ही खड़ा रहेगा या अंदर भी आएगा? इधर मेरी दर्द के कारण जान निकली जेया रही है पता है. तू कहा बिज़ी है.

मैने अपने लंड पे से हाथ हटाया, और उसे सही किया, और बोला: बस बड़ी मा इधर हू, आ गया. मैं कहा रुकुंगा? मेरे सामने क्या 2 बड़े ब्रेकर है, जो ब्रेक लगा के रुक जौंगा (ऐसा मैने मा के छूतदों के लिए बोला था)

बड़ी मा ने मुझे अपनी तिरछी नज़रों से देखा और उन्हे याद आया की वो लेती हुई थी, और अपनी गांद की तरफ देख कर वो मेरा इशारा समझ गयी, की मैं किन्हे 2 ब्रेकर बोल रहा था.

बड़ी मा: चल अब आ भी जेया, दर्द बहुत ज़्यादा है. ला दे क्रीम और आयिल.

फिर मैं उनके पास चला गया, और मेरी नज़र फिरसे उनकी गांद के उभार पर थी. ऐसा नज़ारा देख के मुझे अपने आप पर कंट्रोल रखना मुश्किल हो रहा था. जिसका सीधा असर अब मेरे लंड पर आ रहा था. मेरा लंड अब अपनी औकात दिखा रहा था. अब लंड टाइट होने लग गया था. फिर जब बड़ी मा ने आयिल और क्रीम लेने के लिए अपनी गर्दन को तुर्न किया, तो उनकी नज़र मेरे लंड पर गयी. वो समझ गयी थी की लोहा गरम था.

फिर वो मुझे आज़माने के लिए भोली: ला दे क्रीम और आयिल, मैं खुद लगा लूँगी, तू जेया.

तो मैने उनको कहा: नही मैं लगा देता हू, आप आराम से लेट जाओ.

ऐसा बोलने के बाद बड़ी मा मेरी बात मान गयी क्यूंकी वो भी तो यही चाहती थी. फिर उन्होने अपना सिर घुमा लिया. अब मेरे सामने फिरसे उनकी उभरी हुई गांद थी. मैने अब क्रीम ली, और उनकी चोट पर लगा दी. 5 मिनिट बाद मेरे हाथो का असर, बड़ी मा की छूट की खुजली, और मेरे लंड के लिए उनकी प्यासी छूट की हवस ने अपना असर दिखना शुरू किया.

वो बोली: इस तेल को क्या तू मेरे सिर में लगाने के लिए लेके आया था? तब तो बड़ी डींगे हांक रहा था की ऐसी मसाज करता हू वैसी मसाज करता हू. अब क्रीम ही लगाएगा या फिर तेल से भी मेरी मसाज करेगा. अभी भी मुझे दर्द से पूरी तरह से आराम नही हुआ है.

मैं तो खुद इसी मौके की तलाश में था की कब बड़ी मा सुमन मुझे ऐसा बोले की अब मेरी तेल से मसाज कर दे राज.

अब ये बात मैं भी जानता था की बड़ी मा की छूट मेरे लंड के लिए प्यासी थी, और बड़ी मा भी जानती थी की मैं भी उनको छोड़ना चाहता था. बुत आज तक खुल के ये बात किसी ने भी एक-दूसरे को नही बोली. बुत आज मुझे मौका लग रहा था की आज मैं बड़ी मा को छोड़ सकता था. तो मैने उनको गरम करने की सोची, जैसे मैने शीला चाची को गरम करके छोड़ा था. और इसीलिए मैने अपना दिमाग़ लगाया की वो क्या चाहती थी.

राज: मा आपने तेल की मालिश के लिए तो बोल दिया. लेकिन क्या आप नही जानती की इससे आपकी सारी सलवार खराब भी हो जाएगी, और ना ही आचे से मसाज होगी आपके पावं की?

मा सुमन: ह्म, ये बात तो है बेटा. बुत मुझे दर्द भी काफ़ी है तो मैं क्या करू? कैसे होगी अब तेल से मेरी मालिश तुम ही बता दो.

बड़ी मा भी मेरे मज़े लेने पे तुली थी, तो मैने कुछ दिमाग़ लगाया और बोला-

राज: आप लोग पहले दामन डालते थे वो नही है क्या आपके पास?

मा बोली: है, बुत उसे निकालु कैसे? मेरे तो पावं में चोट है.

मैने उनको बोला: आप मुझे बता दे, मैं लेके आ जौंगा.

तो उन्होने मुझे दामन के बारे में बताया. जो हरियाणा से है, वो लोग तो जानते है दामन क्या होता है. ये नीचे से पूरा खुला होता है. इसको आसानी से कमर तक उठाया जेया सकता है.

अब मैं नीचे दामन लेने आ गया, और मुझे दामन मिल भी गया. बुत पता नही मेरे दिमाग़ में क्या आया की जहा पे छूट और गांद की शेप होती है दामन पर, मैं मा की छूट सोच कर कुछ देर अपना लंड उस पर घिसता रहा. क्यूंकी मा उपर थी, और बाकी सभी खेतों में गये हुए थे, और अभी उनके घर वापस आने में टाइम था.

तभी मुझे बड़ी मा की आवाज़ सुनाई दी, और मैने जल्दी से अपने लंड को अंदर किया और दामन को लेकर उपर चला गया. बड़ी मा को दामन दिया और वो बोली-

बड़ी मा: इधर खड़ा क्या कर रहा है? जेया इधर से, और मुझे ये दामन डालने दे.

फिर मैं रूम से बाहर आ गया. बड़ी मा को 5 मिनिट लगे होंगे उसे डालने में. फिर उसके बाद उन्होने मुझे रूम में वापस बुला लिया. जैसे ही मैं अंदर गया, तो देखा बड़ी मा दामन दल कर पेट के बाल लेती हुई थी, और उनकी गांद की शेप देख कर मुझे काफ़ी मज़ा आ रहा था.

तभी बड़ी मा सुमन बोली: चल जल्दी कर. घर वाले भी आने वाले है. वो मुझसे दामन डालने का कारण पूछने लगेंगे.

मैं भी समझ गया था की मा घर वालो के आने से पहले ही आज मज़े लेने की सोच रही थी. तभी तो आज खुद ही वो सब इतना जल्दी करवा रही थी. नही तो वो क्रीम के बाद आयिल के लिए माना भी कर सकती थी, और दामन के लिए भी. लेकिन उनकी छूट की प्यास उन पर हावी थी.

मैने भी ज़्यादा समय नही लगाया, और उनको बोला: मा दामन तोड़ा सा उपर उठना पड़ेगा ताकि मैं आराम से आपकी मालिश कर साकु.

वो बोली: ठीक है, पर ज़्यादा मत उठना.

फिर बोली: जल्दी कर, दर्द फिरसे बढ़ने लगा है मेरे पावं में.

मैने भी वही किया. दामन को पूरा उपर नही उठाया, बस उनकी जांघों के नीचे तक दामन उठा दिया, और आयिल से बड़ी मा की गोरी-गोरी पिंदलियों की मालिश करने लगा. 10 मिनिट की मालिश के बाद अब बड़ी मा अपनी आँखें बंद करके मालिश का मज़ा लेने लगी.

बड़ी मा: आ, बहुत आराम मिल रहा है बेटा. क्या जादू है तेरे हाथो में, मज़ा ही आ गया.

उन्होने मज़ा ही आ गया इतने कामुक तरीके से बोला, की मुझसे रहा नही गया. तो मैने एक हाथ से अपना लंड मसल दिया. फिर मैने बड़ी मा को बोला-

राज: अभी आपने मेरा जादू देखा ही कहा है. ये तो शुरुवत है.

अब माहौल गरम होने लग गया था. ये मैं भी जानता था, और बड़ी मा भी. हम दोनो में से आज कोई भी इस मौके को नही जाने दे रहा था. मेरी जादू वाली बात बड़ी मा समझ गयी की मैं अपने लंड की बात कर रहा था.

वो बोली: जब शुरुआत में ये मज़ा है, तो जब तू जादू दिखयगा तो पता नही कितना मज़ा आएगा.

मैं मा को बोला: मा आप कही जादू देख कर दर्र तो नही जाओगे? कही मज़े के चक्कर में आपको लेने के देने ना पद जाए.

तो बड़ी मा बोली: बेटे मैं तेरी मा हू. तेरे जादू से कैसे दर्र जौंगी? मेरी आँखों के सामने ही बड़ा हुआ है.

मैं भी बड़ी मा का मतलब समझ गया और मैने बिना उनसे पूछे बातों ही बातों में दामन को बड़ी मा के छूतदों तक उठा दिया. इससे मुझे उनकी काले रंग की पनटी सॉफ नज़र आने लगी, और मा की जांघें पहली बार इतनी पास से, वो भी नंगी देख रहा था. मेरी आँखों पर मुझे विश्वास करना मुस्किल था.

फिर जैसे ही मैने मालिश करने के लिए अपना हाथ बड़ी मा की जांघों पे रखा ही था की तभी.

आयेज की स्टोरी अगले पार्ट में. तब तक आप अपना प्यार और फीडबॅक मुझे मैल पर मेसेज करके कर सकते है. अगर मुझसे कोई ग़लती हुई लिखने में तो माफ़ करे. मी एमाइल इस

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