ट्यूशन सर ने मेरी मम्मी की चुदाई की

दोस्तों आज की इस सेक्स कथा में मैं आप को अपनी सेक्सी माँ की चुदाई के बारे में बताने के लिए आया हूँ. मेरी माँ किसी मॉडल से कम खुबसुरत नहीं हे. क्यूंकि उसका फिगर हे ही ऐसा की किसी को भी अपने दीवाना बना ले. जो चीज माँ को बहुत कामुक बनाती हे वो हे की मोटी और गोल चूचियां जिसे देख के किसी का भी मन उसे दबाने या चूसने को करे!

ये सेक्स कथा तब की हे जब मैं दसवीं में पढता था और अक्सर ट्यूशन पढ़ने के लिए हमारे सर विजय के पास जाया करता था. लेकिन फिर मुझे पता चला की सर पुरे सात दिन के लिए ट्यूशन नहीं करा पाएंगे तो मुझे बहुत बुरा लगा क्यूंकि सर के वहां मेरा अच्छा ख़ासा टाइम निकल जाता था.

सर के घर में कंस्ट्रक्शन का काम चालू था और मुझे पता नहीं चल रहा था की मैं क्या करूँ! विजय सर रूम ढूंढने में लगे हुए थे. तो मैंने सोचा की अच्छा हे चलो एक मौके का फायदा उठाया जाए और मैंने उन्हें अपने घर पर बुला लिया और उन्हें अपने साथ ले आया. मैंने माँ को बताया नहीं था की मैं अपने साथ सर को भी ले के आया हूँ.

इसलिए जब उन्होंने गेट को खोला तो वो सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में ही थी. और सर उन्हें देखते ही रह गए. मैंने माँ को बताया की ये विजय सर हे और रूम ढूंढ रहे हे वो इसलिए मैं उन्हें ले आया. माँ ने उन्हें अन्दर बुलाया और और माँ हम दोनों के आगे चल रही थी.

मैंने देखा की माँ का पेटीकोट उसकी गांड में फंसा हुआ था. और जब मैंने विजय सर को देखा तो वो मेरी माँ के कूल्हों के ऊपर ही नजरे लगाए हुए थे. माँ ने सर को रूम दिखा दिया और कहा की आप यहाँ रुक सकते हो लेकिन बस थोड़ी सफाई करनी पड़ेगी.

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विजय सर बड़े खुश लग रहे थे. पता नहीं क्यूँ! शायद रूम मिल गया था इसलिए. उन्होंने कहा ठीक हे मैं साफ़ कर लूँगा. और वो आगे बढे तभी उनका पैर फिसल गया और वो मेरी माँ के ऊपर आ गिरे. उन्के दोनों हाथ मेरी सेक्सी माँ के बूब्स के ऊपर थे. और माँ के मुहं से आह निकल गई. सर ने माँ को सोरी बोला और माँ ने मुस्कुराते हुए कहा की कोई बात नहीं!

फिर रात के वक्त मैं सर के रूम में चला गया. वो लेट के कुछ देख रहे थे और मेरे जाते ही उन्होंने उसे बंद करना चाहा लेकिन वो अच्छे से बंद नहीं हुई और आह आअह्ह्ह उह्ह उह्ह की आवाज सर के मोबाइल से आ रही थी. मैं समझ गया की सर बिपि यानी की ब्ल्यू फिल्म देख रहे थे. सर बोले, सोरी राज. मैंने कहा कोई बात नहीं हे सर. फिर वो बोले अकेला रहता हूँ इसलिए मेरी प्रॉब्लम को तुम समझ ही सकते हो. मैंने कहा हां सर वो तो हे लेकिन आप प्लीज़ मेरी माँ का ध्यान रखना उन्हें ये सब पसंद नहीं आएगा!

सर ने कहा राज एक बात कहूँगा तो बुरा तो नहीं मानोगे ना? मैंने कहा नहीं सर आप बोलिए. सर ने कहा यार तुम्हारी माँ तो बड़ी ही सेक्सी और हॉट हे. देखते ही लगता हे की वो जवान हे और लगता ही नहीं की तुम्हारे जितनी उम्र का बेटा भी हे उसको. मैं ये सुन के हंस पड़ा और मैंने कहा सर मुझे पता हे.

शायद सर की हिम्मत और बढ़ गई और वो बोले, राज मुझे लगता हे तेरी माँ बहोत चुदक्कड किस्म की औरत हे. ये सेक्स कथा आप के लिए हिंदी पोर्न स्टोरीस डॉट कॉम ले के आया. पहले तो मुझे ये सुन के गुस्से जैसा आया और मैं सर को बोला सर अपनी तमीज में रहो वो मेरी माँ हे और मैं जानता हूँ की मेरी माँ बहुत ही सीधी औरत हे.

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सर ने मुझे गुस्सा करते हुए देखा तो बोले, सोरी राज मुझे ऐसा नहीं लगता. अगर ऐसा होता तो मेरे चुचियों पर हाथ लगने से वो स्माइल नहीं देती. और शायद तो कुछ मिनिट के लिए मेरे से बात भी नहीं करती. मैंने सर को कहा, सर प्लीज़ इस टॉपिक को बंद कर दीजिये. और आप कल से ही कोई और घर ढूंढ लेना. आप को मैंने अच्छा आदमी समझ के अपने घर में रहने के लिए सेटिंग कर दिया और आप मेरी ही माँ के ऊपर लाइन मार रहे हो. और ये कह के मैं अपने रूम में सोने के लिए चला गया.

मुझे सर को मारने का मन कर रहा था और उन्हें मन ही मन में गालियाँ देते हुए गया. रात को मुझे सुसु आई तो मैं मुतने के लिए उठा. रात के करीब 12 बज रहे थे उस वक्त. मैंने देखा की माँ के दरवाजे के पास में ही विजय सर खड़े हुए थे! और उनका बदन हिल रहा था. मैं समझ गया की वो मेरी सोयी हुई माँ को देख के अपने लंड को हिला रहा था!

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