ट्रेन में मेरी पहली चुदाई

ही मेरा नाम अरबाब है और मेरी आगे 24 है. ये कहानी आज से 6-7 साल पुरानी है. मैं आपको बता डून की मैं एक दुबला पतला सा लड़का हूँ. मेरी गांद काफ़ी बड़ी है और मेरे बूब्स भी हैं थोड़े से.

मेरा जिस्म बिल्कुल एक लड़की जैसा है, ना जिस्म पे बाल ना कुछ. गांद इतनी बड़ी है की मैं लूस कपड़े पहनता था वरना मुझे लोग काफ़ी चेरते थे. मैं काफ़ी शरीफ लड़का था और मुझे सेक्स वगेरा का नही टा था. भोला सा लड़का था और फॅमिली के लाद प्यार से काफ़ी लड़कीों जैसा दिखता था. सॉफ गोरी स्किन थी, अगर लड़कीों के कपड़े पहनूं तो लड़की लगता.

कहानी की तरफ आता हूँ. मैं अपने अंकल के साथ ट्रॅवेल कर रहा था ट्रेन में. हमारे बूत में 4 और लोग हैं मेरे और अंकल के अलावा.

मैं और मामू उपर की तरफ बेड था उसपे हम दोनो लेट गये. मेरे अंकल काफ़ी मोटे थे और उनकी आगे 55 थी. पूरा जिस्म बाल से भरा था और काफ़ी स्ट्रॉंग थे. उनका लंड 8 इंच का था.

मैं अंकल के साथ लेता हुआ था और मैं और अंकल काफ़ी क्लोज़ लेते हुए थे. अंकल ने कभी शायद मुझे बुरी नज़र से नही देखा था. लेकिन जब मैं इतना क्लोज़ लेता हुआ था मेरी गांद अंकल के लंड से टच हो र्ही थी.

ट्रेन इतनी हिल र्ही थी की अंकल का खरा होने लगा. मैं सो चुका था लेकिन अंकल की नियत खराब हो चुकी थी. वो मेरी पंत नीचे करके गांद को टच करने लगे.

मेरी नींद उड़ चुकी थी, मैं परेशन था. मेने मुदके देखा तो अंकल ने मेरे मुँह पे हाथ रख दिया और चुप रहने को बोला. मैं परेशन था ये क्या हो रहा है. ट्रेन में अंधेरा था और हमने ब्लंकेट पहना हुआ था.

अंकल ने मुझे किस करना शुरू किया तो मुझे अजीब लगा लेकिन मुझे मज़ा भी आ रहा था. मैं उनका लंड देखे जा रहा था. मुझे उन्होने पकड़ने को बोला, मैं राज़ी हो गया. मेने पहले पकड़ा फिर उसे हिलाया. वो मेरे लंड से खेल रहे थे जिससे मुझे भी मज़ा आ रहा.

मेरा सर पाकर के वो अपने लंड के तरफ ले गये और मुँह खोला. फिर अचानक मेरे मुँह में लंड डाल दिया. मुझे पहले तो बोहट अजीब लगा रहा लेकिन तोरा चूसने के बाद में भी मज़े से चूवस रहा था. 5 मिन्स बाद उनका पानी मेरे मुँह में निकल गया. मुझे पूरा पीना पड़ा और फिर हम लेते रहे.

30 मिन्स के ब्रेक के बाद फिर से किस्सिंग शुरू कर दी. फिर उनका लंड खरा हो गया और मुझे उल्टा लेटने को बोला. वो मेरी गांद चाटने लगे जिससे मुझे इतना मज़ा आया की मेरा पानी वहीं निकल गया.

उसने मेरे लंड से निकला पानी उंगली से उठाया और मेरे छेड़ पे लगा दिया. फिर वो मेरे उपर आ गये और और अपना लंड मेरे छेड़ पे सेट कर दिया.

मेरे मुँह पे हाथ रखा और एक धक्का दिया. मैं दर्द में मार रहा था और एक और झकता दिया तो मैं और ज़्यादा दर्द में था. मुँह पे हाथ रखने के बावजूद मेरी आवाज़ निकल र्ही थी. वो धखे दिए जेया रहे थे और मेरी छोड़ रहे थे.

ट्रेन में बाकी लोगों को शक हो चुका था उनमे से एक उठा और लाइट ओं कर दी. हम दोनो दर गये, अंकल का लंड अभी भी मेरी गांद में था और मैं दर्द में रो रहा था.

वो चारो हमे देखने लगे और हासणे लगे. अंकल ने लंड निकाला और वो आपस में बात करने लगे. मैं दर्द में था और मुझे होश ही नही था क्या बात चल र्ही है.

अचानक एक भूदा आया मेरे पास और मुझे तोरा प्यार किया. मेरी शर्ट उतरी और कुत्ते की पोज़िशन में बिता दिया. और बोले मैं खून सॉफ करता हूँ, बाकी सब आपस में बात कर रहे थे.

मेरी गांद सॉफ की और अचानक मुझे कुछ फील हुआ, वो उनका लंड था. मेरी गांद पे लंड महसूस हुआ. इससे पहले मैं मुरके देखा एक झटका आया और मेरी चीक निकल गयी. मेरे मुँह पे हाथ रख दिया. फिर एक लड़के ने मेरे मुँह को कपड़े से बंद दिया.

फिर वो भूदा बहरहमी से झटके दे रहा था और छोड़े जा रहा था. एक एक करके सब बारी ले रहे. सबसे बरा लंड एक अंकल का था वो 8 इंच का ही था. लेकिन इतना मोटा था जब वो अंदर घुसने लगे मैं तो बेहोश हो गया.

मेरी आँख 1 घंटे बाद खुली. तब तक सब एक रौंद मार चुके थे. मेरे अंकल ने मुझे फोन पे वीडियो दिखाई जिसमे सब मुझे छोड़ रहे थे और मैं बेहोश था.

उस भूदे अंकल ने मुझे इशारा दिया और बोला “चल रंडी इधर आ और चूस इसे”.

मेने माना किया तो उन्होने दमखी दी की मेरी वीडियो सबको दिखा देंगे. मैं दर गया और जाके लंड चूसने लगा. बारी बारी सबके लंड चूज़.

फिर मेरे अंकल ने मेरी गांद मारना शुरू कर दी. आहिस्ता आहिस्ता मेरा दर्द ख़तम हो चुका था और मज़ा आने लग गया. बारी बारी 5 लोगों ने मेरी गांद मारी.

उन्होने दो लंड भी घुसने की कोशिश की मेरी गांद में लेकिन नही कर पाए. सब छोड़ छोड़ कर अपना पानी मेरे मुँह में निकल रहे थे और में पी रहा था.

सब ने मुझे 4 बार छोड़ा, सिर्फ़ भूदे ने मुझे 5 बार. ट्रेन से उतरने के बाद सबने मेरे अंकल के साथ नंबर एक्श्चनागे किया. अंकल मुझे अपने घर ले गये और वहाँ अंकल ने मुझे फिर से छोड़ा.

मेरी छूतियाँ 3 महीने थी और 3 महीने तक में अंकल से छुड़वा रहा था. और कभी कभी वो भूड्डे अंकल और उनके दोस्त आते थे. या वो अपने पास बुलाते थे और सब साथ छोड़ते थे. उन्होने मेरी गांद में 2 लंड भी घुसाए. अब मुझे गांद मरवाने की आदत हो गयी थी. मैं डेली किसी ने किसी से मरवाता था और ग्रूप में भी करवाता था.

वापस घर जाने के बाद मेने अपने बड़े भाई को सेट किया और उससे डेली चुड़वता था. वो कहानी आपको किसी और दिन सुनौँगा. अगर आपको मेरी स्टोरी अची लगी तो मुझे हिराशक्ष[email protected]गमाल.कॉम पे एमाइल करके बताएँ.

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