रेलगाड़ी का सफर

Hi, This is Babli from Kolkata. मैन 20 साल कि हु।मैन बहुत सी सतोरी इसमे पधि है। मैन भि एक सस्सहै बतने वलि हून। येह मेरि एक त्रैन के सफ़र कि बात है। एक बार, लसत येअर, मैन अपने फ़मिली के साथ देलहि सादि मेन गये।मेरे परेनतस शादि खतम होते हि आ गयी, बुत मेन और मेरि बेहन , पूनम, जो कि 15 साल कि थि रुक गये आपने चह्हा के साथ आने के लिये, जो हमरे घर के पस्स रेहते थे।

बुत 2 दिन बाद चचा का कोइ एमेरगेनसी मीतिनग आ गया , और वहो मुमबै चले गये। तब हुम लोगो को हमरे एक रिशतेदर के साथ आना परा(पर वहो नहि आना चहता था)।वहो सततिओन पर गया, और हुम लोगो को त्रैन मेन बैथने के बाद देखा कि त्रैन मेन दो और फ़मिली हैन। तो वहो बोला कि, येह लोग तो हैन, तुम लोग आरम से कल घर पहुच जओगि। त्रैन रात को 10 बजे चल दि। उस बूगि मेन, मेन और मेरि बेहन थे और दो फ़मिली थे। 11 बजे हमरे समने वले फ़मिली उतर गये(हमरे रिशतेदर ने नहि पूचा था कि वहो कहन उत्रेनगे), और दो लदके वोहन आ गयी।

थोदि देर बाद 4 और लदके उस सबिन मेन आ गये( जो कि उस लदे के दोसत थे और किसि और सबिन मेन थे)। वहो साब लदके चले गयेन कहिन। थोदे देर बाद, वहो साब लदके आये, और दो लदके हुम दोनो बेहनो के बगल मेन बेहत गये।एक ने कहन , यर रजेश तेरि सबिन मेन तो रौनक हि रौनक है। हुम चुप थे(कयुनकि हमे दर्र लग रहा था)।वहो बला, कयु बबि , कहन जना है।मैन कुच नहि बोलि।आरे येह तो गुनगि है।चलो आचा है , जब चोदेनगे तो चिल्लैगे नहि। मैन बोलि : जबन समभल के बात करो। एक लदका बोला:

यह कहानी भी पड़े  पड़ोसन लड़की मेरे कमरे में आकर चूत चुदवा गई

वहो तो तुम बोलति हो। चलो तुमने सुन लिया तो अस्सहा है।सब हसने लगे।मैन बहर बगल वले फ़मिली को बुलने गयि, लेकिन वहा कोइ नहिन था।मेन वपस आये तो देखा कि एक लदका पूनम कि बूबस को मसल रहा है और दूसरा उसके थिघ को सेहला रहा है। पूनम कुच नहि बोल रहि है(वहो दार गयि थि)। मेने उन लोगो को दख्खा दे के हतया। तो दो लदके मेरे पास आये और बोले, रनि हुमरे लुनद को पयस्स लगि है , अगर तुम हमरे केहना मान लो तो अस्सहा है, नहिन तो हुम तुमहे और तुमहरे बेहन को चोद देनगे और फिर बुर को फार बि देनगे, इस चकु से(चकु दिखते हुए)। मैन दार गये। मैने कहन थिक हैन, लेकिन तुम लोग मेरि बेहन को कुच नहिन करोगे। उसने कहा थिक हैन।

वहो लोग मुझे दुसरे सबिन मेन ले गये , 2 लदके मेरि बेहन के पस्स बेहत गये, जिस्से मेन कबु मेन रहो। फिर मुझे वहिसखी के पेग पिलया। मेरे कपदे उतरके मुझे पुरा ननगा कर दिया। उन लोगो ने सब दरवजे और खिदके भि बनध कर दिया, जिस्से कोइ अनदर नहिन आ सके। फिर मुझे ज़मिन पे लेता नकेद लेता दिया। फिर एक लदका मेरे सर के पस्स आया और अपना लुनद निकल के मेरे मुह मे दाल दिया मेन उसे चुसने लगि,और दूसरा अपना फ़िनगेर मेरे चुत मेन घुसा रहा था। मैन एक विरगिन थि, सो मुझे इस के आदत नहिन थि, पर मुझे अस्सहा भि लग रहा था। मेरे मुह वले लुनद ने सुम किया और उ लोगो के कहे मैने सब पि लिया।

यह कहानी भी पड़े  फिल्म में काम करने के चक्कर में सर से चुदवाया

Pages: 1 2

error: Content is protected !!