गायत्री की साथ सुहागरात सेक्स कहानी

मेरी शादी मे 5 दिन ही रह गये थे. मुझे लगा अब तो मनोज और भैया थोड़े शांत हो जाएँगे. क्यूकी अब तो मई मनोज के पास ही जाने वाली हू और भैया भी तोड़ा कंट्रोल करेंगे. पर मई ग़लत थी 20 साल के मेरे मादक जिस्म ने मुझे और फसा दिया.

मेरे मादक जिस्म मे ब्दे दूध से भरे चुचे और चिकना कचा मुलयूं पेट देख देख कर दोनो और ज़्यादा भड़कने लगे और मेरे उपर अपना हक़्क़ और ज़्यादा मागने लगे. उनका घुस्सा और हवस मेरे नाज़ुक से 20 साल के मादक जिस्म पर और ज़्यादा निकलने लगा.

भैया के साथ मुझे रात को सोना पड़ता ताकि वो शांत रहे. यूयेसेस दिन मई उठी तो मनोज का फोन आया.

मई- हन बोलो?

मनोज- कहा हो तुम जल्दी आओ.

मई- मनोज मई बहोट ताकि हुई हू.

मनोज- मई कुछ नही जानता तुम्हे मेरी कसम आना होगा.

रात भर भैया के साथ बिस्तर पर सोक मई टूट गयी थी. लेकिन अब मनोज ने भी कसम देके मुझे मजबूर कर दिया तो जाना तो पड़ेगा. मई त्यआर होने लगी. सारी पहें कर इतने भैया सो रहे थे मई निकल गयी. मुझे देखते ही मनोज मुस्कुरा कर पास आए और मेरी नाज़ुक चींकी कमर मे हाथ डाल कर नोच ल्लिया मई शर्मा कर मुकुराने लगी.

मई- (शरमाते हुए) आपने मुझे कसम देके क्यू बुलाया.

मनोज ने मेरी गोरी दूध से भारी छ्चाटी घूरते हुए बोले-

मनोज- बस कुछ दीनो की बात और है फिर मई तुम्हे 1 सेकेंड के लिए भी नही जाने दूँगा.

मई शर्मा गयी.

मनोज- चलो तुम्हे सारी दिला देता हू.

मई- वो तो है मेरे पास.

मनोज- आरे तुम चलो तो सही.

फिर हम एक सारी की दुकान मे गये, वॉया भी मनोज मेरी कमर मे हाथ डाल कर बेत गये और सारी दिखाने लगे. मेरी ब्लाउस मे नंगी चींकी कमर देख कर वॉया ज़्ब मर्द भी मुझे ही घूर रहे थे.

मनोज- चलो गत्री ये ट्राइ करके आओ.

मई खड़ी होके ट्राइ रूम मे जाने लगी तो पीछे से मेरी कचि चिकनी कमर की मादक सलवटे देख कर मनोज अपना लंड मसालने लगे और दुकान वाला मुस्कुराने लगा.

आरे भैसाब कंट्रोल करो तोड़ा.

मनोज- क्या करू भैसाब कुछ दीनो मे हुमारी शादी होने वाली है अब कंट्रोल नही होता.

तो आप भी चले जाओ अंडर भाभी का ब्लाउस सही से टाइट कर देना.

ये सुन्न क मनोज खड़े हो गये और मेरे पीछे आने लगे.

मई- आरे आप कहा आ गये.

मनोज- चलो ज़रा मई भी तो देखु साइज़ ब्लाउस का.

मुझे शरम आ गयी. मुझे खिच कर मनोज ने अंडर ले ल्लिया और सिद्धा मेरी च्चती पर टूट पड़े. भूके कुत्ते की तरह उन्होने मेरी मुआलयूं दूध से भारी च्चती को चूसना शुरू कर दिया. मेरे दोनो हाथ पकड़ कर रोक लिए.

मई- आहह,. आहहूऊम्म्म्ममममममम. मनोज…. मनोज. रूको. ज़रा…. आहुउम्म्म्मम. उम्म्म्म..

उम्म्म्म प्पउक्च पुउच्च प्पुच स्प्सरर स्परर पर..

कककच कक्चककच्छ कक्च्छ क्कसप्सरर स्प्सरर स्परर कककच्छ आआआआआआआाआउऊचह..

कककच कच कचह कककचह कककचह कक्चह कककककचह..

उउंम्म प्पउक्च प्पुच प्पुच पुच्छ. ससपरर स्परर स्प्सरर स्परर प्पुउऊच..

मेरी दूध से भारी छ्चाटी और मुलयूं पेट मनोज ने चबा कर मेरी जान निकल दी और मैने सारी पहें ली जिसमे मेरे आधे चुचे भर दिख रहे थे. वैसे भी वो 20 की उमर मे ही भोथ मोटे थे तो मुझे शरम आ र्ही थी.

ऐसे ही मनोज ने मुझे15-20 ब्लाउस ट्राइ करने को बोला और ृर बार मेरे साथ चेंजिंग रूम मे घहुऊस जाते और मेरे मासूम कछे निपल और मुलयूं पेट को खूब चबा कर चूसने ल्गते. लास्ट मे उन्होने मेरे लिए एक ब्लाउस चूज़ कर लिया.

मई- मनोज. वो मेरा ब्लाउस. छ्होटा है ज़्यादा.

मनोज- नही सही है ऐसे ही.

मई- वो मई…

मनोज- बोला ना ठीक है.

मई- ठीक है.

अब अपने होने वाले पति की तो बात मई केसे ताल स्क्ति थी. हम भर आ गये. मैने अपनी च्चती और पेट च्छूपा लिए थे लेकिन फिर भी दुकान वाले ने देख ल्लिया और मनोज को देख कर मुस्कुराने लगा. फिर हम भर आ गये. लेकिन ये तो शुरुआत थी मुझ ऐसी सारी पहना कर मनोज मेरे जिस्म का पूरा रग़ाद रग़ाद कर मजा लेने वाले थे.

मई जानती वो मुझे छोड़ने के लिए तड़प रहे है और उनकी ताक़त का अंदाज़ा मुझे हो गया था. लगता है मेरी जान ही निकल देंगे. मेरी चिकनी कमर को 1 सेकेंड के लिए भी छ्चोड़ नही रहे थे. और फिर हम हॉल मे मोविए देखने लगे.

मई- आरे ये तो पुउरा खाली पड़ा है इसमे बहोट कॅम लोग है.

मनोज- तभी तो हम य्चा आए है.

मई- मतलब??

इससे पहेले मई कुछ समझ पाती मनोज ने मेरी कमर पकड़ कर खिच ली और वी एक चेर पर मुझे धकका दे दिया और घूर्ने लगे. ऐसे सिनिमा हॉल मे मुझे आदट नही थी तो मुझे शरम आने लगी.

मई- (शरमाते हुए) मनोज. उूुुुुुुुुुुउउम्म्म्मममममममममममममम…

वो सिद्धा मेरे होंठो पर टूट पड़े. मेरे गुलाब जेसे होंठ को उन्होने मूह मे भर लिया और चबा कर बुरी तरह काटने लगे. उम्म्म्ममम..

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मेरी सास फूल गयी. मेरे गुलाब जेसे होंठ को चबा कर उनमे खून निकल कर मनोज ने 20 मिनिट तक छहुउसा , मेरी तो जान ही निकल गयी और फिर उसके बाद हॉल मे ही मेरा ब्लाउस खोल कर मुझे उपर से नंगा कर दिया और मेरे चुचे और पेट को किसी बेरहें जानवर् की तरह चबा कर लाल कर दिया.

मई सिसकिया लेती र्ही और वो मेरे मुलयूं पेट और चुचो को नोच नोच कर चबाता रहे, यूयेसेस दिन मुझे उनकी हवस और ताक़त का एहसास हुआ. फिर हुँने खाना खाया और मई जाने लगी.

मनोज- अभी मत जाओ ना.

मई- (शरमाते हुए) मेरी जान निकल दी आपने अब तो जाने दो.

मनोज- ये तो कुछ भी (मेरी कमर मसालते हुए) एक बार शादी होने दो तुम्हे पूरा साल बिस्तर से उठने नही दूँगा.

मई शर्मा कर मुस्कुराने लगी.

मई- (शरमाते हुए) क्या आप भी.

मनोज- और क्या इतनी सनडर बीवी हो तो यही हाल होगा.

और फाइनली शादी होके मई मनोज के घर आ गयी. शादी के जोड़े मे भोथ मादक ल्ग र्ही थी. और मनोज ने सही कहा था. सुहाग्रात के दिन मेरी गुलाबी चिकनी छूट को देख कर वो पागल हो गये और यूयेसेस रात उनके खड़े लंड ने एक ही झतके मे मेरी टाइट छूट को अंडर तक चियर डाला. मई काप गयी हिल गयी पूरी.

मई- आआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआआअहह. मुम्मय्यी.. आआआआआआआआआआआआआआआआआअहह…

मनोज ने अपना मोटा लंड मेरी छूट मे अंडर तक एसा घुसेड़ा की मई काप्ते हुए पानी निकल गया और पुउरी रात मनोज ने.

ग्घहप्प्प्प. ग्घप्प्प. ग्घप्प्प. आआआआआअ…. ग्घप्प्प. ग्घप्प

फचह. फच फच्छ. फच्छ. आआआआआआआआआअहह. मॅर गयी. उउंमाआआआआआआआआआआहह

फच फच फच्छ. फच फच…. फचककककककच…. फफफककक्चह.

धप्प्प्पाा. द्धप्प्प्प. द्धप्प्पाा. द्धप्प्प. द्धपााअ. द्धप्प्प

आआआआआआआआआआआआआआआआअहह. बस. आ. आआआआआआआआआआआआआआआअ. आअहह

आहह. आहह. आ. आहह. फफचह. फक्चफ़. सी. च्च्छ. फचह
ग्घहप्प्प्प. ग्घप्प्प. ग्घप्प्प. आआआआआअ…. ग्घप्प्प. ग्घप्प

फचह. फच फच्छ. फच्छ. आआआआआआआआआअहह. मॅर गयी. उउंमाआआआआआआआआआआहह

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धप्प्प्पाा. द्धप्प्प्प. द्धप्प्पाा. द्धप्प्प. द्धपााअ. द्धप्प्प

आआआआआआआआआआआआआआआआअहह. बस. आ. आआआआआआआआआआआआआआआअ. आअहह

आहह. आहह. आ. आहह. फफचह. फक्चफ़. सी. च्च्छ. फचह

मुझे छोड़ छोड़ बेहोश ही कर दिया. उनकी ताक़त और हवस मेरे जिस्म पर ऐसे टूट कर गिरी की मुझे कुछ होश नही था. मुझे आज भी याद है 2 हफ्ते तक उन्होने मुझे सुहग्रात के यूयेसेस रूम से भर नही आने दिया था.

रात भर मुझे छोड़ कर जब वो सुबह मुझे सारी मे देखते तो उनका लंड फिर से खड़ा हो जाता और मेरी कम्र पकड़ कर वो मुझे फिर से बेड पर धका दे देते और पूरा दिन मुझे नंगा ही र्खते और मेरी छूट को अंडर तक छोड़ छोड़ कर फाड़ कर रख देते थे.

मेरी यूयेसेस कची जवानी का मनोज ने खूब मज़ा करा शादी के बाद. मेरी जेसी जवान माडल लड़की उनके हाथ मे आ गयी थी जिसको वो खूब रग़ाद रग़ाद कर कुटिया ब्ना कर छोड़ रहे थे दिन रात.

मेरे चुचे और भी कस्स गये और दूध से भर गये. मेरा जिस्म यूयेसेस उमर के हिसाब से कुछ ज़्यादा ही मादक हो गया पेट भी मुलयूं हो गया और गंद भी मोटी हो गयी. मुझे भी अपने पति की सेवा करने मे भोथ मजा आता था. अब ससुराल के काम और अपने पति की हवस को पूरा करना मेरी ज़िम्मेदारी थी.

दिन भर सासुराल मे काम करके जब मई बेड पर रात को आराम करने आती तो मनोज पहले से ही अपना मोटा लंड लेके इंतज़ार कर रहे होते थे. मई शर्मा जाती दिन भर की थकान के बाद अपने पति को अपने इस मादक जिस्म का सुख देना भी तो मेरी ज़िम्मेदारी थी.

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