रेलगाड़ी का सफर

अब एक लदका मेरे उप्पर लेत गया(नकेद) और मुझे चुमने लगा। फिर उसने मेरे चुत मेन अपना लुनद घुसा दिया। मेन मुह सी चीख निकल गये, ऊऊह्हह्हह…… ह्हह माअन, मैन बोलि, पलेअसे धेरे घुसये, वहो बोला चुप रनदि, मेरे जैसा मन करेगा मैन वैसे घुसावँगा।वहो मुझे चोदता रहा थोदि देर बाद वहो चला गया , और फिर दूसरा आया। ऐसे उन 6 लदको ने मुझे बरि बरि से चोदा।त्रैन के जेरकिनग के करन मुझे उनके परेस्सुरे कुच जदा हि लग रहे थे। और फिर मुझे अपना लुनद चुसया। फिर उन लोगो ने मुझे बेरथ पे उलता लेतया और मेरे गानद भि मरा। रात भर मुझे करिब 20 बार चोदा गया और उतने हि बार गानद भि मरि गये।

सुभा 6 बजे वहो चले गये, पर मेरे चूत और गानद मेन अभि भि दरद हो रहा था। मैन उथे और कपदे पहन के अपने सबिन मेन गये। वोहन मैने देखा कि पूनम नकेद लेति हुइ है। मैने पूचा तो उसने बतया कि उन 6 लदको ने उसे भि रात भर चोदा। उसकि कहनि मैन आपको बाद मेन बतावँगि

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