थ्रीसम में लंड और बूब्स चुसाई का मज़ा

अब अंजलि जग्गू भाई के कपड़े निकाल देती है. जग्गू भाई सिर्फ़ वाइट अंडरवेर में होता है. वो सोच रही थी अंडरवेर में इतना बड़ा दिख रहा है, कितना बड़ा लंड होगा. अब अंजलि जग्गू भाई का हाथ पकड़ कर उसको पूल के अंदर ले जाती है. दया जग्गू भाई को इशारा करती है की आओ मेरे पास.

जग्गू भाई तो दया की इस अदा पे फिदा हो जाता है. उसको आज ये दोनो जो मज़ा करवा रही थी उसका आज तक ऐसा एक्सपीरियेन्स नही हुआ था. जग्गू भाई अब अंजलि से अलग होके दया को अपने पास खींच लेता है. दया भी उसके तकले पे हाथ घूमती है, और उसके गाल पर किस करती है, और उसके कान में बोलती है.

दया: मुझे भी आपका प्यार चाहिए. मेरा ड्रीम था की कोई लंबा-चौड़ा आदमी मेरी चुदाई करे. टापू के पापा के साथ मज़ा नही आया. आप मुझे प्यार दोगे ना? ई लोवे योउ.

जग्गू को तो अपनी किस्मत पे यकीन नही था, की एक साथ दो घरेलू औरतों के साथ ऐसा मज़ा मिल रहा था. अब दया जग्गू भाई के होंठो पर अपने होंठ रख देती है, और डीप किस करती है. अपनी लार जग्गू भाई के मूह में डाल रही होती है.

दया का किस करने का स्टाइल जग्गू भाई को अछा लगा. दारू और दया दोनो का एक साथ नशा हो रहा था उसको. 2-3 मिनिट की किस के बाद जग्गू भाई दया से अलग होता है. फिर वो पूल के किनारे बैठ जाता है. वाइट अंडरवेर तोड़ा ट्रॅन्स्परेंट हो जाता है. उसके लंड को देख कर दोनो हॉर्नी हो जाती है. दोनो एक साथ उसका लंड छ्छू लेती है.

जग्गू भाई: क्या बात है? दोनो को इतनी तलाप. मेरा लंड लेने के लिए दोनो मॅर रही है. मैं आज आप दोनो की छूट का भोंसड़ा बनाने वाला हू. तारक और जेता को आप भूल जाओगी. यहा पे मुझसे छुड़वाने आ जया करोगी.

दया: ऐसा है तो हम भी आपको ऐसा चरमसुख देंगे, की मीनाक्षी की छूट नही हमारी छूट याद आएगी.

अंजलि: मैं तो आपके इस लंड के नीचे रहना चाहती हू. आप जब भी याद करेंगे में आपकी रंडी बन जौंगी.

अब दया और अंजलि एक साथ उसका अंडरवेर नीचे खींच कर निकाल देते है. जग्गू का लंड 8 इंच लंबा 3 इंच मोटा था. पूरा डार्क ब्राउन कलर का लंड था. उसके उपर थोड़ी झांते थी. जग्गू पूरा नंगा हो जाता है.

उसके सामने 2 सेक्सी बॉम्ब होते है. अब दोनो एक साथ तोड़ा नीचे झुक कर पूल में बैठ जाती है. दोनो एक साथ जग्गू का लंड साइड से किस करती है. और दोनो एक साथ साइड से लंड चाट रही होती है.

आप ये समझो की दोनो ने जैसे लंड का बीच में से बटवारा कर दिया हो. दोनो एक साथ जग्गू भाई का एक-एक गोता मूह में ले लेती है. फिर उसको लीक करती है. जग्गू भाई के लिए ये सब हॅंडल करना मुस्किल था. वो दोनो की पीठ सहला रहा था. गोते से लेकर लंड के टोपे तक एक साथ चुसाई और चटाई चल रही थी. दोनो प्रोफेशनल रंडियन लग रही थी.

अब दया से रहा नही जाता और वो अंजलि को इशारा करती है. अंजलि खड़ी हो जाती है, और जग्गू भाई को लीप किस देती है. दया अब जग्गू का पूरा लंड मूह में लेती है. दया लंड चूसने में अपनी प्रतिभा दिखा रही थी, तो यहा अंजलि किस करने में. और जग्गू भाई दोनो के मज़े ले रहा था. दो पेग दारू और दो सेक्सी भाभीया मिल जाए, तो कोई भी जन्नत फील करता है.

जग्गू अंजलि को किस करने के साथ एक हाथ से दया की बॅक सहला रहा था, और एक हाथ से अंजलि के बूब्स दबा रहा था. अब वो अंजलि की ब्रा निकाल देता है, और उसके नंगे बूब्स सहला रहा था. उसके 34″ साइज़ के दोनो बूब्स बहुत ही सॉफ्ट थे. और उसके लाइट ब्राउन निपल एक-दूं खड़े हो चुके थे. वो अपनी जीभ से अंजलि के निपल तो टच करता है, और अंजलि पूरी हिल जाती है. उसके रोम-रोम में करेंट दौड़ जाता है.

वो जग्गू भाई जैसे कड़क हाथो से पहली बार अपने बूब्स डबवा रही थी. जग्गू उसके निपल मूह में लेकर चूस्टा है. धीरे-धीरे वो बूब्स को हार्ड प्रेस करता है. अंजलि को तोड़ा दर्द होता है. जग्गू भाई आम के गटले की तरह बूब्स को निचोढ़ रहे थे, और निपल चूस रहे थे.

अंजलि की चीख निकल जाती है. वो पहली बार ऐसी हार्ड बूब्स चुसाई करवा रही थी. अब अंजलि ने जग्गू का मूह उसके बूब्स से अलग किया, और जग्गू के लिप्स पर फुल जोश में किस करना स्टार्ट कर दिया. वो उसके लिप्स की चुसाई ऐसे कर रही थी, जैसे जग्गू ने उसके बूब्स चूज़ थे. फिर अंजलि ने लास्ट में उसके लिप्स काट लिए. जग्गू भाई के लिप्स से ब्लड निकल गया. अंजलि फिर अलग होती है और उसने स्माइल की.

अंजलि: क्यूँ, मज़ा आया ना डार्लिंग?

जग्गू भाई: बहुत मेरी जान. तुम दोनो मेरा दिल ले चुकी हो. अब मैं आपका हू.

अब दया जग्गू का लंड मूह से निकालती है, और दया की लार से जग्गू का ब्राउन लंड पूरा शाइन कर रहा था. अंजलि दया के मूह की लार देख कर उसकी लार चाटने के लिए उसको लिप्स किस करती है. उसको दया और जग्गू भाई के लंड का एक साथ टेस्ट आ रहा था.

अब अंजलि और दया पोज़िशन चेंज करती है. अंजलि नीचे झुक जाती है. वो पहले तो लंड को हाथ में लेती है और आचे से देखती है. लंड इतना हार्ड था की लोहा समझ लो. वो जग्गू के पीछे इतनी पागल हो गयी थी, की वो भूल चुकी थी की वो तारक के साथ आई थी. और उसका पति बाहर गार्डेन में बैठा था.

पहले तो उसने दया की लार को लंड के उपर से चाट लिया, और पानी से लंड फ्रेश कर दिया. पहली बार वो किसी गैर मर्द का लंड मूह में ले रही थी. अंजलि अब इतना ज़ोर से लंड चूस रही थी की जग्गू और दया की किस ब्रेक हो रही थी. अंजलि पूरा लंड गले तक लेना चाह रही थी. लंड लेने के टाइम उसके लिप्स स्ट्रेच हो रहे थे. जग्गू के लंड पे उसके दांतो के निसन आ गये थे.

दया: क्या बात है अंजलि भाभी, इतना जोश कहा से?

अंजलि: ऐसा लंड मिले तो जोश आ ही जाता है. जग्गू की रंडी बन कर यहा रहना चाहती हू.

दया (जग्गू के सिर पर हाथ घूमते हुए): हा अंजलि भाभी, मैने बहुत लंड लिए, पर जग्गू के लंड में कुछ और ही बात है.

अब दया भी अंजलि के साथ जग्गू का लंड चूसने झुक जाती है. दोनो बहुत आचे से लंड चूस्टी है. और साथ में ज़ोर-ज़ोर से लंड हिला रही होती है. जग्गू भाई का लंड अब झाड़ ने वाला होता है. और वो ज़ोर-ज़ोर से मोन करता है. दया और अंजलि रंडी की तरह लंड मूह के अंदर बाहर करती है.

दया अंजलि का सर जग्गू के लंड पे दबाती है. अंजलि की साँस अटक जाती है, आँखों से आँसू निकल जाते है, और चेहरा पूरा लाल पद जाता है.

अब जग्गू भाई झाड़ हटा है, और स्पर्म दोनो के फेस पे गिरता है. अब अंजलि और दया एक-दूसरे के फेस का स्पर्म चाट-ते है. फिर दोनो रिलॅक्स हो जाते है और जग्गू भाई के साथ बैठ जाते है. दोनो के बीच में जग्गू भाई बैठा हुआ होता है, और जग्गू भाई दोनो को हग करके बैठ जाता है.

जग्गू: तुम दोनो जो मज़ा दे रही हो, ऐसा मज़ा ना मुझे कभी मीनाक्षी से मिला है, ना कभी किसी रंडी से. मैने बहुत सी प्रोफेशनल रंडियों से सेक्स किया है. पर पहली बार मुझे आप दोनो से प्यार हो गया है. आप दोनो के पति बहुत लकी है, जो तुम दोनो की रोज़ चुदाई कर पाते है.

दया: हा हर मर्द को दूसरे की औरत ही पसंद आती है. इसलिए गैर मर्द चरम सुख देता है.

अंजलि: मैने आज पहली बार तारक को चीट किया है. लेकिन जो मज़ा इनके साथ आया है ऐसा तारक के साथ कभी नही आया है. तारक बहुत आचे से सेक्स करते है. मैं खुश हू उनके साथ, लेकिन आज कुछ अलग ही मज़ा आया है.

दया: टापू के पापा भी मुझे आचे से छोड़ते है. वो तो मुझे बहुत हिला देते है. लेकिन जग्गू भाई की हाइट देख के मैं अपने आप को रोक नही पाई.

अब तीनो स्विम्मिंग पूल के बाहर आ जाते है. दया और अंजलि अपनी ब्रा पनटी वाहा सूखा देती है, और पूरी नंगी हो जाती है. दोनो ने रात को ही अपनी छूट शेव की थी. दोनो का प्लान था की जग्गू भाई को सिड्यूस करके छुड़वाने का.

पूल के बाजू में शवर होता है. वाहा ये साथ शवर करते है. जग्गू, दया, और अंजलि की बॉडी पर शवर गेल लगा कर बॉडी वॉश करता है. और दया और अंजलि जग्गू की बॉडी वॉश करते है.

तीनो अपनी बॉडी पोंछ कर बेडरूम की और जाते है. जग्गू भाई साथ दारू की बोतटे और ग्लास पकड़ लेता है. अगली स्टोरी नेक्स्ट पार्ट में. आपको पता चलेगा कैसे जग्गू भाई दया और अंजलि की चुदाई करते है, और बाहर गार्डेन में मीनाक्षी और तारक क्या कर रहे होते है.

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