थ्रीसम के लिए बीवी बनी रांड़

ही फ्रेंड्स, जैसा की कहानी के पिछले पार्ट में मैने आपको बताया की कैसे लखन ने लाइट्स ऑफ होते ही मेरी बीवी को किस किया, और उसके बॉब्स पे लगा केक खाया. ये स्टोरी का पार्ट 3 है. अब आयेज की कहानी की और बढ़ते है.

पार्टी ख़तम होने के बाद मैं और पूजा होटेल के रूम में आ गये थे. पूजा चुप होके बेड पे बैठी थी. फिर मैने उससे पूछा-

मे: क्या हुआ?

पूजा: बेबी कुछ बताना है आपको.

मे: हा बोलो ना जान ( पूजा को पता नही था की मैने लखन को उसे किस करते हुए देख लिया था).

पूजा: वो मुझे पार्टी में लाइट्स ऑफ होने के बाद लखन ने किस कर लिया था.

मे: तो इसमे इतना साद होने वाली क्या बात है? जान यहा मैं तुम्हे उसके साथ चूड़ने के लिए ही तो लाया हू. अभी तो सिर्फ़ किस हुआ है. अभी तो वो आपको बुरी तरह मसलेगा मेरे ही सामने.

पूजा का चेहरा एक-दूं लाल पद गया ये सुन कर, और वो बोली-

पूजा: जान मुझे अजीब लग रहा है बहुत. एग्ज़ाइट्मेंट भी हो रही है. क्या मैं आप दोनो को एक साथ झेल पौँगी?

मे: बहुत मज़ा आएगा जान. मैं आपकी गांद मारूँगा और लखन आपकी छूट में पेलेगा. दोनो लंड एक साथ जब अंदर-बाहर होंगे, तो आप सारी टेन्षन भूल जाओगी.

ऐसे वर्ड्स सुन के पूजा सिहार सी उठी, और मेरी गोद में बैठ कर मुझे ज़ोर से किस करने लगी. मैने उसके बूब्स पे हाथ रख के ज़ोर से दबाया उसकी चीख निकल गयी ह की.

पूजा: इतनी ज़ोर से दबा रहे हो पागल.

मैने देखा उसकी आँखों में आँसू आ गये थे. फिर मैने उसे कहा-

मे: जान ई लोवे योउ सो मच. बुत आज मेरा ब’दे है, और मुझे किसी चीज़ के लिए आप माना नही करोगी. आज पूरी रात आपको इस तरह का मीठा दर्द मिलेगा. प्रॉमिस करो पूरा साथ डोगी मेरा.

पूजा: प्रॉमिस, शिवम जो करना है, जैसे करना है, और जितना भी दर्द देना है दे लो. भूल जाओ की मैं आपकी वाइफ हू. एक कॉल गर्ल की तरहा ट्रीट करो मुझे.

मैने पूजा को हग कर लिया. तभी मेरा फोन बजने लगा. मैने मोबाइल देखा तो लखन का कॉल था, तो मैने कॉल रिसीव किया.

लखन: हेलो मेरे भाई, भाभी के साथ मस्ती करने में मुझे भूल गया क्या?

मे: नही भाई, मस्ती तो तेरे साथ मिल के ही स्टार्ट होगी. कहा है तू? आजा 12 बाज चुके है.

लखन: तू डोर तो ओपन कर, मैं बाहर ही खड़ा हू.

मैने पूजा को बोला: जाओ तुम डोर ओपन करो.

पूजा ने डोर ओपन किया, और लखन को स्माइल करते हुए बोली-

पूजा: आइए आपका ही इंतेज़ार था.

ये सुन के लखन मुस्कुराया, और आके सोफे पे बैठ गया. मैं भी सोफे के दूसरे कोनेर की तरफ बैठ गया. पूजा बेड पे बैठी थी.

मैने उससे कहा: यहा आओ ना जान. अब आज रात के लिए शरम को भूल जाओ.

पूजा उठ के मेरे पास आई. मैने उसे हम दोनो के बीच बिता लिया, और उसके लिप्स पे लिप्स रख दिए. 5 मिनिट स्मूच करने के बाद मैने लखन को इशारा किया, और वो पूजा को पीछे से गर्दन पे किस करने लगा.

पूजा को जैसे ही किस किया वो आँखें क्लोज़ करके मेरा लंड मसालने लगी. लखन थोड़ी देर बाद रुका, और पूजा को मुझसे अलग करते हुए खड़ा किया, और खुद से सता के किस करने लगा. पूजा ने बस आँखें बंद की हुई थी. उसे कोई फराक नही पद रहा था, की वो किसकी बाहों में थी.

वो बस जो हो रहा था उसे एंजाय कर रही थी. मैं भी यही चाहता था. मैं सोफे पर बैठे-बैठे देख रहा था.

लखन ने मुझे देखा, और मैने उसे कंटिन्यू करने का इशारा किया. अब लखन ने पूजा की सारी का पल्लू गिराया, और उसे निकालने लगा. अब पूजा ब्लाउस और पेटिकोट में थी. उसने सभी चीज़े ब्लॅक पहनी थी.

उसका गोरा बदन जैसे-जैसे लखन के सामने आ रहा था, लखन पागल होता जेया रहा था. लखन पूजा के पीछे आया, और अचानक जोश में आके पूजा का ब्लाउस दोनो हाथो से पकड़ा और फाड़ दिया.

पूजा की आँखें अचानक खुल गयी, और मुझे देखा और कोई रिक्ट किए बिना वापस आँखें बंद कर ली. ऐसा लग रहा था की वो बस इस पल में जो हो रहा था, उसे एंजाय करना चाहती थी.

अब लखन आयेज आया और पूजा के पेटिकोट का नाडा खींच दिया. उसका घाघरा सीधे पैरों में आके गिरा. अब पूजा सिर्फ़ ब्रा और पनटी में लखन के सामने थी. लखन ने पनटी के उपर से ही उसकी छूट को सहलाना शुरू किया.

पूजा की पनटी पूरी तरह गीली हो चुकी थी. अब लखन ने धीरे से उसकी पनटी में हाथ डाला, और अपनी बीच वाली उंगली पूजा की छूट में डाल दी. पूजा के मूह से आहह निकल गयी.

लखन अपनी उंगली को अंदर-बाहर कर रहा था. तभी पूजा ने उसका हाथ पकड़ा और सेक्सी आवाज़ में बोली-

पूजा: देवर जी, उंगलियों का ये काम नही है. मेरी छूट में अपना लंड डाल दीजिए. मुझसे अब रहा नही जेया रहा है.

बुत साला लखन छोड़ने के पहले पूरा एंजाय करना चाहता था. उसने पूजा की बात को अनसुना करते हुए पूजा को बोला-

लखन: भाभी जान, लंड तो मैं डालूँगा, पहले आप मेरे लंड की सेवा करो. फिर ये फल देगा आपको.

पूजा समझ गयी वो क्या बोलना चाहता था. फिर वो बेड पे बैठ गयी, और लखन उसके सामने खड़ा हो गया. पूजा ने अपना मूह खोला, और लखन का लंड मूह में रख लिया. लंड बहुत बड़ा था, इसलिए वो सिर्फ़ आयेज का तोड़ा हिस्सा और तोड़ा ही अंदर ले पा रही थी. लखन आ आ करके बस मज़े ले रहा था.

उसने पूजा से बोला: लोवे योउ सो मच भाभी. पूरा लंड लो अंदर तक.

पूजा ट्राइ तो कर रही थी, पर ले नही पा रही थी. इधर लखन बोले जेया रहा था-

लखन: और डीप भाभी, प्लीज़ और डीप.

तभी पूजा को खाँसी चल उठी. उसने लंड बाहर निकाल दिया, और बोली-

पूजा: देवर जी इतना मोटा लंड है. कैसे लू अंदर तक. मुझसे तो नही हो पा रहा है. आप कोशिश कर लो, अगर चला जाए पूरा डीप तक.

पूजा पूरी माधमस्त थी. वो नही जानती थी उसने क्या बोल दिया था.

लखन: अछा ऐसी बात है क्या भाभी जान? मैं तो पूरा डाल दूँगा, बस आपको तोड़ा अड्जस्ट करना पड़ेगा.

पूजा: देवर जी, आज की रात मुझे भाभी नही रांड़ समझो आप. जो जैसे करना चाहते हो कर लो, और करवा लो.

बस यही सुनने की देर थी, की लखन ने पूजा को बेड के कॉर्नर में बिता के उसे मूह खोलने को कहा. जैसे ही पूजा ने मूह खोला, लखन ने एक झटके में पूरा लंड पूजा के गले तक डाल दिया, और बिना रुके अंदर-बाहर करने लगा.

जैसे ही पूरा लंड अंदर जाता पूजा की आँखें बाहर आने को हो जाती. फिर जैसे ही बाहर निकलता, वो राहत की साँस लेती. 10 मिनिट ऐसे ही मूह छोड़ने के बाद लखन ने लंड मूह से निकाल लिया, और पूजा को उठा के बेड पे लिटा दिया.

पूजा को लगा वो उसे लीप किस करेगा, पर लखन ने सीधे अपनी जीभ उसकी छूट पर रख दी. पूजा ने सोचा नही था की वो ऐसा करेगा, क्यूंकी मैने भी कभी उसकी छूट पर किस नही किया था.

आयेज की स्टोरी नेक्स्ट पार्ट में बतौँगा. स्टोरी अची लगे तो कॉमेंट करिए.

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