टीचर स्टूडेंट की लेज़्बीयन सेक्स स्टोरी

हेलो दोस्तों, मेरा नाम रीना है, और मेरी उमर 23 है. मेरे बारे में और बतौ तो मेरा फिगर 32-30-34 है. मेरे बूब्स पर कितने लड़कों की नज़र होती है जब मैं बाहर निकलती हू तो. और मैं आमेडबॅड से हू.

अगर कोई लेज़्बीयन है, और अगर लेज़्बीयन सेक्स में इंट्रेस्टेड हो, तो मैल या फीडबॅक ज़रूर देना. और लेज़्बीयन गर्ल्स बेफिकर होके मेसेज कर सकती है. पिछली स्टोरी पर कोई फीडबॅक ही नही मिला है, तो इस कहानी पर फीडबॅक ज़रूर देना. मेरी एमाइल ईद है क्राज़्ीबल्ल893@गमाल.कॉम.

ये बात तब की है जब मैं कॉलेज के लास्ट एअर में थी. मेरे कॉलेज में एक टीचर थी. उनका नाम मधु था. वो दिकने मैं बहुत सेक्सी हॉट माल पटाखा जो बोलो वो कम है. उनकी आगे 36 साल की होगी आंड फिगर 34-28-30 था. जब वो क्लास मैं पढ़ने आती थी, तो मैं पढ़ती कम और उन्हे ज़्यादा देखती थी.

वो बहुत स्ट्रिक्ट थी. सभी उनसे डरते थे. और वो कहीं पर भी मार्टी थी. बॉडी में कही भी थप्पड़ मार दिया करती थी. मैं सोचती थी की जिस दिन मेरा टाइम आएगा इसे रंडी बना के बदला ज़रूर लूँगी.

मैं क्लास में शुरू से ही आयेज बैठती थी, ताकि उसके बड़े-बड़े बूब्स को और उनके फिगर को देख साकु. फिर ऐसे ही कुछ दिन बीट-ते गये. अब हमारे एग्ज़ॅम नज़दीक आने वाले थे, तो फिर हमारी एक्सट्रा क्लासस भी चालू हो गयी. मुझे कुछ चीज़ें समझ नही आ रही थी, तो मैं उनके पास गयी और मैने उन्हे कहा की-

मे: माँ मुझे कुछ चीज़ें समझ नही आ रही है. प्लीज़ हेल्प कर दीजिए.

मधु: देखो मेरे पास अभी तो टाइम नही है. बाद में आना. और तुम्हे इतनी बार समझाया है, फिर भी तुम्हे याद क्यूँ नही रहता है?

माँ ने ऐसा मुझे सुना दिया. ये सुन के मुझे बहुत गुस्सा आया. मैने सोचा जिस दिन ये रंडी अकेली मिलेगी, उस दिन इसका बुरा हाल कर दूँगी. मुझे नही पता था की ये सपना मेरा बहुत ही जल्द पूरा होने वाला था.

मैने फिर से कॉलेज ख़तम होने के टाइम पूछा माँ को, तो माँ ने इस बार मुझे कहा की-

मंम: मैं अभी तो नही बता सकती. एक काम करो, तुम घर जेया कर फ्रेश हो जाओ, और शाम को मेरे घर आना. जो भी प्राब्लम होगी, मैं सॉल्व करवा दूँगी.

मैं तो खुश हो गयी और कॉलेज से घर चली गयी. फिर घर जेया कर खाना खाया और नहा-धो के माँ के घर जाने के वेट करने लगी. उसके बाद मैं घर वालो को माँ का बोल के उनके घर के लिए निकल गयी.

मैं माँ के घर पहुँची और फिर मैने डोरबेल बजाई. माँ ने दरवाज़ा खोला. माँ काफ़ी हॉट लग रही थी. उन्होने नेट वाली निघट्य पहनी हुई थी. माँ नहा के निकली थी, इसलिए माँ के सर पर टवल लपेटा हुआ था.

फिर माँ ने मुझे अंदर बुलाया, और बैठने को कहा. उसके बाद माँ किचन में गयी, और मेरे लिए छाई और कुछ नाश्ते का समान लेके आई. मैने पहले ना कहा और फिर हम दोनो ने नाश्ता किया. फिर मैने बुक ओपन की और माँ को बताने लगी की मुझे क्या समझ नही आ रहा था.

फिर माँ मुझे बार-बार समझा रही थी, बुत माँ की क्लीवेज ओपन थी और मुझे सॉफ-सॉफ दिख रही थी. मेरी नज़र बार-बार वहाँ ही जेया रही थी. शायद माँ ने भी ये देख लिया था. और माँ मुझे बार-बार बोल रही थी की पढ़ाई में ध्यान दो, यहाँ नज़र रखो.

(नेक्स्ट कों सी स्टोरी का पार्ट उपलोआड करू, उसका फीडबॅक ज़रूर देना मी लव्ली रीडर्स)

मेरा ध्यान वहाँ बार-बार जेया रहा था, तो माँ मेरे पर फिर से गुस्सा हो गयी. उन्होने मुझे चुटकी भारी. मुझे बहुत दर्द हुआ, लेकिन इस बार मैने ये बर्दाश्त नही किया और एक ट्रिक करी. मैं माँ की क्लीवेज को लगातार देख रही थी और माँ ने भी ये देख लिया.

माँ: ये क्या देख रही हो तुम, मैं तुम्हे कब से नोटीस कर रही हू?

इस बार मेने सीधा माँ को बोल दिया, जिससे माँ शॉक हो गयी-

मे: माँ आपके बूब्स कितने बड़े और रसीले लग रहे है.

माँ: रीना ये किया बोल रही हू तुम? मैं तुम्हारी टीचर हू.

मे: मॅन कर रहा है इन्हे निचोढ़ डू और दबा-दबा के पी जौ.

माँ ये सुन के गुस्सा हो गयी और कहती: रूको, मैं तुम्हारे घर फोन लगती हू.

फिर माँ जब फोन करने के लिए उठी, तो मैने माँ का हाथ पकड़ा और उन्हे अपनी तरफ खींचा. इससे वो मेरे उपर सोफे पर लेट गयी और मेरे होंठ माँ के होंठो से मिल गये.

माँ पीछे हटने की कोशिश करने लगी, पर मैने माँ को पकड़े रखा. मैं उनके लिप्स को चूस रही अहह फक.

माँ: अहह छ्चोढो रीना, ये क्या कर रही हो? मैं तुम्हारी टीचर हू जाने दो मुझे अहह.

मे: बहुत गुस्सा करती थी ना, आज सब हिसाब करूँगी साली, अहह क्या मस्त होंठ है अहह ओह.

मैने माँ के गांद को पकड़ लिया, और दूसरे हाथ से उनके बूब्स को दबाने लगी. फिर मैने माँ के उपर वाले होंठ पर काट लिया और माँ चिल्ला उठी.

माँ: ह ऑश धीरे करो. अहह छ्चोढ़ दो मुझे अहह. दुख रहा है साली, छ्चोढ़ मुझे.

मे: अब पता चला साली रंडी दर्द क्या होता है. बहुत मारा है मुझे. अब तू भी ले दर्द के मज़े. ले साली रॅंड अहह.

फिर मैं माँ के बूब्स दबाने लगी. बहुत ज़ोर से दबा रही थी. फिर एक-दूं से माँ के सॉफ्ट काले निपल्स को दबा दिया. माँ की दर्द के मारे आँखें उपर हो गयी अहह ओह.

माँ: ऑश फक, अहह धीरे रीना. मैं सॉरी बोलती हू. अब से नही गुस्सा करूँगी ह अहह ओह.

मैं माँ को इतना आचे से किस कर रही थी की माँ अब धीरे-धीरे मेरा साथ देने लगी. वो मुझे किस करने देने लगी. माँ ने भी अब मेरी कमर पर हाथ रख दिया था और दूसरा हाथ मेरे बालों पर रखा हुआ था. मैने फिर माँ की छूट पर हाथ रखा और उपर-उपर से मसालने लगी अहह ओह फक.

मंम: अहह रीना प्लीज़, धीरे-धीरे करो रीना प्लीज़ अहह. मैं कहीं भागी नही जेया रही हू रीना अहह ओह अहह.

मे: साली बहुत शौंक था ना गुस्सा करना का. आज तो तुझे मेरी रंडी बनौगी और छूट चत्वौगी साली मदारचोड़ अहह ओह. अहह फक, बहुत मस्त फिगर है माँ आपका अहह ओह.

नेक्स्ट पार्ट में पढ़िए की कैसे मैने मेरी टीचर को रंडी बनाया और फिर उनका आचे से ट्रीटमेंट किया. तब तक के लिए स्टोरी का मज़ा लीजिए.

थॅंक योउ.

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