मेरी टीचर को पसंद आया मेरा लंड

कुछ दीनो बाद मई तूतिओं भी पढ़ने चला गया कुमुदिनी माँ के घर. जहा कुमुदिनी माँ मुझको अवोदे करने की पुर कोशिश कर रही थी. तभी उनके घर मे भी कोई ना था. बस हम कुछ स्टूडेंट ही थी जिनको माँ तूतिओं पढ़ा रही थी.

वो सारी मे थी, मेरी नज़र तो उनकी पतली कमर पर रही गयी थी. जिसको देख कर ही मेरा खड़ा हो गया था और मुजको मालूम ही ना था.

कुछ होमवर्क दिखाने के लिए मई उनकी पास गया और नोट दिखाया. तो उनकी आँखे मेरी नीचे की तरफ हो रही गयी तब मुजको महसूस हुआ की मेरा खड़ा हुआ है और टेंट बन गया है पंत मे. मई साइड हो कर बैठने के लिए चला गया.

उस शाम तूतिओं क्लास के बाद –

कुमुदिनी – आकाश मुझे तुझसे कुछ बात करनी है.

मे – जी.

कुमुदिनी – मई तुझसे वो हादसे के बारे मे बात करना चाहती हू जो उस दिन हुआ.

मे – माँ वो अंजाने मे हुआ, मेरा पॉकेट फटत गया था.

कुमुदिनी – सच बोल आकाश, मैने सब सुन लिया था. एग्ज़ॅम के बाद तूम्मरी और विकी की बाते. तुम लोगो का क्या प्लान था, क्यू तुम ने जान बुझ कर पॉकेट फादा था.

मैं शॉक हो गया की कुमुदिनी मेरी और विकी की सारे बाते सुन ली थी जो एग्ज़ॅम के दिन हुई थी. और वो बार बार पूछ रही थी तो मई बता दिया-

मे – वो सब रश्मि मेडम का हाथ पड़े इसलिए किया था, और ग़लती है अपने…

कुमुदिनी – क्या?!! तुम ये सब कर रहे हो, अपने मेडम के लिए ऐसे सोच, मई इस बारे मे तुम्हारे पेरेंट्स से बात करूँगी!

मे – तो आपको भी तो पसंद आया था मेरा पकड़ के.

कुमुदिनी शॉक हो गयी – क्या.. क्या बोल रहे हो..?

मैं – मैने आपकी और रश्मि माँ की सारे बात सुन ली थी.

वो भी शॉक हो गयी ये सुन कर और चुप हो गयी, मई उनकी और बढ़ा..

मे – माँ, मई भी काफ़ी दुखी था 2 दीनो से की मेरी फवरॉइटे माँ मेरे बारे मे अब क्या सोच रही होंगी. लेकिन जैसे ही सुना की आपको पसंद आया, ये सुन कर बहुत ख़ुसी हुई, आप मुझको बहुत अची लगती हो माँ.

कुमुदिनी – वो बस वैसे ही बोल दिया मैने.

मे – तो आपने कुछ कहा क्यू नही जब आपका हाथ मेरी वो जघा लगा तो. और रश्मि माँ को मेरा नाम बताया क्यू नही?

मेरी बात सुन कर वो कुछ बोल ही नही पाई. मुझे लगा ये सही मौका है अपनी किस्मत मेडम पे आज़माने का. और मई कुमुदिनी माँ का हाथ पकड़ के अपने तरफ कीच लिया और होत पर एक किस दे दिया बिना देरी किया और अलग हो गया.

माँ अभी भी मुझको देख रही थी शॉक से. वो कुछ ना बोली तो मई आयेज बढ़ने का सूचा. और उनके होतो से अपने होतो को फिर से ज़ोड दिया और होतो का रस पन लग गया.

मई अपने हाथ ढेरे से ले जेया कर उनकी पतली कमर मे रख दिया. और उनकी मस्त पतली कमर मे हाथ लगते है मेरी तो लंड 90 डेग खड़ा हो गया. मई उनकी गर्दन मे किस्सिंग करना शुरू कर दिया.

मैने आचनक महसूस किया की कुमुदिनी कफ रही है. और वो ढेरे ढेरे मुझको कस के पकड़ ली. मई समझ गया की उनके भी मॅन मे भी इतचा भारी हुई है.

मई उनकी कमर को कस के पकड़ लिया और उनकी सारी के उपर से ही बूब्स मे किस करने लगा. और ढेरे ढेरे नीचे जा कर कमर मे किस किया. तब कुमुदिनी माँ के मूह से उम्म उम्म की आवबाज़ निकलनी शुरू हो गयी.

मे – माँ आपको किस पसंद आ रही है ना?

कुमुदिनी – उम उम पता नही जो हो रहा है वो सही है या नही लेकिन अछा लग रहा है उम्म्म आहह…

मई ये सुन कर जोश मे आ गया और सारी को ब्लाउस से अलग कर दिया. और ब्लाउस के उपर लगातार किस करना शुरू कर दिया. मैने माँ की सारी निकल दी और उनके बूब्स पर हाथ रख कर ढेरे ढेरे दबाना शुरू कर दिया जिससे वो तड़पने लग गयी.

मे – आपके बूब्स तो काफ़ी सॉफ्ट लग रही है माँ, मुजको नही पता था की बूब्स इतने सॉफ्ट होते है.

कुमुदिनी मेडम आहह आहह कर रही थी. मई उनको उनके बेड मे लेता दिया और उनके उपर लेट कर उनके ब्लाउस के बटन खोल दिया. और उनकी सफेद ब्रा के उपर किस करने लग गया थोड़ी देर.

फिर उनका पेटाकोटे को भी निकल के ब्रा पनटी मे ले आया. वो काफ़ी खूबसूरत लग रही थी मुझको. मई अपने आपको नही रोक पाया और उनके उपर कूद पड़ा. फिर किस करते करते उनकी ब्रा भी निकल दी और बूब्स को आज़ाद कर दिया.

कुमुदिनी मेडम के बूब्स काफ़ी सॉफ्ट और फूले हुए थे. जिसको देखते ही मेरे मूह मे पानी आ गया. और मई अपना मूह उनके पिंक निपल मे रख कर चूसना शुरू कर दिया.

वो अहह उम्म्म उम्म उम्म की सिसकिया लेनी लग गयी. मई बारी बारी से दोनो बूब्स को अपने मूह मे ले जेया कर चूसने लग गया. और दूसरे हाथ से दूसरे बूब को पकड़ के मसालने लग गया फिर तोड़ा ज़ोर से मसल दिया.

कुमुदिनी – ह आकाश ढेरे दब्ाओ, ये पहली बार है की कोई मेरे बूब्स दबा रहा है.

मे – ओह सॉरी माँ, आपके बूब्स इतने प्यारे है की मई अपने आप को रोक नही पाया.

मई काफ़ी देर तक किस्सिंग करने लग गया बूब्स को और फिर उनकी पनटी को निकल दिया. तो उनकी गीली छूट मेरे सामने आ गयी. मैने जैसे ही छूट को हाथ लगाया तो मई समझ गया की वो वर्जिन है.

मे – माँ आप तो वर्जिन हो.

कुमुदिनी – ओह मई कभी रिलेशन्षिप मे नही रही.

मे – क्या बात कर रही है आप माँ, आप जैसी खूबसूरत माँ कभी रिलेशन्षिप मे नही रही… और मुजको लगता था की आपके काफ़ी बाय्फ्रेंड रह चुके होंगे.

कुमुदिनी – हहा क्या तुझको सच मई ऐसा लगा? हहा तुम रिलेशन्षिप मे रह चुके हो इसका मातब ये तो नही की सब रह चुके होंगे.

मे – मई वो… मई वो… मई भी वर्जिन हू..

कुमुदिनी – क्या? मुझको तो यकीन नही हो रहा है.. हा तो क्या मई तुम्हारा वो चीज़, मतलब लंड देख सकती हू?

मे – ज़रूर माँ, मई तो आपकी और रश्मि माँ की बाते सुनने की बाद से ही आपको अपना लंड दिखना चाह रहा था.

मई अपने सारी कपड़े उतार कर उंदर्वारे मे माँ की सामने खड़ा हो गया.

मे – आप ही उतार दीजिए ना माँ.

कुमुदिनी माँ मेरे उंदर्वारे को जैसे ही नीचे की मेरा खड़ा लंड झट से उनके मूह के आयेज आ गया. जिसको देख कर वो चौक गयी और देखने लग गयी थोड़े देर.

मे – पकडीए ना इसको माँ.

कुमुदिनी माँ मेरे लंड को ढेरे से हाथ मे पकड़े. उनके हाथ पड़ते ही मेरा लंड गरम हो गया और लोहे सा सकत हो गया. जिसको वो थोड़ी देखने लगी और सहलाने लग गयी लोड को.

मे – मई अपनी वर्जिनिटी आपको छोड़ के लूज़ करना चाहता हू माँ.

कुमुदिनी – तो मेरी भी कर दो.

कुमुदिनी माँ नंगी लेट गयी. वो नंगी लेट कर काफ़ी मस्त लग रही थी. मई ढेरे ढेरे उनके पास गया और लंड को को छूट के उपर सेट कर के रख दिया. और माँ की कमर को कस्स कर पकड़ लिया.

फिर ज़ोर का धक्का मारा जिससे माँ चीक पड़ी और मेरा लोड्‍ा माँ की छूट के अंदर घुस चुका था. वो अपनी वीरगिनी लूस कर चुकी थी और मई भी. मैने लंड जैसे तोड़ा बाहर निकाला, तो मेरे लंड मे तोड़ा खून लगा हुआ था.

मे – हम दोनो अब वर्जिन नही रहे माँ.

कुमुदिनी – हन आकाश अब और देरी मत कर.

मई माँ के उपर लेट गया और माँ को कस कर पकड़ लिया. और आपको लोड को माँ के अंदर झटके दे कर डालना और बाहर निकलना शुरू कर दिया.

माँ थोड़ी चटपटी हुई मुझको कस्स कर पकड़ ली और ह अहह की आवाज़ करनी लग गयी. माँ की छूट टाइट थी जिससे लंड पूरा नही घुस रहा था.

मे – काफ़ी टाइट है आपकी छूट माँ.

कुमुदिनी – तेरा लंड बड़ा है इसलिए.

मे – आहह लेकिन आपकी जवान छूट मे डालने का मज़ा बहुत आ रहा है…

कुमुदिनी – ह आआहह मुझे भी पता नही था की सेक्स करने मे इतना मज़ा आता है ह आअहह उम्म्म मेरी छूट अहह…

माँ मुझको और कस कर पकड़ ली और उनके नाख़ून मेरी पीठ मे चब रहे थे. मई उनको किस भी दे रहा था और उनके बूब्स भी दबा रही था. उनकी चीख कमरे मे गूँज रही थी और मेरी कान मे भी.

मे – श माँ अहह आप काफ़ी सेक्सी हो आअहह माँ कोई सुन ना ले हमे…

कुमुदिनी – 9 भजे से पहले कोई नही आएगा आकाश.. और ये मेरा पहला सेक्स है तो मई अपने आपको रोकना नही चाहती, छोड़ो मुझे आकशह…

मई ज़ोर का धक्का देने लग गया और माँ झार गयी.

कुमुदिनी – वैसे एक बात पूचु तुझे आहह…

मे – हन पूछिए.

कुमुदिनी – तेरे मार्क्स बस मेरी पढ़ाए सब्जेक्ट मे ही इतने आचे क्यू है और बाकी मे आवरेज..?

मे – क्यू की आप मेरी फेवोवरिट टीचर हो माँ इसलिया. मई आपकी बात जयदा ही मॅन लगा कर सुनता हू और आप इतने आचे से समझते भी तो हो. आप दूसरे सब्जेक्ट पढ़ाएँगी तो उसमे भी मई आचे मार्क्स लौंगा.

कुमुदिनी – आहह अछा अहह ज़रूर पढ़ौँगी…

मे – लगता है मई थोड़ी देर मे झरने वाला हू माँ…

कुमुदिनी – आहह अंदर मत झरना आकाश.

मे – ओक माँ ह आह आ…

कुमुदिनी – आ आ आ आह आकाश आ छोड़ो छोड़ो छोड़ो…

थोड़ी देर बाद.

मे – मई झरने वाला हू आह…

मैने अपना लंड निकल दिया और मई माँ के उपर ही अपनी पिचकारी छोड़ दिया.

मे – सॉरी माँ आपके सरीर मे गिर गया.

कुमुदिनी – आह कोई बात नही आकाश और तू मुझे ऐसे माँ माँ मत बुलाया कर, मुझसे नाम से बुला.

मे – ह्म ज़रूर कुमुदिनी.

कुमुदिनी – तेरा गफ़ कोई नही है तो मुझको गफ़ बनाएगा?

मे – ये कोई पूछने वाली बात है कुमुदिनी, ज़रूर, इतनी सेक्सी गफ़ हो तो मज़ा आ जाएगा हहे.

आयेज की कहानी नेक्स्ट पार्ट मे पोस्ट करूँगा. स्टोरी कैसी लगी इसका फीडबॅक ज़रूर दीजिएगा और आप मुझे सुग्गेस्सिओं और फीडबॅक भी दे सकती है

यह कहानी भी पड़े  कॉलेज की वर्जिन गर्लफ्रेंड की मस्त चुदाई-1

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published.


error: Content is protected !!