शिल्पा से हुई फिर से मुलाकात फिर चुदाई

शिल्पा (जो की एक टीचर है) को उतार कर मई तो निकल गया जहा मुझे जाना था काम से. लेकिन वाहा मॅन नही लगा काम मे, बस शिल्पा ही शिल्पा दिमाग़ मे घूम रही थी. उसकी भूरी भूरी बड़ी बड़ी आँखे, कियारा जैसा चेहरा, आंजेलीना कैसे होंठ उफ़फ्फ़. उसकी याद मे काम मे बिल्कुल भी मॅन नही लग रहा था.

ऐसे वैसे काम निपटाया और 3 घंटे के बाद मे फिर से पालनपुर जाने के लिए निकला. ये ही उमीद के साथ की क्या पता शिल्पा फिर मिल जाए और उसे पालनपुर तक ले जौ.

मई अपने आप को कोस रहा था उसका क्यूकी उसका नंबर तक नही लिया था मैने इसलिए. खैर मई चला देखते हुए की पालनपुर जाने के रास्ते पे शिल्पा खड़ी भी है या नही. चलता रहा चलता रहा लेकिन वो नही मिली.

पालनपुर पहुँचते पहुँचते मैने पता नही कितनी बार खुद को कोसा होगा उसका नंबर नही लेने के लिए. अब देखता हू कब मिलती है शिल्पा!

दूसरे दिन बड़े आराम से कार चलते हुए उसी रास्ते से निकला पर वो नही दिखाई दी. मई मायूस हो गया, दोस्तो बहुत मायूस हो गया था सच मे.

ऐसा करीब 18 – 20 दिन तक हुआ, रोज जौ मई उसी रास्ते से और उसकी राह देखु, उसको ढूंडू. लेकिन उसका कोई आता पता नही. दिल बैठ सा गया था मेरा बिना उसे देखे.

इसी तरह 3 महीने निकल गये.

मेरा तो काम मे मॅन ही नही लग रहा था. कैसे जिस्म मे से मेरी आत्मा निकल गयी हो ऐसा हो गया था. मानो ज़िंदा लाश ऐसी हालत हो गयी थी मेरी.

इसी दौरान कुछ 3 महीने के बाद मुझे बाज़ार से कुछ समान लेना था. तो मई बाजार मे किसी दुकाँ पे गया. वाहा मुझे एक मस्त औरत दिखी जो पीछे से बिल्कुल शिल्पा जैसी ही लगी.

काले रंग की सॅडी मे जो उसका पहनाव था वो मुझे बिल्कुल शिल्पा जैसा ही लगा. वो औरत के साथ उसका पति और उसके बच्चे भी थे.

मुझे लगा शायद ही ये शिल्पा हो. एकद्ूम पटाखा! लंबे लंबे खुले हुए बाल. मस्त स्लेवेलएशस ब्लाउस उसकी गोरी गोरी बाजू, मटकती हुई गांद. हो ना हो वो मुझे शिल्पा ही लग रही थी.

इतने मे वो कुछ देखने को पीछे मूडी की मैने उसे देखा. उफफफफ्फ़ ये शिल्पा ही है जो मुझे किसी मे मिली. जहा वो अपने बच्चे और अपने पति के साथ थी. मैने उसे देखा, उसने मुझे देखा, हम दोनो की आँखे एक दूसरे को देख कर हास पड़ी.

उसने समान लिया और अब वो जाने को हुई. तो मेरा रोम रोम उसके साथ जाने को कह रहा था. मई बावरा सा हो कर उसे एक ताक देख रहा था. मैने सोचा अगर अब कुछ नही किया तो कभी कुछ नही कर पौँगा.

फिर मैने थोड़ी सी हिम्मत करके उसको नंबर के लिए इशारे से पूछा. उसका पति आयेज था और वो पीछे थी इसलिए उसके पति को कुछ पता नही चला.

मैने उसका पति देखा, मुझे वो कुछ इतना ख़ास नही लगा. शिल्पा की उमर से शायद 10 साल वो बड़ा था ऐसा लगा मुझे. मैने उसे इशारे से उसका नंबर माँगा तो उसने मुझसे मेरा नंबर माँगा.

मैने कही से पेन काग़ज़ लिया और मेरा नंबर लिख कर उसे छुपसे से थमा दिया. उसने भी जल्दी से काग़ज़ अपने समान के बॅग्स मे कही संभाल कर रख दिया. फिर वो अपने पति के साथ वाहा से चली गयी. जब तक वो वाहा से गयी तब तक एकटाक उसे ही देखता ही रहा.

मेरी जान मे जान आई उसे 3 महीने के बाद देख कर. दिल को तस्सली मिल गयी उसे देख कर, तब जेया कर मेरे दिल को सुकून मिला. चलो अब मेरा नंबर तो उसके बाद है. जब उसे वक़्त मिलेगा वो पक्का मुझे कॉल करेगी.

सुकून सा मिल गया मुझे दोस्तो!

दूसरे दिन मई बड़ी बेसब्री के साथ उसके कॉल की रह देखने लगा. कोई भी अननोन नंबर से कॉल आता तो मुझे लगता शिल्पा का कॉल है. लेकिन पूरा दिन ख़तम होने के बाद भी उसका कॉल नही आया.

अगले दिन भी पूरा दिन मेरा बहुत खराब गया, ये ही सोच रहा था पुर दिन भर वो कॉल करेगी या नही करेगी?? ऐसे ही अगला दिन भी गुजर गया. मेरा मॅन फिर से मायूस सा होने लगा. चिड़चिड़ा सा हो गया था दोस्तो मई, मूड ही खराब हो गया मेरा.

अब देखो क्या हुआ जैसे उपर वेल ने मेरी सुन ली और 2 दिन बाद उसका फोन आया सुबा सुबा 8:30 भजे.

उसने पूछा क्या आप आकाश की बात कर रहे है? मई शिल्पा बोल रही हू आकाश जी क्या आप दिसा जाने वाले हो?

मेरा दिल उछाल कर मेरे जिस्म से बाहर निकालने को हो गया ये सुन कर. कुछ पल तक तो मई कुछ बोल ही नही पाया उसे. उसने फिर मुझसे पूछा हेलो आकाश जी क्या हुआ, क्या आज आप दिसा जाने वाले को??

मैने तुरंत उसे कहा हन जी हन मई दिसा जाने वाला हू, कहिए आप कितने भजे आओगे हाइवे पे तो मई वाहा आओ?

उसने कहा वो करीब 9:30 तक वो हाइवे पहुँच जाएगी मैने कहा ठीक है मई आ जौंगा तक तक.. और फिर कॉल कर हो गया.

सच काहु दोस्तो मेरी जान मे जान आई आज उसके कॉल करने से. मई मस्त रेडी हो कर 9:25 पे ही हाइवे पर पहुँच गया और उसको ढूँडने लगा. वो कही दिखाई नही दी. मई कार से उतरा और उसको देखने लगा.

जब वो नही दिखाई दी तो बस मई उसे कॉल लगाने ही वाला था की वो मुझसे दूर से आती हुई दिखाई दी.

उफफफफ्फ़ गजब गुलाबी रंग की सॅडी मे वो बहुत ही लुभावनी लग रही थी. दूर से ही वो इतनी खूबसूरत लग रही थी ना की मई ही क्या आस पास जीतने भी खड़े थे सब उसे ही घूर घूर कर देख रहे थे.

वो है भी इतनी मस्त दोस्तो 5’7 की उसकी लंबाई, 34 की छाती उफ़फ्फ़… क्यू लोग उसे घूर घूर कर ना देखे. उपर से उसकी सॅडी पहनने का स्टाइल हज़ारो मे से अलग. उसकी नाभि दिखाई भी दे और जब वो चाहे तो एक सेकेंड मे वो अपनी नाभि को छुपा भी दे.

उसके मस्त मस्त उभार जिसे वो अपने गुलाबी रंग के ब्लाउस मे एकद्ूम कस कर अंदर डाले हो भरा भरा लग रहा था. उसका ब्लाउस जैसे की अभी उसका ब्लाउस के बटन तोड़ कर उसकी बड़ी बड़ी 34 चुचे बाहर निकल कर आ जाए.

ऐसा उसका सॅडी और ब्लाउस का पहनाव है यारो. जिसका खड़ा नही भी होता होगा ना उसका भी एक पल के लिए तो खड़ा हो जाए ऐसी है वो.

धीरे धीरे अपनी 38 की गांद को मतकाती हुई चल कर आ रही थी. बिना आस पास देखे सीधी मेरी कार की तरफ ही. मेरा दिल बाग बाग हो गया शिल्पा को देख कर ही. आँखो को ठंडक और दिल को तसल्ली मिल गयी शिल्पा को देख कर.

वो आई और आ कर मुझे हल्की सी स्माइल दे कर कार मे आयेज आ कर बैठ गयी. मई भी तुरंत अंदर आ कर बैठा और कार चला दी. शीशे तो सारे बंद ही होते है मेरी कार के ज़्यादातर. फिर मैने एसी चलो कर दी और चल पड़े.

आकाश – शिल्पा की कितनो का खून किया है अपने सच सच बताना आप?

(शिल्पा हड़बड़ते हुए मानो एकद्ूम से शोच लग गया उसे.)

शिल्पा – ये कैसे बार कर रही है आप आकाश ही?

आकाश – और नही तो क्या, मई ग़लत बोल रहा हू?

शिल्पा – सरासर ग़लत बात कर रहे है आप.

आकाश – शिल्पा जी आप ऐसे साज धज कर निकले हो तो जब मई ही जब आपने साथ बैठ कर घायल हो चुका हू. तब तो पता नही कितने ही लोग आपको देख कर ही मार गये होंगे. कहिए कुछ ग़लत कहा क्या मैने?

इतना सुन कर वो खुल कर खिला खिला कर हासणे लग गयी और मई ज़्यादा ही यूयेसेस पर मार मिटने लग गया यारो.

उसकी हसी मानो एकद्ूम कुद्रती. बिल्कुल सच्ची वाली हसी. यूयेसेस हसी मे तो कोई स्वार्थ था ना ही कोई मस्का, एकद्ूम नॅचुरल. जैसे छोटे बाकछे की हसी होती है ना बिल्कुल वैसी. और मई भी उसके साथ साथ हासणे लग गया.

आकाश – शिल्पा जी आपकी ये हसी ने मुझे आपका देवाना कर दिया सच मे शिल्पा जी.

शिल्पा – आकाश जी अक्सर मुझे जान पहचान वेल लोग ऐसा ही कहते है जब भी मई खुल कर ऐसे हस्ती हू तब.

आकाश – आप्ली हसी ही इतनी प्यारी सी है, हर कोई आपका देवाना हो जाता होगा क्या?

शिल्पा – सही कहा आपने, उसमे आज एक और देवाना बढ़ गया.

आकाश – जी हन बिल्कुल सही कहा आपने. मई तो अपना अब बहुत बड़ा देवाना हो चुका हू. अगर उस देवाने को अपनी देवानगी दिखाने का कोई मौका मिलेगा तो ज़रूर आपको देवानगी दिखाएँगे अगर आप कहो तो.

शिल्पा – आप के कहने का क्या मतलब समझू मई?

आकाश – शिल्पा जी मई आपकी पिछले 3 महीनो से राह देख देख कर यूयेसेस रास्ते पे तक सा गया था. और अचानक से आप से मुलाकात हो गयी मेरी यूयेसेस दुकान पर. तब जेया कर मेरी हसी मेरे होंठो पे आई. तब तक मेरी हसी ही पता नही कहा खो सी गयी थी.

आपको नही पता होगा पर मेरे जिस्म मे से मेरी आत्मा कही निकल सी गयी थी. जो बस आपको ही ढूंड रही थी. मई तो मई ही नही रहा पिछले 3 महीने से.

पता नही कितना याद किया होगा मैने आपको, इतना तो मेरी बीवी को भी याद नही किया होगा जितना मैने आपको याद किया होगा. जैसे की आप मेरी गर्लफ्रेंड हो चुके हो और मई आपका बाय्फ्रेंड वैसे याद किया मैने आपको.

बस आपकी ही कमी थी मुझे मेरे जीवन मे इन्न 3 महीनो तक तो. अब आप ही बताइए अगर मैने कुछ ग़लत कहा हो आपको, तो मुझे नादान साँझ कर माफ़ कर देना.

रही बात देवानगी की वो अगर आप जैसा चाहोगे वैसी आपको मेरी दीवानगी दिखा दूँगा. सोचने का जीतने वक़्त चाहिए ले लीजिए लेकिन कॉंटॅक्ट मे रहना भले ही आपको मेरी देवानगी ना देखनी हो तो. वरना बे मौत के मई मॅर जौंगा, आयेज आपकी मर्ज़ी.

शिल्पा – कितने बोलते हो आप, इतना तो मेरा पति भी मुझसे बात चिट नही करता जितनी आपने अभी की. मुझे भी कुछ ऐसा लगा तो था की कोई मुझे याद कर रहा है लेकिन इतना मुझे पता नही था. कोई बात नही आकाश जी, मई आपको कॉल कर के बता दूँगी. मुझे कुछ समय चाचिए सोचने के लिए. सोच कर आपको बतौँगी की मुझे आपकी देवानगी चाहिए या नही?

(मस्त लुभावनी नटखट हसी के साथ कहा उसने.)

आकाश – शिल्पा जी वैसे आपके पति की स्मर मुझे ज़्यादा लगी यूयेसेस दिन. क्या ये मेरा भ्रम है या सच मे वो आपसे उमर मे बड़े है?

शिल्पा – सच है, वो मुझसे उमर मे 8 साल बड़े है.

आकाश – वैसे अपने दोनो बाकछे आचे है, आपकी बेटी तो आप जैसे ही लग रही है अभी से.

शिल्पा – हन सही कहा आपने. दोनो बाकछे मेरे बहुत आचे है और तो और अभी से समझदारी वेल बाते करते है.

इसी तरह यहा वाहा की बाते करते हुए हम दिसा पहूंकग गये और मैने उसे उसकी की बताई हुई जगह पे उतरा. उसे याद भी दिलाया उसने कहा मई आपको जल्द से जल्द जवाब दूँगी और फिर वो चली गयी.

मई भी अपने काम पे गया और डबल जोश से काम मे लग गया.

उसके बाद क्या हुआ जल्द ही वो भी लिखूंगा, तब तक कुछ भी बात करनी हो तो

थॅंक्स फ्रेंड्स. ओर भी जवान भाभी लड़किया ओर आंटी को हॉट बाते करना ही तो आप मैल करे [email protected] आप की सारी डीटेल्स एक दम सीक्रेट रहेंगी उससे आप लोग बेफ़िक्र रहे.

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