जिस्म की आग बुझाई ज़िम वाले लड़के के साथ

हाय, मेरा नाम शाजिया शेख है. मेरी उम्र अभी 26 साल की है. मेरी अरेंज मैरिज हुयी है. मैं इस शादी से खुश नहीं थी, क्योंकि मुझे हैंडसम हसबेंड चाहिए था, पर वो नहीं मिला. मेरी शादी को 4 साल हो गए हैं. मुझे अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ है.

मुझे अपनी ससुराल में घर के काफी इन्सट्रक्शन फॉलो करने पड़ते हैं. घर से बाहर अकेले जाना मना था. मेरी ससुराल वाले काफी सख्त नियमों वाले लोग है. वे मुझे जॉब भी नहीं करने देते हैं. हालांकि मैं ग्रेजुएट हूँ. मेरे शौहर जो हैं, वो एक प्राइवेट जॉब करते हैं. उनकी तनख्वाह कम पड़ती है, फिर भी उसी में गुजारा करना पड़ता है.

मैं घर पे बैठे बैठे काफी बोर हो जाती थी. फिर पड़ोस में मेरी एक सहेली बनी. उसका नाम शाहीन (बदला हुआ नाम) था. हम काफी अच्छी सहेलियां बन गई.

उसने मुझे अन्तर्वासना नाम की हॉट वेबसाइट के बारे में बताया. मुझे इस वेबसाइट पे काफी सेक्स स्टोरी पढ़ने को मिलीं, जिन्हें मैंने एक एक करके मजा लेते हुए पढ़ना शुरू कर दीं. इन रंगीन और मदमस्त कामुक रंग बिरंगी देसी सेक्स स्टोरीज को पढ़ कर मुझे बहुत मजा आने लगा.

मेरे शौहर काम में बिजी होने के कारण मेरे साथ थोड़ा कम ही टाइम स्पेंड करते थे. सेक्स स्टोरी पढ़ कर मुझे कुछ ज्यादा ही चुदास चढ़ने लगी थी. ये आग और भी अधिक भड़क गई और इस पर बारिश न होने के कारण मेरे जिस्म की गर्मी बढ़ गयी.

मेरा प्यासा कुंआ काफी वक़्त तक खाली बना रहा, इस भरने मेरे शौहर महीने में 2 या 3 बार ही अन्दर आते. मेरी समझ में ही नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं.

मैं एक अच्छे घर से हूँ, मैंने कभी किसी के साथ रोमांस तो दूर की बात, कभी पराये लड़कों से बात भी नहीं की थी. पर स्टोरी पढ़ पढ़ कर अब मैंने गली के जवान लड़कों को चुपके से देखना सीख लिया था.
मुझे मालूम था कि इन जवान लड़कों को सिर्फ देखके तो कुछ होने वाला नहीं था.

यह कहानी भी पड़े  रागिनी एम एम एस देख कर चुदाई हुई

जब मैंने अपनी सहेली शाहीन को ये बताया कि मुझे लड़के देखना अच्छा लग रहा है. तो वो हंसने लगी, उसने कहा- सिर्फ देखो मत, उन्हें भी कुछ दिखाओ, फिर देखो कितना मजा आता है.
उसकी बात को सुनकर मेरे मन में भी ये बात जम गई.

चूंकि मैं जब भी बाहर जाती थी, बुरका पहन कर निकलती थी इसलिए कोई मेरी आंखों के अलावा कुछ नहीं देख सकता था.

इस कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं आपको भी कुछ अपने बारे में बता देती हूँ. मेरा रंग एकदम गोरा दूध की तरह गोरा है. मैं लम्बी और छरहरी देह की एक बहुत ही खूबसूरत बला हूँ. लम्बे काले बाल और आंखें भी एकदम काली हैं. ऊपर और नीचे के होंठ गुलाबी हैं. मेरा फ़िगर 34-28-36 का है.

हमारे पड़ोस में विकी (बदला हुआ नाम) नाम का लड़का रहता था. वो मुझे काफी पसंद था और मैं भी उसको काफी पसंद थी. क्योंकि वो काफी बार मुझे देखता रहता था. उसका एक जिम था, जिसमें कसरत करने कई सारे लड़के आते थे. उसकी ये जगह हमारे घर के ठीक सामने ही थी. उसकी कसरत की क्लास सुबह 4 बजे से शुरू होती थी और 11 बजे तक चलती थी. वो खुद भी काफी कसरत करता रहता था. इसी तरह शाम को 5 बजे से रात के 11 बजे तक उसकी क्लास चालू रहती थी.

वो सुबह सुबह और शाम को पीने का पानी लेने हमारे घर आता था, क्योंकि हमारा घर सामने ही था और वो मेरे शौहर का दोस्त भी बन गया था. उसकी पहलवानी बॉडी देख कर मुझे मन में बड़ी चुदास सी भड़क जाती थी. सेक्स स्टोरीस पढ़ पढ़ के मैं पहले ही गर्म थी.

यह कहानी भी पड़े  सेक्सी औरत के साथ बस का सफर

एक बार पानी देते समय मैंने उसको वो वाली स्माइल दे दी. वो काफी चालक था, तुरंत समझ गया और अगले चक्कर में ही उसने मुझसे मोबाइल नम्बर का इशारा किया. मेरे पास मोबाइल नहीं था इसलिए एक पेपर पर मैंने अपना ईमेल पता दे दिया.
फिर हमारी बातें ईमेल के जरिये होने लगीं.

विकी दिखने में काफी हैंडसम था. वो 22 साल की उम्र का रहा होगा. बॉडी बिल्डर था, लम्बा था, पर कलर में सांवला था. उसके सांवले रंग से मुझे कोई दिक्कत नहीं थी, मैं तो बस उसकी बॉडी पे फिदा थी.

नेट चैटिंग करते करते एक दिन उसने कह दिया- अब इंतज़ार नहीं होता.. मुझे तुम्हारी लेनी है.
मैं उसको काफी दिनों तक रुकवा रही थी क्योंकि मैं अकेली बाहर जा नहीं सकती. उधर वो भी मेरे बेडरूम में आ नहीं सकता था, क्योंकि हमेशा ही घर के लोग रहते थे. हमारी काफी मजबूरी थी.

आखिरकार हम दोनों की चाहत ने बाजी जीत ली. एक दिन हमें मौका मिल ही गया. मेरे शौहर तो ज्यादातर टाइम हमेशा बाहर ही रहते हैं. पर एक दिन बाहर गाँव में रिश्तेदार की शादी थी, इसलिए घर में से सास ससुर और देवर तीनों चले गए. मैंने बीमारी का बहाना किया और नहीं गयी.

Pages: 1 2 3

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!