सेक्सी भाभी को चाट-चाट कर प्यार किया

पिछली स्टोरी में मैने शेर किया था की कैसे मेरा और भाभी का अफेर शुरू हुआ और हमने क्या-क्या मज़े किए थे एक साथ.

तो उस दिन के मज़े के बाद अगले दिन हम मुंबई के लिए वापस निकालने वेल थे. पर मैने पेरेंट्स से कहा मैं कुछ और दिन रुकना चाहता था. ताकि पढ़ाई के स्ट्रेस से तोड़ा आराम मिले.

मेरे पेरेंट्स ने मेरे भाई और भाभी से पूछा “आपको कोई तकलीफ़ तो नही होगी ना?” जिस पर भाभी ने जल्दी से कहा, “बिल्कुल नही, रहने दो ना थोड़े दिन और. मेरी भी बहुत मदद करता है ये”.

मेरे पेरेंट्स मेरी बात मान गये, और मुझे पर्मिशन दे दी रुकने की. अगले दिन मेरे पेरेंट्स मुंबई के लिए निकल गये, और भैया भी ऑफीस के लिए निकले. उनका बच्चा भी स्कूल जाने वाला था. भाभी बच्चे को नीचे स्कूल बस तक छोढ़ने गयी थी, और मैं बाल्कनी से देखते हुए भाभी के वापस आने का इंतेज़ार कर रहा था.

जैसे ही भाभी उपर आई, और दरवाज़ा लॉक किया, मैं जल्दी से लिविंग रूम में आया, और भाभी की तरफ बढ़ के भाभी को हग करके किस करने लगा. किस करते वक़्त मैं भाभी की गांद दबा रहा था.

कुछ देर तक मज़े करने के बाद भाभी ने कहा “बस अब रुक जाओ, मुझे नहाने जाना है. सुबा से सब के काम करने की भाग दौड़ में नहाई नही हू मैं अब तक”.

मैने कहा मुझे कोई तकलीफ़ नही है. पर भाभी ने माना कर दिया, और बातरूम की तरफ जाने लगी. तभी मैने भाभी का हाथ पकड़ लिया, और कहा-

मैं: वैसे मैं भी अब तक नाहया नही हू.

भाभी को मेरा इशारा समझ आया, और वो हेस्ट हुए पीछे पलटी. फिर उसने मुझे टीज़ करते हुए कहा, “तो मेरे बाद चले जाना”.

मैं फिरसे भाभी को मस्का लगाने लगा, और उसके साथ नहाने के लिए रिक्वेस्ट करने लगा. फिर भाभी ने थोड़ी देर बाद कहा, “ठीक है आ जाओ”. ये सुन के मैं वही खड़े-खड़े नंगा हो गया, और भाभी से पहले मैं ही चला गया बातरूम में. भाभी हासणे लगी, और थोड़ी देर बाद मेरे कपड़े ढोने डाल के टवल लेके वो भी नहाने आ गयी.

उनके आते ही मैने उनको अपनी तरफ खींच लिया, और उनको स्मूच करने लगा. भाभी के निपल मेरे छाती पे दबे हुए थे, और मैं भाभी की गांद पे स्पॅंक मार रहा था, और आचे से मसल रहा था. उन्होने सिर्फ़ एक नाइट गाउन पहना था. वो मैने उतार फेंका, और अंदर ब्रा नही थी सिर्फ़ पनटी थी.

मैं अब एक हाथ से भाभी की छूट रगड़ने लगा, और दूसरा हाथ भाभी की गर्दन के पीछे रख के भाभी के बाल खींच के उनको स्मूच कर रहा था. थोड़ी देर भाभी की छूट रगड़ने के बाद, जैसे ही पनटी थोड़ी गीली हो गयी, तो मैने पनटी उतार दी भाभी की, और नीचे बैठ गया.

भाभी ने मुझे प्यार से देखते हुए पूछा, “आज भी चाटना चाहते हो अपनी भाभी की छूट?” मैने कहा, “जितना मौका मिले उतना कम है भाभी. प्लीज़ अब रोको मत मुझे चाटने दो”. ये सुनते ही भाभी दीवार का सपोर्ट लेके पैर फैला के खड़ी हो गयी.

कुछ 5 मिनिट्स चाटने के बाद भाभी ने एक पैर मेरे कंधे पे डाल दिया, और और मेरे मूह में ही झाड़ गयी. मैने खड़ा हो कर भाभी से कहा-

मैं: अब आपको पता ही है मेरे होंठो से आपको अपना रस्स चूसना होगा.

भाभी ने हेस्ट हुए कहा, “नही करूँगी”. मानो वो चाहती हो मैं कल जैसे उनके हाथ पकड़ कर ज़बरदस्ती किस कर लू, और मैने बिल्कुल वैसा ही किया. इतना होते ही भाभी ने मुझे बातरूम से बाहर निकाल दिया, और कहा, “चलो अब मुझे नहाने दो”.

कुछ देर में मैं तैयार होके कपड़े पहन के आया. तब भाभी ने बातरूम से आवाज़ दे कर कहा बेज़ार से सब्ज़ी और पनीर लाने को. मैने पैसे और स्कूटी की चाबी ली, और निकल गया. बेज़ार जेया कर मुझे याद आया भाभी ने मुझे छोड़ने से माना किया था, क्यूंकी कॉंडम नही था. तो मैने सब समान लेने के बाद एक छ्होटा कॉंडम का पॅकेट भी ले लिया.

घर पहुँचा तब तक भाभी भी नहा कर तैयार हो कर घर के बाकी काम कर रही थी. मैने भाभी को सब्ज़ी दी, पर उसको ये नही कहा की मैं कॉंडम भी लाया था. वो मैने च्छूपा कर रख दिया था, और भाभी का काम होने तक टीवी देखने लगा.

कुछ देर बाद भाभी लिविंग रूम में आई और मेरे नज़दीक आ कर बैठ गयी. वो तक चुकी थी सब काम करके. भाभी ने एक स्लीव्ले टॉप और पाजामा पॅंट्स पहना था. भाभी का बदन पसीने से लथपथ था. मैने भाभी की थाइस पर हाथ रख के भाभी से पूछा-

मैं: आप बहुत तक गयी हो, कुछ देर आराम कर लो.

भाभी ने हेस्ट हुए मुझे एक किस दिया और मेरे गले में एक हाथ डाल कर दोस्त की तरह बैठ गयी मेरे साथ. कुछ देर आराम करने के बाद भाभी ने बाकी का काम ख़तम किया, और मुझे किचन में बुलाया.

किचन में पहुँचते ही भाभी ने मुझे अपनी तरफ खींचा और कहा, “देख ना अभी सुबा नहाई थी मैं, और अब इतना पसीना आ गया लगता है. फिरसे नहाना पड़ेगा. तुम आओगे साथ?”

मैं भाभी का हाथ पकड़ कर लिविंग रूम में ले गया भाभी को. फिर वाहा का फन बंद कर दिया. भाभी ने कन्फ्यूज़ हो कर पूछा, “यहा क्यूँ ले आया?”

मैने कहा: आज आपका पसीने से लथपथ बदन चाटना है मुझे.

भाभी ने सीधे माना कर दिया, और कहा, “ये कैसी गंदी चीज़े पसंद है तुम्हे?”

कुछ 20-25 मिनिट्स रिक्वेस्ट करने के बाद भाभी मान गयी. पर फिर भी थोड़ी नर्वस थी वो. मैने भाभी का पाजामा उतरा, और भाभी को सोफा पे बिता के खुद ज़मीन पर बैठ के भाभी के थाइस और पनटी चाटने लगा. तभी मैने ध्यान दिया की भाभी ने छूट के बाल शेव कर लिए थे.

भाभी भी अब मज़े ले रही थी. तब मैने देखा की भाभी के निपल्स टाइट हो गये थे. तो मैने दोनो निपल्स पकड़ कर ज़ोर से दबाए. भाभी की चीख निकल पड़ी. थोड़ी देर बाद मैने उसकी पनटी उतार दी, और भाभी ने अपना टॉप खुद से उतार दिया.

अब भाभी मेरे सामने बिल्कुल नंगी बैठी हुई थी. मैं भी अपने कपड़े उतार के भाभी के सामने खड़ा हो गया. भाभी ने मेरे अंडरवेर के उपर से मेरे लंड पे एक किस दिया, और मेरी अंडरवेर निकाल के मेरा लंड चूमने और चाटने लगी. कुछ देर बाद मुझे सोफा पर बिताया. फिर वो मेरे बगल में लेटकर मेरा लंड चूसने लगी, और मैं भाभी की गांद से खेलने लगा.

कुछ 10 मिनिट्स बाद मैं भाभी के मूह पर ही झाड़ गया, और भाभी फ्रेश होने चली गयी. भाभी के जाते ही मैने कॉंडम का पॅकेट निकाला, और भाभी का इंतेज़ार कर रहा था. भाभी अपने कपड़े लेने वापस आई, तो मैं उसको खींच के, अपने थाइस पर बिता के चूमने लगा और फिर भाभी के कान में कहा-

मैं: अभी कपड़े पहनने का वक़्त नही हुआ है.

भाभी ने शरमाते हुए पूछा, “क्यूँ, अब और क्या चाटना बाकी है?”

मैने कहा: चूमना-चाटना बस हुआ. अब मैं तुम्हे छोड़ना चाहता हू.

भाभी ये सुनते ही नर्वस हो गयी और कहा, “मैने कहा था ना हम नही कर सकते है, कॉंडम नही है”. ये सुनते ही मैने भाभी को कॉंडम का पॅकेट बताया, और भाभी ये देख के शॉक्ड रह गयी.

अगली स्टोरी में पढ़िए आयेज क्या हुआ.

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