कहानी जिसमें सहेली ने सहेली को अपने पति की कामुक इच्छा बताई

किरण की बात सुन कर रीता के पाँव के नीचे से जैसे जमीन खिसक गयी हो ऐसा उसे लगा। मेरी भोली-भाली बीवी समझ नहीं पायी कि उसे क्या प्रतिक्रिया देनी चाहिए। रीता कुछ सहमी हुई डरती हुई कुछ झुंझलाहट दिखाती बोली, “अरी! यह तू क्या बक रही है? क्या तूने अपने पति से मेरे बारे में ऐसी बात कही? यार तू भी कमाल है! तेरी बात सुन कर क्या सोचेंगे वह मेरे बारे में?”

किरण ने हँसते हुए कहा, “क्या सोचेंगे मेरे पति तुम्हारे बारे में? अरी जब उन्होंने मेरे मुंह से तुम्हारे बारे में सब कुछ सूना तो वह तो तुझसे बड़े ही प्रभावित हो गए। तेरी अलग-अलग पोज़ में खींची वह हनीमून वाली झकास सेक्सी खूबसूरत फोटो मैंने उनको दिखायीं। मैंने उनको हमारी उस दोपहर की बातें भी बतायीं जब मैंने तुम्हारे बूब्स को शिद्द्त से चूसा था।

वह फोटो जो हमने साथ में ली थीं वह भी दिखायीं। हमारी दोपहर के करतूतों वाली बात सुन कर मेरे पति कहने लगे, क्या? रीता इतनी एडवांस्ड भी है? क्या रीता और तुम दोनों एक दूसरे की चूत पर हाथ फिराते रहते हो? अरी मेरे पति तो तुम्हारी वह डांस वाली वीडियो देख और तुम्हारे डांस के बारे में सब सुनते ही पागल से हो गए।“

किरण की बात सुन कर रीता का दिमाग ठनक गया। अपने सिर पर हाथ पटकती हुई रीता बोली, “तू क्या कह रही है? तूने मेरा वह डांस वाला मेरे पति का धोखे में शूट किया हुआ गंदा वीडियो भी तुम्हारे पति को दिखा दिया? ऐसा कोई करता है क्या? तू पागल तो नहीं हो गयी?”

किरण जोर से हंस पड़ी और बोली, “मैंने तो हमारे बीच की सारी बातें उनसे कह डालीं। तुम्हारी सादगी, भोलापन, निष्कपटता और सच्चाई के बारे में सुन कर तो वह अचंभित हो गए। वह तो तुझसे मिलने के लिए बड़े बेचैन हैं। मुझे कहने लगे, किरण मुझे मिला दो ना तुम्हारी सखी से! तुमसे मिलने के लिए मेरी कितनी मिन्नतें करने लगे हैं यार। मुझे तो मजा आ गया। यह पहली बार हुआ कि किसी औरत की वीडियो, फोटो देख कर और उसके बारे में सुन कर बिना तुमसे मिले ही मेरे पति इस कदर तुम्हारे दीवाने हो गये हैं।“

फिर कुछ रुक कर चारों और देख कर कि कोई सुन तो नहीं रहा, किरण ने रीता के कान के पास अपना मुंह ले जा कर धीरे से पर उत्तेजना में फुदकते हुए कहा, “सुन, जब भी मैं तुम्हारे बारे में बात करती हूँ ना, तो मेरी बात सुन कर उनका तगड़ा मोटा लण्ड घोड़े के लण्ड की तरह खड़ा ही हो जाता है।

यार! मुझे नंगी देख कर भी उनका ऐसा नहीं खड़ा होता। पता नहीं तेरी शक्ल में या तेरे किरदार में कैसा जादू है। अब तो वह तुझे मिले बगैर नहीं छोड़ेंगे। और अगर वह तुझे मिल गए तो तुझ पर उनका जादू चलना निश्चित है। तू समझ ले कि मेरे पति से तेरा चुदना तय है। तूने तो कमाल ही कर दिया यार! आज तक मेरे पति ने कभी भी किसी औरत के बारे में इतनी जिज्ञासा नहीं दिखाई।”

फिर कुछ शांत हो कर किरण रीता के एक-दम करीब आ कर चारों और देख कर रीता के कानों में बोली, “यार एक बात और बता दूँ, मेरे पति बड़े ही हैंडसम है। अभी तक तो तूने उनकी तस्वीरें ही देखीं हैं। जब तू उन्हें एक बार आमने-सामने देख लेगी ना, तो सब को भूल जायेगी तू। तू मेरे पति पर ही फ़िदा हो जायेगी। देखियो, अपने आपको समभाल के रखियो जब तुम मेरे पति से मिलो तो।

यह ध्यान रखियो की वह मेरे पति हैं। वह रोज जिम जाते हैं। उन्होंने अपनी तगड़ी बॉडी बनायी है और उनके लण्ड का क्या कहना! ऐसा तगड़ा लण्ड है कि जो औरत उनके लण्ड से एक बार भी चुद गयी, तो समझो गयी काम से! मैं तो मेरे पति के लण्ड को “गांड़ फाड़” लण्ड कहती हूँ। हालांकि वह कोई गांड़ नहीं मारते। पर ऐसा तगड़ा उनका लण्ड है। एक बार चुदने के बाद तो वह औरत उनको कभी छोड़ेगी नहीं।”

फिर दुबारा चारों और देख कर किरण ने रीता के कान में फुसफुसाते हुए बोली, “देख रीता किसी को मत बताना। मैंने मेरे पति से उनका लण्ड देख कर ही शादी के लिए हाँ कहा था। पर यार एक बात बड़ी अच्छी है। मेरे पति हैं शो बिज़नेस में। उनके दफ्तर में एक से बढ़ कर एक सुन्दर लडकियां हैं। वह देखते रहते सबको हैं पर मेरे पति कभी किसी औरत के चंगुल में फंसते नहीं।

उनका सिद्धांत है, बिज़नेस के साथ प्लेज़र को मिक्स नहीं करना। वह दोनों को अलग रखते हैं। इसीलिए मैं आज तक निश्चिन्त हूँ। पर तेरे साथ तो कोई बिज़नेस है ही नहीं। सिर्फ प्लेज़र है। हम एक दूसरे से बिल्कुल खुले हुए हैं। वह मुझे हँसते हुए कई बार साफ़-साफ़ कहते हैं कि वैसे तो वह किसी लड़की को घास नहीं डालते, उनको कोई लड़की पसंद ही नहीं आती। पर अगर उन्हें कोई पसंद आ गयी तो वह उसे बगैर चोदे छोड़ते भी नहीं।

सूरज के कॉलेज में भी एक लड़की सूरज को पसंद आ गयी थी। बड़े बाप की बेटी थी वह। बड़ा घमंड रखती थी। बड़े नखरे करती थी वह। बड़ी सती बनने का दिखावा करती थी। उसने बड़ी कोशिश की बचने की पर सूरज से बच नहीं पायी। आखिर में सूरज ने उसे मना ही लिया और उसे चोद ही डाला। वह मुझे सब बताते हैं।” किरण ने गर्व से अपना सिर उठा कर कहा।

मेरी पत्नी रीता किरण की बातें स्तब्ध सी खड़ी सुनती रही। किरण ने तो सारी हदें पार कर दी थीं। यह लड़की रीता को क्या-क्या कहानियां सुना रही थी और क्यों किरण यह सब उसे सुना रही थी? रीता ने किरण को कुछ डाँटने के लहजे में कहा, “यार यह सब तू क्या बक रही है? और तूने यह सब क्या मुसीबत मेरे लिए खड़ी कर दी है? किरण, तूने अपने पति से ऐसा क्यों कहा? कभी-कभी एकाध बार गलती से ऐसा कुछ हो गया तो तूने उसे बढ़ा-चढ़ा कर अपने पति को क्यों कह दिया? क्या हम दोनों ऐसा कुछ करते रहते हैं? हमारे बीच ऐसा कोई रिश्ता है क्या? अगर तू ऐसा करेगी तो मैं तुझसे रिश्ता नहीं रखूंगी।”

मेरी पत्नी की यह बात सुन कर किरण रीता के करीब खिसक आयी। उसने फिर चारों और देखा कि कहीं कोई कुछ देख तो नहीं रहा है। फिर किरण ने स्कूल के टीचर रूम में कुछ ऐसा किया जो मेरी पत्नी ने जिंदगी में कभी सोचा नहीं था। रीता कुछ सोचे या करे उसके पहले किरण रीता के साडी और पेटीकोट ऊपर उठा कर, उसकी पैंटी हटा कर बड़े प्यार से अपनी दो उंगलियां रीता की चूत में डाल कर, कुछ देर उन्हें अंदर बाहर करती हुई बच्चे की तरह खिलखिला कर हंसती हुई बोली, “क्यों नहीं है हमारे बिच ऐसा कोई रिश्ता? आज भी तेरी चूत कितनी गीली है री?

क्या तुमने मेरे साथ उस दोपहर को एन्जॉय नहीं किया था? क्या तुम उस दोपहर को कई बार झड़ नहीं गयी थी? और जहां तक आज की बात है तो लो भाई! अब दुबारा करने पर हमारे बीच ऐसा रिश्ता पक्का हो गया।”

मेरी पत्नी रीता ने उसी शाम को मुझे उन दोनों के बीच की बातचीत, उस दोपहर को किरण के बंगलो पर हुआ वाक्या, और किरण द्वारा रीता की चूत को उंगली से चोदने की बात मुझे कही। मैंने जब रीता से यह सूना तो मेरा दिमाग भी ठनक गया। मैंने रीता की चूत पर हाथ फिराते हुए रीता से कुछ मुस्कुराते हुए पूछा, “रीता सच-सच बताना, तुमने जब किरण के साथ यह सब किया, तब तुम्हें कैसा फील हुआ?”

रीता मेरी और सख्त नजर से देखने लगी पर कुछ ना बोली। फिर कुछ देर बाद बोली, “राज, तुम भी लो मजे! मैं क्या करती? किरण एक पागल औरत लगती है मुझे। इस तरह दो औरतें कभी एक दूसरे के साथ करती हैं भला? जब किरण ने पहली बार मेरी चूत पर ऐसे हाथ फिराया तो मेरा ऐसा हाल हुआ कि काटो तो खून ना निकले।

तब तक तो किरण सिर्फ बातें करती रहती थी, पर उस दिन तो किरण ने मेरी चूत पर भी हाथ फिरा लिया और पता नहीं क्या-क्या किया। मेरी समझ में यह ही नहीं आ रहा था कि मैं करती तो क्या करती? पता नहीं। उसे और उसके पति को जिंदगी में सेक्स के अलावा शायद कुछ नजर ही नहीं आता। मेरे से तो जब देखो किरण सेक्स की ही बातें करती रहती है। यह औरत मेरा सत्यानाश करने पर ही तुली है ऐसा मुझे लग रहा है।

उस दिन तो राज सच कहूं? किरण की बातें सुन-सुन कर ना मेरी टांगों के बीच में से भी पानी रिसने लगा था यार! मैं उस दिन आपे से बाहर हो रही थी। मेरा दिमाग ही काम नहीं कर रहा था।”

मेरी पत्नी का यह रिएक्शन देख कर मुझे काफी अच्छा लगा। शायद भगवान ने किरण को मेरे काम में सहायता करने के लिए भेजा हो ऐसा मुझे लगा। अब तक जो काम मैं कर नहीं पाया था वह किरण बखूबी कर रही थी। किरण जाने-अनजाने मेरी बीवी के दिमाग में सेक्स के बारे में जो नकारत्मक भाव था उसे ख़त्म करके सेक्स के बारे में मेरी पत्नी के ह्रदय के कोई अँधेरे कोने में गड़ी हुई कामनाएं कुरेद-कुरेद कर बाहर निकालने का काम कर रही थी।

मैंने मेरी पत्नी से कहा, “रीता, यार यह कपल मुझे सही लगता है। क्यों ना तुम एक बार किरण के हस्बैंड से मिल लो। वह तो तुम्हें मिलने के लिए मर रहा है। तुम जैसे ही किरण को कहोगी तो किरण उसके पति से बात करेगी और वह फ़ौरन तुमसे मिलेगा।”

मेरी पत्नी ने मेरी बात को सिरे से खारिज करते हुए कहा, “मुझे कोई नहीं मिलना किरण के हस्बैंड से। तुमने सुना नहीं किरण क्या कह रही थी? किरण कह रही थी कि उसका हस्बैंड एक बार अगर किसी के पीछे पड़ जाता है तो उसको बख्शता नहीं। किरण तो यहां तक कह रही थी कि कॉलेज में एक लड़की के पीछे सूरज ऐसा पड़ गया था की आखिरकार लड़की को मानना ही पड़ा और उस लड़की को चुदवाने के लिए मना कर उसे चोद कर ही छोड़ा सूरज ने।

मुझे तो डर है कि कहीं उसके मन में मेरे लिए कोई ऐसे ही विचार ना हों। ऐसे ही वह किरण के पीछे पड़ गया था। किरण खुद कह रही थी कि किरण को भी सूरज ने शादी से पहले ऐसे ही फँसा कर खूब चोदा था। आखिरकार किरण को अपनी बीवी बना कर ही छोड़ा सूरज ने। राज, मैं नहीं चाहती कि किरण का पति सूरज मेरे पीछे पड़ जाये। क्यूंकि, क्या पता वह मेरे पीछे पड़ गया तो मैं बेकार की झंझट में फँस जाउंगी।”

मैंने पूछा, “क्यों? तुम कौन से झंझट में फसोगी यार बताओ तो? तुम तो शादीशुदा हो। तुम इतना क्यों डरती हो उससे? क्या तुम्हें ऐसा लगता है कि वह इतना हैंडसम है की तुम देखते ही उसके वश में आ जाओगी?”

रीता ने कहा, “हैंडसम तो बहुत है वह और मजबूत भी है। ऊंचा कद लम्बे हाथ, चौड़ा सीना, बड़ी बड़ी आँखें, आकर्षक चिबुक, यह देखो।”

फिर मुझे किरण के पति सूरज का जिम में कसरत करते हुए एक टॉपलेस पेट में छः गठीले स्नायुओं वाला पिक्चर दिखाया जिसमें वह काफी लंबा, शशक्त, हैंडसम और मजबूत दिख रहा था। और एक वीडियो भी दिखाया जिसमे किरण और उसका पति सूरज एक बीच(Beach) पर थे जिसमें सूरज छोटी सी निक्कर पहने था। सूरज की जाँघों के बीच उसके उभरे हुए लण्ड का बड़ा सा तम्बू साफ़ दिख रहा था। किरण सूरज के पास बैठे हुए उसके लण्ड पर हाथ फिरा रही थी। मैं भी वह देख कर उत्तेजित हो गया।

आगे की कहानी अगले पार्ट में।

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