सहेली के साथ ज़बरदस्त ऑर्गॅज़म वाली सेक्स कहानी

मेरे इशारे को देख कर सीमा के चेहरे पे स्माइल आ गयी.

सीमा: डार्लिंग, तूने मुझे पूरा निचोढ़ दिया. अब देख कैसे मैं तुझे एक्सट्रा मज़ा देती हू.

मे: वो तो तेरे साथ में रह कर आना ही है. ये मुझे यकीन हो गया.

और मैने सीमा के हाथ को खींचते हुए उसे अपनी और खींचा, और उसके होंठो को अपने होंठो से जाकड़ लिया. उसने भी ये शायद नही सोचा था, की मैं ऐसा कुछ करूँगी. इसलिए सीमा पहले शॉक्ड हो गयी. पर फिर वो भी मज़े से मेरे होंठो को चूसने लगी.

मैं अपनी टंग को फोल्ड करके उसकी टंग को चूसने लगी, और साथ ही उसके बड़े से बूब्स दबाने लगी. वो भी मेरे छ्होटे वाले बूब्स को सहला रही थी.

ऐसे ही एक-दूसरे को सहलाते हुए कुछ देर बाद सीमा ने मुझे फिरसे धक्का दिया, और मेरे पैरों को फैलाया. फिर उसने अपना सर मेरी छूट में डाल दिया. मैने भी अपने पैरों की केँची से उसके सिर को अपनी छूट के उपर जाकड़ लिया. सीमा भी मज़े से सक करने लगी.

वो अपनी टंग को फोल्ड करके मेरी छूट की चुदाई करने लगी. उसने कुछ देर ऐसे ही मेरी छूट को सक किया, पर मेरा पानी नही निकल रहा था.

सीमा: डार्लिंग, तुम तो बहुत सख़्त जान हो. स्टार्टिंग में मेरा पानी निकलवाने में भी लोगों के पसीने छ्छूट जाते थे. तुझे देख कर मुझे अपने दिन याद आ गये. और मुझे पता है, क्या करना है.

ये बोल कर सीमा थोड़ी खड़ी हुई, और अपनी छूट को मेरी छूट के उपर रखा, और मुझसे मॉक फक करने लगी. मतलब की वो अपनी छूट से जैसे मेरी छूट को छोड़ने लगी. ये मेरा फक्किंग स्टाइल का पहला एक्सपीरियेन्स था.

हम दोनो की शेव्ड छूट एक-दूसरे पे जब घिसती, तो छूट के हल्के बालों के पोर्ज़ की रग़ाद होती, और मेरी छूट और भी ज़्यादा गरम होने लगी.

सीमा भी आज पुर मूड में थी. शायद वो भी लड़कों का लंड लेते हुए बोर हो गयी होगी. इसलिए वो आज लड़के जैसा बन कर मेरी छूट को रग़ाद रही थी. उसके साथ ही वो मेरे होंठो को चूमने लगी, और बूब्स के निपल को भी काटने लगी.

सीमा: मेरी जान, मैं आज तुम्हे हर तरह का मज़ा देना चाहती हू.

मे: वो तो तुम दे तो रही हो.

सीमा: सच काहु तो इसी पोज़िशन में जब छूट में लंड जाता है, तो बाइ गोद ऐसा मज़ा आएगा की मैं उसे बयान नही कर सकती.

सीमा: एस डार्लिंग, जब तुम्हारा पानी निकालने को हो, तो मुझे बताना ज़रूर. मैं अपनी मेहनत को वेस्ट नही करना चाहती (और मैने हा में सिर हिला दिया).

कुछ देर तक सीमा ने मॉक सेक्स किया. फिर उसने वापस नीचे का मोर्चा संभालते हुए मेरी छूट पे अपने होंठ रख दिए. उसके बाद वो डीप सक करने लगी, जिससे मेरी आँखें अपने आप बंद हो गयी.

सीमा ने अपने रसीले मुलायम होंठो को हटाया. और इस बार मेरी छूट में सॉफ्ट लिप्स की जगह कुछ हार्ड महसूस हुआ, और मेरी छूट की दीवारो में दाखिल होता महसूस हुआ.

मेरी तो जैसे आँखें फॅट सी गयी. मेरी छूट में किसी ने जैसे कुछ गरम डाल दिया हो. मैने अपना सर उठा कर देखा तो सीमा रब्बर का लंड (डिल्डो) मेरी छूट में डाल रही थी. मुझे कुछ अजीब सा लगा, तो मैने सीमा को रोक दिया.

सीमा (तोड़ा गुस्से में): यार, वॉट हॅपंड?

मे: प्लीज़ यार सीमा, ये नही.

सीमा: मतलब क्या है? ये नही तो क्या ओरिजिनल वाला चाहिए?

मे (अपने सिर को झुकते हुए): अर्रे मेरा वो मतलब नही था. तुम छूट को अछा सक करती हो. जो तुम अभी कर रही थी, मैं फिलहाल उसके लिए तैयार नही हू. तुम समझ रही हो ना?

सीमा: ह्म, मैं आचे से समझ गयी.

और वो डिल्डो को फेंकते हुए (अपनी नाराज़गी को दर्शाते हुए) मेरी छूट को सक करने लगी. उसने घुटनो के बाल बैठ कर मेरी टाँगो को उपर करते हुए अपने मूह में भर लिया. और मेरी गांद के नीचे दो टीन तकिये रख दिए.

जैसे कोई बच्चा बैठ कर हाथो में तरबूज़ का पीस खा रहा हो. वैसे ही उसने मेरी जांघों को अपने हाथो में पकड़ लिया था. और छूट को अपने मूह में भर लिया था. और उसे चूस रही थी.

वो जैसे छूट को खा जाने वाली हो, इस तरह वो उसे काट रही थी, और सक कर रही थी. मैने दर्द का बताया, तो उसने मुझे चुप रहने का इशारा किया. फिर वापस मेरी छूट को पिज़्ज़ा के जैसे खाने लगी.

इस बार वो जितना हो सके उतना डीप अपनी टंग को फोल्ड करके छूट में अंदर-बाहर कर रही थी. साथ ही मेरी छूट के दाने (क्लाइटॉरिस) को अपने उंगलियों से मसल रही थी. इसका नतीजा ये हुआ, की मेरी छूट ने भी जवाब दे दिया.

मे: ई’म कमिंग बेबी. मैं अब झड़ने वाली हू.

और मैने सीमा के फेस को अपनी छूट पे दबाने के लिए उसके सर पे हाथ रखा. मुझसे पहले सीमा ने खुद अपने मौत को खुला करके मेरी छूट को जाकड़ लिया, और मुझे उल्टा घुमा कर वो मेरी छूट के नीचे आ गयी. जिससे उसके मूह के अंदर मेरी छूट के रस्स की लास्ट ड्रॉप तक जेया सके.

और इस पोज़िशन में रहते हुए उसने मेरी छूट को ही नही, मुझको ही जैसे निचोढ़ दिया था. मेरी छूट से निकलते हुए पानी को वो पूरा पी रही थी, और लास्ट में तो उसने मेरी छूट को चूस्टे हुए मेरी छूट का गीला-पन्न चूस लिया. छूट की चुसाई के बाद जैसे मेरे जिस्म से मेरी जान निकाल दी थी. गर्ल्स जिनका इस तरह कंप्लीट ऑर्गॅज़म होता है, वो मेरे से रिलेट करेंगी.

किसी भी लड़के के लंड से उसका पानी निकालने का काम तो कोई भी क्शयज़ लड़की कर सकती है. पर किसी लड़की/औरत की छूट में से पानी निकाल कर उसको पूरा सॅटिस्फाइ करने का मादा हर लड़का नही रखता. और मेरा फर्स्ट ऑर्गॅज़म तो मेरी बेस्टीए सीमा ने निकाला था. सब की तरह मैं भी चाहती थी की, मेरा ये सब एक लड़के के साथ हो. पर सच काहु तो सीमा ने एक लड़के से ज़्यादा ही किया था.

उसके बाद हम दोनो तक कर बेड पे गिर पड़े और दोनो की साँसे तेज़ चल रही थी, और बूब्स उपर नीचे हो रहे थे. कुछ देर बाद हम ऐसे ही पड़े रहे और रिलॅक्स हुए. कुछ देर बाद-

सीमा: लो डार्लिंग, तुम्हारा हिसाब पे कर दिया.

मे: ह्म, अब खाने का क्या करना है?

सीमा (मेरी छूट की और इशारा करते हुए): मेरा तो हो गया आज का.

मे: डार्लिंग, उससे तो सिर्फ़ प्यास बुझी है, पर भूख का क्या?

सीमा: अर्रे वाह, बहुत जल्दी है लंड लेने की तुम्हे. ह्म.

मे: शूट उप, मैं साची वाले खाने की बात कर रही हू, डिन्नर की.

सीमा: ह्म, उसका भी करते है कुछ, रेडी हो जाओ. कही बाहर जाते है.

और फिर हम रेडी हो कर बाहर रेस्टोरेंट के लिए निकल पड़े. आयेज का नेक्स्ट पार्ट में.

तो फ्रेंड्स, कैसा लगा ये पार्ट स्टोरी का? कॉमेंट्स में ज़रूर बताईएएगा. आप चाहे तो

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