प्यास बुझाई बगल वाली भाभी की

दोस्तो बात उस समय की है जब मैं नया नया देल्ही मे रहने आया था मामा जी के यहा. इंडियन देसी टेल्स पड़ोस की भाभी

Indian Desi Tales Pyaas Bujhai Bagal Wali Bhabhi Ki मैं बहुत ही सीधा शरमीला टाइप का लड़का था.मेरे घर के बगल मे एक भाभी रहती थी उनका नेम था खुश्बू बहुत ही सुंदर उपर से लेके नीचे तक कामुक बदन उनके बाल उनकी आँखे 5 फीट 6 इंच की हाइट दखके लगता था कोई क़यामत है जब मैने उनको पहली बार देखा था मैं देखता रह गया था मैं बाहर बालकनी मे खड़ा था.

वो बाहर सब्जी वाले से सब्जी करिद रही थी उन्होने रेड कलर की सारी पह्न रखी थी आ ही इतनी क़यामत लग रही थी मैने अपनी मामी जी से पूछा ये कोन है उन्होने मुझे बताया ये खुश्बू दीदी हैं हमारे घर के बगल मे रहती है इनके हज़्बेंड इंडिया के बाहर रहते हैं यही कुछ 26 साल उमर होगी उनकी जवानी से भरपूर पर उनको जवानी जैसे अधूरी सी थी क्यूंकी उनके पति 4 मंथ मे एक बार आते थे..

मेरे अंदर की हवस चर्म सीमा पर थी मैं रात मे बस उन्ही के बारे मे सोचता था उनको महसूस करके रात मे दो दो बार सबसे चुपके हस्त्मेतुन करता था बस यही सोचते रहता था की कब मैं इनको और कैसे पाउ ऐसा करते करते 15 दिन निकल गये वो हमारे घर पर आती थी हमारी बात तो नही होती थी मैं नया था थोड़ा शरमीला भी पर उनसे आइ कॉंटॅक्ट करके बहुत अछा लगता था जैसे सब कुछ मिल गया हो.

पर मैं उनसे बात नही कर पता था वो कोशिश करती थी मामी जी से पूछती थी मेरे बारे मे. मैं बस मौके की तलाश मे था कब मैं बात करू और जल्दी मुझे वो मौका मिल गया मेरी मामी के मयके मे फंक्षन था मामा जी और मामी जी को वाहा जाना था पर मुझे छोड़के जाने मे दिक्कत थी. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

क्यूंकी खाना कौन बनाता तो खुश्बू भाभी से मामी से अपनी प्राब्लम बताई बस फिर क्या उन्होने कहा अर्पित मेरे यहा खाना खा लेगा आप जाइए आपके पड़ोसी है इतना तो कर सकते है हम बस यही मौका था जिसकी मुझे तलाश थी मैं मन ही मन बहुत खुश था, फिर वो दिन आही गया मामा जी मामी जी दोनो और बच्चे चले गये दो दिन के लिए.

बस मैं खुशी से फूले नि समा रहा था पर डर भी बहुत लग रहा था क्यूंकी इससे पहले माने कभी किसी लड़की से बात नि की थी सुबह का टाइम था मुझे याद है 8 बज रहे थे मैं सिर्फ़ शॉर्ट्स मे अपने रूम मे सोया था बेल बजी मैं उठा दरवाजे पर गया आधी नींद मे मैने दरवाजा खोला देखा तो सामने खुश्बू भाभी खड़ी थी क्या कयामत लग रही थी.

उन्होने मॅक्सी पहनी हुई थी उनकी मॅक्सी से उनके दूध भरे चुचे अलग उभार मार रहे थे उनके बूब्स का साइज़ भी कम नही था 34 था मेरा लॅंड एक दम टाइट होने लगा मैने नीचे हाथ रखा डर के एंड वो बोली अर्पित नास्ता करने चलो ब्रश कर लो मैं भी कुछ बोल नि पाया ज़्यादा बस हाँ कह कर जल्दी से ब्रश किया कपड़े पहन कर पहोच गया उनके घर फिर क्या था वो मेरे लिए नास्ता लेके आई मैं नास्टा करने लगा.

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वो नहाने का बोल कर चली गई.और मैं नास्ता करते हुए ख़यालो मे डूब गया की काश मैं भी देख पाता उनको नहाते हुए उनका नंगा बदन रसीली प्यासी चुत और उनके चुचे धीरे धीरे मैं अपने लॅंड को रगड़ने लगा.थोड़ी देर मे वो नाहकार बाहर आई और खुले गीले बालो से मेरे दिल और लॅंड पर बिजलिया गिरने लग गगाई मेरा लॅंड और सख़्त होने लगा.

मैं उठ कर वाहा से बिना बातये आ गया.फिर शाम को डिन्नर के लिए मुझे सीधे उनके घर जाना था मैं क्लास ख़तम करके उनके घर पहुच गया भाभी ने गेट खोला उन्होने काला नाइट सूट पहन रखा था उनके काले नागिन से बाल उनके फेस पर आ रहे थे मान किया मैं अपने हाथो से उन्हे हटाउ उन्होने मुझे कहा तू जाओ मु हाथ धोकर आओ मैं खाना लगाती हू.

मैं भी फटाफट रेडी होके आ गया उन्होने मुझे खाना सर्व किया और इस डिन्नर मे हमारी पहली बार बात हुई उन्होने पूछा मुझसे तुम इतना शरमाते क्यू हो मुझसे बात करो मैने भी कुछ नही कहा बस बताने लगा अपने बारे मे कहा से पढ़ाई की पढ़ने मे तो मैं अछा था उन्होने मेरी थोड़ी क्लास ली उसके बाद उनका वो क्वेस्चन भी मूज़े याद है जिसे सुनके मेरे पैरो के नीचे से मानो ज़मीन खिसक गई.

उन्होने मुजसे पूछा अछा अर्पित एक बात पूचु बुरा मत मानना मैने भी जोश जोश मे कह दिया उन्होने मुझसे पूछा तुम्हारी कोई जीएफ़ है मैं कुछ नि बोला बस ना के लिए मंडी हिलाई तो वो हसने लगी और बोली झूट मत कहो अर्पित मैं तुम्हारी मामी जी को नि बताउन्गि इतने स्मार्ट हो जवान हो कोई जीएफ़ नि है मन तो किया बोल डू आप मेरी जीएफ़ बनोंगी पर गॅंड बहुत फट रही थी फर्स्ट टाइम था उपर से मामा जी मामी का डर की कुछ उल्टा हुआ तो सीधा घर का टिकेट कट जायगा मैने अपने आपको संभाला और कहा नि मेरी कोई जीएफ़ नि हैं मैं शरमीला हू बात नि कर पाता.
और फिर मैने खुश्बू भाभी को फ़साया मैने उनसे पूछा आपका कोई बीएफ था शादी से पहले वो चुप हो गई पहले थोड़ा दुखी होके वो बताने लगी उनके कॉलेज का एक लड़का था जिससे वो प्यार करती थी.पर घर वालो ने उनकी मर्ज़ी के बिना उनकी शादी कर दी इतना कहकर वो रोने लगी पहले मुझे समझ नही आया क्या करू फिर हिम्मत करके मैने उनके कंधे पर हाथ रखा और उनको समझाने लग मेरे हाथ काप रहे थे और मैं पसीना पसीना हो गया था.

आगे तो बहुत कुछ बाकी था वो एक दम से मुजसे लिपटकर रोने लगी मेरी फट कर चार हो गई मैं कापने लगा कुछ समझ नही आ रहा था क्या करू क्या नही. फिर मैने हाथ रखा और उनको समझाने और और सुपोर्ट करने लगा मेरा लॅंड बहुत सख़्त हो गया था मुझे लग रहा था मानो ये सावना हो.

फिर मैने उनकी आँखे उपर उठाई उनके आँसू पोछे हम दोनो एक दूसरे को देखते रहे अचानक वो आगे बढ़ी उन्होने मुझे कासके जाकड़ लिया और मेरे होटोको चूमने लगी मैं भी उनका सुपोर्ट करने लगा दो मिनट बाद अचानक उनको झटका लगा वो दूर हटी सॉरी बोलके जाने लगी मैने उनका हाथ पकड़ा पता नही मेरे अंदर इतनी हिम्मत कहा से आई.

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उनको अपनी तरफ खिचके मैने उन्हे चूमना स्टार्ट कर दिया शुरू मे वो घबरा गई पर 5 मीं बाद ही मेरा सुपोर्ट करने लग गई वो मुझे चूमने लगी मैं भी उन्हे चूमने लगा मैने उनके लिप्स चूमे फिर उनके बाल खोलके उनके गले मे चूमा उनके गाल ऐसा लग रहा था मानो जो लड्डू मैं खाना चाहता था.

वो मुझे मिल गया हो उसके बाद उन्होने मेरे कड़क लॅंड को महसूस किया और उसे सहलाने लगी मैं झड़ चुका था वो जान गयी थी मैने भी देर ना करते हुए उनके नाइट सूट के उपरसे उनके चुचो को हाथ लगाया हाए जो मुझे उस समय आनंद मिला मैं आपको बता नही सकता फिर मैं उन्हे ज़ोर ज़ोर से सहलाने लग गया वो मेरे लॅंड को रगड़ रही थी मेरा लॅंड पूरी तरह खड़ा हो चुका था.

मेरा 6 इंच का लोड्ा पैंट फड़के बाहर आने को था मैने उनकी मॅक्सी के उपर से निप्पल्स का उभार देखा और उन्हे पागलो की तरह चूमने लगा फिर क्या था वो बहुत ज़्यादा एग्ज़ाइटेड हो चुकी थी उन्होने मेरी टीशर्ट उतार दी और मुझे चूमने लगी मैं भी आनंद लेता रहा अब मेरा सबर का बाँध फुट चुका था मुझे उनके गोरे गोरे चुचे देखने थे जिनके बारे मे सोचके मैं हस्त्मेतुन करता था बस फिर क्या था.

मैने उनकी मॅक्सी उतारी और अब वो ब्रा मे थी उनका गोरा बदन ऐसा था मानो अंधेरे मे रोशनी कर दी हो किसी ने मैने उनको पकड़ कर सोफे पर बिठा दिया और उनके चुचो को दबाने लगा एक हाथ मेरा ब्रा के अंदर था और उनका निप्पल मेरी उंगलियो मे मैं उससे खेल रहा था वो मुझे उतनी तेज़ी से जकड़ती जा रही थी फिर क्या था मैने उनकी ब्रा की बेल्ट खोली और उनके गोरे 34 के चुचे मेरे सामने थे मुझे लग रहा था मानो मैं सपना देख रहा हू.

पर ये सपना पूरा हो गया था मैने उनको अपनी गोद मे ले लिया और टूट पड़ा चुचो पर उनके एक बूब्स मेरे हाथ मे था और एक निप्पल को मैं पागलो की तरह चूस रहा था और वो मेरे लॅंड को सहला रही थी की अचानक वो कामुक हो गई और उन्होने मुझे धक्का देके सोफे पर लिटा दिया और मेरे पैंट उतारने लगी.

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मैने उनका सुपोर्ट किया उन्होने मेरी अंडरवेर मे हाथ डाला और मेरा लॅंड अब उनके हाथ मे था मेरे 6 इंच का मोटा टाइट लॅंड देखके वो जैसे प्यासी नज़रो से मेरे लॅंड को देख रही थी और मैं उनके बूब्स को फिर क्या था उन्होने मेरा गीला लोड्ा मु मे ले लिया.

दोस्तो उस दिन मुझे जो आनंद महसूस हुआ मैं बता नि सकता मेरा टाइट वर्जिन लोड्ा अब मेरी प्यारी कामुक खुश्बू भाभी के मु मे था वो लोलीपोप की तरह मेरे लॅंड को चूस रही थी और मैं उत्तेजित होते जा रहा था.. टू बी कंटिन्यूड..

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