पटना मे की भाभी की चुदाई

हेलो रीडर्स ये मेरी पहली स्टोरी है. अगर कुछ मिस्टेक हुई तो उसके लिए अड्वान्स में मे सॉरी.

मेरा नाम शेखर है और मई पटना में रहकर उपस्क की प्रेपरेशन करता हू आंड मई बोरिंग रोड में रहता हू. और मुझे बोहट मॅन करता है सेक्स करने का. मुझे भाभियो के साथ सेक्स करने में बोहट मज़ा आता है. क्यूकी वो खुल के चुदाई का एंजाय लेती भी है और देती बही है.

तो चलिए अब देर ना करते हुए सीधे स्टोरी प्र आते है. मई एवेरी मॉर्निंग पार्क जाता हू एक्सर्साइज़ करने तो जब मैने न्यू न्यू जाना स्टार्ट किया था.

आज से 3 साल पहले की बात है, मई डेली जाता और एक्सर्साइज़ करता और बाहर निकल कर जूस पिता था. मैने पहले नोटीस नही किया बुत बाद में मुझे पता चला की एक भाभी जब मई जूस की शॉप पे जाता हू तो आती है वो भी पार्क से वॉक करके आती थी.

मैने एक नज़र डाला इस भाभी पे. एक दूं माल थी बिग बूब्स बरी सी गांद पतली कमर मतलब टोटल बवाल थी. मुझे उसके तरफ घूरते देख वो तोरा आटिट्यूड दिखाने लगी की मेरा ऐसे घूर्ना उसको अच्छा नही लगा. तो मई फिर दूसरी साइड देखने लगा और फिर वो चली गयी जूस लेकर.

फिर 2-3 तक ऐसे ही आमने सामने आए बुत कुछ बात नही हुई. तब एक दिन जब मई जूस के शॉप पे गया तो वो इधर उधर देख रही थी. मई चुपचाप वाहा साइड मे जाके खड़ा हो गया. तो उसने मुझे पूछा की-

भाभी – आपके पास 500 का चेंज होगा शॉप वेल के पास नही है?

मे – मई बोला 500 का तो नही है बुत आप जूस ले लो मई पैसा दे देता हू.

शी – नही नही रहने दो मई किसी और से ले लूँगी.

मे – कोई बात नही आप कल दे देना मुझे या कभी जूस ही पीला देना.

शी – ठीक है.

और हम फिर जूस लेकर अपने अपने घर चले गये.

नेक्स्ट दे उसने मुझे पार्क मे रोका और कहा की चलिए आज मई आपको जूस पिलौंगी. तो मैने बोला अरे कोई बता नही तो ज़िद करके मुझे अपने साथ ले गयी.

जब हम शॉप पे गये तो वाहा पे कुछ लोग पहले से खरे थे. तो हम साइड मे खरे हो गये और जगह कूम होने की वजह से काफ़ी क्लोज़ खरे हुए थे. और हिलने की वजह से कभी कभी हमारी बॉडी टच हो जाती थी.

तो मई एक दो बार अपना हाथ पीछे ले लिया बुत मैने देख की वो वैसे ही खरी है. मैने सोचा मई भी क्यू ना मज़े लू. अब मई भी हाथ वही पे रहने दिया.

मुझे बोहट ही अच्छा लग रहा था सॉफ्ट सॉफ्ट हाथ थे उसके. फिर उसने मेरी तरफ देखा और फिर शॉप की तरफ देखने लगी. तो मैने ये जाने के लिए की उसको कोई प्राब्लम तो नही है उससे बात करनी शुरू कर दी.

मे – आपका नाम क्या है?

भाभी- स्वाती, और आपका?

मे – शेखर, आप के फॅमिली में कों कों है?

शी – पटना में मई अपने हज़्बेंड के साथ रहती हू.

मे – आपके हज़्बेंड क्या करते है?

शी- वो एक मेडिकल कंपनी में मिस्टर है और ज़्यादा बाहर ही रहते है.

तब तक मई और क्लोज़ हो गया था उसके. अब मेरा हाथ उसके गांद पे टच कर रहा था साइड से बुत अच्छे से टच नही हो रहा था. उतने में जूस वाले ने हम लोग को पुचछा की क्या पीना है आपको?

तो वो जैसे ही जूस वेल को बताने के लिए उसके तरफ घूमी. वो मेरे सामने खरी थी और उसके गांद मेरी तरफ थी. और मई तोरा और उसके क्लोज़ चला गया.

अब उसके गांद से मेरा लंड टच हो रहा था. कभी टच होता तो कभी मई खुद हट जाता की कही वो कुछ बोल ना दे. फिर एक बार उसने खुद अपनी गांद मेरे लंड से सता दिया और मेरी हालत खराब हो गयी. मेरा लंड खरा हो गया पंत मे और वो भी मज़ा लेने लगी.

उसके गांद के रगर्ने से मेरा लंड पूरा खरा हो गया था. तब तक में ह्यूम जूस मिल गया और हम पीने लगे उसके बाद वो मेरी तरफ पलट गयी.

अब उसके बूब्स मेरी तरफ थे और मई उन्ही को देखे जा रहा था. जो की उसने भी देख लिया की मई कहा देख रहा हू. हुँने जूस पी लिया था तो उसने बोला की अब चलते है. तो मुझे प्राब्लम हो गयी की मई कैसे खरे लंड के साथ जौंगा.

मैने उससे 5 मीं रुकने को बोला तो वो बोली क्यू? मैने बोला बाय्स प्राब्लम तो वो हासणे लगी. और बोली मुझे फील हुआ था की कुछ रहा है आपको. तो मई बोला आप की ग़लती है और हासणे लगा.

फिर थोरे देर बाद जब मेरा लंड बैठ गया तो हम अपने अपने घर आगये. अब हम डेली साथ में जूस पीने लगे और एक दूसरे का मज़ा लेने लगे. हुँने नंबर भी एक्सचेंज कर लिया, अब हुमारी फोन पर भी बात होने लगी.

हुमलोग साथ में घूमने भी लगे और जब भी ऐसा मोका मिलता एक दूसरे के बॉडी से खूब खेलते थे. बुत अंजान बन कर जैसे की पता ही नही क्या कर रहे है.

फिर एक दिन उसने मुझे अपने घर बुलाया डिन्नर पे. तो मैने पूछा की आपके हज़्बेंड को क्या बोलॉगे? वो बोली की वो आउट ऑफ टाउन गये है तो मई खुस हो गया की आज तो मज़ा आएगा फ्री हो कर एंजाय करूँगा.

मई रेडी हो कर उसके घर पहुचा. तो वो एक सेक्सी सी नाइट गाउन पहने थी और मुझे अपने घर मे अंदर बुलाया. और नॉर्मली ही हेलो के बाद हुमलोग डिन्नर करने लगे, उन्होने चिकन बनाया था.

डिन्नर करने के बाद जब मई चलने को हुआ तो उन्होने बोला की थोरी देर साथ में बैठो कुछ मोविए सब देखते है.

तो मैने बोला ओक और हम बैठ के मोविए देखने लगे. गरम मसाला आ रही थी टीवी पे, भाभी ने वही लगा दिया और हम देखने लगे. लाइट्स सब बंद थी और बस टीवी की लाइट मे हम एक दूसरे को देख रहे थे.

फिर हम एक दूसरे से एक दूं चिपक कर बैठ गये. मैने उनका हाथ अपने हाथ में पर रखा था और हल्का हल्का रूबिंग कर रहा था. उनको भी इसमे मज़ा आ रहा था.

फिर मैने धीरे धीरे अपना हाथ उनकी थाइ पे ले कर गया और रब्बिंग करने लगा. उनको भी मज़ा आ रहा था और वो भी मज़े कर रही थी. अब उनका हाथ भी मेरी थाइस पे आ गया और वो भी वही कर रही थी.

भाभी – मुझे कुछ हो रहा है ये क्या कर रहे हो तुम?

मे – जो आप कर रही है वही तो मई भी कर रहा हू.

भाभी – क्या हम जो कर रहे है वो सही है?

हे – आपको मज़ा आ रहा है या नही??

भाभी – हन आ रहा है मज़ा.

मे – तो कुछ ग़लत नही है…

इतना बोलते ही वो अब सीधा मुझे किस करने लग गयी. मई अभी उनको किस करने लगा. क्या जुवैसी लिप्स थे उनके बोहट मज़ा आ रहा था उनके लिप्स को अपने लिप्स में दबा के चूसने में.

मई उनके लिप्स को कभी कभी बीते भी करता था आंड अपने टंग को उनके टंग से टच भी करता था/ ऐसे हम 10 मीं तक किस करते रहे फिर मैने उनका बूब्स पकड़ कर दबाने लगा और वो-

भाभी – आआअहह.. इतनी ज़ोर से मत दब्ाओ, तोरा धीरे…

पर उनकी बात कों सुनता है, मई तो जोश जोश में खूब दबाया ज़ोर्से उनके बूब्स को. तभी भाभी बोली की सब कुछ कपड़े पहन के ही करोगे क्या?

तो मैने उनके कपड़े उतरने चालू किए. सबसे पहले उनकी गाउन उतरी तो वो ब्रा आंड पनटी मे आ गयी. फिर मैने भी अपना त-शर्ट और जीन्स उतार कर सिर्फ़ अंडरवेर में आ गया. और उनके उपर चढ़ कर उनको किस करने लगा. कभी लिप्स पर तो कभी नेक पर कभी बूब्स पर.

वो अब पूरा गरम हो गयी थी और उन्होने मेरा लॅंड पाकर कर रगर्ना चालू कर दिया. अब मुझसे भी नही रहा गया. मैने भी अपना हाथ उनकी पनटी में डाल दिया और उनकी छूट को लग्र्ने लगा.

अब वो अपनी गांद उठा उठा के मचल रही थी. फिर मैने अपना एक उंगली उनकी छूट में डाल दिया और अंदर बाहर करने लगा. वो अब मज़ा में और पागल हो गयी.

भाभी – आआअहह… बहोट मज़ा आ रहा है शेखर करते रहो ज़ोर ज़ोर से..

मे – हन भाभी मुझे भी बोहट मज़ा आ रहा है. आप मेरा मूह में लेकर चूसो ना.

भाभी- तुमको भी मेरी छूट चटनी पड़ेगी.

मे – हन मई चुसूंगा, आप आ जाओ.

फिर मई उनकी छूट की तरफ अपना मूह ले कर गया और मेरा लंड भाभी ने अपने मूह में ले लिया. पहले तो मुझे अजीब लगा बुत धीरे धीरे ठीक लगने लगा आंड मई ज़ोर ज़ोर से उनकी छूट सक करने लगा. वो भी पूरे जोश में मेरा लंड चूस रही थी.

भाभी – मेरी छूट में तुम अपनी टंग अंदर तक घुसा के छातो.

तो मई वैसे ही करने लगा और सिसकने लगी ज़ोर से. फिर मैने बोला चलो अब असली काम पे आते है. मई उठ के सीधा हो गया और उनके छूट के पास अपना लंड लेकर गया. उनको बोला की वो अपनी दोनो फुट उपर करके रखे. फिर मैने अपना लंड उनकी छूट पे रखा और रगड़ने लगा.

मे – क्यू भाभी मज़ा आ रहा है या नही?

भाभी – जब छोड़ोगे तो मज़ा तो आएगा ही ना…

मे – अभी छोड़ना स्टार्ट किया नही है, अब स्टार्ट होगी आपकी चुदाई.

भाभी – तो करो ना चुदाई, मई तो काब्से तारप रही हू चुदाई के लिए.

फिर मैने अपना लंड उनकी छूट में धकेल दिया, हम दोनो की मज़े में आवाज़ निकल गयी. अब मई अपना लंड उनके छूट में अंदर बाहर करने लगा और मज़े में और ज़ोर से करने लगा. 5 मीं ऐसे ही छोड़ने के बाद मैने उन्हे डॉगी बनने को कहा. क्यूकी ये स्टाइल मुझे बोहट अच्छा लगा था जब मैने पॉर्न मोविए में देखा था.

तो वो आ गयी और मई फिर से लंड उनके छूट में डाल दिया और चुदाई करने लगा. फिर 10 मीं के बाद उनके छूट में ही मेरा स्पर्म निकल गया.

भाभी – आरीए पागल अंदर क्यू निकल दिया!

मे – सॉरी मुझे मज़े में पता ही नही चला की कब निकलने वाला है.

भाभी – अब मुझे कल मेडिसिन लेनी होगी.

मे – डॉन’त वरी मई लाकर दे दूँगा.

भाभी – ओक बुत याद से कल मॉर्निंग में दे देना.

मे – हन दे दूँगा, अब ये बताओ अब हम फिर से कब करेंगे?

भाभी – जब भी मेरे हज़्बेंड नही रहेंगे तब ट्ंको बुला लूँगी.

मे – ओक अब मई चलता हू.

भाभी – बस इतने में जा रहे हो? अभी तो पूरी रात बाकी है.

तो इसी तरह शुरू हुई मेरी कहानी. उसके बाद तो मैने कितनी बार स्वाती भाभी को और उनके मदद से कितनी लड़कियो और भाभी को छोड़ा है. अब बाकी की स्टोरी अगले पार्ट में.
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