विलेज की भाभी की चुदाई-1

[नोट: ये कहानी मेरी निजी है पर प्राइवसी के कारण इसमे नाम चेंज कर दिए गये है.]

ये बात उस टाइम की है ज्ब मे एग्ज़ॅम की त्यारी कर रा था. मेरे पास कुछ काम तो नही था ब्स घर पर लेटना और पड़ना. एक दिन पापा ने मूज़े बुलाया और कहा “कुणाल, वो टुमरे राजेश चाचा और चाची का एक आक्सिडेंट हो गया है. चलो उन्हे देकने के लिए चले जाओ”.

राजेश चाचा मेरे पापा के बुआ के अकेले बेटे है जो की गाओं मे रहते है. मई और पापा हॉस्पिटल पहुचे तो वो दोनो अड्मिट थे. चाचा का दोनो पेर और हाथ फ्रॅक्चर था और चाची का एक पेर फ्रॅक्चर था. क्यूकी वो बिके से दूर जेया कर गिरी थी, इस लिए बच गयी.

बेसे उनके एक बेटी और बेटा है. दोनो की साथी हो चुकी है. उनकी लड़की (विनीता) की आगे 25 है और लड़के (सौरभ) की 23. मेरी भी आगे 23 है, बस उससे 6 महीने छोटा हू.

दूसरे दिन उनका डिसचार्ज हो गया. हम उनके घर पर गये बाइ आंब्युलेन्स सो, ज़्यादा टाइम नही लगा. अब मई घर भी बता देता हू कैसा है. गौण का घर है, बहुत बड़ा है. एक रूम बाहर बना था जिसमे चाचा और चाची रहते थे.

जब हम रूम मे बैठे तब भाभी आई जो की हाथ मे पानी की तली लिए हुए आई. सबको पानी दिया. सौरभ की सॅडी 2 साल पहले हुई थी उसकी सदी पर पापा आए मे नही. सो. मैने भाभी को पहली बार देखा था. हाइट का तो पता नही लेकिन ज्ब मे उनके पास क्डा हुआ वो मेरे चेस्ट ट्के आ रयी थी. वेसए मेरी हाइट 6″ है. चाची न भाभी से कहा की…

चाची -बहू, लल्ला को लेकर जेया और कुछ खिला दे.

भाभी- ठीक है मम्मी.

और मे भाभी के साथ अंदर चला गया. तब मैने उनका चेहरा देखा. हन देखने मे आक्ची थी. मैने भाभी से पुचछा की सौरभ कहा है तो उस ने ब्टाया की वो फॅक्टरी मे काम करते है. 7 दिन दे शिफ्ट और एबल 7 नाइट शिफ्ट. हा अछा था कुछ पैसे क्मा रा था और बीवी इतनी अच्छी मिली थी.

अभी सौरभ का नाइट सिफ्ट चल रा था 3दिन से. सौरभ घर से रात 7 भजे निकल जाता एक गौण के लड़के के साथ,वो भी हू काम करता है.8 भजे पहुचे जाता.

भाभी ने मूज़े कमरा दिखया मेरा जिसमे एक खत पड़ी थी छोटी थी पर मेरे लीके थी सोना ही था ब्स. मैने चाचा और चाची को खाना खिलाया. और उनका लिटाया और मे भी खाया. और अपने कमरे मे चला गया. भाभी अपने बेटे को सिलाने के लिए ले गयी.

सॉरी, मई बताना भूल गया सौरभ का 8 मशीन का बाकचा था. मई खत पर लेता था फोन पर कॉमेडी देख रा था. रात 9ब्जे अचानक भाभी आई दूड लेकर और पुचछा की कुणाल क्या देख रहे हो इतना मुस्करा रहे हो? उन्होने दूड टेबल पर रखा और मेरे पास बेत गयी फोन मे देकने लगी.

मैने एक इयरफोन का प्लग उनके काम मे लगाया. दोनो देकने लगे और हासणे लगे. भाभी के पास एक सिंपल फोन था कोई स्मर्टफ़ोने नही. हम दोनो एक ही खत पर बैठे थे सो एक दूसरे से बिल्कुल चिपक गये थे.

10 भजे भाभी ने कहा अछा च्लती हू, तुम भी सो जाओ. गोलू (उनका बेबी) जाग जाएगा. वो चली गयी और मैने भी पॉर्न देखा और सो गया.

सुबा हुई तो सौरभ भी आ चुका था. उसकी सुबह 5 भजे छुट्टी हो जाती है. फिर एक रात हुई मैने चाचा और चाची को खाना खिलाया मेडिसिन दी. अपने रूम मे चला गया.. रात को 9 भजे मई भाभी का इंतेजर कर रा था पर वो नही आई. और सोचा की भाभी आज नही आएगी तो मे पॉर्न देखने लगा और मास्टरबेट करने लगा.

9.30 भजे भाभी आई दूध ले कर. ग्लास टेबल पर रख दिया और कहा की गोलू सो नही रा था और मेरे पास बैठ गयी. मुझसे कहा कुणाल कल बाला वीडियो लगाओ.

मैने कहा ठीक है.. पर मेरा लंड खड़ा था. मेरे लंड का साइज़ 8 इंच है. मैने लंड को च्चिपाने के लिए उस पर चदडार डाल दी थी. भाभी भी च्छदडार मे आ गयी मेरे पास बैठ गयी और मैने कॉमेडी वीडियो लगा दी और उन्हे एअर प्लग दिया.

मेरी बुरी कंडीशन थी. लंड खड़ा था और भाभी मेरे पास मे बैठी थी. तो मैने एक हाथ से फोन पकड़ा और एक हाथ से लंड सहलाने लगा स्लोली स्लोली.

बीच बीच मे उनके बूब्स देख रा था, मई चाहता था जल्दी से लंड डाउन हो जाए. मैने अपना एक पेर भाभी के पेर लगाया और उनकी सॅडी को उपर करने लगा.

तभी भाभी ने बोला क्या कर रहे हो? और मेरी टरफ़ देखा. पता नही मुझे काया हुआ मैने तुरंत उसके होत को चूमने लगा. भाभी मूज़े धक्का देता रही पर मई नही हटा.

5 मिन्स बाद भाभी ने मूज़े हटाना बंद कर दिया और मेरा साथ देने लगी. तब ही मैने अपना त-शर्ट उतारा और उसके गले को चूमने लगा. साथ ही साथ अपने हाथ से उसके बूब्स को मसलने लगा.

मई खाट पर से उठा और अपने कपड़े उतारने लगा. तो उसने रोका की नही भैया तो पता चल जाएगा. मैने कहा नही पता चलेगा. और मैने उनके ब्लाउस उतार दिया और बूब्स चूसने लगा.

उसके दूध निकल रा था, भाभी ने रोका की ये गोलू के लिए है. मैने उन्हे बिताया और अपना लंड उनके मूह मे दे दिया और वो चूसने लगी. वो चूस ही रही थी की अचानक गोलू रोने लगा. तो भाभी ने जल्दी से अपने क्पडे फ़ने और अपने कमरे मे चली गयी और मुजसे कहा की सो जाओ. मई लेट गया और सो गया.

दूसरे दिन मुझे चाचा और चाची को हॉस्पिटल ले जाना था. मैने अपनी बिके पर चाचा को बिताया और सौरभ ने चाची को. उनका प्लास्टर चेंज होना था.

ओपड़ 10 भजे खुलती थी, हम हॉस्पिटल 10.15 पर पहुचे गये. नंबर आते आते 4 भाज गये और घर पर पहुचते पहुचते 6 भाज गये. सौरभ को फॅक्टरी जाना था तो वो चला गया.

चाचा ने मुजसे कहा की घर के पिच्चे एक खेत मे कुछ सबको थी वो सुक रही है. क्या तुम मोटर चालू करके पानी लगा दोगे? क्यूकी वाहा लाइट दिन मे कम चलती पर रात को चलती थी.

सो मैने मोटर चालू काइया, मोटर घर के पीछे ही लगा था. फिर मई खेत के लिए चल दिया. तो भाभी मुझसे मुस्करा के बोली की मई भी चलती हू. मैने कहा गोलू को चाची को दे दो, वो संभाल लेगी.

भाभी चाची के पास गयी और बोली की मई कुणाल के साथ पानी लाने जेया रही हू. तो चाची ने कहा की गोलू को मुझे दे जाओ नही तो ओह रोने लगेगा. और चली जेया लल्ला के संग उसकी मदद हो जाएगी.

तो मई और भाभी खेत मे चले गये. मई मेड पर बेत गया और भाभी भी पास मे बेत गयी.

आयेज की कहानी बाद मे.

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