पति के दोस्तों ने तोड़ी पत्नी की गांड की सील

अब आगे की कहानी काजल की जुबानी।

मैं काजल हूं। आप सब ने मेरी पिछली कहानी में जाना कैसे मेरे नशेड़ी पति ने मुझे किसी और से चुदवा दिया।

उस रात मेरे पति के दोस्त ने मुझे सारी रात चुदाई का मजा दिया, और सुबह मेरे पति को नशा करने की एक पुड़िया देकर चला गया।

मुझसे उठा नहीं जा रहा था फिर भी उठ गई, और बाथरूम में चली गई। मेरे पूरे बदन से उसके लंड के पानी की ही बदबू आ रही थी, तो मैं अच्छे से नहा कर बाहर आई। मैंने देखा मेरा पति नशे मे झूल रहा था। मैं रसोईघर में गई और खाना बना कर अपने पति को दिया। पति ने नशे मे थोड़ा सा खाना खाया। फिर मैंने भी खाना खाया। मैं बैडरूम मे आकर सफाई करने लगी।

तभी मेरा पति पीछे से आ गया और मुझे बोला: रंडी कपड़े उतार अभी।

मैं उनकी बात ना सुन कर सफाई करती रही। पर उसको गुस्सा आ गया, और मेरे पति ने मुझे बालों से पकड़ कर जमीन पर फेंक दिया।

फिर वो मुझे बोला: रंडी, नंगी हो नहीं तो तुझे नहीं पता क्या करुंगा आज तेरे साथ।

मैं फिर नंगी हो गई मेरे 34″ के बूब्स लटकने लगे, और 36″ की गांड भी हिलने लगी। मेरे पति ने मेरी गांड पर भी थप्पड़ मारना शुरु कर दिया। मेरा मुंह ओर गांड दोनों ही लाल हो गई थी।

तभी डोर बैल बजी, तो मेरा पति बोला: जा और दरवाजा खोल।

मैं नंगी थी तो मैंने जाने से मना किया। यह सुन कर पति मुझे दरवाजे के पास ले गए, और दरवाजा खोल दिया। मैंने अपने बूब्स और चूत अपने हाथों से ढक लिया। मेरा मुंह नीचे की ओर था, तभी मेरा पति बोला-

पति: क्या बात है, मन नहीं भरा तेरा?

दूसरी तरफ से आवाज आई: नहीं यार, तेरी बीवी की याद आ गई। और यह साला भी बोल रहा था कभी राजेश की बीवी को नंगी नहीं देखा।

मैं पति से हाथ छुड़ा कर कमरे के अंदर चली गई। फिर सभी कमरे के अंदर आ गए तो राजेश बोला-

राजेश: यह रही तुम दोनों की रंडी काजल।

फिर एक बोला: रमन भाई साली कपड़ों से ज्यादा तो नंगी बहुत अच्छी लग रही है।

तो दूसरा बोला: यार सुरेश, आखिर बीवी तो राजेश की है।

और सब हंसने लगे। तब मैं उनके नाम जान सकी। सुरेश ने तो सारी रात मेरे साथ किया था। पर अब रमन भी साथ था। राजेश को उन दोनों ने एक ओर पुड़िया नशे की दी।

राजेश खुश होकर बोलने लगा: जाओ रंडी के साथ मजे लो।

और खुद साइड में बैठ कर नशा करने लगा। मैं एक तरफ खड़ी हुई थी, तो सुरेश बोला-

सुरेश: अब क्या शर्मा रही है? रात को तो गांड उठा कर मेरा लंड ले रही थी रंडी।

रमन नंगा हो गया था। उसका लंड भी सुरेश के लंड के जैसा ही था। सुरेश भी मुझे देखते हुए नंगा हो गया। सुरेश ने मुझे पकड़ कर नीचे बैठा दिया। फिर दोनों मेरे मुंह के ऊपर लंड रगड़ने लगे।

सुरेश बोला: चल मुंह खोल काजल, नहीं तो खुलवाना आता है मुझे।

मैंने जैसे ही मुंह खोला, रमन ने लंड मेरे मुंह मे डाल दिया। मैंने फिर सोचा जब मेरा पति ही मुझे चुदवाना चाहता था, तो मैं कयू़ं डरुं? मैं रमन का लंड चूसने लगी और एक हाथ से सुरेश का लंड हिलाने लगी।

दोनों आहें भरने लगे। मैं कभी रमन का लंड चूसती तो कभी सुरेश का। मेरा पति तो नशे में धुत हो गया था। फिर दोनों मुझे बैड पर ले गए। रमन मेरी चूत चाटने लगा सुरेश मेरे बूब्स पीने लगा। रमन जब अपनी जीभ मेरी चूत के अंदर डालता, तो मैं सिहारने लगती।

कुछ समय बाद मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया। रमन चूत से निकल रहे पानी को चाट कर पीने लगा। कुछ पानी मेरी गांड पर चला गया, तो रमन मेरी गांड के छेद को भी चाटने लगा। फिर रमन सुरेश को इशारा किया।

तब सुरेश बोला: रमन इशारा क्या कर रहा है? खुल कर बोल।

रमन बोला: सुरेश भाई, रांड की गांड टाईट लग रही है।

यह सुनते ही सुरेश ने मुझे पीठ के बल कर दिया और मेरी गांड के छेद में ऊंगली डालने लगा। मुझे बहुत दर्द हो रहा था, पर कर भी क्या सकती थी? तो मैं दोनों को बोली-

मैं: चूत से कर लो, गांड को रहने दो।

सुरेश बोलने लगा: राजेश, मादरचोद, साले हरामी,‌ मुझे बोलता था मैं अपनी बीवी की गांड बहुत मारता हूं। यह तो सील पैक निकली।

रमन से रहा नहीं जा रहा था, तो उसने मुझे सीधा किया, और मेरी टांगो को खोल कर लंड चूत मे डाल कर चुदाई शुरु कर दी। सुरेश ने मेरे मुंह में लंड भर दिया। मैं लंड चूसने लगी।

सुरेश मुझे बोलने लगा: काजल आज तो मेरा लंड तेरी गांड मे ही जाएगा।

मेरे मुंह मे लंड होने के कारण कुछ नहीं बोल सकती थी।

रमन तो भूखे भेड़िये की तरह मेरी चूत चोदने मे लगा हुआ था। मैं दो बार झड़ चुकी थी, पर उसका निकलने का नाम ही नहीं ले रहा था। मेरा पूरा बदन पसीने से भीग गया था। मेरी हालत खराब हो गई थी, पर रमन कहां रुक रहा था।

तब सुरेश बोला: रमन साले डोज़ कम लिया कर, कितना बजाऐगा साली को?

रमन सुरेश की बात सुन कर रुक गया। रमन ने लंड चूत से बाहर निकाल लिया। उसका लंड अब भी पूरा खड़ा हुआ था। मैंने चैन की सांस ली। सुरेश ने भी लंड मुंह से बाहर निकाल लिया। मैं हांफने लगी। कुछ देर रुकने के बाद रमन मेरे सर के पास आकर बैठ गया।

सुरेश उठा, और उसने मुझे बोला: जा तेल या वासलिन लेकर आ।

मैं समझ गई थी मेरी गांड अब फटने वाली थी।

तो मैंने सुरेश को इशारे से बताया: वहां वासलिन रखी है।

सुरेश वासलिन ले आया और मुझे कुतिया बना दिया।

सुरेश मेरी गांड पर वासलिन लगाने लगा, तभी रमन ने अपना लंड मेरे मुंह में डाल दिया। सुरेश ने फिर लंड मेरी गांड के छेद पर लगाया, और एक झटका मारा। पर लंड फिसल कर चूत में चला गया। सुरेश के साथ ऐसा 3-4 बार हुआ। फिर मैंने अपने हाथों से अपनी गांड को खोल दिया।

अब सुरेश का लंड एक ही झटके में मेरी गांड के अंदर चला गया। मैं इस झटके से उछल पड़ी मेरी आंखो से आंसू आ गए, पर सुरेश खुश हो रहा था। मैं कुछ सम्भाल सकती सुरेश ने एक और झटका मार दिया। अब सुरेश का पुरा लंड मेरी गांड मे रगड़ खाता हुआ पूरा अंदर चला गया।

मुझे बहुत दर्द हो रहा था। मैं तड़पती रही पर सुरेश अपने काम में लगा रहा। सुरेश मेरी गांड को बहुत बेदर्दी से चोदने लगा।रमन का लंड भी मेरे गले के अंदर तक जा रहा था। मेरी हालत खराब हो गई थी।

दोनों एक साथ मेरे मुंह ओर गांड को चोद रहे थे। वासलिन के कारण कमरे मे मेरी चुदाई की आवाज साफ सुनाई दे रही थी।

दोनो पागलों की तरह चुदाई का मजा ले रहे थे। मुझे अब दर्द कम हो गया, तो मैं भी रमन का लंड मुंह से निकल कर बोलने लगी-

मैं: और जोर से चोदो मुझे, बना दो मुझे एक रंडी। मैं एक हिजड़े की बीवी हूं। बना दो मुझे एक रंडी।

सुरेश बोलने लगा: हां काजल तू अब रंडी ही बनेगी। अब तुझे अलग-अलग लंड से चुदवाऊंगा।

काफी देर बाद रमन मेरे मुंह मे झड़ गया। मैं उसके लंड का पानी पी गई, और लंड चाट कर साफ कर दिया। फिर कुछ देर बाद सुरेश भी मेरी गांड मे झड़ गया। फिर मैंने सुरेश का लंड भी चाट कर साफ कर दिया। हम सब बिस्तर पर लेट गए।

कैसी लगी मेरी कहानी जरूर बताना। आगे का अगली कहानी में बताऊंगी।

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