पति के दोस्तो ने मज़े लिए मेरे जिस्म के 2

उनका मुझे बाहर ले जाना अब आम हो चुका था. शादी मे 1 हफ़्ता रह गया था. यूयेसेस दिन वो मुझे बाहर ले गये रेड सारी पहना कर. उसमे मे काफ़ी जवान मादक लग रही थी. मेरा दूध जेसा गोरा मुआलयूं पेट पूरा दिख रा था. मेरा डीप ब्लाउस भी मेरे आधे चुचे बाहर निकल रहे थे.

मई- हम कहा जेया रहे है?

मनोज- आज तुम्हे अपने दोस्तो से मिलवौनगा मई.

मनोज- तुम वाहा क्यू बेती हो मेरी गोदी मे आके बेतो ना.

मई- आप तो कार च्ला रहे है ना.

मनोज- तो क्या हुआ?

मई शरमाने लगी, इनको अब मेरे जिस्म का नशा होता जेया रा था. कार च्लते हुए भी. उन्होने मुझे अपनी गोदी मे बिता ही लिया और कार च्लते हुए मेरा पेट मसालने लगे

मई- आआआअहह..उहह.हुहह..उउम्म्ममहुहह..

मनोज- हुहहुऊम्म्म्ममम..गत्री…तुम्हे मई खि नई जाने दूँगा…उउम्म्म्ममाआ..क्या चीज़ हो तुम.

उन्होने सब किया , इतने उनके दोस्त का घर आया मेरे ब्लाउस मे से मेरे चुचे निकल कर उन्होने आचे से छहुउसा.

मई- आआआआआआआआआआआआआअहहुउऊम्म्म्म..मेरे निपल….उउम्म्म्म..मम्मी..आआआआआआआआाआउऊचह..आप बहोट काट लेते हो..आआआआाआउऊच्च.

दोस्त के घर आते आते मेरा मुआलयूं पेट घायल हो चुका था और लाल सारी मे मेरा गोरा पेट यूयेसेस पर मनोज के लाल दांतो के निशान , मई सच मे बहोट मादक लग रही थी. अंडर गये तो उनके 6-7 दोस्त बेते थे. मुझे देखते ही सब घूर्ने लगे और भाभिजी बोल कर वेलकम किया.

मैने भी शर्मा कर अपना पेट धक लिया और अपनी च्चती को भी कवर कर लिया.

भाभी जी तो बहोट सनडर है.

उनके दोस्त मजे लेने लगे मनोज से. मई भी शरमाने लगी.

उनके दोस्त मेरे पल्लू मे से मेरा मुआलयूं पेट और मेरी सारी मे उठी हुई गांद घूर रहे थे. 8 मर्दो के बीच मे मई एक मासूम सी मेडम 20 साल की लड़की. हम बेत्ने लगे तो मनोज बेत गये और मुझे हाथ पकड़ कर अपनी झांग पर बिता लिया और पल्लू के अंडर हाथ घुसा कर मेरा घायल मुआलयूं पेट कासके नोच कर पकड़ लिया.

मई- आअहहूूचह..हुहह..हुहह…हह.

मेरा जिस्म फिर से गरम होने लगा.

उनके दोस्तो के सामने मुझे शरम आ गयी और मई बेत गयी झुका कर. उनके दोस्तो ने ये देखा तो मुक्सुरने लगे. वो सब पार्टी के मूड मे थे.

आरे भाभी को हुंसे भी तो गले ंलवा जरा.

मनोज- हन हन क्यू नही.

मनोज ने मुझे इशारा किया और मई खड़ी होके गले मिलने लगी. सबने आचे से मेरी चींकी पतली सी कमर को मसल दिया. सब अंजान बँके मेरे जिस्म को च्छुना चाह रहे थे. मैने मनोज की टरफ़ देखा तो वो खुद भूके भेड़िए की तरह मेरे आने का वेट कर रहे थे.

जब भी उनके दोस्त मेरी कमर मसालते मेरा जिस्म तोड़ा और गरम होने लगता और मई अपनी सिसीकिया कंट्रोल करती. अपनी होने वाली बीवी की कमर ऐसे मसलता हुआ देख मनोज मुझे लाल आँखो से घूर्ने लगे. आख़िरी दोस्त से मिलते ही उन्होने मुझे हाथ से खिच लिया.

मनोज- आबे सालो तुमने अपनी भाभी की चिकनी कमर कैसे मसल कर लाल कर दी.

मुझे शरम आने लगी और मुस्कुरा कर मैने मूह नीचे कर लिया. क्यूकी मनोज सबके सामने मेरी पतली कमर पकड़ कर रग़ाद रहे थे और मेरी साँस छल रही थी.

क्या करे मनोज भाभी बहोट सनडर और सेक्सी है.

ये बोल कर उनके दोस्त ज़ोर से हस पड़े और मई शर्मा कर मुस्कुरा दी. और फिर मनोज भी मूड मे आ गये और मुझे च्छेदने लगे.

मनोज- मेरी सनडर गत्री की कमर लाल पद गयी, सालो कुत्टो ऐसे कों करता है भाभी के साथ. इधर आओ गत्री मई तुमहरा दर्द कम्म कर देता हू.

मनोज ने मुझे कमर से पकड़ा और मेरी चिकनी लाल हुई कमर पर चुऊँने लगे.. उम्म्म्ममममम.. एक बहोट मादक झतका मुझे लगा और ना चाहते हुए भी मेरी सिसकिया निकल गयी.

मई- आआआआआआवउउम्म्म्ममममममममम..आअहह…आअहह….उम्म्म्म…आहहुऊँ..

मैने बहोट कोशिश करी पर मई नही रोक पाई खुद को. मुझे होश नही था उनके दोस्तो के सामने मई सिसकिया लेना शुरू कर दिया.

मनोज- उउम्म्म्मम..प्पउक्च..ससपरर…स्सपप्र्प..प्पउक्च…प्पुच..स्सपप्रपर…स्परर..प्पकच्च्छ…प्पुच..स्परर..

मेरी मादक नंगी चिकनी कमर पर मनोज जीभ से चाट कर छहुउस रहे थे अपने दोस्तो के सामने ही और मई सिसकिया ले रही मदहोश होके. उनके दोस्त लाल आँखो से मेरा जिस्म और मेरी सिसकिया लेते हुए देख रहे थे.

की तभी मुझे महसूष हुआ की किसी ने मेरा पल्लू साइड कर दिया और मेरा मुआलयूं पेट छहुउस रा है..उसकी गीली जीभ मेरे मुआलयूं पेट को चाट रही है और उसके दाँत मेरे पेट को चबा रहे है.

मई- आअहह..आआआवउम्म्म्मममममममममा..आअहहुऊम्म्म्मम..आओंम्म्मम..

उम्म्म्म…प्पउक्च…पुउच्च..प्पुच…स्प्सरर.स्परर.पर..

कककच…कक्च..कक्च्छ..कक्च्छ..क्कसप्सरर..स्प्सरर..स्परर.कककच्छ.आआआआआआआाआउऊचह..

कककच….कच….कचह.कककचह….कककचह..कक्चह…कककककचह..

उउंम्म..प्पउक्च..प्पुच..प्पुच..पुच्छ…ससपरर..स्परर…स्प्सरर..स्परर..प्पुउऊच..

मुझे होश नही था.. मेरी आँखे ब्न्ड थी और मदहोशी छ्चाः रही थी. फिर कुछ देर बाद किसी ने मेरे हाथ पकड़ लिए और फिर मैने महसूस किया की 2 भूके मर्द मेरे मुआलयूं पेट को छहुउस रहे है और 2 मेरी कमर को चबा कर काट रहे है. मदहोशी मे जिस्म गरम हो चुका और मई गरम होती जेया रही थी.

किसी तरह मैने देखा कैसे मनोज और उनके 4 दोस्त मेरे पेट और कमर को छहुउसे जेया रहे है और बाकी खड़े हुए अपने लंड मसल रहे है. इतनी मदहोशी मे मई चाह कर भी कुछ ना कर पाई. निपल कड़क हो चुके थे पर छूट से पानी तपाक रा था.

उम्म्म्म…प्पउक्च…पुउच्च..प्पुच…स्प्सरर.स्परर.पर..

कककच…कक्च..कक्च्छ..कक्च्छ..क्कसप्सरर..स्प्सरर..स्परर.कककच्छ.आआआआआआआाआउऊचह..

कककच….कच….कचह.कककचह….कककचह..कक्चह…कककककचह..

उउंम्म..प्पउक्च..प्पुच..प्पुच..पुच्छ…ससपरर..स्परर…स्प्सरर..स्परर..प्पुउऊच..

मई- आअहहुऊम्म्म्मम…आओउम्म्म्ममम..अओमम्म्म..मनोज…आओउम्म्म्ममम..सस्सुम्म्म्मम…आअहह…मम्मी….आआहहुऊंम्म..मनोज..आआआआआआहहुऊंम..हुहह..हुहह…हह..

पहली बार मुझे एहसास हुआ इतनी मदहोशी का और पहली बार मेरे जिस्म को इतने मर्दो ने छहुउसा. मई पागल हो चुकी थी मदहोशी से. शाम होते होते उनके दोस्त निकल गये और हम कार मे बेत गये. आज मुझे जो एहसास हुआ था सच काहु तो बहुत ज़्यादा मजा आया था. पर मेरे पति के सामने ही ऐसे ये सब हुआ मुझे शरम भी आ रही थी.

वैसे इन्न सबकी शुरुआत मनोज ने ही करी थी पर फिर भी.

मनोज- गत्री तुम नाराज़ हो गयी क्या ये सब जो हुआ?

मई शर्मा कर मुस्कुराने लगी तोड़ा सा.

मनोज- वैसे मैने देखा जब सन्नी तुमहरि कमर चूसने लगा तो तुम सिसकिया ले रही थी.

मई शर्मा कर मुस्कुरा दी.

मई- वो आपके दोस्त थे और आप मेरे होने वाले पति हो, तो आपकी खुशही के लिए मैने ये सब करा.

मनोज खुशह हो गये. रात भर मई वो एहसास याद करके मुस्कुराती रही. जेसे जेसे शादी पास आ रही थी मनोज और ख़तरनाक होते जेया रहे थे. जब शादी मे 5 दिन रह गये तब मेरी मुसीबत और बढ़ गयी. 1 महीने से काम से बाहर गये भैया मतलब सुनील के होने वाले मामा, अब घर वापिस आ गये थे.

अगर आप लोग आयेज क्या हुआ जानना चाहते है तो मुझे ज़रूर बताइए. मेरे लिए ये एक आच एक्षपर्िएनसे होगा आपको अपनी जवानी के किससे बताना.

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