सब्जी वाली ने की अपनी चूत की हसरत पूरी

हे मेरे प्यारे दोस्तों मैं हूँ जीवन और कैसे है आप सब | हाँ मैं वो पुरानी हिंदी का विलेन नहीं हूँ जो हर लड़की को चोदने कि फिराक में रहता है मैं तो वो कमीना जो किसी कि बहु बेटी को भी बड़ी ही नजाकत से चोदता हूँ | मुझे याद नहीं आज टक मैंने कितनी लड़कियों को चोदा है पर हाँ इतना बता सकता हूँ कि जिस जिस को चोदा है वो मेरी दीवानी हो गयी है क्यूंकि मेरा लंड ही इतना बड़ा है | हाँ मेरा लंड काफी बड़ा है और मोटा भी है अगर कोई भी इसे ले ले तो इतनी आसानी से भूलता नहीं है | मेरा काम है सब्जी का ठेला लगाना और मैं घूम घूम के सब्जी बेचता हूँ | ये तो बस एक बहाना है क्यूंकि इसी के कारन मुझे नए नए माल देखने को मिलते है और मैं उनको पता के उनको चोद देता हूँ | मुझे कुंवारी चूत मरना बिलकुल भी अच्छा नहीं लगता क्यूंकि उनके नखरे बहुत होते हैं और मुझे नखरे बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं होते | मैंने कही भाभी और आंटी को पेला है और वो इतनी खुश हो जाती हैं कि किसी भी बहाने से मेरे घर आ जाती हैं और मुझे उन्हें फिर से चोदना पड़ता है |

मेरा कई साल का तजुर्बा है जो मैं ऐसा कर पाता हूँ वरना लड़कियों को आजतक कोई नहीं समझ पाया | मुझे ऐश करना और मस्त रहना बहुत पसंद है साथ साथ मुझे सेक्स करना भी बहुत पसंद है | नजाने क्यूँ मेरे दिल में आज ये ख्याल आया कि मैं आप लोगो एक पुत्रानी बात बताऊं जिसमे आपको भी पता चले कि लड़की को चोदना कितना मुश्किल काम होता है | चोदना बिलकुल भी मुश्किल काम नहीं है पर वो जो पहले करना पड़ता है जिसे कहते हैं गांड गुलामी वो बड़ी मेहनत वाला काम है | एक बार कि बात है मैं सब्जी बेच रहा था और मुझे एक पुन्जबन भाभी दिखी तो मैंने मन में सोचा यार ये नाय माल इसे चोदना तो बनता है | फिर उसके बाद मैंने कई हथकंडे अपनाये उसको पटाने के पर वो नहीं मानी और अब तो वो ठेले पे भी नहीं आती थी | वैसे तो मेरे बात करने का ही तरीका ऐसा है कि लडकियां फिसल जाती हैं पर वो पता नहीं क्यों मेरे लाइन पर नहीं आ रही थी | मुझे पता चल गया था कि इसको चोदने के लिए मुझे कई पापड़ बेलने पड़ेंगे |

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मैं भी कहाँ हार मानने वाला था मैंने भी उठाया अपना ठेला और जितने लोग उस गली में जाते थे सबसे बोल दिया कोई नहीं जाएगा वहन एक हफ्ते के लिए | मैंने सोच लिया कि अब कैसे नहीं आएगी | एक हफ्ता निकल गया और मैं वहां पहुंचा सब मेरे ठेले पर थे पर बस वो ही नहीं थी | मैं जाने लगा तो मुझे आवाज़ आई रुको जीवन मुझे भी सब्जी लेनी है | मुझे पता चल गया अब तो आई | फिर मैंने उससे पूछा क्यूँ उस दिन तो बड़ा भाव खाके बोल रही थीं कि अब से आउंगी नहीं अब क्या हुआ ? उसने कहा अरे यार तुमने ऐसी बात कि तो मुझे बुरा लगा क्यूंकि सारे मर्द एक जैसे होते हैं उन्हें बस शरीर कि भूख होती है | मैंने कहा मैडम मैं उन मर्दों जैसा बिलकुल भी नहीं हूँ | गली में किसिस से भी पूछ लेना जो होता है मुह पे बोलता हूँ कभी किसी के साथ गलत नहीं किया | उसने कहा ठीक है अब माफ़ भी कर दो और मुझे बिलकुल ताज़ी सब्जी दो परसों से बासी सब्जियां खा रहीं हूँ | मैंने कहा ताज़ी भाभी के लिए ताज़ी सब्जियां अभी देता हूँ |

फिर वो उठी और उसने कहा पैसे कल ले लेना मुझसे | मैंने कहा अरे यार मत देना मैंने कुछ कहा क्या | वो बोली नहीं तुम म्हणत करते हो पैसा क्यूँ नहीं दूंगी | मैंने कहा ठीक है दे देना पर मुझे दोस्ती तो कार्लो अब | उसने कहा चलो अच्छा ठीक है कर लेती हूँ पर मुझे धोखा मत देना मुझे ऐसे लोग बिलकुल भी पसंद नहीं नहीं | मैंने कहा जी बहुत अच्छे मुझे तो लगा आप बोलेंगी कि धोखा डोज तो जान से मार दूंगी तुमको | उसने नहीं दोस्तों को मारते नहीं हैं | मुझे अब लगने लगा था कि अब थोड़े दिन में ये मुझे अपने घर पर बुलाएगी और मेरा अंदाजा कभी गलत नहीं होता | उसने मुझे अगले दिन पैसे दिए और अब वो मुझे खूब हस हस के बात करती और मुझसे हर चीज़ खुलके बताती | मुझे भी अच्छा लगता था क्यूंकि उसका दिल बिलकुल साफ़ था उसमे किसी के लिए भ कुछ गलत नहीं था | मैंने सोच लिया था कि अगर ये चूत नहीं भी देगी तो मैं इससे ज़बरदस्ती नहीं करूँगा क्यूंकि इतनी अच्छी दोस्त किसी को नहीं मिलती | वो सच में एक अच्छी दोस्त थी मेरी और उझे उसपे प्यार आने लगा था |

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