पति के भाइयो ने लिया भाभी का मज़ा

मई- (हुस्ते हुए) आरे बाबा नही रूको मान जाओ.. हाहहा हाहः आअहह आहह अहहाहह…

ऐसे हुस्ते हुए मेरा पल्लू साइड हो गया और मुझे टा ही नि लगा की मेरा पूरा मुलयूं पेट अब सॉफ चमक रा है. मई हुस्ती रही और नवीन मेरा पेट घूर्ने लगा. और तभी मेरे हुस्ते हुए नवीन ने क्स्के मेरा मुलयूं दूध जेसा गोरा पेट नोच लिया. उूुुुुुउउम्म्म्ममम. मेरी हुस्सी सिसकियो मे बदल गयी. अभी तो मेरा पेट मनोज ने दांतो से चबा कर खाया था और अब ये मेरे देवर ने उसको नोच लिया.

मई- आआआआहह. हहुऊम्म्म्मम. ऊउउम्म्म्ममम. अहहुहह. हुहह. हुहह

कुछ सेकेंड के लिए मेरे होंठ पर मुस्कुरहत आ गयी और वो दोनो मेरी चिकनी कमर और मुलयूं पेट को मसालने लगे. तभी जोश मे आके दोनो ने मेरा पेट और कमर को बहोट ज़ोर से नोच लिया. और मेरी सिसकिया ज़ोर से निकल गयी.

मई- आआआआआआआआआआआआवउुुुुुुुुुुुुुुुुुुउउम्म्म्मममममममम. उउंम.

मेरे निपल कड़क हो गये और ब्लाउस मे से चमकने लगे और जिस्म गरम होने लगा. पर तभी मेरी आँख खुली और अपने दोनो देवरो को देख मई शर्मा गयी और वाहा से मुस्कुराती हुई जल्दी से चली गयी. दोनो ने मुस्कुराते हुए देखा और साँझ गये.

मेरे दोनो देवर साँझ गये की अब तो उन्हे अपनी इश्स मादक भाभी के कामसीँ जिस्म को जब मरजी हाथ लगाने का ग्रीन सिग्नल मिल गया है. मेरी मुसकरुआत और सिसकिया देख कर वो और भी कॉन्फिडेन्स मे आ गये थे. उनकी हवस ने मेरे जवान जिस्म को और गरम कर दिया था. अभी तो इनके भैया मुझे रात बाहर छोड़ छोड़ कर जान निकल देते थे लेकिन लगता है अब ये दोनो मुझे दिन मे भी चैन नही लेने देंगे.

अपने दोनो जवान देवर से मस्ती करने की स्जा अब शयड मुझे मिलने वाली थी. अब डोफेर का खाना खाने लगे तो ज़्ब चेर पर बेत गये और सास ससुर भी खाने लगे और मई सबका खाना डालने लगी. जेसे ही मई जातीं के पास आई जातीं ने मेरी कमर को नोच लिया

मई- आआआआआआआाआउऊचह. हह. हुहह.

ससुर जी- क्या हुआ गत्री

मई-. सीसी. क. क. कुछ नही पापा जी बस वो. चब गया था कुछ.

जातीं ने दुबारा नोच ली और मई शरमाते हुए उसको म्ना करने लगी. नवीन भी देख रा था.

नवीन- आरे भाभी आप भी खाना खलो ना

मई- नही आप लोग खलो मई बाद मे कहूँगा.

जातीं- देखो ना मम्मी भाभी भी सब्के साथ नही खाती

ससुर जी- आरे बहू जब दोनो देवर इतने प्यार से कह रहे है तो बेत कर खलो

मई- जी पापा जी

मई जानती थी दोनो मेरे पीछे पद गये है, दोनो ने मेरी चेर अपने बीच मे लगा ली और मई बेत गयी और कुछ ही सेकेंड बाद. नवीन और जातीं का एक एक हाथ साइड से मेरी चिकनी कमर को मसलता हुआ नोचने लगा. मुझे शरम आ गयी पर कुछ बोल भी नि स्क्ति थी. मेरी सास चलने लगी और दोनो मेरी चिकनी कम्र को नोच कर मजा करने लगे.

मई- (म्न्न ही म्न्न) हुहह,,,हुहह…. ह. हुहह. हा.

सासू मा- क्या हुआ बहू

मई-. सीसी. कुछ नही मम्मी जी.

दोनो मेरी चिकनी कमर को मसालते रहे और मेरी आँखे बंद होने लगी और म्न्न ही म्न्न सिसकिया ब्दने लगी. मुझे लगा कुछ देर ऐसे ही मस्ती करके दोनो मान जाएँगे. पर मेरी तरह वो भी अपनी जवानी की आग मे थे. मेरा मादक जिस्म नोच कर वो केसे शांत हो जाते.

तभी दोनो के हाथ मेरी कमर मसालते हुए मेरे मुलयूं पेट पर आ गये और उसको नोचने लगे. मेरा कंट्रोल बाहर होता जेया रा था. केसे रोकू इन्न दोनो को. मेरे गोरे पेट की मुलयूं खाल दोनो ने बुरी तरह नोचना शुरू करदी और मई हाफने लगी

मई- (म्न्न ही म्न्न) उूुुुुुउउम्म्म्ममम. उउफ्फ……. आहहुऊंम्म आहहूऊम्म्म्म. अऔउहमम्म. आआहह. आअहह

और कुछ देर बाद दोनो शांत हो गये किसी तरह मैने खाना ख्तं करा और सोचा अब इन्न दोनो की खबर लूँगी. खाने के बाद मम्मी पापा अपने रूम मे सोने चले गये और मई दोनो के पास गयी और मजाक मे हुस्ते हुए दोनो के कान पकड़ लिए

जातीं- आअहह. भाभी…

नवीन- भाभी. मेरा कान…

मई- (मुस्कुराते हुए) बहोट बदमाश हो गये हो दोनो. मुझे प्रेशान कर दिया दोनो ने.

नवीन- भाभी हुँने क्या किया

मई- आछा बेटा, वाहा खाने पर मेरी कमर…

नवीन- क्या भाभी हम आपके देवर है इतना क़्क़ तो बनता है हुआंरा

और तभी जातीं ने मेरा पेट को क्स्के नोच लिया. मेरी सिसकिया निकल गयी और

मई- आआआआआआहहूओुच…. उउम्म्म्म

मई भूल गयी की मई अकेली कामसीँ जिस्म वाली औरत हू और ये दोनो सांड़ जेसे 2 मर्द शयड मुझे इनसे पंगा नही लेना चाहिए था. पर देर हो चुकी थी. जातीं ने मेरा मुलयूं पेट क्स्के पकड़ लिया तो मेरी पकड़ ढीले हो गयी और मैने दोनो के कान छ्चोड़ दिए और मेरा मुलयूं पेट उनके हाथो मे था.

मई- हा. आहह. जातीं. छ्चोड़ो. हुहह. हुहह. प्लीज़.

नवीन- बताओ भाभी अब कभी हुमको दातगी.

मई- हुहह. हुहह. नही दातुँगी बाबा छ्चोड़ो

जातीं- पक्का भाभी

मई- आहह. उउम्म्म्म. हन बाबा. अब तो छ्चोड़ दो.

जातीं ने मेरा पेट छ्चोड़ दिया और मेरी जान मे जान आई

मई- (मुस्कुराते हुए) बहोट बदमाश हो गये हो तुम दोनो.

मैने सोचा इससे पहले कुछ हो मई निकल जाो. पर तभी जातीं ने मेरा हाथ पकड़ लिया. मुझे एहसास हो गया की इन्न दोनो मेरे उपर मूड बॅन गया है और दोनो की मर्द भारी आवाज़ मे मैने एक हवस की भूक महसूस करी

जातीं- कहा जेया रही हो भाभी

मई- (शरमाते हुए) वो मुझे काम करना है.

नवीन- भाभी आप भी कितना काम करती हो

जातीं- फिर भी इतनी मुलयूं हो.

मई शर्मा गयी.

नवीन- भाभी ऐसे नही जाना, पहले हुमको किस देनी पड़ेगी

मैने एक बार फिर कोशिश करी.

मई- आछा अपनी भाभी को प्रेशन करोगे ऐसे.

जातीं- क्या भाभी एक किस मे क्या होता है.

सच काहु तो मई आधी गरम हो चुकी थी और इससे पहले मई बहेक जाो मई जाना चाहती थी. कही से जवान देवर मुझे निचोड़ ना दे यही पर. अब दोनो मेरे जिस्म पर अगग्रेसिवे होते जेया रहे थे उनके साथ मई अकेली फस गयी थी अब क्या करू.

मई- आछा बाबा ठीक है अपने प्यारे देवर को मई किस दूँगी

मई उसके गाल पर किस करने लगी. पर वो पीछे हो गया

जातीं- यहा नही भाभी

मई- तो??

जातीं- (पेट की तरफ इशारा करते हुए) वाहा.

मई शर्मा कर मुस्कुराने लगी. सच मे अब मई फस गयी थी. मेरा मुलयूं पेट और नाभि मेरी कमजोरी थी. फिर भी मई नॉर्मल होने की कोशिश करी. क्यूकी मई जानती थी इन्न दोनो मर्दो के बीच मे मई बहेक जवँगी और ये दोनो मुझे कचा ख जाएँगे.

मई- आछा जी बहोट बदमाश हो गये हो.

जातीं- क्या भाभी आपको भी तो आछा लगेगा

मई शांत हो गयी और शरमाने लगी. क्या करू अब मई

नवीन- जातीं लगता है भाभी हुमको प्यार नही करती रहने दे तू. हुंसे कोई प्यार नही करता इश्स घर मे भाभी भी ऐसे ही है.

जातीं- हन भाई तू सही बोला. बस एक किस ही तो बोला था.

दोनो उदास होके बेत गये बेड पर और मुझे आछा नही लगा. श्यद ये उनका जाल था जिसमे मई फसने वाली थी या फिर मुझे खुद भी आछा नही लगा अपने दोनो जावा देवर को उदास करके. अब बेचारे अपनी भाभी से मस्ती नही करेंगे तो और किससे करेंगे भला. मई भी कुछ ज़्यादा ही सोच रही हू. दोनो जवान है इतना तो चलता है और फिर.

मई- आरे बाबा नाराज़ मत हो, आछा ठीक है कार्लो मेरे पेट पर किस.

दोनो ने मुसकरुआते हुए मुझे देखा और मेरा चमकता हुआ मुलयूं गोरा पेट जिसको मई पल्लू खिसका कर दिखा रही थी.

मई- बस किस करना ठीक है

हन भाभी.

मैने देखा दोनो की आँखे मेरा पेट देख कर लाल हो गयी ओट राल गिरने लगी. मेरी सास तेज हो गयी. दोनो एकसाथ नीचे बेत कर आयेज आने लगे

मई- (शरमाते हुए) दोनो एक साथ.

हन भाभी…

मई- ठीक है.

दोनो आयेज ब्दे और सिद्धा मेरे मुलयूं पेट मे मूह घुसेड दिया और बस…

मेरी आँखे बंद हो गयी और होंठ चबाने लगी. पहली बार ऐसे सांड़ जेसे जवान मर्दो ने एकसाथ मेरे मुलयूं पेट को किस करा था. उन्होने किस करी लेकिन उसके बाद उनका असली रंग बाहर आने लगा. मेरी कमर मे उंगलिया गांद कर दोनो ने मेरे मुलयूं पेट को चूसना शुरू कर दिया

मई- आहहुऊम्म्म्मममम. देवर जी. आआआआअहहुऊम्म्म्म. आअहहाआआआआाआउऊच. आहहूऊंम्म उउंम्म उम्म्म. आहहूऊंम. उँमूम्म. उउम्मूऊंम. आआ

मैने दोनो को पीछे करने लगी पर दोनो ने मेरे हाथ पकड़ कर और अंडर तक काट लिया

मई- आआआआआआआआआवउउम्म्म्ममम. मम्मी. उउफ्फ…. आहूहह. हुहह. हुहह. ह…

कककच कककच कच स्परर स्परर पुच्छ. प्पुउच्च. प्प्प्ुउच. स्परर स्परर प्रर्र. कुकच

खच. कककच ससपरर स्र्प्प. स्प्र्र्रर. कूच. ककुउच. प्पुच प्पुकचहुऊम्म्म्म

कक्च्छ स्र्प. स्परर स्परर उम्म्म्म… भाभी ई लोवे योउ.

मई भी बहेकने लगी और. दोनो का सिर अपने पेट मे दबा दिया. उम्म्म्म. मनोज से भी 10 गुना ज़्यादा दांतो के निशान उन्न दोनो ने मेरे मुलयूं पेट पर गांद दिए. पुर 10 मिनिट बाद मुझे छ्चोड़ा दोनो ने.

मई हाफ़ गयी थी. रात को जब मनोज को बताया तो वो हासणे लगे.

मनोज- मुझे तो दर था कोई तुम्हे बाहर का आदमी ना फसा ले पर यहा तो तुम्हारे देवर ने ही

मई- क्या आप भी मेरा मज़ाक उड़ा रहे है.

मनोज- मज़ाक नही है मेरी जान. तुमने तो इश्स घर के मर्दो को सुकून दिया है. जब घर मे इतनी सनडर भाभी हो तो घर के जवान मर्द बाहर क्यू मूह मारे भला.

मई शर्मा कर मुक्सुराने लगी.

मनोज- तुम टेन्षन मत लो, जब दोनो की जवानी की भूक शांत हो जाएगी तब दोनो तुम्हे प्रेशान नही करेंगे. तब तक दोनो की सेवा करती रहो और मेरी भी.

वैसे मुझे भी मजा आया था जब दोनो मेरा पेट चूस रहे थे, ऐसा एहसास पाके मुझे सुकून मिलता था.

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