पार्टी में जाना ही गलत हो गया मेरे लिए

मैं पुजा शर्मा पंजाब से, उम्र 23 साल, फिगर साइज 34-32-28। एक नम्बर की चुदक्कड़ हूं, वो तो आप सब को पता ही है। आज फिर आप सब के लिए अपनी एक और चुदाई की कहानी लेकर हाजिर हुई हूं। आशा करती हूं सब के लंड फिर से खडे होंगें।

यह कहानी पिछले हफ्ते की है। पापा ने मुझे कार लेकर देदी थी, तो मैं रोज कार लेकर घूमने, ऐसा समझो अपनी चूत की आग बुझाने चली जाती थी। एक शाम पापा ने मुझे बोला-

पापा: पुजा तैयार हो जा, हम सब को ऑफिस की एक पार्टी में जाना है।

पहले मैंने मना किया, फिर मैं मान गई। मैंने पार्टी में जाने के लिए एक गाऊन पहन लिया, और आदत से मजबूर ब्रा-पेंटी नहीं पहनी। हम सब कार से ही पार्टी हाल तक गए। मैंने कार को पार्किंग में पार्क किया।

फिर मम्मी-पापा के साथ हाल में आ गई। वहां बहुत सारे लोग पहले से ही मौजूद थे। फिर पापा ने मुझे और मम्मी को अपने बॉस से मिलवाया।

देखने में पापा का बॉस 50+ का लग रहा था, पर सेहत अच्छी बना रखी थी। हम सब एक-दूसरे से मिले। जब मैं पापा के बॉस के गले लगी, तो उनका एक हाथ मेरी गांड पर आ गया। फिर वो मेरे कान में धीरे से बोले-

बॉस: तुम बहुत सेक्सी लग रही हो।

मैं कुछ नहीं बोली, और उनसे दूर हो गई। अंकल का नाम बताना भूल गई। उनका नाम राजेश कपुर है। और लोगो से मिलने में व्यस्त होने के दौरान भी उनकी नज़र मुझ पर ही थी। मुझे भी अंदर से अच्छा लग रहा था। सब पार्टी को इन्जॉय कर रहे थे।

पापा-मम्मी भी डांस कर रहे थे। मैं एक टेबल पर अकेली बैठी थी। तभी राजेश अंकल मेरे पास आ गए, और मुझे बोले-

अंकल: सेक्सी तुम इन्जॉय नहीं कर रही हो?

तो मैं अंकल को बोली: मेरा नाम पुजा है, सेक्सी नहीं।

तो अंकल बोले: इस पार्टी में तो तुम ही सबसे सेक्सी हो। पार्टी अच्छी नहीं लग रही जो अकेली बैठी हो?

मैं बोली: अंकल पार्टी तो बहुत अच्छी है।

अंकल बोले: बोर हो रही हो तो मेरे पीछे चलो।

मैंने भी चलने को हां कर दी। अंकल पार्टी वाले हाल से मुझे दूसरी मंजिल पर ले आए। वहां मैं और अंकल एक कमरे के अंदर आ गए।

मैं अंकल को बोली: अंकल कमरे में कयूं लेकर आ गए मुझे?

अंकल दरवाजा बंद करते हुए बोले: तुम्हें असली का इन्जॉय करवाने।

फिर दरवाजा बंद करके मुझे अपनी बाहों में भर लिया। मैं अंकल से छूटने की ऐक्टिंग करने लगी।

अंकल ने मेरा सर पकड़ा और मेरे होंठों पर अपने होंठ लगा दिये, और मेरे होंठों का रस-पान करने लगे। रस-पान करते हुए अंकल के हाथ मेरी गांड को भी दबा रहे थे। मैं भी गर्म होने लगी थी, तो मैंने भी अंकल को चूमना शुरु कर दिया। अंकल अब गाऊन के उपर से ही मेरे बूब्स को दबाने लगे, तो मैंने अंकल को रोक दिया। फिर मैं पीछे मुड़ी, और अंकल को बोली-

मैं: गाऊन की जिप खोल दो।

अंकल ने जिप खोल दी, और अपने हाथ गाऊन के अंदर डाल कर मेरे बूब्स दबाने लगे। अंकल का लंड भी खड़ा था, जो मेरी गांड में चुभ रहा था। कुछ देर बाद अंकल ने मुझे नंगी कर दिया, और फिर मेरे बूब्स पर टूट पड़े। कुछ देर के बाद अंकल भी पूरे नंगे हो गए। अंकल का लंड भी काफी बड़ा और मोटा था। मैं अपने आप ही नीचे बैठ गई, और लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी।

अंकल की सिसकारियां निकलने लगी। कुछ देर बाद अंकल ने मुझे उपर कर लिया, और मेरे होंठ चूमते हुए मुझे बैड पर ले गए।

मैं बैड पर लेट गई। अंकल मेरी चूत पर आ गए, और मेरी चूत पर मुंह लगा कर चूत चाटने लगे। अंकल के हाथ मेरे बूब्स को मसल रहे थे। मैं अंकल का सर अपनी चूत पर दबा रही थी। कुछ देर बाद मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया। अंकल मेरी चूत का पानी चाट कर पी गए। मैं शांत पड़ने लगी। फिर अंकल मेरे बूब्स को मुंह में लेकर चूसने लगे।

अंकल का लंड मेरी चूत पर लग रहा था, तो मैं अंकल को बोली: अब डाल दो, और मत तड़पाओ मुझे।

अंकल ने मेरी बात सुन कर अपना लंड मेरी चूत पर लगाया, और एक झटके में ही पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया। मेरी चीख निकल गई, पर नीचे डीजे चल रहा था, तो कोन सुनता मेरी चीख? अंकल ने लंड अंदर-बाहर करना शुरु कर दिया।

मुझे भी मजा आने लगा तो मैंने अंकल को अपनी बाहों में जकड़ लिया, और अपनी टांगो से अंकल की कमर को कस ली। अंकल मुझे लगातार चोदे जा रहे थे।

ऐसा लग रहा था अंकल काफी दिनों से भूखे थे। अंकल का लंड मेरी बच्चे-दानी तक जा कर लग रहा था। काफी देर बाद अंकल ने मुझे घोड़ी बना दिया, और फिर से लंड मेरी चूत में डाल कर चुदाई शुरु कर दी। अंकल अब चुदाई के साथ मेरी गांड पर भी थप्पड़ मार रहे थे, और चूत को लगातार चोदे जा रहे थे। मैं 3 बार झड़ चुकी थी, पर अंकल चुदाई का मजा लिये जा रहे थे। कुछ देर बाद अंकल के लंड ने पानी छोड़ दिया। मेरी चूत लंड के पानी से पूरी भर गई। अंकल का लंड ढीला होकर बाहर आ गया, और मैं बैड पर लेट गई।

फिर अंकल लंड को मेरे मुंह के पास ले आए। मैंने भी अपना मुंह खोल दिया, और लंड को चूसने लगी। अंकल का लंड अच्छे से साफ कर दिया मैंने। अंकल फिर से मेरे बूब्स को चूसने लगे। मैं अंकल के बालों को सहलाने लगी।

अंकल बोले: पुजा तु सेक्सी ही नहीं अंदर से भी बहुत गर्म है। तुझे तो चोदने में मजा ही बहुत आ रहा है। आज तेरे बाप ने तुझे पार्टी में लाकर मेरी लाइफ ही बना दी।

तो मैं बोली: तो पापा की सैलरी बढ़ा दो आप।

अंकल बोले: बढ़ा दो नहीं, बढ़ा दी, और साथ में प्रमोशन भी कर दिया।

मैं खुश हो गई और अंकल का लंड मैंने हाथ में ले लिया और हिलाने लगी। अंकल का लंड कुछ ही देर में फिर से खड़ा होने लगा। अब मैं अंकल के लंड के पास आ गई, और लंड मुंह में लेकर चूसने लगी। अंकल का लंड फिर से पूरा खड़ा हो गया।

मैंने अंकल को नीचे लिटा दिया, और खुद अंकल के ऊपर आ कर लंड को अपनी चूत पर लगा कर लंड पर बैठ गई। अब मैं गांड उठा कर लंड चूत में लेने लगी। अंकल मेरे लटकते हुए बूब्स को चूसने लगे। वो भी अपने हाथों से मेरी गांड उठा कर मुझे लंड के ऊपर-नीचे करने लगे। कुछ देर बाद मैं फिर से घोड़ी बन गई।

अंकल बोले: पुजा अब तेरी गांड में डालना है।

मैंने देर ना करते हुए अपने दोनों हाथों से अपनी गांड को खोल दिया। अब अंकल को मेरी गांड का छेद साफ दिखाई देने लगा। अंकल ने अपना थूक मेरी गांड के छेद पर लगाया, और लंड छेद पर रख कर गांड में डाल दिया। मेरी फिर से एक चीख निकल गई, पर कोई फायदा नहीं था।

अंकल मेरी गांड बहुत प्यार से मारने लगे। अंकल ने मुझे बालों से पकड़ कर पूरी घोड़ी बनाया हुआ था, और मुझे बालों से पकड़ कर मेरी घुड़सवारी कर रहे थे। काफी देर की चुदाई के बाद अंकल के लंड ने अपने पानी से मेरी गांड को भर दिया। फिर मैंने अंकल का लंड चाट कर साफ कर दिया। मेरी नजर दीवार पर लगी घड़ पर गई। 11:30 हो गए थे।

तो मैं अंकल को बोली: बहुत समय हो गया हैं। अब चलना चाहिए, नहीं तो पापा मम्मी परेशान हो जाएंगे।

अंकल बोले: ठीक है।

फिर हम दोनों ने कपड़े पहने। हम दोनों ने अपने नम्बर एक-दूसरे को दिये, और नीचे आ गए। मैंने और अंकल ने साथ ही खाना खाया। फिर मैं पापा मम्मी को लेकर घर आ गई। कैसी लगी मेरी कहानी जरूर बताना सब।

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