पड़ोस वाली आंटी को सिड्यूस करके चोदा

हेलो, मेरा नाम जॉनी है, और मैं 24 यियर्ज़ का हू. मैं कभी मुंबई तो कभी आमेडबॅड में होता हू. और मेरा महाराष्ट्रा, एंपी, गुजरात या कभी राजस्थान एट्सेटरा और भी जगह काम से आना-जाना लगा रहता है. और आपके मेल्स के लिए थॅंक्स.

ई लीके ओपन माइंडेड लॅडीस आंड कपल्स. ई रेस्पेक्ट एवेरिवन’स प्राइवसी आंड सेफ्टी. किसी भी आगे की लेडी या कपल्स मुझे बिंडसस मैल कर सकता है. फीडबॅक देने के लिए या मुझे बात करने के लिए इस ईद पर मैल करे जोनन्य्ी825@गमाल.कॉम.

इस स्टोरी में पध्य की कैसे पड़ोस वाली आंटी ने मेरा लंड देखा और फिर मैने उनको सिड्यूस किया सेक्स के लिए. अब देरी ना करते हुए स्टोरी पर आते है-

आंटी का इंट्रो: 38 की आगे हो चुकी थी. दिखने में बहुत सेक्सी लगती थी. उसके बूब 34″ के, और हिप्स 32″ की थी. गली में लोग उसे ही देखते रहते थे, और वो लोगों को अपनी ब्यूटी दिखाने का मौका नही छ्चोढती थी. उनके हज़्बेंड की शॉप है, सो वो दिन भर शॉप पर ही रहते है.

तो ये बात कुछ महीनो पहले की है. आंटी का हमारे घर आना-जाना लगा रहता था. ऐसे ही एक दिन में घर था, जॉब पर नही गया था. मेरे घर में से सब बाहर गये हुए थे, सिर्फ़ मम्मी ही घर पर थी. तो मैने सोचा क्यूँ ना बात ही ले लू.

फिर मैं बात लेने चला गया. तभी मैने आंटी की आवाज़ सुनी और मुझे पता चल गया की आंटी आई थी. पर मेरी मम्मी तो उपर कमरे में सो रही थी. फिर मैने बात लेते-लेते मम्मी से टवल माँगा.

सर्प्राइज़िंग्ली मेरी आवाज़ सुन के आंटी बातरूम पास आई, और मुझे पूछा की मम्मी कहाँ है. तो मैने अंदर से ही कह दिया की वो सो रही थी. उन्होने अछा कहा और कहा की-

आंटी: तुम्हे टवल चाहिए तो मैं दे देती हू.

फिर आंटी टवल ले आई. मैने हल्का सा डोर खोला, पर डोर आधा खुल गया, और मेरा लंड जो खड़ा ही था वो आंटी को दिख गया. वो तो उसे देखती ही रह गयी. मेरी नज़र भी उन पर गयी. आंटी काफ़ी सेक्सी लग रही थी, एक-दूं हुस्न की पारी लग रही थी. ऊऊ फक, मेरे तो दिमाग़ से ही बाहर हो गया था की मैं नंगा खड़ा था आंटी के सामने.

वो यू शॉक हो गयी, और उसकी आँखें खुली की खुली रह गयी. फिर मैने खुद को संभाला, और टवल लपेट लिया फटाफट. आंटी ने भी मुझे टवल दिया और नज़रें च्छूपा के वहाँ से बिना मम्मी को मिले चली गयी. मैने भी आंटी को सोच-सोच के जाम कर मेरा बड़ा लंड हिलाया.

फिर उसी दिन मम्मी ने मुझे बुलाया और कहा: जाओ आंटी को ये दे दो.

मैं चला गया. मुझे पता था की अंकल ये टाइम पर घर आ जाते थे, और वो घर पर ही होंगे. फिर मैं उनके घर गया और उन्होने दरवाज़ा खोला. वो मुझे देख कर नज़रें नीची करने लगी.

उन्होने मुझे बोला: आओ, अंदर आओ. बाहर क्यूँ खड़े हो?

मैने आंटी को समान दिया. आंटी ने मुझे छाई पानी का पूछा तो मैने ना कहा. फिर भी आंटी मेरे लिए छाई बनाने चली गयी. अब मैं वहाँ बैठा था. फिर उनके फोन में कुछ मेसेज आया जो वहाँ ही पड़ा था मेरे पास. ऐसे ही बार-बार कुछ मेसेजस आए तो मैने फोन उठा लिया. लकिली फोन में लॉक नही था.

फिर मैने उनके फोन में जो देखा, मैं शॉक हो गया. वो इंटरनेट पर मिलफ बॉय की सेक्स स्टोरीस और चुदाई सेक्स देख रही थी. मैं ये देख कर शॉक हो गया. पर मुझे समझ आया जैसे मैने आंटी को देख कर हिलाया था, वैसे ही आंटी भी मेरे लंड को देख कर हॉर्नी हो गयी थी.

फिर मुझे पता ही नही चला की आंटी कब मेरे पीछे आ गयी थी. क्यूंकी किचन पीछे था और आंटी देख ली की मैं क्या कर रहा था.

फिर आंटी ने हल्की आवाज़ में कहा: छाई.

मैं घबरा गया और उनकी तरफ देखा. वो भी मुझे देख रही थी. फिर आंटी छाई टेबल पर रख के, सोफे पर मेरे बाजू में बैठ गयी. मैने आंटी से उस दिन की माफी माँगी और मम्मी पापा को ना बताने की बात करने लगा.

आंटी: कोई बात नही, इट’स ओक. बुत तुम इतने बड़े हो गये हो, पता नही चला मुझे. काफ़ी कुछ बदल गया है तुममे.

मैं आंटी का टॉंट समझ गया और मैने भी आंटी को टॉंट मारा.

मैं: इसीलिए मुझ पर से नज़र नही हॅट रही थी आपकी, अब पता चला. वैसे आप में भी काफ़ी कुछ बदल गया है.

आंटी: ऐसा क्या? तो बताओ मुझ में क्या बदल गया है जो तुम भी मुझे घूरे जेया रहे थे. हम भी तो सुने हममे ऐसा तो क्या ख़ास है.

मैं: जी रहने दीजिए. फिर आप शर्मा जाएँगी. छ्चोढिए आप.

आंटी: नही-नही, अब तो हम सुन कर ही रहेंगे की हम में ऐसा तो क्या ख़ास है.

मैं: वो आंटी आपका फिगर इतना हॉट और सेक्सी है क्या बताए. बस देखते ही रह गयी हम.

आंटी: वो तो तुम्हारी पंत पर दिख ही रहा है की हम कितने हॉट और सेक्सी है.

फिर मैने जब मेरी पंत की तरफ देखा, तो मेरा लंड एक-दूं टाइट था, एक-दूं लोहे की तरह खड़ा हो गया था, और बाहर आने के लिए बेताब था. मानो अभी आंटी को सोफे पर लिटा कर उनकी छूट में लंड डाल दे और उनकी जाम कर चुदाई करे.

फिर मैने आंटी को पूछा की: आप भी तो मुझे देखे ही जेया रही थी, तब आपको क्या अछा लगा मुझमे ऐसा?

तो आंटी ने रिप्लाइ दिया की: वो तुम्हारी जो पंत के अंदर है ना, वो देख कर मैं शॉक हो गयी थी. इतना तो मेरे पति का भी नही है.

मैने भी पूच लिया: देखना चाहोगी मेरा लंड फिर से?

वो लंड सुन के थोड़ी शॉक हुई. पर उनकी आँखों में दिख रहा था की उनको देखना था. फिर मैं सीधा खड़ा हुआ और मेरी पंत उतार दी और चड्डी रहने दी. उसके बाद मैं उनके पास गया और बोला-

मैं: अब अगर आपको सच में देखना है, तो खुद ही मेरा अंडरवेर नीचे कर लो.

आंटी मुझे देखे जेया रही थी, और इधर-उधर देखने के बाद आंटी ने अंडरवेर नीचे कर दिया. फिर आंटी मेरा लंड पकड़ के आयेज-पीछे करने लगी. मैं आ आ की सिसकियाँ लेने लगा.

मैं: ह ऑश फक, युवर हॅंड इस सो गुड आंटी अहह मज़ा आ रहा है. ऐसे ही ओह आंटी मुहह.

फिर मैने आंटी के बूब्स पर हाथ रख दिया और दबाने लगा. क्या बड़े-बड़े बूब्स थे. आंटी ने भी कोई ना वाला रिक्षन नही दिया. वो भी बड़े मज़े से डबवा रही थी. फिर मैं आंटी के ब्लाउस में ही हाथ डाल के बूब्स दबाने लगा. ह क्या बूब्स थे, एक-दूं मुलायम. मज़ा ही आ गया दोस्तों, इतने बड़े बूब्स दबा के.

आंटी: ह, क्या लंड है तेरा, इतना बड़ा. ये बात किसी को पता नही चलनी चाहिए, सिर्फ़ हमारे बीच में रहनी चाहिए, ओक?

नेक्स्ट स्टोरी में पढ़िए की कैसे आंटी ने मुझे मिलने बुलाया और फिर मैने आंटी को होटेल में ले जेया के छोड़ा. ये स्टोरी का फीडबॅक आप जोनन्य्ी825@गमाल.कॉम पर ज़रूर दीजिएगा.

थॅंक योउ.

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