हेलो दोस्तों, मी नामे इस रीना. तीस इस मी सेक्स स्टोरी. ई आम 23 यियर्ज़ ओल्ड. ई आम फ्रॉम गुजरात. मेरे बारे में बतौ तो मेरे 32″ के बूब्स, और 34″ की गांद किसी का भी लंड खड़ा करने में सक्षम है. अब ज़्यादा समय बर्बाद ना करते हुए मैं सीधा सेक्स कहानी पर आती हू.
अगर आप में से कोई लेज़्बीयन छत, और थ्रीसम, या कपल में थ्रीसम में इंट्रेस्टेड हो, तो मेरी ई’द क्राज़्ीबल्ल893@मैल.कॉम पर मुझे मैल कर सकते है. आपका फीडबॅक मुझे और स्टोरी लिखने पर मोटीवेट करेगा.
ये बात तब की है जब हमारे रीलेशन में वेड्डिंग थी. उसी कारण सब लोग बाहर गये हुए थे. पर मैं मेरी स्टडी और एग्ज़ॅम के रीज़न से घर में ही थी.
हमारे पड़ोस में रहने वाली आंटी का नाम सुहाना है. वो बहुत हॉट आंड सेक्सी दिखती है. और उनके हज़्बेंड यहाँ नही रहते है. वो दूसरी सिटी में काम करते है, इस कारण वो कभी-कभी ही घर आते है.
जैसे ही सब मेरी फॅमिली वाले वीडिंग में बाहर गये, आंटी कुछ ही देर बाद मेरे घर आ गयी. उसके बाद मुझे टवल में देख कर देखती ही रह गयी. फिर मैने उन्हे घर में बुलाया, और फिर हमारी बातें शुरू हुई.
फिर आंटी पर्सनल क्वेस्चन्स करने लगी ब्फ और सेक्स के बारे में. इससे माहौल गरम होने लगा और हमारा सेक्स शुरू हुआ. फिर किस-विस्स के बाद हमने एक-दूसरे के कपड़े उतार दिए और एक-दूसरे के सामने नंगे खड़े हुए थे.
अब मैं आंटी के सामने एक-दूं नंगी खड़ी थी. आंटी ने एक-दूं से मेरी कमर में हाथ डाल कर खींचा, और किस कर दिया. आहह ऑश दोस्तों, क्या सीन होगा अहह. हम दोनो एक-दूसरे को फ्रेंच किस कर रहे थे. फिर मैं आंटी के बूब्स पर हाथ रख कर मसालने लगी, और निपल्स को इतने ज़ोर से पिंच किया, की आंटी चिल्ला उठी.
आंटी: अहह ओह फक धीरे.
मे: अहह आंटी ऑश, धीरे नही, आज तुझे निचोढ़ दूँगी अहह ओह. इन बड़े-बड़े बूब्स का सारा ढूढ़ पी जौंगी. तेरा पति तो नही पीटा, अब ये दूध मेरे है, हह ओह.
आंटी: प्लीज़ धीरे करो. कितनी आग भारी है तुझ में! आज तो तू जाम के मेरे मज़े लेगी. आज मैं भी तेरे पुर बदन को चाटूँगी, चूसूगी तेरे ये बूब्स. ह क्या कमाल का बदन है तेरा. मस्त फिगर है तेरा भी. सच बता कितनो से चुड चुकी है? कितनो ने ली है तेरी ह ऑश.
मे: अर्रे आंटी. मेरी सवारी करने वालो ने की है. आप मेरे बात छ्चोढो, आज आपकी आग बुझाने का दिन है. अहह ऑश आंटी आज तेरे इस एक-एक अंग को किस करूँगी. अहह ऑश.
फिर मैं और आंटी एक-दूसरे को किस करते हुए बेडरूम तक चले गयी, और पलंग पर गिर पड़े. ह ऑश, फिर मैं आंटी को उल्टा लिटा कर पीछे चढ़ गयी. मैं उनके र्लोबस को चाटने लगी अहह ऑश. साथ ही अपनी छूट आंटी की गांद पर टच करके मसालने लगी ह ऑश.
आंटी भी हल्की-हल्की सिसकारियाँ लेने लगी, अहह ओह. आंटी पीछे से हाथ डाल के मेरी छूट मसालने लगी, और मैं आंटी को किस करने लगी. मैं उनके बूब्स दबाने लगी. हम दोनो एक-दूसरे को मसल रहे थे आह ऑश. मैं आंटी को ज़ोर-ज़ोर से धक्के देने लगी अहह ऑश. और आंटी को पलंग से चिपका के रखने लगी अहह.
मे: मेरी कब से तुझे पर नज़र थी. मुझे तुम पसंद आ गयी थी. ब्फ के धोखे के बाद लड़कों पर से दिल ही उठ गया था. और कोई लड़की मिल ही नही रही थी. पर अब मिली है. आज तुझे नही छ्चोधूंगी. और वैसे भी, अभी घर में कोई नही है. और ना ही कोई आने वाला है. आज तेरी छूट का भोंसड़ा बनौँगी साली मदारचोड़ रंडी अहह ओह.
आंटी: तुझे लड़कियाँ भी अची लगती है, मुझे पता नही था. मुझे भी कभी-कभी मॅन करता था. पर मैने ध्यान नही दिया ज़्यादा. पर आज तेरे टच से मेरे बदन में आग लग गयी. अहह ओह बेटा, प्लीज़ ह धीरे, रहम करो तोड़ा अहह ओह. दुख रहे है निपल्स अहह. ओह बेटा, धीरे प्लीज़.
फिर मैने आंटी को सीधा किया, और हम दोनो मिशनरी पोज़िशन में आ गये. उसके बाद एक-दूसरे को किस करने लगी. आंटी मुझे खींचने लगी ह ऑश. फिर मैने आंटी के सर को पकड़ा और मेरे बूब्स पर दबा दिया, और चूसने को कहा.
आंटी मज़े से चूज़ जेया रही थी अहह ओह. उम्म्म और एक हाथ से मेरी छूट मसल रही थी. मैं आंटी के बालों सहला रही थी. अहह ऑश मदारचोड़ अहह और चूसो अहह
आंटी: बड़े ही मज़ेदार बूब्स है तेरे, एक-दूं मुलायम बेटा. बहुत मज़ा आ रहा है ऑश फक अहह ऑश. किया छूट है. बहुत गीली हो गयी है ये तो अहह ओह.
मे: हा साली रंडी. तेरे लिप्स बड़े जुवैसी है साली च्चिनाल. तुझसे चटवाने में बड़ा ही मज़ा आएगा अहह ओह. साली और चूस, आचे से चूस. अहह ओह.
फिर आंटी ने मेरी दोनो टाँगें उपर उठाई, और धीरे-धीरे किस करते हुए मेरी छूट पर आ गयी और छूट को किस करने लगी. और फिर एक-दूं से मेरी छूट पर अपना मूह लगा के चूसने लगी.
वो बहुत ही पॅशनेट तरीके से चाट रही थी. ह ऑश ह बहनचोड़ ऐसे ही अहह. वो दूसरे हाथ से मेरे बूब्स सहलाने लगी, और एक हाथ से मेरे निपल्स को चींटी करने लगी. फिर जब निपल्स पिंच करती, तो मेरी अहह निकल जाती अहह ओह.
फिर आंटी ने मेरे छूट को ऐसे कुछ देर तक चाट रही थी. कभी जीभ मेरी छूट में डाल कर मुझे फक कर रही थी. वो इतनी ज़ोर से छूट चाट रही थी जैसे जानवर पानी पीटा हो.
मैने आंटी का मूह पकड़ लिया और अपनी दोनो टाँगें उनके उपर करके उनकी गांद पर रख दी. फिर मैं काँपने लगी अहह ओह. मैं चिल्ला उठी और प्लेषर के मारे काँपने लगी अहह ओह.
मे: बहनचोड़ मदारचोड़, ह और चूसो अहह फक. ह आंटी होने ही वाला है अहह ओह.
और मैं आंटी के मूह पर झाड़ गयी. नेक्स्ट पार्ट में आप पढ़ेगे की कैसे आंटी ने मेरा पेशाब पिया, और उनकी गांद में उंगली करवाई और चटवाई भी. अभी के लिए इतना ही, आयेज की सेक्स स्टोरी नेक्स्ट पार्ट में. मेरे दोस्तों, अगली कहानी के लिए फीडबॅक ज़रूर देना. बाइ, गुड नाइट.