पड़ोस में आने वाली टीचर की चुदाई की कहानी

हेलो दोस्तों, और प्यारी-प्यारी सेक्सी नारियों. ई होप आपके जीवन में सब बढ़िया चल रहा होगा. आपको समय-समय पर छूट या लंड मिल रहे होंगे.

दोस्तों मेरा नाम सिटतू है. मैं उ.प. से ताल्लुक रखता हू, और इस समय मेरी आगे 28 साल है. ये जो मैं कहानी बताने जेया रहा हू, ये आज से बहुत पहले की है जब मेरी पहली गर्लफ्रेंड बनी थी.

वो क्या माल थी. 28-32-34 का मस्त फिगर था उसका. बूब्स और गांद तो किसी का भी देख के मॅन कर जाए की काश ये मिल जाए तो इसको रात भर छोड़ू. तो कहानी ऐसे स्टार्ट होती है-

हम नये-नये न्यू लोकेशन पर शिफ्ट हुए थे. तो मेरी ज़्यादा जान-पहचान नही थी लोगों से. बस आस-पास के दो-चार घरों से जान-पहचान थी. आयेज जाके जो मेरी गर्लफ्रेंड बनी वो सामने एक भाभी के यहाँ बच्चो को पढ़ने आती थी.

तो स्टार्टिंग में हम यू ही उन भाभी के यहाँ बैठे हुए थे, और इधर-उधर की बातें कर रहे थे. तभी मेडम जी आई, और बच्चों को पढ़ने लगी. फिर बातों ही बातों में मेरी और मेडम को बातें चालू को गयी.

वो रोज़ आती, और मैं रोज़ उसी समय सामने भाभी के यहाँ चला जाता. कभी टाइम चेंज होता था, तो मेडम बच्चो से कह कर बुलवा लेती. मतलब आग दोनो साइड थी.

फिर धीरे-धीरे हमारा नंबर एक्सचेंज हुआ. फिर वो मेरे घर कुछ मूवीस लेने आई. उस समय जिओ नही था, तो आप समझ सकते है. ऐसे करके उसका मेरे घर भी आना-जाना स्टार्ट हो गया. हम फोन पर भी खूब बातें करते, और कभी-कभी बाहर भी घूमने निकल जाते थे. हम रोज़ शाम को मंदिर की साइड निकल जाते.

फिर एक दिन हुआ ऐसा की मेरे घर पर कोई नही था, और सामने भाभी भी बच्चो के लेके कहीं चली गयी मेडम को बिना बताए. वो सामने आई तो उसको कोई ना मिला. तो वो मेरे घर आ गयी.

आप जानते ही है घर पर कोई ना हो तो कैसे फील होता है. तो हम पहले तो नॉर्मल बातें करते रहे.

फिर मैं बोला: यार किस करना है.

मुझे नही मालूम था उसको फीवर था. वो माना करने लगी, लेकिन फिर उसके हा बोल दी. फिर हम दोनो किस करने लगे. मैने किस करते-करते ही उसको अपनी बाहों में उठा कर बेड पर लिटा दिया, और उसके उपर आके किस करने लगा. इससे वो गरम होने लगी.

फिर मैं धीरे से नेक पर किस करता हुआ उसके बूब्स को हाथो से दबाने लगा. उसके बाद धीरे से उसका टॉप निकाल दिया. उसकी लाल रंग की ब्रा मेरे सामने आ गयी, और मैं तो पागला गया एक-दूं से.

मैने बूब्स बहुत ज़ोर से दबाए और ब्रा को जल्दी से उतार फेंका. फिर बूब्स को चूसने लगा बच्चो के जैसे और वो भी मस्त सेक्स के नशे में मेरा सर पकड़ के बूब्स में दबाने लगी.

अब वो आधी नंगी हो चुकी थी. वो मुझसे बोली: ये अची बात नही है. मुझे आधा नंगा कर दिया, और तुम पुर कपड़ों में हो.

फिर उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए, सिर्फ़ अंडरवेर छ्चोढ़ दिया. मैं एक-दूं से फिर से उसको धक्का देते किस करने लगा, और उसकी जीन्स उतार दी. जीन्स उतरते हुए मुझे महसूस हुआ की बंदी की पनटी पूरी गीली हुई रखी थी.

फिर उसके बूब्स चूस्टे-चूस्टे, उसकी छूट पर हाथ रखते हुए, उसकी पनटी साइड से हटाई. उसके बाद छूट के उपर से उंगली फेरना स्टार्ट कर दिया. उसके भी हाथ डाल दिया मेरे खड़े लंड पे, जो पानी दे रहा था.

फिर मैने उसकी पनटी उतार दी और छूट में उंगली डाल दी. उसको हल्का सा दर्द हुआ. लेकिन उसने रोका नही. मैं उंगली करने लगा. फिर में उंगली करते-करते उसकी छूट को चाटने लगा, और वो झाड़ गयी. मैं उसका सारा नमकीन पानी पी गया.

मेरा लंड उसके हिलने से बहुत सकट हो रखा था. मैं उसको बोला: यार एक बार मूह में लेके देखो ना जान.

पहले उसने माना किया. फिर मैं बोला: चलो एक काम करते है. आप मेरा लंड चूसो, मैं आपकी छूट चूस्टा हू.

वो राज़ी हो गयी लेकिन बोली: एक साथ कैसे होगा?

फिर मैं उसको अपने उपर ले लिया, और उसका सर मेरे लंड की तरफ कर दिया. मैने उसकी छूट मेरे मूह पर कर ली. फिर मैं उसकी छूट चूसने लगा. वो भी धीरे-धीरे लंड को बड़े प्यार से चूसना स्टार्ट की. लंड पे उसके दाँत लग रहे थे.

तो मैं बोला: जान लॉलिपोप की तरह चूसो ना.

फिर वो मस्त लॉलिपोप की तरह चूसने लगी. अब मेरा होने वाला था, तो मैं तोड़ा हरामी मूड में नॉर्मली खड़ा हो गया.

मैं उसको बोला चूसो, तो वो घुटनो के बाल बैठ के लंड चूसने लगी. मैं पहले प्यार से उसके बाल पकड़ लंड उसके गले तक डालने लगा. फिर मेरा पानी आने वाला था.

मैं बोला: सॉरी.

और बाल पकड़ के एक-दूं से उसके मूह को छोड़ने लगा. इसके लिए वो तैयार नही थी, और जब तक मेरा माल नही निकला, तब तक पेला उसके गले तक. और पूरा माल जब तक निकल नही गया, मैने उसके मूह से लंड नही निकाला. एक-एक बूँद उसके गले तक डाल के उसको छ्चोढा.

जब उसका चेहरा देखा तो पूरा लाल हो रखा था, और आँखों से आँसू बहे जेया रहे थे. फिर मैं खड़ा होके उसको किस करने लगा, और सॉरी बोल दिया. मैं जेया कर वॉशरूम में फ्रेश हुआ.

वो मेरे पास आ गयी, और मेरे पास आ कर मेरी गोद में बैठ गयी. फिर बोली: यार बहुत ग़लत किया. आराम से ही कर लेते, भागी थोड़ी जेया रही हू मैं.

फिर दोनो किस करने लगे, और नंगे तो हम पहले से ही थे. वो गरम भी थी पहले से ही थोड़ी, और मेरी गोदी में बैठी थी, तो लंड और छूट का स्पर्श हो ही रहा था. मेरा लंड जल्दी दोबारा खड़ा हो गया. फिर मैं बोला-

मैं: जानू तैयार हो अपनी जवानी का फूल खोलने के लिए?

वो बोली: नही होती तो अब तक यहाँ होती जानू?

मैं उसको लिटा दिया और उपर चढ़ गया उसके. फिर उसकी टाँगें फैला दी. उसके बाद अपना लंड उसकी छूट पर रगड़ने लगा, जिससे वो बहुत ज़्यादा गरम हो गयी. उसकी छूट से पानी निकालने लगा. मैने अपना लंड उसकी छूट के पानी से गीला किया, और लंड हल्का सा सेट करके एक धक्का दे दिया.

इससे वो एक-दूं चीख पड़ी. मैं तुरंत उसके लिप्स पर किस करने लगा.

वो बोली: जान तोड़ा सा दर्द होगा.

वो माना करने लगी. मैं जानता था और उसकी खोलनी ही थी. मैं एक-दो मिनिट नॉर्मल धीरे-धीरे उतना पेलता रहा. फिर जैसे ही वो ठीक हुई, मैं उसके लिप्स को ज़ोर से किस करने लगा. हाथ उसके कस्स के पकड़ लिए, और पूरा जाकड़ के एक-दूं से 2-4 बहुत तेज़ झटके दिए. इससे उसकी जान सी निकल गयी. साँसें गहरी हो गयी.

मैं उसको छ्चोढा नही, और लंड अंदर डाल के लेता रहा. उसके बूब्स से नेक पर किस करता रहा. जब लंड पर तोड़ा सा गीला फील हुआ, तब मैने दोबारा स्टार्ट कर दिया. ऐसे ही करीब 20 मिनिट छोड़ा. फिर उसका पानी निकल गया.

उसके बाद उसको घोड़ी बना के 20 मिनिट और छोड़ा, और फिर से उसके उपर आके. पहली बार था तो मैं अपने आप को रोक नही पाया. मैने उछाल-उछाल के पूरा पानी उसकी छूट में निकाल दिया और वो और मैं किस करते-करते सो गये कुछ देर के लिए. फिर मेरा कॉल आया तो हम दोनो उठे.

फिर बोली: यार उठा नही जेया रहा आचे से.

तो मैने उसको पहले फ्रेश करवाया. फिर उसको उसके घर तक छ्चोढा और एक मस्त हग और किस के साथ अपने घर लौट आया.

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