पड़ोस की वर्जिन लड़की की चुदाई की हॉट कहानी

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम रित्विक है (बदला हुआ नाम), और ये मेरी देसीकाहानी पर पहली और सॅकी सेक्स कहानी है. मैं इस साइट का बहुत बड़ा फन हू, और हर रोज़ यहा कहानिया पढ़ता हू. मेरी पहली कहानी है दोस्तों, तो कुछ ग़लती हो तो माफ़ करना. अब देरी ना करते हुए आते है सीधा कहानी पर.

मैं हरयाणा का रहने वाला हू. मेरी आगे 22 है, और मेरे लंड का साइज़ 8 इंच है. मेरे घर में हम 2 लोग ही है, मैं और मेरी मों. और जिसकी चुदाई की कहानी है ये, उसका नाम अनिता है. उसकी उमर 21 है, और मेरे पड़ोस में रहती थी.

ये बात करीब 1 साल पहले की है, जब मेरे उसके लिए ख़याल बदल गये और मैं उसको छोड़ने के ख़याल मॅन में लाने लगा. मिलते तो हम पहले भी थे, पर अब वो हुस्न की मालकिन बन गयी थी. कोई भी उसको देखेगा, तो उसको छोड़ना ज़रूर चाहेगा.

मैं भी यही चाहता था, और चाहता भी क्यूँ ना? उसके 34″ साइज़ के बड़े चूचे मुझे कही और देखने देते ही नही थे. जब भी उसको देखता था, तो उसको देखते ही मेरा लंड खड़ा हो जाता था, और उसको छोड़ने का मॅन करता था.

लेकिन मुझे ऐसा करने का मौका नही मिल रहा था. क्यूंकी वो सारा दिन घर में रहती थी. उसकी मम्मी भी हमेशा घर में ही रहती थी. फिर कुछ दीनो बाद मुझे बहाना मिल ही गया.

दोस्तों एक दिन उनका टेलिविषन (टीवी) खराब हो गया. तो फिर वो और उसकी मम्मी हमारे घर पर टीवी देखने आने लगे. अब मैने सोचा, ये अछा मौका था उसको पता कर छोड़ने का. तभी मैने एक आइडिया लगाया.

मेरी मम्मी और उसकी मम्मी बेड पर बैठ कर टीवी देखते थे और हम लोग नीचे (मैं, अनिता और उसका भाई ). इसलिए मुझे उसको पाटने का मौका मिला.

रात को करीब 8 बजे वो लोग और हम बैठ गये. उसने येल्लो फ्रॉक और वाइट कट शर्ट पहन रखी थी. उन कपड़ों में वो बाला की खूबसूरत लग रही थी. मॅन तो कर रहा था की अभी उसको वही नीचे पटक कर छोड़ डू, लेकिन मैने सोचा सबर का फल मीठा होता है.

मैने अपना प्लान स्टार्ट किया, और उसकी फ्रॉक के अंदर से उसकी बॉडी को टच करने लगा. किसी को एहसास भी नही था, की मैं क्या कर रहा था. क्यूंकी सब लोग टीवी में इतना खोए थे. मैने उसकी जांघों को टच किया, और हाथ घूमने लगा.

उसने सिसकी ली, लेकिन चुप बैठी रही. उसको भी घर वालो का ख़तरा था इसलिए. और मैं लगातार उसको गरम करने में लगा रहा. धीरे-धीरे मेरा हाथ उसकी पनटी तक पहुँच गया. उसकी पनटी थोड़ी गीली थी. लगता है वो मेरे हाथ लगाने से गरम हो गयी थी.

इससे मुझे अछा लगा, और मैं और तेज़ी से करने लगा. वो वैसे ही बैठी रही. फिर जैसे ही मैं उसकी छूट तक पहुँचने वाला था, सीरियल ख़तम हो गया. फिर वो लोग जाने लगे.
तभी मैने उसके कान में धीरे से बोल दिया: रात को 1 बजे च्चत पर इंतेज़ार करूँगा तुम्हारा.

उसने स्माइल दी, और चली गयी. मैं साँझ गया की उसकी हा थी. फिर मैने खाना खाया और सो गया. मैने 1 बजे का अलार्म लगाया हुआ त. करेक्ट 1 बजे अलार्म बजा. मैं उठा और जल्दी से उपर की तरफ जाने लगा. फिर जैसे ही मैं उपर पहुँचा, तो देखा की वो पहले से च्चत पर थी.

मैने सीधा जाते ही उसको बाहों में भर लिया और उसके होंठो पर किस करने लगा. शुरुआत में तो वो शरमाई, लेकिन थोड़ी देर बाद ही मेरा साथ देने लगी.

उसको किस करते-करते मैने उसको च्चत पर कमरे मैं ले-जेया कर बेड पर लिटा दिया, और उसके उपर चढ़ कर उसको किस करने लगा, और उसके चूचों को दबाने लगा दोनो हाथ से. वो भी गरम होने लगी, और मेरा साथ देने लगी.

मैने अपने सारे कपड़े निकाल दिए, और उसकी भी फ्रॉक और स्कर्ट निकाल दी. वो मेरे सामने बस ब्रा और पनटी में थी. उसकी लाल रंग की पनटी और ब्रा मेरी जान ले रही थी. फिर मैं उसको किस करने लगा, और एक हाथ से उसके एक चूचे को दबा रहा था.

दूसरे हाथ से मैं उसकी छूट पर हाथ लगा रहा था. मैं पनटी के उपर से ही उसको छूट को रग़ाद रागा था, जिससे वो तेज़-तेज़ सिसकारियाँ लेने लगी. इसी तरह हमने 5 मिनिट तक लगातार किया. फिर मैने उसकी पनटी को उतार दिया, और उसकी टाँगो के बीच बैठ गया. उसके बाद मैं उसकी छूट चाटने लगा.

फिर वो बोली: मुझे भी लंड चूसना है.

फिर हम लोग 69 पोज़िशन में आ गये. उसकी छूट मेरे मूह में और मेरा लंड उसके मूह में था. वो बिल्कुल एक रंडी को तरह मेरे लंड को चूस रही थी. 15 मिनिट तक ऐसे ही करने के बाद हम दोनो ही झाड़ गये और एक-दूसरे के साथ चिपक कर लेट गये.

थोड़ी देर बाद मैं फिरसे गरम हो गया, और उसके बूब्स दबाने लगा. वो भी गरम हो गयी, और मेरा लंड चूसने लगी, और कहने लगी-

वो: छोड़ दो ना मेरी जान.

मैने कहा: ठीक है.

और ऐसा कहते ही मैने अपना लंड उसकी छूट पर रखा, और धक्का देने लगा. लेकिन मेरा लंड उसकी छूट में घुस नही रहा था. फिर 2-3 ट्राइ के बाद मैने तेज़ धक्का दिया, जिससे मेरा लंड उसकी छूट में आधा चला गया.

उसकी छूट कभी चूड़ी नही थी, तो लंड अंदर जाते ही वो रोने लगी, और खून भी आने लगा उसकी छूट से. थोड़ी देर मैं ऐसे ही होल्ड करके रुका रहा. फिर जैसे उसका दर्द कम हुआ, तो मैने एक धक्का मारा. इससे मेरा पूरा 8 इंच का लंड अब उसकी छूट में जेया चुका था.

मैने अब उसको धीरे-धीरे छोड़ना स्टार्ट कर दिया. कुछ ही देर बाद वो मज़े लेकर चूड़ने लगी, और कहने लगी-

वो: छोड़ दे मेरी छूट को. इसको छोड़-छोड़ कर भोंसड़ा बना दे.

मैं उसकी इन बातों से और ज़्यादा जोश में आने लगा, और ज़ोर-ज़ोर से छोड़ने लगा. 25 मिनिट लगातार छोड़ने के बाद मैं उसकी छूट में झाड़ गया, और उसको किस करने लगा. इस बीच वो 2 बार झाड़ चुकी थी.

सुबा 4 बजे तक हमने 2 बार और सेक्स किया. फिर वो उठ कर चली गयी घर पर. उसके बाद हमने हर रात को चुदाई की. अब उसकी शादी हो गयी है. जब भी वो घर पर आती है, तो हम नये-नये तरीके से सेक्स करते है.

तो दोस्तों कैसी लगी आपको मेरी ये कहानी, कॉमेंट करके ज़रूर बताए, और अगर कोई ग़लती हुई हो तो माफ़ करे.

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