पड़ोस के लड़के से सील तुड़वाने की कहानी

ही दोस्तों, मेरा नाम रुबीना है, और मैं 23 साल की हू. मैं कॉलेज में पढ़ती हू. मेरी हाइट 5’5″ है, और फिगर 34-30-36 है. ये कहानी मेरी पहली चुदाई की है, जो 2 साल पहले मोहल्ले के एक लड़के के साथ हुई थी.

हमारे घर के सामने वाले घर में एक नयी फॅमिली शिफ्ट हुई थी. उनका एक बेटा था जिसका नाम रिंकू था. जब मैने उसको पहली बार देखा, उसी वक़्त मुझे वो पसंद आ गया था. कुछ बात थी उसमे, जिसने मुझे उसकी तरफ अट्रॅक्ट किया था. ये चढ़ती जवानी का जोश भी कह सकते है.

रिंकू उस वक़्त 23 साल का था. उसकी हाइट 5’8″ थी, और उसने थोड़ी बॉडी भी बना रखी थी. रंग उसका गोरा था, और उसके फेस पर हल्की दाढ़ी थी, जो उस पर बहुत अची लगती थी.

पता नही क्यूँ पहले दिन से ही मुझे लग रहा था, की मैं उससे दोस्ती करू. फिर ऐसे ही थोड़े दिन बीट गये. एक दिन मैं बाल्कनी में बैठी पढ़ रही थी. सामने उसके घर की बाल्कनी थी.

मैं वाहा एक घंटे से बैठी थी. तभी उसके घर की बाल्कनी का गाते खुला, और बाहर आ गया. उसने सिर्फ़ एक टवल बाँधा हुआ था. उसके बाल जी थे, और ऐसा लग रहा था, की वो नहा कर आया था.

आधी नंगी बॉडी में वो बहुत सेक्सी लग रहा था. मेरी नज़र उस पर ही टिकी हुई थी, और मैं उसको घूर-घूर कर देखे जेया रही थी. तभी उसकी नज़र मुझ पर पड़ी, और उसने मुझे देख कर स्माइल पास की. मैने भी उसको स्माइल दी.

फिर जब वो वापस अंदर जाने के लिए घूमा, तो उसका टवल रेलिंग में फ़ासस कर गिर गया. अब उसका मोटा लंड मेरे सामने था. मैं तो बिना आँख झपके उसके लंड को देख रही थी. फिर उसने मेरी तरफ देखा तो मैने मूह घुमा लिया.

उस दिन से जब भी मैं बाल्कनी में होती, वो भी आ जाता. फिर हम दोनो एक-दूसरे को स्माइल पास करते. फिर एक दिन उसने मुझे मेरे मोबाइल नंबर का इशारा किया. मैने भी उसको अपना मोबाइल नंबर दिया.

अगले दिन से वो मुझे मेसेज करने लगा, और हम जल्दी ही “बाबू-शोना” वाली स्टेज पर पहुँच गये. एक दिन उसने मेरे साथ सेक्स की बातें करनी शुरू कर दी. पहले तो मैने उसकी बातों को इग्नोर किया, लेकिन धीरे-धीरे मुझे उसकी बातों में मज़ा आने लगा.

अब मैं भी सेक्स की बातों को लेके तोड़ा खुलने लगी थी उसके साथ. फिर एक दिन वो मुझे बोला-

रिंकू: यार अपनी फोटो ही भेज दो बिना कपड़ों के.

मैं: पागल हो गये हो क्या.

रिंकू: भेज तो ना जानू. चलो मैं पहले भेजता हू. फिर तो भेजोगी ना?

इससे पहले मैं कुछ जवाब देती, उसने अपने खड़े हुए लंड की पिक्स मुझे भेज दी. उसका लंड काफ़ी मोटा और तगड़ा था. ये मैने पहली बार किसी जवान लड़के का लंड देखा था. उसका लंड देख कर मुझे अपनी छूट में कुछ फील होने लगा था.

पता नही कैसे मेरा भी मूड बन गया, और मैने उसके साथ अपनी न्यूड्स शेर कर दी. उस दिन से वो मुझे बताने लगा की वो मेरे साथ क्या-क्या करना चाहता था. मैं भी उसकी बातों को महसूस कर-कर के गरम होने लग जाती. फिर एक दिन उसने मुझे मेसेज किया-

रिंकू: रुबीना आज मेरे घर में कोई नही है.

मैं: तो?

रिंकू: तो फिर मिलते है, और जो भी बातों में किया है उसका प्रॅक्टिकल करते है.

मैं: नही, मुझे दर्र लगता है.

रिंकू: ये क्या बात हुई.

मैं: मुझे कॉलेज जाना है. मैं कैसे अओ तुम्हारे घर.

रिंकू: तुम घर से कॉलेज के लिए निकल जाओ, मैं रास्ते में तुम्हे पिक करके वापस ले अवँगा. प्यार करने का इससे अछा मौका पता नही फिर मिले ना मिले.

फाइनली उसने मेरी एक ना सुनी, और मैने हा कर दी. मैने ब्लॅक पाजामी के साथ रेड शर्ट पहना, और दुपट्टा लेके कॉलेज के लिए नीलकाल गयी. कॉलेज से थोड़ी पहले रिंकू बिके लेके खड़ा था. उसने मुझे पिक किया, और खुद को ढकने के लिए कपड़ा दिया, ताकि मैं किसी को दिख ना जौ.

फिर वो मुझे अपने घर ले आया. जैसे ही मैं उसके रूम में गयी, उसने मुझे पीछे से पकड़ लिया, और मेरे बूब्स दबाने लग गया. इसमे मुझे बड़ा मज़ा आया.

आज पहली बार कोई लड़का मेरे बूब्स दबा रहा था. मैं अपनी गांद पर उसका खड़ा हुआ लंड फील कर पा रही थी. वो मेरी गर्दन पर किस भी कर रहा था. मुझे सेक्स का नशा चड़ता जेया रहा था.

फिर उसने मुझे घुमाया, और हम दोनो एक-दूसरे को किस करने लग गये. हम पागलों की तरह किस कर रहे थे. किस करते हुए वो मेरी गांद दबाने लग गया. मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था.

फिर उसने एक-एक करके मेरे कपड़े उतार दिए, और अब मैं उसके सामने ब्रा-पनटी में थी. मुझे बड़ी शरम आ रही थी. फिर जब उसने भी अपने कपड़े उतार दिए, तो मेरी शरम थोड़ी कम हुई.

उसने मुझे बाहों में उठाया, और अपने बेड पर ले गया. वाहा जाके वो मेरे उपर आया, और मेरी ब्रा उतार कर मेरे बूब्स चूसने लगा. मुझे बहुत अछा लग रहा था, और मेरी छूट गीली हो रही थी. फिर उसने मेरी कक़ची उतरी, और मेरी छूट पर किस करने लग गया.

उसने मेरी जांघों पर भी किस किए. फिर वो मेरी छूट पर जीभ फेरने लग गया. मैं इतना तड़प रही थी, की मैने उसको लंड छूट में डालने के लिए कहा. उसके बाद उसने अपना अंडरवेर उतरा, और अपना लंड हाथ में लेके मेरी छूट पर रगड़ने लग गया.

जैसे-जैसे वो छूट पर लंड रगड़ता, मेरा पूरा शरीर काँप जाता. फिर उसने लंड छूट के मूह पर टिक कर दबाव बनाया. लंड का टोपा छूट को फाड़ कर अंदर चला गया, और मेरी दर्द से जान निकालने लगी.

वो दबाव बढ़ता गया, और लंड अंदर जाता गया. मुझे बहुत दर्द हो रहा था, लेकिन उसने कहा था की पहले दर्द होगा फिर मज़ा आएगा.

लंड अब पूरा अंदर जेया चुका था, और मेरी दर्द से जान निकल रही थी. फिर उसने मेरे होंठ चूसने शुरू कर दिए, और लंड अंदर-बाहर करने लग गया. धीरे-धीरे मुझे मज़ा आने लगा, और मैं उसको और ज़ोर से करने को बोलने लगी.

वो अब ज़ोर-ज़ोर से मेरी छूट छोड़ने लगा. बड़ा मज़ा आ रहा था. मैं अपनी गांद उठा-उठा कर उसका साथ दे रही थी. वो मेरे सारे बॉडी पार्ट्स को चूम चाट रहा था, और मेरी चूत छोड़ रहा था.

15 मिनिट तक हम दोनो ऐसे ही चूड़ते रहे, और फिर हम दोनो झाड़ गये.

तो ये थी दोस्तों मेरी पहली चुदाई की कहानी. आशा करती हू की आपको कहानी पसंद आई होगी.

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