ऑफीस की घमंडी लड़की की चुदाई की कहानी

हेलो एवेरिवन, मेरा नाम रेहान है. मैं देल्ही का रहने वाला हू. बिना देर करते हुए मैं स्टोरी पे आता हू. मैं एक रीटेल फील्ड में जॉब करता हू, और ये स्टोरी उधर की ही है.

हर दिन की तरह मेरा काम चलता ही जेया रहा था, और मुझे उधर जॉब करते हुए ठीक 6 साल हो गये थे. मेरे साथ बहुत सारे कॉलीग्स भी थे, और उसमे एक लड़की थी जिसका नाम अर्चू (अर्चना) था. वो बहुत घमंडी थी. ना सीधे तरीके से बात करती थी, ना जवाब देती. और हम सब को उसपे बहुत गुस्सा था.

साथ काम करते-करते 3 साल हो गये, और अब बहुत से कॉलीग्स जॉब रिज़ाइन कर दिए थे. अब ओल्ड एंप्लायीस में मैं और अर्चू ही बचे थे. चलते-चलते हमारी एक-दूसरे से बातें क्लोज़ हो गयी, और 1 साल भी बीट गया. अब अर्चू मुझ पर आँखें बंद करके भी भरोसा कर लेती थी.

तो एक दिन ऐसा आया जब हमारे ऑफीस पर विज़िट होनी थी मॅनेजिंग ऑपरेशन की, पर ऑफीस में काम इतना था की 5 मेंबर्ज़ को नाइट शिफ्ट भी करनी पड़ी. इन 5 में मैं और अर्चू भी थे, और 2 लड़के और 1 लड़की और थे हमारे अलावा.

हमारा ऑफीस 3 फ्लोर में बना हुआ था, जिसमे 2न्ड फ्लोर बक्केंड था, जिसमे मैं और अर्चू सिर्फ़ थे, और उधर किसी को अलो भी नही था. क्यूंकी वो बक्केंड था, और बक्केंड सिर्फ़ हम 2 ही थे. टाइम बीट-ता जेया रहा था, और काम ख़तम ही नही हो रहा था.

टाइम शायद 10 से 1 हो चुका था रात के. तब हमारी एक-दूसरे से नज़र मिलने लगी, और ठंड भी इतनी थी की सर्वर रूम भी ठंडी हो चुकी थी.

फिर करीब 2 बजे हमारा काम ख़तम हुआ, और हम सोने निकल गये स्टॅफरुम पर. फिर सब सो गये, लेकिन मेरी आँख लगी ही नही थी. इतने में अर्चू जो दूसरे रूम में सो रही थी उस रूम से कुछ कपड़े फटने की आवाज़ आई.

मैने इग्नोर किया, पर क्या करता, तड़प ही ऐसी है की रहा नही जाता. तो मैं उस रूम के पास गया, और तोड़ा सा अंदर देखने लगा. अंदर देखा तो मैं शॉक हो गया. अर्चू अपनी छूट में फिंगरिंग कर रही थी. करीब 3 से 4 मिनिट वो बिना होश के फिंगरिंग करती ही जेया रही थी.

इधर मैं भी सीन एंजाय करने लगा, और मूठ मारता रहा. पर अचानक से उसकी नज़र मुझ पर पड़ी, और वो घबरा गयी, और कपड़े से अपना जिस्म च्छूपा लिया. मैं घबरा कर ऑफीस चला गया, और सही बतौ तो मेरे हाथ अब काँप रहे थे. पानी पीने के लिए भी मुश्किल हो गया था.

उसके बाद करीब 10 मिनिट फुल शांति थी. फिर अर्चू भी ऑफीस आई, और मेरे साथ इनडाइरेक्ट बात करती रही उस सिलसिले में.

फिर वो बोली: रेहान, प्लीज़ इस बारे में क़िस्सी को भी मत बताना. मेरी इज़्ज़त का सवाल है.

फिर मैने भी उससे वादा कर दिया और बोला: ये सब नॉर्मल है. कोई टेन्षन की बात नही. लेकिन फिर भी मैं तुमसे ये वादा करता हू की इस बारे में किसी को नही बतौँगा.

ये सुन कर वो खुश हो गयी, और मुझे कस्स कर हग किया. और ये टाइम पर मैने भी मौका देख कर उसको कस्स के हग किया. फिर अचानक हम होश में आए और डोर हो गये. उसके बाद एक-दूसरे से नज़र मिली, और इस बार नज़र हटी ही नही.

वो मेरी आँखों में डेक्त्ी रही, और मैं उसकी. फिर सडन्ली हम दोनो ने लीप तो लीप किस किया करीब 2 मिनिट तक. उसके बाद अर्चू भी मूड में आई, और मैं भी. फिर हमने दोबारा किस किया, और किस करते-करते मैने उसकी यूनिफॉर्म की शर्ट खोली.

उसने अंदर ब्राउन कलर की ब्रा पहनी हुई थी, और मैने उसे किस करते हुए ब्रा भी अनहुक कर दी. उसने भी मेरी शर्ट निकाल दी. अब हम दोनो उपर से न्यूड थे. अर्चू के वाइट मीडियम बूब्स थे, और अगर मैं उन्हे लाइट्ली प्रेस भी करता, तो उसके बूब्स रेड हो जाते इतनी वाइट थी वो.

मैं करीब 10 मिनिट उसके बूब्स के साथ खेला. फिर मैने उसकी पंत निकली, और पनटी भी निकाल दी. अब अर्चू मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी.

फिर मैने मैने उसकी छूट करीब 5 मिनिट छाती. उसके बाद वो उठी, और मेरी पंत खोलने लगी, और मेरे लंड को चूसने लगी. ऐसा चूस रही थी वो, की मानो आइस का गोला खा रही हो. बहुत मज़ा आ रहा था. फिर मैने उसे ज़मीन पर लिटाया, और ज़मीन इतनी ठंडी थी मानो बरफ हो.

लेकिन हम दोनो इतने गरम थे की हमे ठंड लग ही नही रही थी. फिर मैं अपने लंड से उसकी छूट को टीज़ कर रहा था. वो बोलती रही अंदर डालो अंदर डालो, लेकिन मैं उसे तडपा रहा था. फिर अचानक एक ज़ोरदार धक्का मारा, और मेरा पूरा लंड उसके अंदर चला गया, और वो चीख पड़ी अहह.

क्या मज़ा आ रहा था. फिर मैं उसे धक्का मारता रहा मारता रहा, और वो आहह आ करती रही. मैं उसे छोड़ता रहा. ठंड की वजह से ज़्यादा लास्ट नही हो पाया, और सिर्फ़ 4 मिनिट में ही मैने सारा माल उसके उपर डाल दिया और उसके उपर ही सो गया.

करीब 10 मिनिट बाद वो बोली: मुझे और चूड़ना है.

फिर उसने मेरे लंड को चाट-चाट कर फिर हार्ड कर दिया, और इस बार वो बोली-

अर्चू: मुझे डॉगी स्टाइल में छोड़ो.

तो मैने फिर अपना लंड उसकी छूट में दे मारा. वो मज़े में बोल रही थी-

अर्चू: आहह छोड़ो रेहान, छोड़ो मुझे, फाडो मेरी छूट, और तेज़-तेज़ छोड़ो, रूको मत, मेरी छूट फाडो, छोड़ो, छोड़ो.

फिर 10 मिनिट बाद हमने पोज़िशन चेंज की, और इस बार वो हॉर्स राइडिंग करती रही. ह, कितना प्यारा मंज़र था. काश की वो रात ना बीट-ती. खैर वो मेरे लंड पर उछालती रही, और उसके बूब्स भी मस्त लग रहे थे. फिर करीब 15 मिनिट बाद मैं झाड़ गया वो मेरे उपर लेट गयी. 30 मिनिट हम ऐसे ही सोते रहे.

फिर याद आया की और लोग भी थे, और कही उन्हे शक ना हो जाए. इसलिए हमने अपने सारे कपड़े पहने, और एक लोंग लीप किस करते हुए चले गये सोने.

और अब वो मेरी और मैं उसका हो गया था. अब जब भी हम दोनो में से किसी एक को भी मूड आता है, तो हम वो रात किसी रूम में बिताते है, और सारी रात सेक्स करते है.

थॅंक्स फॉर रीडिंग.

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