ऑफीस कोलीग ने गांद की सील तोड़ कर चोदा

फिर उसने मुझे गोद में उठाया, और बेडरूम में ले जेया कर बेड पर लिटाया. उसने मेरे सामने खड़े हो कर अपनी त-शर्ट उतरी, और उपर से नंगा हो गया. वो मेरे उपर लेता, और एक फ्रेंच किस करने लगा. मैं भूल गया की मैं कहा था. उसकी नंगी पीठ पर हाथ घूमते-घूमते बस मैं माधमस्त हो गया.

उसने किस करने के बाद मेरी गर्दन को स्मूच करना शुरू किया. फिर मेरी शर्ट के बटन को खोलने लगा. उसके लिप्स पहले मेरे छ्चाटी पर और फिर मेरी चेस्ट से होते हुए मेरे निचले पेट पर चाटने लगे. उसने मेरी शर्ट को उतरा, और मेरी पंत जिसकी बटन और ज़िप खुली थी ही, उसे मेरे पैरों से अलग किया.

मैं चड्डी में लेता था. उसने मेरे पैरों को पकड़ा, और मेरी उंगलियों को काटने लगा. धीरे-धीरे उसने मेरे थाइस को किस करना शुरू किया. ऐसा करने से मैने अपने पैर फैलाए, तो उसने झट से चड्डी को खींच कर मुझे अपने सामने नंगा कर दिया. मैं कुछ समझू उसके पहले उसने मुझे उल्टा किया और दोनो पैरों को अलग करके मेरी गांद को अपने दांतो से काटने लगा.

वो कभी किस करता तो कभी चूमता. कभी थप्पड़ मारता तो कभी इतनी ज़ोर से काट-ता की मेरे मूह से चीख निकल जाती. फिर वो मेरे बाजू में आके लेट गया और हाँफने लगा. मैं समझ गया की मेरी जान तक चुका था.

तो मैं उसके उपर लेट गया, और वैसे ही उसे चूमने लगा. पहले गर्दन और चेस्ट को चूमा. फिर दोनो पैरों के बीच बैठ कर उसकी पंत खोलने लगा. मैने उसकी पंत उतरी, और चड्डी को पकड़ कर नीचे किया. चड्डी निकाल कर समय मेरे सामने नंगा हो चुका था.

समय ने लवदा चूसने का इशारा किया. पहले तो मॅन नही था, पर मैं उसे माना कैसे कर सकता था. मैने लंड को मूह में लिया. मैने अपनी तरफ से चुसाई शुरू की. पर समय को और डीप चाहिए था. समय ने मुझे रोका और बेड पर लिटाया. फिर वो मेरी चेस्ट पे बैठ गया, और अपना लंड मेरे मूह के पास लाया.

उसने अपने नीचे मेरे दोनो हाथ दबा दिए. मेरे भागने के कोई चान्सस नही थे. मैं समझ गया की मेरे मूह की चुदाई होने वाली थी. उसने अपना लंड मेरे मूह में डाला. मैने मंडी हिलाई तो एक थप्पड़ मेरे गाल पर पड़ा. उसने एक झटके में पूरा लंड मेरे गले में उतरा.

4-5 मिनिट अंदर-बाहर करने लगा. मेरी आँखों और मूह से पानी निकल गया. पर ये देख समय और हॉर्नी हो गया. मैने अपने हाथो से समय की गांद को पकड़ा, और यहा समय ज़ोर-ज़ोर से अपना लंड मेरे मूह में अंदर-बाहर करने लगा था. मेरे मूह में लंड की आवाज़ पुर कमरे में गूंजने लगी. करीब 15-20 मिनिट तक उसने मेरा मूह छोड़ा. फिर वो रुक गया. मैं कुछ देर वैसे ही लेता रहा.

समय: सॉरी यार. पता नही मुझे क्या हो गया था. मैं अपने आप को रोक ना सका.

मैं: सॉरी मत बोल. तेरा पूरा हक़ बनता है. और सच काहु तीस वाज़ थे बेस्ट सकिंग ऑफ मी लाइफ.

समय: सॅकी? सोच ले ऐसे ही रुला दूँगा मूह में दे दे लंड.

मैं: अगर ऐसा ना चुस्वाया तूने तो मैं नाराज़ हो जौंगा. तेरा जब मॅन करे तब आ जाना. मुझे पूछने की भी ज़रूरत नही.

समय और मैं एक-दूसरे को चिपक कर आराम करने लगे. मुझे नींद आ गयी, पर कुछ ही देर बाद मेरी नींद टूट गयी. मैने जाना की समय का हाथ मेरे दोनो पैरों के बीच में से होते हुए मेरी गांद के च्छेद को सहला रहा था. मैने अपने आँखें खोली तो देखा समय मुझे ही देख रहा था. फिर समय ने मुझे एक किस किया और कहा-

समय: तेरी गांद मारने का मॅन कर रहा है विकी. प्लीज़ माना मत करना.

मैं: समय मैने कभी मरवाई नही. दर्र लग रहा है.

समय: मैं हू ना जान. देदे ना मुझे. ऐसे छोड़ूँगा की ज़िंदगी भर भूल नही पाएगा.

उसकी आवाज़ में हवस को महसूस कर पा रहा था. मैं समझ गया की वो रफ सेक्स करेगा, तो मैने उसे माना कर दिया. पर वो कहा मानने वाला था. उसने मेरे मूह से हा बुलवा ही ली.

उसने मुझे डॉगी बनाया और मेरी गांद के च्छेद पर आयिल लगाने लगा. आयिल लगते-लगते उसने मेरी गांद में उंगलियों से खेलना शुरू किया. पहले एक, फिर दो, फिर टीन उंगलियाँ अंदर डाली. फिर कुछ देर बाद उसने अपना लंड मेरी गांद पर सेट किया. कुछ वक़्त प्रयास करने के बाद उसका सूपड़ा मेरी गांद में चला गया. मैं चिल्लाया, पर समय ने कस्स कर मेरी गांद को कमर से पकड़ा हुआ था.

मैं: समय प्लीज़ निकालो, दर्द हो रहा है. समय प्लीज़ ना प्लीज़ यार.

मैं रुवासा हो गया, पर समय नही माना. उसने वैसे ही कुछ वक़्त सूपड़ा मेरी गांद में रखा. फिर उसने एक दो झटके लगाए, तो उसका आधा लंड अंदर चला गया. मुझे बहुत दर्द हुआ, और मैं रो पड़ा.

मैं: प्लीज़ समय प्लीज़. मैं भीख माँगता हू यार. निकाल यार प्लीज़.

मैं रो दिया उसके सामने. कुछ धक्के लगाने के बाद उसका पूरा लंड मेरी गांद में घुस चुका था. ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने लोहे की गरम रोड मेरी गांद में घुसेधी है. मैं रोता रहा, और कुछ देर बाद जब मैं शांत हुआ, तो समय ने मुझे छोड़ना शुरू किया.

मैं डॉगी पोज़िशन से निकल कर बेड पर उल्टा लेट चुका था. और समय ने वैसी ही हालत में मेरी चुदाई शुरू की. देखते ही देखते मुझे मज़ा आने लगा, और गुदगुदी होने लगी. उसके लंड को अपनी गांद में लेके मुझे अब मज़ा आने लगा. मैं बोल पड़ा-

मैं: और छोड़ समय मुझे. प्लीज़.

समय: अब तक रो रहा था सेयेल. अब गांद उठा-उठा कर छोड़ने को तैयार है. चल मेरी रंडी, ये ले, और ले साली.

मैं: हा समय, और छोड़ मुझे. गांद को फाड़ दे छोड़-छोड़ कर.

समय: ये ले मदारचोड़, और ले. बेहन के लवदे. क्या मज़ा आ रहा है तेरी गांद छोड़ने में. आज तो गांद का भोंसड़ा बना दूँगा.

ऐसे बोल-बोल कर वो मेरी चुदाई करने लगा. वैसे तो मैं गाली नही देता, और गाली सुनना भी पसंद नही करता. पर समय मुझे छोड़ते वक़्त जो गालियाँ दे रहा था, वो सुन कर मैं और हॉर्नी हो रहा था. ऐसे ही समय ने मुझे करीब 20-25 मिनिट तक छोड़ा, और अपना कम मेरी गांद पर निकाला.

अपने हाथ से थप्पड़ मार-मार के अपना ही कम पुर गांद पर फैलाया. फिर मेरे बाजू में आके लेट गया. वो आँखें बंद करके सो गया, पर मैं अपनी गांद के दर्द को महसूस करते वक़्त उसे देख रहा था. और मुझे पता चल गया की यही वो इंसान था, जिसके साथ मुझे ज़िंदगी बितानी थी. यही था जो मुझे नंगा कर सकता था, और मेरी गांद मार सकता था. मैं बातरूम में जेया कर सब सॉफ करके आया, और उसके बाजू में लेट गया.

समय की नींद आधी रात को खुली, और उसका लंड फिर खड़ा हुआ. मुझे सोता देख उसने मुझे सीधे लिप्स पर किस किया, और मुझे उठाया. उसने मेरे दोनो पैरों को अपने कंधे पर रखा, और अपना लंड मेरी गांद पर सेट किया. मैं दर्र गया था. पर मुझे उससे छुड़वाने का मॅन भी था. तो मैं तैयार था.

उसने एक और बार मेरी गांद में अपने लंड डाला. पहले के मुक़ाबले अभी लंड जल्दी मेरी गांद में घुस गया, और दर्द भी पिछली बार से ज़रा कम हुआ. उसने घापघाप मेरी गांद मारनी शुरू कर दी. मैने भी उसे लिपट कर इस बार अपनी गांद उठा-उठा कर चुडवाई.

समय: साली मेरी रंडी. अब मज़े ले रहा है. गांद उठा-उठा कर छुड़वा रहा है सेयेल झानतु.

मैं: और छोड़ मेरी जान. ये गांद अब तेरी है. जितनी लेनी है लेले. कितना पेलना है पेल दे.

समय: पेलुँगा तो ऐसे, की रोज़ नंगा होके नाचेगा मेरे सामने और चुदाई की भीख माँगेगा.

समय ने आधे घंटे तक लगातार चुदाई की. एक बार उसका निकल चुका था, इसलिए अब इस बार जल्दी नही निकला. पर उसने आधे घंटे की चुदाई के बाद अपना माल मेरे पेट पर निकाला. फिर मौका देख कर मेरे मूह के पास अपना लंड ला कर बोला.

समय: रंडी. चल चूस कर सॉफ कर दे.

मैं: मैने भी उसका लंड चूस-चूस कर सॉफ किया, और पूरा कम जो लंड पर लगा था, वो पी गया.

फिरसे हम दोनो बातरूम में सॉफ करके आए. मैं चल नही पा रहा था. ये देख कर समय को अपने आप पर गर्व हुआ, और उसने मुझे गोद में उठाया. हम नंगे ही सो गये. दूसरे दिन हम लाते उठे. उठने के बाद साथ में नहाने गये. फिर वाहा समय ने मुझे दबोचा.

उसने नीचे घुटनो पर मुझे बिताया, और अपने लंड से मेरे चेहरे पर थप्पड़ मारे. फिर अपना लंड मेरे मूह में घुसेधा. पर चूसने में भी मुझे मज़ा आने लगा था. उपर से गरम पानी का शवर. मैं भी हॉर्नी हो गया, और वही बैठ कर उसका लंड किसी लॉलिपोप की तरह चूसने लगा. हमने साथ में नाहया, और पूरा दिन उसने मेरी केर की क्यूंकी मेरी गांद दिन भर जल रही थी.

ऐसे ही उसके बाद मेरे और समय के काई एक्सपीरियेन्स हुए. अगर आपको ये कहानी पसंद आई तो जवानिकजोश@आउटलुक.कॉम पर ज़रूर बताइए. आपकी ईद सेफ रहेगी. ताकि इसका अगला पार्ट मैं ला साकु.

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