घर के नौकर ने चूत और गांद मारी

हमारी शादी को 5 साल हो गये थे एक बचा भी है 3 साल का. बचे होने के बाद मेरे पति अपने बिज़्नेस मे कुछ जयदा ही टाइम बिताने लगे. और मे घर मे अकेले रहने लगी. मेरा फिगर 36, 32, 40 का है. थोड़ी मोटी दिखने लगी थी बचे होने के बाद.

अब तो मेरा बेटा भी स्कूल जाने लगा था. इसलिए उसे स्कूल जाने आने और घर का समान लाने के लिए एक नौकर भी रख लिया था पति ने. उस नौकर का नाम अब्दुल था. उसका उमर कोई 45 की होगी, लंबा छोरा आदमी था.

एक दिन की बात है मेरे घर की काम करने वाली एक औरत थी जो खाना बनती घर का, पोछा और कपड़े धोती. उसकी आगे कोई 30 की होगी, रंग सावली थी, पर बूब्स 36 के होंगे. अंदर ब्रा नही पहनती थी इसलिए जब पोछा लगती या झाड़ू. तो उसके लटके हुए बूब्स सॉफ नज़र आते.

हमारा ड्राइवर उसको गुर्ता रहता मैने बोहट दिन नोटीस काइया था. पर एक दिन दोनो बात करते देखा, वो हास हास कर बात करते थे. कुछ दिन बाद दोनो बोहट क्लोज़ हो गये तो मई उनके उपर नज़र रखने लगी.

मंडे का दिन था मेरे बेटे को अब्दुल स्कूल चोर कर घर आया. तो मैने सीता (नुकरानी) से कहा की छाई बना दो और अब्दुल को दे देना स्कूल से आया हे. सीता बोली टिक है मेडम बोल कर छाई बनाई. मुझे भी दिया और उसके लिए भी ले गयी.

मई च्चत से देख रही थी सेरवेट रूम मे था अब्दुल. पर जब कुछ देर हो गया सीता नही आई तो मैने सोचा की जाके देखु क्या हो रहा हे. जेसे ही विंडो से देखा की अंदर अब्दुल सीता का ब्लाउस उतार कर उसका 36 का बूब्स पीने लगा. फिर उसका सारी निकल दी वो पेटीकोत मे थी.

कुछ देर बूब्स पीने के बाद उसने उसे बेड पर लिटाया और उसका पेटीकोत खोल कर नंगा कर दिया. और उसकी छूट चाटने लगा. अब उसने धीरे धीरे खुद नंगा हो गया. उसका लंड टन कर खड़ा था पूरा 9 इंच लंबा मोटा 4 इंच था.

उसने सीता की छूट पर रखा और ज़ोर ज़ोर से छोड़ने लगा. सीता एयेए आआहह ओह आअहह कर रही थी. 20 मिनिट चुदाई के बाद वो सीता के छूट मे ही जर गया और अलग हो गये.

मैने उनका वीडियो बना लिया था और मे आ गयी. आके बातरूम मे जाके छूट मे उंगली करके शांत हुई. फिर शाम को सीता सारे काम ख़तम कर के घर चली गई.

अब्दुल घर का समान लेके घर पहुचा, उसने मुझे समान दिया और जाने लगा पर मैने उससे रुका और कहा-

मे – तुम्हारे और सीता के बीच कब से चल रहा हे?

अब्दुल – क्या मेडम?

मे – भोला मत बनो.. बोल कर उसको वीडियो दिखाई..

अब्दुल – सॉरी मेडम मुझसे भूल हो गयी अब नही होगा.

मे – मई तुम्हारे साहब को सब बटौगी..

अब्दुल – नही मेडम आप जो बोलॉगी मई सब करूगा, प्लीज़ मेडम बस एक बार मुझे माफ़ कर दो.

मे – ठीक है पर अब से सीता के साथ चुदाई नही करोगे. मेरी मूह से चुदाई की बात सुन कर वो कुछ चौंक सा गया. फिर मई उससे कही की अब से तुम मेरी अधूरी इचा पूरी करोगे, ठीक हा?!

अब्दुल – मेडम अगर सिर को पता चला तो मेरी नौकरी चली जाएगी.

मे – मई तुम्हारी सॅलरी बढ़ा दूँगी.

इतना बोल कर मैने उसे कमरे मे बुलाया और उसे कापरे उतरने को कहा. उसने अपना पूरे कपड़े उतारे और मेरे पास आ गया. मैने उसके लंड को हाट मे लेके सहलाने लगी. उसके बाद मैने उसका लंड मूह मे लिया और चूसने लगी. 5 मिनिट चूसे के बाद पूरा खड़ा हो गया.

अब्दुल – मेडम आप जैसी औरत मेरी लंड को चूस रही है, मेरी तो किस्मत ही खुल गयी. गजब का लंड चुस्ती हो आप, मज़ा आ गया. आज तक किसी ने इतना आचे से लंड नही चूसा.

बोल कर उसने मुझे उताया और मेरी होत को चूसने लगा. एक हाथ से मेरी बूब्स मसल रहा था और दूसरे हाथ से मेरी गांद दबा रहा था. मे भी गरम होने लगी.

फिर उसने मेरी सारी निकली और ब्लाउस के उपर से ही बूब्स दबाने लगा और चूसने लगा. कभी गले तो पेट सब चाटने लगा और बोला आप तो बोहट सेक्सी हो मेडम.

ब्लाउस का खुक खुल कर ब्रा भी निकल दिया और मेरे रस बारे बूब्स पीने लगा. 10 मिनिट बरी बरी दोध पीने के बाद मुझे बेड मे सुलाया और मेरे उपर आ गया फिर किस करने लगा.

मेरी पेटीकोत खुला पनटी उतरी, मेरी छूट बिल्कुल सॉफ था. उसने मेरी छूट की दानो को अपनी जीभ से चाटने लगा. फिर एक उंगली डाली छूट की छेड़ मे फिर जीभ भी अंदर दल कर मस्त चूसे लगा.

मई तो मज़े से एयेए आआहह ऑश करती जेया रही थी. फिर वो उठा और मेरी गांद के नीचे तकिया लगा के छूट मे अपना लंड सेट कर के धक्का मारा. लंड छूट मे फस गया, एक ज़ोर का झटके के साथ पूरा का पूरा पेल दिया.

मई बोली सेयेल आराम से छोड़, भाग नही रही मई.

वो फिर बोला की ऐसी टाइट छूट कभी नही छोड़ी. आप की जैसी छूट जिसे मिल जाए अल्ला कसम जन्नत मिल जाए. बोल कर छोड़ने लगा फट फट फट फट करके आवाज़ निकल रही थी.

मई भी जोश मे बस एयाया आआहह ओह हााआअ एयाया ऊऊऊहह करती रही..

उसने 30 मिनिट छोड़ा, फिर झार गया.. उसके बाद मई बातरूम मे गयी छूट सॉफ की, छूट पूरा फेल चुका था. जलन भी हो रही थी. मैने छूट सॉफ की उसके बाद बेडरूम मे आई.

अब्दुल मेरे पास आ कर मेरी गांद पर हाथ फेरते हुए बोला.. मेडम आप की गांद तो बोहट मस्त है. एक बार गांद मारने दो.

मैने कहा नही बस छूट. तो उसने कहा ठीक हे तो मई सीता की गांद मारूँगा. तो मैने कहा नही ठीक है बस एक बार उसके बाद नही. उसने कहा ठीक है बोल कर मेरी गांद पाकर कर चाटने लगा.

कुछ देर बाद उसका लंड फिर से खड़ा हो गया. उसने तेल लाया और मुझे बेड पर झुका कर मेरी गांद मे तेल डाला और अपने लंड पर लगा कर मेरी गांद मे एक ही झटके मे पूरा डाल दिया.

दर्द से मेरी जान निकल गयी. मई बेहोश हो गयी पर वो नही रुका और छोड़ने लगा. 10 मिनिट बाद मुझे होश आया पर वो छोड़े जा रहा था. मेरी गांद पूरी लाल हो गयी.

20 मिनिट गांद मारने के बाद वो मेरी छूट मे लंड डाल के छोड़ने लगा. कभी छूट तो कभी गांद इस तरह और 15 मिनिट छोड़ा. और मेरी गांद मे पूरा माल निकल दिया.

मैने उससे कहा अब जाओ तुम्हारे सिर आ जाएगे. और मई दर्द के मारे सो रही थी. तो उसने पूछा सिर आप की चुदाई नही करते?

तो मैने कहा बोहट कम, कभी कबार.. इसलिए तो तुमसे चूड़ी. उसके बाद वो चला गया. इस तरह अब्दुल अब रोज मेरी छूट और गांद छोड़ने लगा.

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