गस्ति मा के रंडी-पन्न की कामुक कहानी

हेलो रीडर्स, मैने काफ़ी मेल्स पढ़ी, और मुझे खुशी है की आप लोगों को स्टोरी इंट्रेस्टिंग लग रही है. अब आयेज.

मम्मी मेरे साथ आके सोफे पे बैठ गयी थी. मम्मी के पास से हल्की-हल्की स्मेल आ रही थी. उन्होने उस रो वाले का माल जो अपने मूह पे माला था.

मम्मी: बेटा आज अपनी मुम्मा को नंगी देखा, ये बात आप पापा को तो नही बताओगे ना?

मे: क्यूँ मुम्मा, इसमे बताने वाली क्या बात है. आपके कपड़े ना खराब हो इसलिए तो आप नंगे खड़े थे.

मम्मी: वेरी गुड, मेरा प्यारा बेटा कितना समझदार है.

और फिर मम्मी ने मुझे हग कर लिया और मुझे गाल पे किस करने लगी.

मम्मी: बेटा मैं नहा के आती हू.

मे: ह्म.

फिर मम्मी नहाने चली गयी, और मैं भी मम्मी के पीछे-पीछे चला गया. मम्मी ने रूम में जाके अपने कपड़े उतार दिए, और नंगी बातरूम में चली गयी. मेरी बातरूम में देखना की हिम्मत नही हुई. तो मैं रूम के बाहर ही खड़ा होके मम्मी के आने की वेट करने लगा.

मम्मी 5 मिनिट में बाहर आई, और खुद को टवल से सॉफ करने लगी. फिर मम्मी ने अपनी बॉडी पे आचे से क्रीम लगाई, और आल्मिराह में से कपड़े ढूँढने लगी. मम्मी ने एक लोंग त-शर्ट और एक ब्लॅक शॉट्स निकाल ली. मम्मी ने पहले वो लोंग त-शर्ट पहन ली.

फिर मम्मी खुद को मिरर में देखने लगी. मम्मी ने वो शॉर्ट्स आल्मिराह में डाल दी, और सिर्फ़ वो त-शर्ट में ही रही. क्या बतौ यार, वो त-शर्ट सिर्फ़ मम्मी की गांद के थोड़ी ही नीचे थी.

मम्मी अगर झुकती या तोड़ा उपर होती तो नीचे का सब सॉफ-सॉफ दिख जाता. लेकिन मम्मी ने ये रिस्क की कोई टेन्षन नही ली. क्यूंकी मम्मी 2 लोगों से तो चुड ही चुकी थी, और मेरे को मम्मी पागल समझती थी, और पापा बेचारे थके हुए थे, जिनसे कुछ नही होता.

फिर मम्मी बाहर आने लगी तो मैं सोफे में जेया कर बैठ गया. मम्मी मेरे साथ आके बैठ गयी.

मे: वाउ मम्मी, इस त-शर्ट में आप कितनी ब्यूटिफुल लग रही हो.

मम्मी: अववव थॅंक योउ मी लोवे.

मम्मी की पूरी की पूरी टांगे मस्त चमक रही थी. ये समझ लो की अगर मैं मम्मी के सामने बैठा होता, तो मुझे मम्मी की छूट सॉफ दिख रही होती.

थोड़ी देर बाद मम्मी किचन में चली गयी, और फिर पापा भी 9 बजे तक आ गये. हम सब खाना खा के सो गये.

अगले दिन पापा स्टोर और मैं कॉलेज चला गया था. कॉलेज में मेरा बिल्कुल मॅन नही लग रहा था. मुझे बस यही ख़याल आ रहे थे, की मम्मी पता नही किससे चुड रही होगी. वैसे तो कॉलेज 3 बजे ख़तम होता है. लेकिन मैं 1 बजे ही निकल गया.

मैं घर पहुँचा और धीरे से गाते खोल के अंदर चला गया. मैने देखा की सोफे पे मम्मी और रोहित फुल नंगे थे और किस कर रहे थे. मैं वही नीचे झुक कर दोनो को देख रहा था. रोहित ने मम्मी को घोड़ी बनाया और मम्मी की छूट में अपना लंड फ़ससा दिया.

मम्मी: ससस्स आआ रोहित, मी बॉय आराम से.

रोहित ने चुदाई शुरू की, और मम्मी मस्त सिसकारियाँ लेती हुई एंजाय करने लगी.

मम्मी: आअहह एयेए एयाया एम्म ऐसे ही, एस एस फक मे मी बॉय.

रोहित ने वैसे ही मम्मी को 10 मिनिट छोड़ा, और मम्मी चिल्लती हुई झाड़ गयी. अब रोहित सोफे पे बैठ गया, और मम्मी उसके लंड पे. मम्मी उसके लंड पे बैठ के अपनी कमर हिलने लगी, और साथ उसको किस करती रही. फिर मम्मी ज़ोर-ज़ोर से उसके लंड पे उछालने लगी.

मम्मी: आअहह एयाया बहुत मज़ा आ रहा है. आहह कितना स्ट्रॉंग लंड है आअहह.

वो उसके उपर उछालती रही, और फिर 5 मिनिट बाद तक गयी. तो रोहित ने नीचे से छोड़ना शुरू किया. रोहित मम्मी को बहुत ज़ोर-ज़ोर से छोड़ने लगा. पुर घर में पच-पच की आवाज़े आ रही थी, और साथ में मम्मी की मीठी-मीठी सिसकारियाँ.

रोहित ने मम्मी को 3-4 मिनिट वैसे ही बुरी तरह छोड़ा, और फिर लंड निकाल के मम्मी के बूब्स पे अपना माल निकाल दिया. दोनो वही सोफे पे ही बैठे रहे. मम्मी ने टाइम देखा और मम्मी उठ कर किचन में चली गयी खाना बनाने. तुरंत ही रोहित भी मम्मी के पीछे चल दिया.

मैं भी किचन के अंदर देखने के लिए आयेज बढ़ा, और चुप कर देखने लगा. अंदर मम्मी ने गॅस ओं की, और रोटी बनाने लगी. मम्मी बिल्कुल नंगी ही काम कर रही थी. रोहित ने मम्मी को पीछे से जाकड़ लिया, और मम्मी की नेक पे किस करने लगा.

मम्मी: रोहित हॅट जेया, अब खाना बनाने दे.

रोहित: मालकिन प्लीज़ एक रौंद और.

मम्मी मुस्कुराने लगी तो रोहित समझ गया की उसकी मालकिन एक बार और चूड़ने के लिए रेडी थी. रोहित ने पीछे से मम्मी की छूट में लंड डाल दिया, और छोड़ने लगा. मम्मी रोटी बनाते हू चुदाई एंजाय कर रही थी. रोहित मम्मी को ज़ोर-ज़ोर से चुड रहा था. बहुत ज़्यादा आवाज़ आ रही थी. और साथ मम्मी भी ज़ोर-ज़ोर से सिसकारियाँ ले रही थी.

रोहित ने मम्मी को 10 मिनिट छोड़ा, और लंड बाहर निकाल के मम्मी की गांद पे अपना माल छ्चोढ़ दिया. फिर रोहित मम्मी को किस करके बाहर आ गया, और अपने कपड़े पहनने लगा. मैं फिर धीरे से घर के बाहर गया और गाते ज़ोर से खोल के अंदर आ गया.

जब तक रोहित अपने कपड़े पहन चुका था. लेकिन मेरे मॅन में ये एग्ज़ाइट्मेंट थी की मम्मी क्या करेंगी.

रोहित: हेलो ध्रुव बाबा, कैसे है आप?

मे: अछा हू.

मैने मम्मी को आवाज़ दी, और किचन की तरफ देखने लगा. मम्मी अंदर से बाहर आ गयी, और मैं देख के हैरान था की मम्मी ने एप्रन (जो खाना बताने टाइम पहनते है ताकि कपड़े गंदे ना हो) पहन रखा था. मम्मी ने सिर्फ़ एप्रन ही पहना था, और बाकी नंगी ही थी. मैने मम्मी को उस बारे में कुछ नही कहा.

मम्मी: आ गया मेरा बेटा, आजा.

मैं मम्मी के पास गया, और मम्मी ने मुझे हग करके मेरे गाल पे किस किया.

मम्मी: जाओ जल्दी से चेंज कर के आ जाओ.

मे: ओक मुम्मा.

मैं चला गया और चेंज करके आ गया. जब तक रोहित जा चुका था. फिर मैं डाइनिंग टेबल पे बैठ गया, और मम्मी अंदर से खाना लाने लगी. मम्मी ने अभी भी वही ओन्ली एप्रन ही पहन रखा था, और मम्मी को कोई दर्र और शरम नही थी.

एक तो साइड से मम्मी के बूब्स बिल्कुल सॉफ दिख रहे थे, और पीछे से मम्मी बिल्कुल नंगी ही थी. मम्मी बिना किसी फिकर के मेरे सामने ही घूम के जेया रही थी. मम्मी को मेरे भोलेपन और नादानी पे पूरा यकीन था. इसीलिए मम्मी घर में ऐसे ऑलमोस्ट नंगी घूम रही थी.

फिर मैने और मम्मी ने खाना खाया और हम टीवी देखने लगे. मम्मी मेरी साइड में बैठी हुई थी, और मम्मी की साइड से गांद फुल नंगी थी. ये देख-देख कर तो मेरी हालत खराब हो रही थी. फिर थोड़ी देर बाद डोरबेल बाजी. अब ऐसे मम्मी तो जेया नही सकती थी. तो मम्मी ने मुझे गाते खोलने को कहा. मैं गया, गाते खोला तो एक लड़का सा था.

मे: बताइए क्या काम है?

वो लड़का: जी मुझे विजय जी ने भेजा है. घर की देख भाल के लिए.

मैने मम्मी को बुलाया. मम्मी पापा से ही फोन पे बात कर रही थी.

मम्मी: आ जाओ अंदर.

उन्होने वैसे ही वो एप्रन पहन रखा था, और चलते हुए मम्मी के पुर बूब्स हिल रहे थे. वो नौकर तो मम्मी तो देखता ही रह गया.

मम्मी: आओ, क्या नाम है तुम्हारा?

नौकर: जी राजू.

मम्मी: अछा देखो वैसे तो आपको मेरे हज़्बेंड ने सारा कुछ बता ही दिया होगा. फिर भी मैं भी बता देती हू. आपको सारे कम करने होंगे, और यही रहना होगा.

राजू: जी मालकिन, मैं समझ गया.

मम्मी: तो कब से आओगे?

राजू: मालकिन अभी से ही.

मम्मी: और तुम्हारा समान वग़ैरा.

राजू: मालकिन मेरे पास कुछ भी नही है.

(वो तोड़ा उदास सा हो गया था)

मम्मी: कोई बात नही, जिस भी चीज़ की ज़रूरत हो, वो तुम्हे मिल जाएगी.

राजू: थॅंक योउ मालकिन.

मैं आप लोगों को राजू के बारे में बता डू. उसकी आगे करीब 27-28 साल की होगी, और दिखने में वो गोरे से तोड़ा कम कलर का था. पलटा था, और हाइट मम्मी से थोड़ी कम थी.

मम्मी: राजू तुम चलो मेरे साथ मैं तुम्हे आचे से सारा काम और जगह बता देती हू.

राजू: जी मालकिन.

मम्मी आयेज चल रही थी, और राजू पीछे से मम्मी के नंगे जिस्म को देख के एंजाय कर रहा था. मम्मी शरम लाज सब भुला चुकी थी. मैं भी चूपते हुए पीछे जाने लगा. राजू की तो हालत खराब थी. मम्मी ने उसको पूरा हर दिखाया, और काम समझा दिया. फिर राजू किचन में रात के डिन्नर की तैयारी करने लगा.

मैं टीवी देखने लग गया. फिर थोड़ी देर बाद मम्मी अपने रूम से निकली. मम्मी ने वाइट निघट्य पहन रखी थी थाइस तक की. मम्मी तोड़ा संभाल गयी थी, क्यूंकी पापा के आने का टाइम हो गया था. नही तो पहले तो मम्मी फुल पोर्नस्तर बन के घूम रही थी.

पापा आए और हम सब ने डिन्नर किया. पापा और मम्मी राजू के बनाए खाने की तारीफ करने लगे. फिर हम सब सोने चले गये, और राजू को भी हमने उपर वाली फ्लोर पे एक रूम दे दिया था, तो वो वाहा चला गया.

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