सलमा आंटी की चूत से लंड का मिलन

हैल्लो दोस्तों, यह मेरी पहली स्टोरी है. मेरा नाम विनय है, में मुंबई में रहता हूँ और मेरी उम्र 22 साल है. मेरे साथ यही कुछ 1 महीने पहले एक प्यारा हादसा हुआ. मेरे सामने रहने वाली आंटी का नाम सलमा है और उनका फिगर साईज 38-32-42 है. उनके बाल काले है और रंग गोरा है. उनके एक लड़की है और सलमा आंटी के पति दुबई में एक होटल में काम करते है.

एक दिन सुबह 8 बजे में हमारी छत पर टहल रहा था तो तभी मेरी नजर सलमा आंटी के घर में गयी तो मैंने देखा कि आंटी ब्लाउज और पेटीकोट पहनकर अलमारी में कुछ कर रही थी. फिर मुझे लगा कि आंटी चेंज करने वाली है, लेकिन फिर आंटी बाथरूम की तरफ चली गयी, तो में भी छत की दूसरी तरफ चला गया और आंटी को नहाते वक़्त देखता और सोचा करता था कि काश इसको चोद सकूँ?

फिर 15-20 दिन तक यह सब चलता रहा, लेकिन फिर एक दिन सलमा आंटी ने मुझे देख लिया और वो मुझे गुस्से से देखने लगी और अचानक से खिड़की बंद कर दी. अब उस वक़्त में बहुत डर गया था. फिर उस शाम को में अपने फ्रेंड्स के साथ खेलने जा रहा था, तो आंटी मुझे गुस्से से देख रही थी. तो तब में सॉरी बोलकर भाग गया.

दूसरे दिन सलमा आंटी के घर पर माँ ने मुझे एक टिफिन देकर कहा कि सलमा आंटी को दे आना तो में माँ को ना भी नहीं बोल सका. फिर में आंटी के घर गया तो मैंने देखा तो आंटी के घर का दरवाजा खुला हुआ था तो में सीधा अंदर घुस गया. फिर सलमा आंटी ब्लेक कलर की ब्रा और पेंटी में थी और उनके हाथ में ब्लेक कलर की गाउन थी. फिर तभी आंटी मुझे देखकर अपने बूब्स छुपाने लगी.

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अब यह सब देखकर मुझे पसीना छूटने लगा था तो में सॉरी बोला. फिर उन्होंने मुझको सोफे पर बैठने को कहा और फिर थोड़ी देर के बाद वो बाहर आ गयी. तब उन्होंने ब्लेक गाउन पहना हुआ था और वो बहुत सेक्सी लग रही थी. फिर सलमा आंटी मेरे सामने खड़ी हो गयी और मुझे गुस्से से देखने लगी और चिल्लाने लगी तो में डर गया.

आंटी ने कहा कि में तुम्हारी माँ को बोल दूँगी कि तुम बहुत बत्तमीज हो गये हो, मेरी बाथरूम की खिड़की में देखते रहते हो. तो में डर के मारे आंटी के सामने आग्रह करने लगा कि आप माँ को कुछ ना बोले. फिर आंटी ने कहा कि में आज तुम्हारी माँ को सब बता दूँगी कि तू मुझे बुरी नजर से देखता है, मुझे चुपके से नहाते वक़्त देखता है.

तभी मैंने सलमा आंटी के पैर पकड़ लिए और रोने लगा और सॉरी कहने लगा. अब आंटी कुछ नहीं बोल रही थी, तो मैंने फिर से सॉरी बोला तो आंटी ने जवाब दिया और बोली कि तुम फिर से ऐसा नहीं करोगे.

फिर मैंने कहा कि नहीं, तो सलमा आंटी हँसने लगी और बोली कि ऊपर देखो. फिर जब मैंने ऊपर देखा तो आंटी ने अपनी ब्लेक नाइटी कमर तक उठा रखी थी और उनकी गोरी-गोरी जांघे और ब्लेक पेंटी भी दिख रही थी. अब में परेशान हो गया था और खड़ा हो गया. अब मेरे कुछ समझ में नहीं आ रहा था. अब मेरा लंड तनकर बड़ा हो गया था.

में कुछ बोलता उसके पहले सलमा आंटी ने मेरा एक हाथ अपनी चूत पर रख दिया और मेरी तरफ देखते हुए मुस्कुराने लगी और अपने होंठो पर अपनी जीभ फैरने लगी थी. अब मुझे मालूम हो चुका था कि सलमा आंटी मुझसे अपनी चूत चुदवाना चाहती है, लेकिन पहल मेरी तरफ से चाहती है.

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मैंने आगे बढ़कर उनकी चूचीयों पर अपना एक हाथ रख दिया और उन्हें धीरे-धीरे सहलाने लगा तो सलमा आंटी कुछ नहीं बोली और बस मुस्कुराती रही. तो तब मैंने उनकी नाइटी उतार दी. अब सलमा आंटी मेरे सामने सिर्फ़ ब्लेक ब्रा और ब्लेक पेंटी में अपनी जवानी का जलवा दिखाते हुए आधी नंगी खड़ी थी.

फिर मैंने उसकी ब्रा को निकाल फेंका. अब में उनकी गोल-गोल चूची देखकर हैरान हो गया था, उनकी चूची कुछ लम्बे आकर की थी, लेकिन बिल्कुल तनी हुई थी, उनकी अवरेला करीब 1 की थी और निपल देखने में फुली हुई मोनक्का लग रही थी.

मैंने धीरे से उनको अपनी बाहों में ले लिया और उनकी चूचीयों पर अपनी पकड़ मजबूत करके उनको अपने दोनों हाथों में लेकर मसलने लगा था. अब मैंने आंटी को अपनी बाहों में भरकर कसकर जकड़ लिया था. अब आंटी भी मुझको अपने दोनों हाथों से पकड़े हुए थी. फिर में उनके दोनों होंठो को अपने होंठो के बीच में लेकर चूसने लगा.

अब आंटी मेरी बाहों में आधी नंगी खड़ी थी और मुझे अपने दोनों हाथों से पकड़कर अपने होंठ चुसवा रही थी और अपनी चूची मसलवा रही थी. फिर धीरे-धीरे आंटी ने मेरी बनियान मेरे दोनों हाथों से निकालकर उतार दी. फिर मैंने अपना एक हाथ उनकी पेंटी में डालकर उनकी चूत को अपने हाथ में लेकर उसको खूब रगड़ा. फिर मैंने अपनी एक उंगली उनकी चूत में डाल दी और उनको अपनी उंगली से चोदने लगा.

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