मम्मी और मैने की चुदाई नये लोगो के साथ

तो दोस्तो ये इस कहानी का दूसरा पार्ट है और अगर आप पूरा मज़ा उठना चाहते है कहानी का तो इस का पहला पार्ट ज़रूर पढ़िएगा. अब आगे

तो पिछले पार्ट में देखा अपने की कैसे नेहा आंटी में मेरे उपर स्क्वर्ट किया और वो रेस्ट करने लगी थी.

नेहा – मुझे ना स्क्वर्ट के बाद बोहोट प्यास लगती है.

राहुल – बियर लाउ?

नेहा – थॅंक्स बेटा, प्लीज़ ले आ.

मैं वैसे ही नंगा उठा और बाहर जाकर 2 बियर ले आया. फिर एक बियर आंटी ने खुद ही साइड में रख दी और दूसरी बियर में से हम दोनो पीने वेल थे. तो मैं बेड के सपोर्ट वाली साइड बैठा और आंटी बिल्कुल मेरे टॅंगो के बीच आकर बैठ गयी.

जैसे कोई कपल सेक्स के बाद रोमॅन्स करते हुए बैठ जाते है. फिर मेरा लंड मैने उपर की तरफ सेट किया और आंटी पीछे आकर मुझे सपोर्ट लेकर बैठ गयी. हुँने एक ही बॉटल से सीप ली और बातें करने लगे.

राहुल – तो आंटी, अब तक का एक्सपीरियेन्स कैसा रहा आपका?

नेहा – क्वाइट नाइस. ई लीके तेरे जैसे यंग जेनरेशन के बचे. जवान, हॅंडसम, स्टॅमिना, डर्टी फॅंटसीस उ नो वॉट ई मीन.

(मैने फिर एक हाथ उनके कमर पे रखा और हम बियर का सीप लेने लगे)

राहुल – यॅ अंडरस्टुड. वैसे अपने बताया की आप बाइसेक्षुयल है. सो दो उ हॅव आ पार्ट्नर?

(कुछ सेकेंड्स साइलेंट रहने के बाद आंटी ने कहा)

नेहा – मी डॉटर. शी इस 23. हम दोनो ही बाइसेक्षुयल है. बुत हम घर में ही एक दूसरे को सॅटिस्फाइ कर देते है.

राहुल – वाउ तट’स इंट्रेस्टिंग. और आपके घर में कों कों है?

नेहा – एक बेटा, तुमसे कुछ 2 4 साल छोटा होगा. वो दोनो इस वक़्त होटेल में है.

राहुल – उन्हे नही लाई आप? उन्हे पता है की आप आज यहा मेरे साथ है?

नेहा – अभी तक तो नही पता. एनीवेस, ये कॉन्वर्सेशन हम बाद में कर सकते है. अभी हमारी बियर ख़त्म हो चुकी है तो हम आगे कंटिन्यू करे?

राहुल – बिल्कुल. तो क्या है आपका नेक्स्ट मूव?

नेहा – (तोड़ा सोचते हुए और मेरे लंड को देखते हुए) लेट’स दो इट अगेन्स्ट थे वॉल? लंड तो तेरा खड़ा है ही

राहुल – हा वो कॉंडम लगा लू.

जैसे ही मैं कॉंडम लेने गया तो आंटी ने रोक दिया और कहा

नेहा – इतनी जल्दी कहा. पहले तोड़ा ड्राइ हम कर लेते है. वो तो पता है ना?

राहुल – तो बे ऑनेस्ट नही पता.

नेहा – नोट आ बिग डील. हम दोनो में से एक इननेर्स पहनेगा आंड दूसरा उसपे रब करेगा. सिंपल. तू अंडरवेर पहें रहा है या मैं पनटी पहनु?

राहुल – युवर विश. आफ्टर ऑल आपको ज़्यादा आइडिया है.

नेहा – ओके वेट.

फिर आंटी गयी और उनकी गीली पनटी उठा कर पहें ने लगी. पनटी पहें कर वो वॉल की तरफ आ गयी और मुझे अपने पास बुलाया और कहा.

नेहा – सी, अब मैं दोनो टाँगे बंद करूँगी. आंड तू तेरा लंड टॅंगो के बीच डालना. अब पनटी है तो छूट में तो जाएगा नही. पनटी के उपर उपर से छोड़ना. संजा?

राहुल – बिल्कुल.

फिर आंटी को मैने कमर से पकड़ा और हम कुछ सेकेंड्स स्मूच करने लगे. जिसके बाद उन्होने अपना थूक हाथ में लिया और मेरे लंड पे मसल के मुझे मेरे गंद पे हाथ रख के अपनी तरफ खिछा. मैने भी अपना लंड उनके टॅंगो के बीच डाला और वैसे ही छोड़ने लगा. साथ ही साथ हम स्मूच कर रहे थे और उनकी सेक्सी बूब्स मेरे चेस्ट से डब रहे थे. .

कुछ मिनिट ऐसे ही मैं छोड़ता रहा और मेरे लंड की पूरी स्किन पीछे हो चुकी थी. आंटी की गीली पनटी, उनकी महेक, हमारा स्मूच बोहोट मज़ा आ रहा था. फिर आंटी ने अपना हाथ तंग के बीच डाला और पनटी जो साइड हो चुकी थी उसको सेट कर के पलट गयी. जैसे इशारा हो की अब पीछे से कर.

फिर मैने उनकी गंद को हाथो से महसूस किया और पनटी के उपर से ही उनके टॅंगो के बीच लंड दल कर, अपने हाथो से उनका बूब्स पकड़ कर छोड़ने लगा. मैं पीछे से छोड़ते छोड़ते भी हम किस कर रहे थे.

कुछ देर बाद अब हम दोनो से कंट्रोल नही हो रहा था तो आंटी ने खुद वाहा से कॉंडम का बॉक्स उठाया , एक कॉंडम निकाला और नीचे घुटने पर बैठ कर मेरे लंड पे कॉंडम लगा दिया. फिर कुछ स्ट्रोक्स वो अपने मूह में लेकर पूरा गीला कर दिया. और खड़ी होकर अपनी पनटी उतार दी और हम दोनो रियल सेक्स के लिए रेडी थे.

फिर हम मिशनरी पोज़िशन में आ गये और मैने उनके छूट में लंड दल कर छोड़ना शुरू किया. अंदर से काफ़ी गरम थी आंटी और अपनी टाँगे बिल्कुल खोल कर हवा में रखे हुए थी.

फिर उन्होने अपनी टाँगे मेरी गंद पे रख दिए और मेरे पीठ पर अपने हाथ रख कर मुझे ज़ोर से गले लगा लिया. फिर हम कुछ देर इसी पोज़िशन में चुदाई कर रहे थे किस करते हुए. जिसके बाद हम रुके और फिर आंटी अपने फोन में कुछ देखने लगी.

कुछ सेकेंड्स बाद उन्होने एक फोटो दिखाई और बोली की पोज़िशन में छोड़ोगे? मैने भी हास कहा और फिर हम उस पिनबॉल विज़र्ड पोज़िशन में आ गये. आंटी ने अपनी गंद उठा दी और मैने उनको पकड़ कर फिर अपना लंड छूट में दल दिया. हम काफ़ी देर तक इसी पोज़िशन में सेक्स करते रहे.

नेहा – अया राहुल्ल बेटा. डॉन’त स्टॉप उफ़फ्फ़

राहुल – एस आंटी. ई लीके इट, श फक आंटी

ऐसे ही हम मोन करते रहे और कब साँसें फूलने लगी समाज ही नही आया. हम दोनो का करीब एक एक रौंद हो चुका था. और कुछ देर साँसें लेने के बाद मैं उन पर लेट चुका था और बूब्स दबाते दबाते दूध पीने लगा था. वहीं पर आंटी दूसरे नये नये पोज़िशन दिखा कर सजेशन्स ले रही थी.

फाइनली हुँने एक पोज़िशन डिसाइड की जिसका नाम का बटर चूर्नेर. अगर आप नही जानते तो गूगले कर लीजिए. हा तो उसी पोज़िशन के अकॉरडिंग हम ने पोज़िशन ली और आंटी ने अपनी गंद पूरी उठा दी थी. मैने पूरी तरह उनको पकड़ा हुआ था और उपर चढ़ के चुदाई करने लगा.

यार देखो, नॉर्मल पोज़िशन तो हर कोई कर लेता है. लेकिन क्या है की जब दोनो पार्ट्नर्स नयी नयी चीज़े ट्राइ करने को रेडी हो ना तो एग्ज़ाइट्मेंट बोहोट बढ़ जाती है. और चेहरे पर अलग मुस्कान अलग ही सॅटिस्फॅक्षन मिलता है. खैर करीब 2 घंटे हो चुके थे हूमें रेस्ट करते करते नये नये पोज़िशन करते हुए.

आफ्टर ऑल फाइनली रत के 3 बजे हुँने डिसाइड किया की ये हमारा लास्ट रौंद होगा. और आंटी ने कहा था की मैं आखरी कम उनके मूह पे करू.

तो इसी के मुताबिक, आंटी मुझे ब्लोवजोब देने लगी कॉंडम उतार कर, और काफ़ी स्ट्रोक्स के बाद मैने अपनी पिचकारी सीधे उनके मूह पे मारी. आंटी इतने प्यार से आस पास उड़े हुए माल को भी उंगलियो से लेकर छत रही थी.

फिर हम बिल्कुल रिलॅक्स होकर बेड पर लेते रहे एक दूसरे को गले लगा कर. लाइट्स मैने ऑफ कर दी. और आंटी ने कहा.

नेहा – मैं सस्यू करके आई.

राहुल – आंटी एक रिक्वेस्ट करू?

नेहा – हा बोल ना बेटा. ये मत कहना की तू भी साथ चलेगा और मुझे सस्यू करते हुए देखना है

राहुल – यार कमाल है आप मुम्मियों की. हमारी बात कैसे समाज जाती हो?

नेहा – बताया था ना मेरे भी बचे है. ख़याल आ जाता है आज कल के बचे क्या सोचते है क्या बोलेंगे.

फिर आंटी वॉशरूम की तरफ जाने लगी बिना कुछ आगे कहे.

राहुल – तो आंटी अओ या नही?

नेहा – जब मैं तेरी बात समाज गयी. तो तू भी समाज जा.

मुझे अंदाज़ा आ गया की आंटी मुझे बुला रही है. मैं पीछे पीछे गया और उन्होने मुझे नीचे बिता दिया. फिर उन्होने एक हाथ मेरे सर पे रखा और एक तंग मेरे शोल्डर पे. फिर तोड़ा थूक लेकर छूट पे रगड़ने लगी. और कुछ ही सेकेंड्स में उन्होने सस्यू करना शुरू किया सीधे मेरे मूह में.

थोड़े में ही मेरा मूह तो भर चुका था, तो बाकी मेरे बॉडी पे गिरा, आब्वियस्ली मैने पिYअ तो नही लेकिन मज़ा आया मुझे इसमें बोहोट. ऐसा लग रहा था जैसे आंटी काफ़ी देर से सस्यू रोक कर रखा हो और फिर एक साथ इतने प्रेशर से सस्यू किया हो.

नेहा – फिर? तुझे टंकी खाली नही करनी?

राहुल – हा करनी है ना. आप लोगे मेरा सस्यू?

नेहा – नई नई. मैने तो पूछ रही थी बेटा, की अगर तुझे दिक्कत हो रही हो तो मैं करा डू सस्यू? प्स्प्स्प्स्प्स
(जैसे छोटे बचे को करते है ना वैसे टॉंट मरते हुए)
चल जल्दी.

इतने कहते ही आंटी नीचे बैठ गयी और मैं अपना कला लंड पकड़ कर उनके मूह के आगे रख के सस्यू करने लगा. मैं तो फिरे ब्रिगेड की पीपे की तरह पूरे बॉडी पे सस्यू कर रहा था और वो भी काफ़ी एंजाय कर रही थी.

खैर इसके बाद हुँने एक क्विक शवर लिया साथ में और वैसे ही नंगे एक दूसरे को चिपक कर सो गये.

यार दोस्तो सेक्स करने का मज़ा तो आता ही है. लेकिन खास कर के जब बीवी दूसरे की हो ना और सेक्स करते वक़्त उसका मंगलसूत्रा देख कर तुम सोच रहे हो की किसी और का माल है. तो मज़ा अलग ही आता है.

तो दोस्तो आपको ये पार्ट कैसा लगा मुझे कॉमेंट्स द्वारा और नीचे दिए गये मैल द्वारा ज़रूर बताए

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